मैहर में सोशल मीडिया की एक मुहिम ने रंग लाया है, जिससे कई दिनों से बिछड़ी एक बुजुर्ग महिला को उसके परिवार से मिलवाया गया। सोशल मीडिया पर भटकती हुई इस बुजुर्ग महिला की जानकारी प्रसारित होने के महज एक दिन बाद ही उसका परिवार मैहर स्थित वृद्धा आश्रम पहुँचा और अपनी माता को सकुशल अपने साथ घर ले गया। वृद्धा आश्रम में मौजूद सभी लोगों के लिए यह एक भावुक और खुशी का पल था। जानकारी के अनुसार, माँ शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति द्वारा 13 मई 2026 को मेला परिसर से भटकी हुई इस बुजुर्ग महिला को सुरक्षित वृद्धा आश्रम में रखा गया था। महिला ने अपना नाम फूलरानी गोंड और निवास ग्राम चौबे की उमरिया, जिला जबलपुर बताया था, लेकिन उनके पास पहचान संबंधी कोई दस्तावेज नहीं होने के कारण उनकी पहचान करना और परिजनों तक सूचना पहुँचाना एक बड़ी चुनौती थी। मंगलवार को सोशल मीडिया पर इस बुजुर्ग महिला की खबर प्रसारित होने के बाद उनके परिजनों को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद 7 जुलाई 2026 को उनके पुत्र प्रकाश सिंह, बहू, दामाद और अन्य परिजन मैहर स्थित वृद्धा आश्रम पहुँचे। उन्होंने अपनी माता की पहचान की और उन्हें अपने साथ घर ले गए। इस पूरे मामले में मैहर की एसडीएम दिव्या पटेल की संवेदनशील पहल और सतत निगरानी की सराहना की गई है। वहीं, माँ शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति के कर्मचारी सुरेंद्र गर्ग ने भी बुजुर्ग महिला की देखभाल, जानकारी जुटाने और परिवार तक सूचना पहुँचाने में लगातार प्रयास किए। इन दोनों की मेहनत और सोशल मीडिया के सहयोग से आखिरकार बिछड़ा परिवार एक बार फिर एक हो सका। परिजनों ने इस मानवीय कार्य के लिए प्रशासन, मंदिर प्रबंध समिति, वृद्धा आश्रम के कर्मचारियों और सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना साझा करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि प्रशासन की संवेदनशीलता और सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग किसी बिछड़े परिवार को मिलाने का माध्यम बन सकता है।
मैहर में सोशल मीडिया की एक मुहिम ने रंग लाया है, जिससे कई दिनों से बिछड़ी एक बुजुर्ग महिला को उसके परिवार से मिलवाया गया। सोशल मीडिया पर भटकती हुई इस बुजुर्ग महिला की जानकारी प्रसारित होने के महज एक दिन बाद ही उसका परिवार मैहर स्थित वृद्धा आश्रम पहुँचा और अपनी माता को सकुशल अपने साथ घर ले गया। वृद्धा आश्रम में मौजूद सभी लोगों के लिए यह एक भावुक और खुशी का पल था। जानकारी के अनुसार, माँ शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति द्वारा 13 मई 2026 को मेला परिसर से भटकी हुई इस बुजुर्ग महिला को सुरक्षित वृद्धा आश्रम में रखा गया था। महिला ने अपना नाम फूलरानी गोंड और निवास ग्राम चौबे की उमरिया, जिला जबलपुर बताया था, लेकिन उनके पास पहचान संबंधी कोई दस्तावेज नहीं होने के कारण उनकी पहचान करना और परिजनों तक सूचना पहुँचाना एक बड़ी चुनौती थी। मंगलवार को सोशल मीडिया पर इस बुजुर्ग महिला की खबर प्रसारित होने के बाद उनके परिजनों को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद 7 जुलाई 2026 को उनके पुत्र प्रकाश सिंह, बहू, दामाद और अन्य परिजन मैहर स्थित वृद्धा आश्रम पहुँचे। उन्होंने अपनी माता की पहचान की और उन्हें अपने साथ घर ले गए। इस पूरे मामले में मैहर की एसडीएम दिव्या पटेल की संवेदनशील पहल और सतत निगरानी की सराहना की गई है। वहीं, माँ शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति के कर्मचारी सुरेंद्र गर्ग ने भी बुजुर्ग महिला की देखभाल, जानकारी जुटाने और परिवार तक सूचना पहुँचाने में लगातार प्रयास किए। इन दोनों की मेहनत और सोशल मीडिया के सहयोग से आखिरकार बिछड़ा परिवार एक बार फिर एक हो सका। परिजनों ने इस मानवीय कार्य के लिए प्रशासन, मंदिर प्रबंध समिति, वृद्धा आश्रम के कर्मचारियों और सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना साझा करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि प्रशासन की संवेदनशीलता और सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग किसी बिछड़े परिवार को मिलाने का माध्यम बन सकता है।
