शहडोल कलेक्ट्रेट कार्यालय के सोन सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएँ और शिकायतें प्रशासन के समक्ष रखीं। इस जनसुनवाई में अपर कलेक्टर सरोधन सिंह और अपर कलेक्टर मिनिषा पाण्डेय ने गंभीरता से आवेदकों की बात सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान, ग्राम कोटमा के निवासी शिवाकांत ढीमर ने बाबू तालाब के पट्टा विवाद से जुड़ा एक आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं, अमलाई के वार्ड क्रमांक 13 निवासी आकाश गुप्ता ने आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन दिया। नगर पालिका परिषद धनपुरी में पदस्थ सामाजिक सुरक्षा अधिकारी सेमलू बैगा ने भी परस्पर सहमति से हुए स्थानांतरण में कथित अनियमितता की शिकायत दर्ज कराई। अपर कलेक्टरों ने प्राप्त सभी आवेदनों को तुरंत संबंधित विभागों को भेजा और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि शिकायतों और समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे, और उनके द्वारा आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की गई। दूरदराज से आए लोगों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए, अधिकारियों ने उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
शहडोल कलेक्ट्रेट कार्यालय के सोन सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएँ और शिकायतें प्रशासन के समक्ष रखीं। इस जनसुनवाई में अपर कलेक्टर सरोधन सिंह और अपर कलेक्टर मिनिषा पाण्डेय ने गंभीरता से आवेदकों की बात सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान, ग्राम कोटमा के निवासी शिवाकांत ढीमर ने बाबू तालाब के पट्टा विवाद से जुड़ा एक आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं, अमलाई के वार्ड क्रमांक 13 निवासी आकाश गुप्ता ने आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन दिया।
नगर पालिका परिषद धनपुरी में पदस्थ सामाजिक सुरक्षा अधिकारी सेमलू बैगा ने भी परस्पर सहमति से हुए स्थानांतरण में कथित अनियमितता की शिकायत दर्ज कराई। अपर कलेक्टरों ने प्राप्त सभी आवेदनों को तुरंत संबंधित विभागों को भेजा और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि शिकायतों और समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे, और उनके द्वारा आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की गई। दूरदराज से आए लोगों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए, अधिकारियों ने उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
- भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, जिला इकाई शहडोल ने पत्रकारों के विरुद्ध कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने के प्रयासों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में, महासंघ ने पुलिस अधीक्षक शहडोल को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा प्रस्तुत आवेदन में बताया गया है कि वरिष्ठ पत्रकार साथी एवं ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता तथा संभागीय उपाध्यक्ष निलेश सोनी के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की है, जिसे महासंघ ने प्रथम दृष्टया तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया है। महासंघ के अनुसार, ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने निलेश सोनी को दूरभाष पर यह जानकारी दी थी कि पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि लिए जाने और अतिरिक्त धनराशि की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। इसी संबंध में तथ्य जानने के उद्देश्य से निलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से फोन पर संपर्क किया था, जिसके दौरान बातचीत में विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद कथित रूप से ऑडियो को संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और निलेश सोनी के विरुद्ध थाना ब्यौहारी में शिकायत भी दर्ज करा दी गई। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के विरुद्ध भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज कराई गई, जिससे उनकी पत्रकारिता और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। इस मामले को लेकर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्लॉक इकाई ब्यौहारी ने 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से पत्रकारों में असंतोष व्याप्त है। महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करना और मानसिक प्रताड़ना देना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वायरल किए गए ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिकायत मिथ्या एवं दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन निष्पक्षता और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए पूरे मामले में न्याय सुनिश्चित करेगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों की गरिमा एवं स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और किसी भी दुर्भावनापूर्ण गतिविधि का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।1
