ताजनगरी आगरा को मिला नया DM: मनीष बंसल आज संभालेंगे कार्यभार सुबह 11:15 बजे कलक्ट्रेट में लेंगे पदभार, 40 IAS तबादलों के बीच बड़ी प्रशासनिक हलचल ताजनगरी आगरा को मिला नया DM: मनीष बंसल आज संभालेंगे कार्यभार सुबह 11:15 बजे कलक्ट्रेट में लेंगे पदभार, 40 IAS तबादलों के बीच बड़ी प्रशासनिक हलचल आगरा | अनीसरिपोर्ट: ताजनगरी आगरा को आज नया जिलाधिकारी मिलने जा रहा है। IAS अधिकारी मनीष बंसल मंगलवार सुबह 11:15 बजे कलक्ट्रेट पहुंचकर DM पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। यह नियुक्ति प्रदेश में हाल ही में हुए 40 IAS अधिकारियों के बड़े तबादले का हिस्सा है। इसी फेरबदल के तहत पूर्व DM अरविंद मलप्पा बंगारी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव बनाया गया है। शैक्षिक और प्रशासनिक पृष्ठभूमि मनीष बंसल ने IIT दिल्ली से एमटेक की पढ़ाई की है और UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 53वीं रैंक हासिल कर IAS बने। प्रशासनिक सेवा में उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है और उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं। आगरा से खास जुड़ाव मनीष बंसल का आगरा से व्यक्तिगत जुड़ाव भी है। उनकी ससुराल आगरा में ही है। उनकी पत्नी मेधा रूपम भी IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में नोएडा की जिलाधिकारी हैं। इसके अलावा, बंसल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के दामाद भी हैं, जिससे उनका प्रशासनिक और पारिवारिक दोनों स्तर पर मजबूत नेटवर्क माना जाता है। संभल में बनाई अलग पहचान अपने पिछले कार्यकाल में संभल में तैनाती के दौरान मनीष बंसल ने 110 किलोमीटर लंबी सूखी सोत नदी को पुनर्जीवित कर बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। इस परियोजना से किसानों को बड़ा लाभ मिला और उनकी कार्यशैली की व्यापक सराहना हुई। प्रशासनिक अनुभव और आगे की चुनौती मनीष बंसल लखनऊ में CDO, मेरठ में नगर आयुक्त और सहारनपुर में जिलाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। उन्हें लखनऊ, मेरठ, संभल और सहारनपुर जैसे जिलों में काम करने का व्यापक अनुभव है। अब आगरा में उनके सामने विकास कार्यों को गति देने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, पर्यटन को नई दिशा देने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी। (रिपोर्ट: अनीश सैफी)
ताजनगरी आगरा को मिला नया DM: मनीष बंसल आज संभालेंगे कार्यभार सुबह 11:15 बजे कलक्ट्रेट में लेंगे पदभार, 40 IAS तबादलों के बीच बड़ी प्रशासनिक हलचल ताजनगरी आगरा को मिला नया DM: मनीष बंसल आज संभालेंगे कार्यभार सुबह 11:15 बजे कलक्ट्रेट में लेंगे पदभार, 40 IAS तबादलों के बीच बड़ी प्रशासनिक हलचल आगरा | अनीसरिपोर्ट: ताजनगरी आगरा को आज नया जिलाधिकारी मिलने जा रहा है। IAS अधिकारी मनीष बंसल मंगलवार सुबह 11:15 बजे कलक्ट्रेट पहुंचकर DM पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। यह नियुक्ति प्रदेश में हाल ही में हुए 40 IAS अधिकारियों के बड़े तबादले का हिस्सा है। इसी फेरबदल के तहत पूर्व DM अरविंद मलप्पा बंगारी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव बनाया गया है। शैक्षिक और प्रशासनिक पृष्ठभूमि मनीष बंसल ने IIT दिल्ली से एमटेक की पढ़ाई की है और UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 53वीं रैंक हासिल कर IAS बने। प्रशासनिक सेवा में उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है और उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं। आगरा से खास जुड़ाव मनीष बंसल का आगरा से व्यक्तिगत जुड़ाव भी है। उनकी ससुराल आगरा में ही है। उनकी पत्नी मेधा रूपम