- सतना के बिरला रोड पर एक सवारियों से भरा ई-रिक्शा पलट गया। इस हादसे के बाद राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई।1
- मैहर में सोशल मीडिया की एक मुहिम ने रंग लाया है, जिससे कई दिनों से बिछड़ी एक बुजुर्ग महिला को उसके परिवार से मिलवाया गया। सोशल मीडिया पर भटकती हुई इस बुजुर्ग महिला की जानकारी प्रसारित होने के महज एक दिन बाद ही उसका परिवार मैहर स्थित वृद्धा आश्रम पहुँचा और अपनी माता को सकुशल अपने साथ घर ले गया। वृद्धा आश्रम में मौजूद सभी लोगों के लिए यह एक भावुक और खुशी का पल था। जानकारी के अनुसार, माँ शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति द्वारा 13 मई 2026 को मेला परिसर से भटकी हुई इस बुजुर्ग महिला को सुरक्षित वृद्धा आश्रम में रखा गया था। महिला ने अपना नाम फूलरानी गोंड और निवास ग्राम चौबे की उमरिया, जिला जबलपुर बताया था, लेकिन उनके पास पहचान संबंधी कोई दस्तावेज नहीं होने के कारण उनकी पहचान करना और परिजनों तक सूचना पहुँचाना एक बड़ी चुनौती थी। मंगलवार को सोशल मीडिया पर इस बुजुर्ग महिला की खबर प्रसारित होने के बाद उनके परिजनों को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद 7 जुलाई 2026 को उनके पुत्र प्रकाश सिंह, बहू, दामाद और अन्य परिजन मैहर स्थित वृद्धा आश्रम पहुँचे। उन्होंने अपनी माता की पहचान की और उन्हें अपने साथ घर ले गए। इस पूरे मामले में मैहर की एसडीएम दिव्या पटेल की संवेदनशील पहल और सतत निगरानी की सराहना की गई है। वहीं, माँ शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति के कर्मचारी सुरेंद्र गर्ग ने भी बुजुर्ग महिला की देखभाल, जानकारी जुटाने और परिवार तक सूचना पहुँचाने में लगातार प्रयास किए। इन दोनों की मेहनत और सोशल मीडिया के सहयोग से आखिरकार बिछड़ा परिवार एक बार फिर एक हो सका। परिजनों ने इस मानवीय कार्य के लिए प्रशासन, मंदिर प्रबंध समिति, वृद्धा आश्रम के कर्मचारियों और सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना साझा करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि प्रशासन की संवेदनशीलता और सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग किसी बिछड़े परिवार को मिलाने का माध्यम बन सकता है।1
- एक गाँव में विकास की लहर के देर से पहुँचने को लेकर गहरा सवाल उठाया गया है। यह चिंता व्यक्त की जा रही है कि आखिर कब तक यह गाँव विकास से वंचित रहेगा और प्रगति से दूर रहेगा।1
- मध्य प्रदेश में सरकारी विभागों में लाखों पद रिक्त होने के बावजूद केवल आंतरिक पदोन्नति (प्रमोशन) की प्रक्रिया जारी होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए कहा गया है कि यह स्थिति युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और राज्य में नई नियुक्तियों की धीमी गति पर सवाल उठाए गए हैं। यह बताया गया है कि आंतरिक पदोन्नति से निचले स्तर पर बड़ी संख्या में पद खाली हो जाएंगे। यदि इन रिक्त पदों पर नई भर्तियां नहीं की गईं, तो सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी और बढ़ेगी, जिससे कामकाज और जनता को मिलने वाली सेवाओं पर सीधा असर पड़ेगा। प्रदेश में वर्षों से लाखों पद रिक्त पड़े हैं, जबकि नई नियुक्तियों की गति बेहद धीमी है और कर्मचारी लगातार सेवानिवृत्त हो रहे हैं। कई सरकारी कार्यालय अब आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रहे हैं, जिससे दक्षता प्रभावित हो रही है। इसका सबसे अधिक नुकसान मध्य प्रदेश के लाखों योग्य युवाओं को हो रहा है, जो वर्षों से स्थायी रोजगार के अवसरों की तलाश में हैं। आरोप लगाया गया है कि चुनाव के दौरान बड़े-बड़े रोजगार के वादे किए जाते हैं, लेकिन युवाओं को केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि वास्तविक नियुक्तियों की आवश्यकता है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी से आग्रह किया गया है कि