- जनहानि की एक घटना से जुड़ी और सिवनी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास लगातार विचरण कर रही एक मादा बाघ शावक को सिवनी से सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाया गया था। इस शावक को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे मगधी रेंज के बहेरहा बाड़े में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया है। यह बाघ शावक सिवनी के दक्षिण वन मंडल क्षेत्र में लंबे समय से गांवों के आसपास देखी जा रही थी, जिससे जनसुरक्षा पर खतरा था। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर उसे पिंजरे में सुरक्षित पकड़ा था। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में शावक को सिवनी से बांधवगढ़ लाया गया था। शावक को बाड़े में छोड़े जाने के दौरान उपसंचालक, सहायक संचालक मगधी, वन परिक्षेत्र अधिकारी मगधी, वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य वनकर्मी मौजूद थे। रिलीज़ के बाद क्षेत्र संचालक ने शावक का निरीक्षण किया, जिसमें उसकी स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई। वह बाड़े में सहज रूप से घूमती और वातावरण के अनुरूप खुद को ढालती दिखाई दी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावक की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल की जाएगी और उसकी गतिविधियों व स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में, उपयुक्त समय आने पर उसे पुनः वन क्षेत्र में मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रयास मानव-वन्यप्राणी संघर्ष में शामिल, अनाथ या घायल बाघों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के चल रहे कार्यों का हिस्सा है, जिसे वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात और टीआई ज्योति शुक्ला के निर्देशन में दो दिवसीय चालानी कार्यवाही सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करते हुए कुल एक लाख छह हजार नौ सौ रुपये (₹1,06,900) समन शुल्क के रूप में वसूल किए गए। दिनांक 21/06/26 को हुई कार्रवाई में बिना हेलमेट वाहन के 26 प्रकरणों से 7,800 रुपये और बिना वैध बीमा वाहन के 1 प्रकरण से 6,000 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। वहीं, दिनांक 22/06/26 को बिना हेलमेट के 16 प्रकरणों से 4,800 रुपये, बिना वैध बीमा वाहन के 1 प्रकरण से 500 रुपये, ओवर लोड माल के 2 प्रकरणों से 42,000 रुपये और बिना परमिटवस के मामलों में 10,000 रुपये वसूल किए गए। इसके अतिरिक्त, शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई और उनके प्रकरण तैयार कर न्यायालय में भेजे गए। इस पूरी कार्यवाही को सफलतापूर्वक संचालित करने में भारतेड पाण्डेय, कल्याण सिंह, अमय प्रताप सिंह, पीयूष मिश्रा, ब्रजेश यादव और चंद्र भान महोबिया ने अहम भूमिका निभाई।1
- मानपुर की एसडीएम हरनीत कौर कलसी ने सोमवार देर रात करीब 12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मानपुर का औचक निरीक्षण कर सभी को चौंका दिया। इस आधी रात हुए प्रशासनिक दौरे से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकीय व्यवस्था और कर्मचारियों की उपस्थिति का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने पाया कि नाइट ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और स्टाफ नर्स उपस्थित थे, और अस्पताल में भर्ती मरीजों को आवश्यक उपचार व दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही थीं। हालांकि, इस औचक निरीक्षण में अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था में कुछ खामियां पाई गईं। इन कमियों पर एसडीएम कलसी ने संबंधित अधिकारियों से सफाई कर्मियों का रोस्टर तलब किया है। एसडीएम कलसी ने इस दौरान जोर दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल की अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था में पाई गई कमियों को लेकर जवाब तलब किया जाएगा। प्रशासन द्वारा आधी रात किए गए इस निरीक्षण को प्रशासन की सक्रियता और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसकी लोगों ने सराहना की है।2
- अनूपपुर के बिजुरी थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बाइक की डिग्गी से ₹50,000 की चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय शातिर आरोपी ओमप्रकाश सिसोदिया उर्फ बच्चा कंजर को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना बिजुरी अस्पताल के पास हुई थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए ₹47,500 नकद और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने बिजुरी के साथ-साथ थाना रामनगर क्षेत्र में भी इसी तरह की वारदातें करने की बात स्वीकार की है। ओमप्रकाश सिसोदिया के खिलाफ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में चोरी, लूट, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के तहत 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विकास सिंह और उनकी टीम की भूमिका सराहनीय रही। अनूपपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने वाहनों में नगदी, कीमती सामान और जरूरी दस्तावेज असुरक्षित न छोड़ें, तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।2