भी IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में नोएडा की जिलाधिकारी हैं। इसके अलावा, बंसल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के दामाद भी हैं, जिससे उनका प्रशासनिक और पारिवारिक दोनों स्तर पर मजबूत नेटवर्क माना जाता है। संभल में बनाई अलग पहचान अपने पिछले कार्यकाल में संभल में तैनाती के दौरान मनीष बंसल ने 110 किलोमीटर लंबी सूखी सोत नदी को पुनर्जीवित कर बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। इस परियोजना से किसानों को बड़ा लाभ मिला और उनकी कार्यशैली की व्यापक सराहना हुई। प्रशासनिक अनुभव और आगे की चुनौती मनीष बंसल लखनऊ में CDO, मेरठ में नगर आयुक्त और सहारनपुर में जिलाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। उन्हें लखनऊ, मेरठ, संभल और सहारनपुर जैसे जिलों में काम करने का व्यापक अनुभव है। अब आगरा में उनके सामने विकास कार्यों को गति देने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, पर्यटन को नई दिशा देने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी। (रिपोर्ट: अनीश सैफी)
- ⚡ फतेहपुर सीकरी में अवैध गाइड सक्रिय, बातों में फंसाकर पर्यटकों से ठगी 🔥 विश्व धरोहर पर धब्बा: गाड़ी देखते ही घेर लेते हैं लपके, चलता है वसूली का खेल ➤ बाहर से आए सैलानियों को टारगेट, झांसे में लेकर लूट की पटकथा तैयार ✧ न लाइसेंस, न पहचान… मीठी बातों में उलझाकर जेब पर वार ⚡ कोरई टोल से गुलिस्ता पार्किंग तक ‘लपका नेटवर्क’, हर मोड़ पर जाल ➤ आगरा गेट से शाहकुली तिराहा तक सक्रिय गिरोह, प्रशासन की चुप्पी सवालों में 🔥 गाड़ी देखते ही घेराबंदी, ‘गाइड’ बनकर करते हैं ठगी का धंधा ✦ सीकरी की साख पर संकट, पर्यटक बन रहे आसान शिकार ➤ बेखौफ लपके, बेअसर सिस्टम… आखिर कब लगेगी लगाम? ⚡ *सूत्रों की मानें तो साठगांठ से चल रहा पूरा खेल, इसलिए नहीं हो रही कार्रवाई*1
- बीजेपी सरकार खराबी है क्योंकि अपना भला चाहती है वह 🥺🥺1
- थाना अवागढ़, गांव शहनोआ… गांव में उस दिन धूप भी कुछ ज्यादा ही “तथ्यात्मक” थी—सब कुछ साफ दिख रहा था, बस सच छोड़कर। करीब 200 नौजवान मोटरसाइकिलों पर सवार होकर नारे लगाते हुए थाने पहुंचे। हर मोटरसाइकिल पर तीन-तीन सवार—जैसे लोकतंत्र की सीटें भी शेयरिंग पर चल रही हों। थाने में घुसते ही आवाजें गूंजने लगीं— “हमारे साथ अन्याय हुआ है!” “हम पर हमला हुआ है!” थानेदार साहब ने चश्मा ठीक किया और मन ही मन कहा— “आज फिर सच छुट्टी पर है… और कहानी ड्यूटी पर।” भीड़ में हर आदमी पीड़ित था, हर आदमी गवाह था, और हर आदमी अपनी-अपनी कहानी का हीरो भी। फर्क सिर्फ इतना था कि हर कहानी दूसरे से अलग थी। रिपोर्टर महोदय कैमरा लेकर पहुंचे। कैमरा ऑन हुआ… और सच ऑफ हो गया। अब शुरू हुआ एक नया अध्याय— “पहचान का प्रदर्शन” कैमरे के सामने हर कोई अपनी-अपनी पहचान, अपनी-अपनी जाति, अपने-अपने दर्द का बखान करने लगा। कोई बोला—“हमारे साथ इसलिए हुआ क्योंकि हम ये हैं…” दूसरा बोला—“हमारे साथ इसलिए हुआ क्योंकि हम वो हैं…” और तभी सवाल हवा में तैर गया— “आखिर हम अपनी ही पहचान को लेकर इतने संवेदनशील क्यों हैं?” जब खुद बोलते हैं तो गर्व… और जब कोई दूसरा बोल दे तो अपमान? जाति, जो कभी पहचान थी, अब जैसे बहस का हथियार बन गई थी। हर कोई उसे ढाल की तरह भी इस्तेमाल कर रहा था… और तलवार की तरह भी। कैमरा सब रिकॉर्ड कर रहा था— सिर्फ चेहरे नहीं… सोच भी। एक बुजुर्ग, जो दूर खड़े सब देख रहे थे, धीरे से बोले— “पहचान से प्यार करो… लेकिन उसे लड़ाई का कारण मत बनाओ।” लेकिन उनकी आवाज भीड़ के शोर में खो गई। इसी बीच असली कहानी चुपचाप कोने से निकलकर आई— एक छोटी सी टक्कर… एक बच्चा… थोड़ी बहस… और फिर वही पुराना फार्मूला— “छोटी बात + भीड़ = बड़ा