वे सभी विभागों में रिक्त पदों का पारदर्शी आकलन कराकर शीघ्र ही नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करें। स्पष्ट किया गया है कि केवल पदोन्नति से व्यवस्था नहीं चल सकती, नई नियुक्तियाँ भी उतनी ही आवश्यक हैं। ऐसा करने से युवाओं को रोजगार मिलेगा, सरकारी कार्यालयों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और प्रदेश का विकास भी तेजी से होगा। इस पूरे मामले पर सवाल उठाया गया है कि 'युवाओं को अधिकार चाहिए, केवल आश्वासन नहीं', और 'मध्य प्रदेश में रिक्त पदों पर भर्ती कब होगी', यह सवाल प्रदेश का युवा लगातार पूछ रहा है।1
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क खबर भोपाल रीवा जबलपुर कटनी शहडोल सतना सिटी मध्य प्रदेश जनसंपर्क खबर भोपाल रीवा जबलपुर1
- हरिभूमि की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सतना के सरदार वल्लभभाई पटेल जिला अस्पताल में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इस कारण अस्पताल के कई वार्ड अंधेरे में डूब गए और पंखे-कूलर बंद होने से उमस बढ़ गई, जिससे मरीजों को रातभर गर्मी से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान मरीजों के परिजनों ने मोबाइल की रोशनी और टॉर्च के सहारे किसी तरह व्यवस्था संभाली।1
- सिंगरौली हाईकोर्ट से जुड़े एक वीडियो मामले को लेकर सीपीसी आज के एम द्वारा एक महत्वपूर्ण बयान दिया गया है।1
- पन्ना जिले के गुनौर स्थित जनशिक्षा केंद्र श्यामरडाडा अंतर्गत संकुल गुनौर के सरहजा माध्यमिक विद्यालय में एक बड़ा महुआ का पेड़ गिरने से विद्यालय परिसर में बना शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया है। गनीमत रही कि जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय परिसर में कोई छात्र-छात्रा या विद्यालय का कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने विद्यालय में छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि परिसर में अभी भी कई पुराने और जर्जर पेड़ खड़े हैं। तेज बारिश और हवा चलने के दौरान इन पेड़ों के गिरने की आशंका बनी रहती है, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी अपील है कि विद्यालय परिसर में मौजूद सभी खतरनाक और जर्जर पेड़ों का शीघ्रता से निरीक्षण किया जाए और उन्हें कटाई-छंटाई या पूरी तरह से हटाने की आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि छात्र-छात्राओं और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- मैहर जिले में देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। ये युवक मैहर जिले के वार्ड नंबर 15 निवास ए से संबंधित थे और अमरपाटन जनपद उपाध्यक्ष की जन्मदिन पार्टी में शामिल होकर खुशियां मनाकर अपने चार पहिया वाहन से मैहर लौट रहे थे, तभी ग्राम रिगरा के पास यह दुर्घटना हुई। यह घटना देहात थाना क्षेत्र के ग्राम रिगरा के पास NH-30 पर हुई, जहां तेज रफ्तार XUV चलती ट्रकों के पीछे जा घुसी। कार में कुल 6 युवक सवार थे, जिनमें से पांच की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही डॉयल 112 और हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया। गंभीर रूप से घायल एक युवक को इलाज के लिए सिविल अस्पताल अमरपाटन लाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया गया। मृतकों के शवों को 108 एम्बुलेंस और हाईवे एम्बुलेंस 1033 की मदद से सिविल अस्पताल मैहर के मर्चुरी में शिफ्ट किया गया। घटना के बाद अमरपाटन और देहात थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, जिसमें थाना प्रभारी पंचराज सिंह भी शामिल थे। मैहर सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान अंकुर पटेल (पिता स्व. गोविंद पटेल, उम्र 39 साल, ग्राम तनाजा), मृदुल पटेल (पिता महेंद्र पटेल, उम्र 32 साल, ग्राम तनाजा), विजय पटेल (पिता नागेंद्र पटेल, उम्र 32 साल, ग्राम तनाजा), हरिशंकर पटेल (पिता नागेंद्र पटेल, उम्र 28 साल, ग्राम तनाजा) और संजीव पटेल (पिता संजय पटेल, उम्र 23 वर्ष, निवासी नरोरा) के रूप में हुई है।1