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में व्यवहारी पुलिस ने अवैध कोयले के भंडारण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए, अब तक की अपनी सबसे बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। व्यवहारी थाना अंतर्गत ग्राम टिहकी स्थित एक कोयला यार्ड, जो खनिज माफिया का अवैध गढ़ बन चुका था, पर पुलिस टीम ने अचानक छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने वहाँ संग्रहित लगभग 1000 टन अवैध कोयला जब्त कर लिया। इस विशाल कार्रवाई से कोयले का अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। मौके पर मौजूद कोल यार्ड के मैनेजर, 42 वर्षीय भूपेंद्र तिवारी से जब पुलिस ने इस बड़े भंडारण के मालिकाना हक और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, तो उनके पास सिर्फ़ मौखिक दावों के अलावा कोई कागजात नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने तत्काल नए कानूनी आपराधिक प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर पूरे जब्त माल को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में आगे की जांच की जा रही है। यह थाना व्यवहारी पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।2
- अनूपपुर जिले की बिजुरी पुलिस ने चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया सामान और घटना में प्रयुक्त वाहन भी बरामद किया है। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब 31 मई, 2026 को कोठी निवासी रामबहोर साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 30 मई, 2026 को बिजुरी अस्पताल के पास खड़ी उनकी बाइक की डिग्गी से किसी अज्ञात चोर ने 50,000 रुपये नकद और जरूरी कागजात चुरा लिए थे। इस शिकायत पर धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे संदेही की पहचान भोलगढ़, अनूपपुर निवासी ओमप्रकाश सिसोदिया उर्फ बच्चा कंजर के रूप में हुई। शातिर चोर की तलाश में लगातार दबिश देने के बाद, आरोपी को 22 जून, 2026 को शहडोल जिले के खमरौत चाका से पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। हिकमत अमली से की गई पूछताछ के दौरान, आरोपी ने थाना बिजुरी की इस चोरी के साथ-साथ थाना रामनगर क्षेत्र में भी इसी प्रकार की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किए गए 47,500 रुपये और वारदात में प्रयुक्त मोटर सायकल बरामद की तथा वैधानिक कार्यवाही की है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी एक शातिर और आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध मध्य प्रदेश के सतना, रीवा, सिंगरौली जैसे विभिन्न जिलों और छत्तीसगढ़ राज्य में चोरी, लूट, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस त्वरित कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह, उपनिरीक्षक विपुल शुक्ला, सउनि उदय प्रजापति, आरक्षक लक्ष्मण दांगी, मनोज उपाध्याय, रवि सिंह, रामनिवास गुर्जर, विश्वजीत मिश्रा और करमजीत सिंह की मुख्य भूमिका रही। थाना बिजुरी पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में नगदी, कीमती सामान या आवश्यक दस्तावेज असुरक्षित स्थिति में न छोड़ें और बैंक से बड़ी रकम निकालने के बाद विशेष सावधानी बरतें। पुलिस ने आमजन से यह भी अनुरोध किया है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को इसकी सूचना दें।1
- उमरिया के कलेक्टर सभागार में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय की अध्यक्षता में जिला कौशल विकास समिति की एक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कौशल विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की गई, साथ ही लक्ष्यों की पूर्ति के लिए कार्ययोजना, प्लेसमेंट के अवसर, आईटीआई में प्रवेश की कार्ययोजना और आईटीआई के बाद करियर के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के तहत 37 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, संस्था स्तर पर आयोजित विभिन्न कंपनी प्लेसमेंट ड्राइव्स के माध्यम से 230 प्रशिक्षणार्थियों का अंतिम चयन किया गया है, जबकि युवा संगम के ज़रिए 1216 युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराया गया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत भी 57 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभय सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आलोक कुमार शर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती रीता डेहरिया, अमित सिंह, डिप्टी कलेक्टर कमलेश राम नीरज, डिप्टी कलेक्टर प्रत्युष श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के ज़िला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।1