हेड कांस्टेबल पर पदोन्नति में जानकारी छिपाने का आरोप:इटावा पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, विभागीय जांच जारी इटावा पुलिस विभाग में पदोन्नति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। एक हेड कांस्टेबल पर पदोन्नति के दौरान अहम जानकारी छिपाने का आरोप लगा है, जिसके बाद सिविल लाइन थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। विभागीय जांच में पुराने आपराधिक मुकदमे को छिपाने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले की शुरुआत आरक्षी सुशील कुमार की शिकायत से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना फ्रेंड्स कॉलोनी में दर्ज एक पुराने मुकदमे के चलते उनकी पदोन्नति रोक दी गई, जबकि उसी मामले में नामजद जितेन्द्र बजाज को मुख्य आरक्षी बना दिया गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए। जांच में सामने आई सच्चाई प्रारंभिक जांच क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई थी। जांच के दौरान पता चला कि जितेन्द्र बजाज के खिलाफ वर्ष 2016 में थाना फ्रेंड्स कॉलोनी में लापरवाही से जुड़ा मुकदमा दर्ज है, जो अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद उन्होंने 10 मार्च 2025 को दिए गए अपने स्वघोषणा पत्र में इस मुकदमे का जिक्र नहीं किया। तहरीर के आधार पर दर्ज हुआ मुकदमा जांच में तथ्य सामने आने के बाद लिपिक शाखा में तैनात सहायक उप निरीक्षक राजकुमार ने सिविल लाइन थाने में तहरीर दी। इसी के आधार पर मुख्य आरक्षी जितेन्द्र बजाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
हेड कांस्टेबल पर पदोन्नति में जानकारी छिपाने का आरोप:इटावा पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, विभागीय जांच जारी इटावा पुलिस विभाग में पदोन्नति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। एक हेड कांस्टेबल पर पदोन्नति के दौरान अहम जानकारी छिपाने का आरोप लगा है, जिसके बाद सिविल लाइन थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। विभागीय जांच में पुराने आपराधिक मुकदमे को छिपाने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले की शुरुआत आरक्षी सुशील कुमार की शिकायत से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना फ्रेंड्स कॉलोनी में दर्ज एक पुराने मुकदमे के चलते उनकी पदोन्नति रोक दी गई, जबकि उसी मामले में नामजद जितेन्द्र बजाज को मुख्य आरक्षी बना दिया गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए। जांच में सामने आई सच्चाई प्रारंभिक जांच क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई थी। जांच के दौरान पता चला कि जितेन्द्र बजाज के खिलाफ वर्ष 2016 में थाना फ्रेंड्स कॉलोनी में लापरवाही से जुड़ा मुकदमा दर्ज है, जो अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद उन्होंने 10 मार्च 2025 को दिए गए अपने स्वघोषणा पत्र में इस मुकदमे का जिक्र नहीं किया। तहरीर के आधार पर दर्ज हुआ मुकदमा जांच में तथ्य सामने आने के बाद लिपिक शाखा में तैनात सहायक उप निरीक्षक राजकुमार ने सिविल लाइन थाने में तहरीर दी। इसी के आधार पर मुख्य आरक्षी जितेन्द्र बजाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
- Post by Kanhaiya lal1
- Post by Rohit Kumar2
- उन्नाव जनपद के नवाबगंज क्षेत्र स्थित एक गैस एजेंसी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। यहां गैस वितरण व्यवस्था में कथित* अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों ने आम उपभोक्ताओं के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब गैस पर्ची कटवाने पहुंचे एक युवक ने *खुलेआम चल रहे “रकम के खेल*” का विरोध किया—और आरोप है कि इसके बाद उसके *साथ मारपीट की गई।* *प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एजेंसी परिसर में लंबी लाइन लगी हुई थी, लेकिन कई लोगों को नजरअंदाज करते हुए कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी जा रही थी*। आरोप है कि ₹1500 तक की अतिरिक्त रकम लेकर “ब्लैक” में पर्ची काटी जा रही थी, जबकि सामान्य उपभोक्ता घंटों लाइन में खड़े रहकर भी खाली हाथ लौट रहे थे। "*पीड़ित रमेश, जो नवाबगंज नगर पंचायत कार्यालय के सामने का* निवासी बताया जा रहा है, ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा—“यहां नियम नहीं, पैसा चल रहा है। जो पैसे दे रहा है, उसे तुरंत गैस मिल रही है, बाकी लोग परेशान हो रहे हैं।” रमेश का कहना है कि जब उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाया, तो एजेंसी कर्मचारियों ने पहले अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और फिर कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। *घटना के बाद एजेंसी परिसर में हंगामा मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची* और किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने केवल मामला शांत कराने तक ही अपनी भूमिका सीमित रखी और किसी भी पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की। *इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या गैस एजेंसियों पर वाकई खुलेआम अवैध वसूली का खेल चल रहा है*? यदि हां, तो जिम्मेदार अधिकारी अब तक चुप क्यों हैं? आम जनता की शिकायतों को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या आम आदमी अपने हक के लिए आवाज उठाने पर सुरक्षित है? *स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी गैस वितरण में गड़बड़ी और फर्जी बुकिंग जैसे आरोप सामने आ चुके हैं,* लेकिन हर बार मामला दबा दिया जाता है। इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं सिस्टम में बड़ी खामियां हैं और जिम्मेदार लोग आंखें मूंदे बैठे हैं। *अब जरूरत है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले, निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे"*। केवल मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कर देना समस्या का समाधान नहीं है। जब तक भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार नहीं होगा, तब तक आम जनता इसी तरह शोषण का शिकार होती रहेगी। 👉 नवाबगंज के लोगों की मांग: “हमें सिर्फ शांति नहीं, न्याय चाहिए जिला उन्नाव रिपोर्टर अमन सिंह RK News24 Media1
- Post by Urvashi singh1
- विकास खंड महेवा की ग्राम पंचायत असदपुर में निर्माण कार्यों में लापरवाही का मामला सामने आया है। गांव के जनसेवा केन्द्र के पीछे हाल ही में खड़ंजा उखाड़कर इंटरलॉकिंग ईंटें बिछाई गईं, लेकिन नाली निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार नाली तो बनाई गई, लेकिन उसे दूसरी गली की नाली से जोड़ा नहीं गया। नतीजतन गंदा पानी खुली नाली से बहकर मुख्य गली में जमा हो रहा है, जिससे वहां से निकलना दूभर हो गया है। गली में बदबू और गंदगी के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। इस संबंध में जब ग्रामीणों ने ग्राम सचिव से शिकायत की, तो उन्होंने बजट न होने का हवाला दिया। ग्रामीणों का सवाल है कि जब बजट ही नहीं था, तो नाली निर्माण कार्य शुरू क्यों कराया गया। अधूरी नाली छोड़कर उसे दूसरी गली में खोल देना सीधे तौर पर लोगों को गंदे पानी में चलने के लिए मजबूर करना है। ग्रामीण अजय कुमार, अविनाश कुमार, रवीश, लालाराम, प्रेमशंकर, सुनील कुमार, नारायण, गौरव और रविन्द्र कुमार समेत कई लोगों ने प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है। इस मामले में पंचायत सचिव रवि शंखवार ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी मिली है और वह मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण कर जल्द ही आवश्यक कार्रवाई कराएंगे।1
- अजीतमल। अजीतमल क्षेत्र के ग्राम अमावता में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के विराम दिवस पर आचार्य पंडित सागर दास जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा की मार्मिक कथा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन होने के बावजूद भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट प्रेम और सच्ची मित्रता का भाव रखते थे। जब सुदामा जी द्वारिका पहुंचे, तो भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं दौड़कर अपने मित्र का स्वागत किया, उन्हें गले लगाया और उनके चरण धोकर सच्चे मित्रता धर्म का परिचय दिया। उन्होंने आगे बताया कि सुदामा जी द्वारा लाए गए सादा चावल (पोहे) को भगवान ने अत्यंत प्रेमपूर्वक स्वीकार किया और बिना कुछ मांगे ही उनके जीवन की समस्त दरिद्रता को दूर कर दिया। यह प्रसंग सच्ची मित्रता, समर्पण और प्रेम का अनुपम उदाहरण है। कथा के दौरान परीक्षित पार्वती देवी, जयकरण सिंह सेंगर एवं उनके परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। विराम दिवस पर कृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख अजीतमल रजनीश पांडे ने व्यास पीठ का सम्मान कर आचार्य पंडित सागर दास जी महाराज का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।1
- Post by Lavkush1
- Post by Rohit Kumar1