बवाल” शाम होते-होते सब थक चुके थे— लड़ाई से नहीं… अपनी-अपनी कहानी समझाते-समझाते। फिर वही हुआ जो अक्सर होता है— समझौता… शिकायत वापस… और “भाईचारा” फिर से इंस्टॉल। एक कड़वा सवाल कहानी खत्म हुई… लेकिन सवाल बाकी रह गया— क्या हम अपनी पहचान से प्यार करते हैं… या उसे दिखाने की होड़ में खुद को ही खो देते हैं? कैमरे के सामने अपनी जाति का बखान करना आसान है… लेकिन उसी पहचान के साथ दूसरे का सम्मान करना मुश्किल क्यों? अंत में… एक संदेश अगर आप इस कहानी की सच्चाई देखना चाहते हैं, तो सिर्फ शब्द मत पढ़िए… उन चेहरों को देखिए, उन आवाजों को सुनिए— जहां हर कोई अपनी पहचान को साबित करने में लगा था… और इंसानियत कहीं पीछे छूट गई थी।1
- महिला आरक्षण के नाम से परमानेंट सांसद बनाए रखना की बकडोर से रणनीति अपना रही है बीजेपी जिसे वह सन 2047 तक सत्ता में बनी रहे, महिला आरक्षण विधेयक आज अभी क्यों नहीं सन 2029 या 34 ही क्यों, महिला आरक्षण विधेयक में #पसमांदा_मुस्लिम_महिलाओं को शामिल क्यों नहीं ? #बहुआयामी_दल की महिलाओं से अपील1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगामी 2027 के चुनावों के लिए एक बड़ा एलान किया है। इस वीडियो में देखें कि कैसे अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए जनता के लिए लोकलुभावन वादों की बौछार कर दी है। वीडियो की मुख्य बातें: 300 यूनिट मुफ्त बिजली: सपा की सरकार आने पर घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक कोई बिल नहीं देना होगा। महिलाओं को बड़ी मदद: महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सालाना ₹40,000 की आर्थिक सहायता का वादा। स्मार्ट मीटर और EVM पर प्रहार: अखिलेश यादव ने स्मार्ट मीटर की तुलना EVM से करते हुए इसे 'हेराफेरी' का नया जरिया बताया। सरकार को घेरा: महंगाई, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर योगी सरकार की कड़ी आलोचना।1
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- आगरा के थाना एकता क्षेत्र के द्वारिका पुरी में पड़ोसियों के बीच हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़िता के अनुसार, वह अपनी मां के घर पहुंची थीं, तभी घर के सामने एक ऑटो खड़ा था। ऑटो हटाने को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। आरोप है कि सैय्यद सलीम पक्ष के करीब 50 से 60 लोगों ने एकजुट होकर हमला कर दिया। हमलावरों ने घर की खिड़कियां, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सामान में जमकर तोड़फोड़ की, साथ ही हरिओम तोमर के साथ मारपीट की गई। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि 13 वर्षीय बेटी के साथ अभद्रता और छेड़छाड़ की गई। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।3
- सावधान सावधान सावधान 👉सभी जागरूक बंधुओं को सावधान किया जाता है, क्योंकि जरा सी भी लापरवाही, आपको कितनी भारी पड़ सकती हैं, *👉इस वीडियो को, आप सभी ध्यान पूर्वक देखे और समझे कि, किस प्रकार गाड़ी की रेकी करके ,बच्चे का उपयोग करके, बैग उठा कर नो दो ग्यारह हो गए हैं,* 👉यह एक प्रकार की चलित गैंग है, जो मौका देखकर, हाथ की सफाई दिखा देती है,इस गैंग में बच्चे भी शामिल हैं, ➖➖➖➖➖➖ *👉🙏🙏धन्यवाद 🙏🙏* *हरदा सिविल लाइन पुलिस अधिकारी महोदय तिवारी जी, जिनकी तत्पर कार्यवाही से, मात्र कुछ घंटे में ही, अपराधियों को पकड़ लिया गया, और सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया*, पुलिस अधिकारी तिवारी जी की कार्यशैली सराहनीय और अनुकरणीय है, आम जनता में भरोसा विश्वास बड़ा रही है, आपके द्वारा, अभी कुछ दिन पहले घंटाघर क्षेत्र में भी, त्वरित कार्यवाही करते हुए, व्यापारियों का दिल जीता गया,1
- बीजेपी सरकार सबसे ज्यादा खराब है1