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रेल थाना हसनपुर पर 5 लीटर देशी शराब व 70.06 लीटर विदेश शराब विनिष्ट किया गया समस्तीपुर जिले के राजकीय रेल थाना हसनपुर पर पांच कांडों में पकड़े गए शराब 5 लीटर देशी शराब और 70.06 लीटर विदेशी शराब का विनिष्ट किया गया । मौके पर रेल थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह , प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार उत्पाद थाना प्रभारी पल्लवी सिंह आदि मौजूद थे ।
Pankaj Baba
रेल थाना हसनपुर पर 5 लीटर देशी शराब व 70.06 लीटर विदेश शराब विनिष्ट किया गया समस्तीपुर जिले के राजकीय रेल थाना हसनपुर पर पांच कांडों में पकड़े गए शराब 5 लीटर देशी शराब और 70.06 लीटर विदेशी शराब का विनिष्ट किया गया । मौके पर रेल थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह , प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार उत्पाद थाना प्रभारी पल्लवी सिंह आदि मौजूद थे ।
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- नौहट्टा कहावत है कि "हौसलों में उड़ान हो, तो आसमान भी छोटा पड़ता है।" इसे सच कर दिखाया है सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत दिबरा गांव के उभरते सितारे मोहम्मद एहसान ने। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा जारी 10वीं के नतीजों में एहसान ने 474 अंक प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे सहरसा जिले में 5वां स्थान हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। इस ऐतिहासिक सफलता पर दिबरा गांव में उत्साह और गर्व का माहौल है। इस खुशी के मौके पर प्रख्यात समाजसेवी नैयार इकबाल के नेतृत्व में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिला टॉपर मोहम्मद एहसान सहित कुल 9 मेधावी छात्रों को मुख्य रूप से आमंत्रित किया गया। समाजसेवी नैयार इकबाल ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर उनका अभिनंदन किया। 1
- समस्तीपुर. विकास का पोल खोलता, पूसा प्रखंड के दझणी हरपुर पंचायत का वार्ड संख्या 10 से 14.जहां रोड पे जल जमाव से त्रस्त है ग्रामीण.1
- दरभंगा: जिले में आम जनता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अभी लोग रसोई गैस (LPG) की किल्लत से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि अब पेट्रोल के लिए हाहाकार मच गया है। सुबह से ही शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। • प्रशासन के दावे फेल, दिनभर बंद रहे पंप :- दरअसल, सुबह जब लोग अपनी गाड़ियों में ईंधन भराने निकले, तो अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ताले लटके मिले। पेट्रोल न मिलने से नाराज और परेशान लोग एक पंप से दूसरे पंप के चक्कर काटते नजर आए। हैरानी की बात यह रही कि एक तरफ जहां एसडीएम (SDM) ने मीडिया और जनता के सामने स्पष्ट रूप से कहा कि शहर में पेट्रोल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट दिखी। दिनभर पेट्रोल पंपों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग बूंद-बूंद तेल के लिए तरसते रहे। • लहेरियासराय पेट्रोल पंप पर दिखा बेकाबू नजारा :- किल्लत का सबसे बुरा असर लहेरियासराय इलाके में देखने को मिला। यहाँ के पेट्रोल पंप पर सुबह से ही 'नो स्टॉक' के बोर्ड लटके हुए थे। शाम को जैसे ही यहाँ तेल का टैंकर पहुँचा और बिक्री शुरू हुई, लोगों का सब्र टूट गया। देखते ही देखते पेट्रोल पंप पर गाड़ियों की बेकाबू भीड़ जमा हो गई। दोपहिया और चार पहिया वाहनों की इतनी लंबी कतार Sare गई कि मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। तेल लेने की जल्दबाजी में लोगों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। • शाम को खुला पंप, तो उमड़ी भारी भीड़ :- दिनभर की किल्लत के बाद शाम को जैसे ही कुछ पेट्रोल पंपों के शटर खुले, वहां लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। पेट्रोल लेने के लिए गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे ट्रैफ़िक व्यवस्था भी चरमरा गई। हर कोई जल्द से जल्द अपनी गाड़ी की टंकी फुल करवा लेना चाहता था, जिसके कारण पंपों पर देर रात तक अफरा-तफरी मची रही।1
- Post by HTk Today1
- #Bihar me agar #Petrol nahi milega? tb v Sev factory sirf Rs25000 me Electric Scooty 5 saal warranty k sath deta rahega Free shipping Cash on delivery 76541015251
- Meri quit Beti1
- Post by Press mankhush kumar1
- Post by RAMAN CHOUDHARY1
- सहरसा जिला के नौहट्टा प्रखंड मे मोहनपुर से दिबरा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पुल के निर्माण में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिस पुल को इलाके की लाइफलाइन बनना था, ठेकेदार और विभाग की मिलीभगत से वह अब भ्रष्टाचार का जीता-जागता नमूना बनता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुल बनाने में कंक्रीट और सीमेंट से ज्यादा 'मिट्टी' का इस्तेमाल किया जा रहा है। बालू की जगह मिट्टी का प्रयोग निर्माण स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि मसाले में सीमेंट की मात्रा न के बराबर है। पत्थर और बालू के नाम पर घटिया दर्जे का 'मटेरियल' और भारी मात्रा में मिट्टी मिलाई जा रही है। देखने में यह पुल लग रहा है, लेकिन असल में यह बालू और मिट्टी का महल है। पहली बारिश की एक ही लहर में इस पुल का ताश के पत्तों की तरह ढहना तय है कंक्रीट के घोल में निर्धारित अनुपात के बजाय मिट्टी युक्त बालू का उपयोग। निर्माण के समय विभागीय इंजीनियर का मौके से नदारद रहना। यह पुल भारी वाहनों के लिए बनाया जा रहा है, लेकिन घटिया मटेरियल इसकी उम्र और मजबूती पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग पुल की बदहाली को देख मोहनपुर और दिबरा के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ने इस पर संज्ञान नहीं लिया, तो वे काम रोककर उग्र प्रदर्शन करेंगे। जनता के टैक्स के पैसे से बन रहा यह पुल विकास के नाम पर 'विनाश' की नींव रख रहा है।1