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रतुआ मदरसा प्रबंध समिति विवाद की जांच, नई प्रबंध समिति के समर्थन में अधिकांश ग्रामीणों ने हाथ उठाया, पोठिया प्रखंड अंतर्गत पहाड़कट्टा पंचायत स्थित रतुआ मदरसा जिनतुल कुरान में गुरुवार को किशनगंज स्थापना शिक्षा विभाग के डीपीओ राज कमल ने मदरसा प्रबंध समिति के गठन को लेकर उत्पन्न विवाद की स्थलीय जांच की। जांच के दौरान नवगठित समिति के पदाधिकारी, शिकायतकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी 2026 को मदरसा परिसर में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से नई प्रबंध समिति का गठन किया गया था। इसमें हाफिज जमील अख्तर को सचिव तथा तनवीर आलम को अध्यक्ष बनाया गया। बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड द्वारा दोनों को डोनर की हैसियत से नियुक्त किया गया। समिति में जफीरुद्दीन, अब्दुल्लाह, मंजूर आलम, रिजवान आलम, बिलाल अख्तर, महबूब आलम एवं बोर्ड नॉमिनी को सदस्य बनाया गया। बाद में रतुआ निवासी मो. कैसर आलम ने समिति गठन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए शिक्षा विभाग को लिखित शिकायत दी। शिकायत के आलोक में डीपीओ ने मदरसा पहुंचकर दोनों पक्षों की बातें सुनीं तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान डीपीओ ने अध्यक्ष एवं सचिव के नियुक्ति पत्र, डोनर संबंधी अभिलेख तथा समिति के सदस्यों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही सदस्यों के बच्चों के मदरसे में नामांकन का सत्यापन किया गया, जिसमें सभी संबंधित बच्चों का नामांकन रजिस्टर में दर्ज पाया गया। मदरसे में दर्ज 193 छात्रों की उपस्थिति का भी निरीक्षण किया गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों से समर्थन जानने के दौरान नवगठित अध्यक्ष तनवीर आलम एवं सचिव हाफिज जमील अख्तर के पक्ष में लगभग 73 लोगों ने हाथ उठाकर समर्थन व्यक्त किया, जबकि शिकायतकर्ता मो. कैसर आलम के पक्ष में पांच से छह लोगों ने समर्थन जताया। इस दौरान उपमुखिया प्रतिनिधि अख्तर हुसैन, पंच सदस्य अंसार आलम, पूर्व सरपंच मो. शफीक तथा पूर्व सरपंच सह पूर्व सैनिक हसिमुद्दीन ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता कुछ लोगों के साथ मिलकर अनावश्यक विवाद उत्पन्न कर रहे हैं। उनका कहना था कि सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में समिति का गठन हुआ था और अधिकांश ग्रामीण वर्तमान समिति के पक्ष में हैं। वहीं, मदरसा अध्यक्ष तनवीर आलम ने कहा कि प्रबंध समिति का गठन पूरी पारदर्शिता के साथ ग्रामीणों की उपस्थिति में किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता को पूर्व में नोटिस देकर बुलाया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए और अब निराधार आरोप लगाकर समिति को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग वर्ष 2015 से लगातार हर समिति का विरोध करते रहे हैं। इस बार ग्रामीणों ने उन्हें चुना है, इसलिए उन्हें विश्वास है कि विभागीय जांच के बाद न्यायपूर्ण निर्णय सामने आएगा। जांच के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की कि सैकड़ों ग्रामीणों की सहमति से गठित वर्तमान समिति को ही मदरसे के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाए। जांच के बाद डीपीओ राज कमल ने बताया कि मदरसे में नई प्रबंध समिति के गठन को लेकर विवाद की शिकायत प्राप्त हुई थी। दोनों पक्षों की बातें सुनने एवं आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड को भेजी जाएगी। बोर्ड के निर्णय के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

19 hrs ago
user_Shabbir Alam
Shabbir Alam
Local News Reporter पोठिया, किशनगंज, बिहार•
19 hrs ago

रतुआ मदरसा प्रबंध समिति विवाद की जांच, नई प्रबंध समिति के समर्थन में अधिकांश ग्रामीणों ने हाथ उठाया, पोठिया प्रखंड अंतर्गत पहाड़कट्टा पंचायत स्थित रतुआ मदरसा जिनतुल कुरान में गुरुवार को किशनगंज स्थापना शिक्षा विभाग के डीपीओ राज कमल ने मदरसा प्रबंध समिति के गठन को लेकर उत्पन्न विवाद की स्थलीय जांच की। जांच के दौरान नवगठित समिति के पदाधिकारी, शिकायतकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी 2026 को मदरसा परिसर में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से नई प्रबंध समिति का गठन किया गया था। इसमें हाफिज जमील अख्तर को सचिव तथा तनवीर आलम को अध्यक्ष बनाया गया। बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड द्वारा दोनों को डोनर की हैसियत से नियुक्त किया गया। समिति में जफीरुद्दीन, अब्दुल्लाह, मंजूर आलम, रिजवान आलम, बिलाल अख्तर, महबूब आलम एवं बोर्ड नॉमिनी को सदस्य बनाया गया। बाद में रतुआ निवासी मो. कैसर आलम ने समिति गठन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए शिक्षा विभाग को लिखित शिकायत दी। शिकायत के आलोक में डीपीओ ने मदरसा पहुंचकर दोनों पक्षों की बातें सुनीं तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान डीपीओ ने अध्यक्ष एवं सचिव के नियुक्ति पत्र, डोनर संबंधी अभिलेख तथा समिति के सदस्यों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही सदस्यों के बच्चों के मदरसे में नामांकन का सत्यापन किया गया, जिसमें सभी संबंधित बच्चों का नामांकन रजिस्टर में दर्ज पाया गया। मदरसे में दर्ज 193 छात्रों की उपस्थिति का भी निरीक्षण किया गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों से समर्थन जानने के दौरान नवगठित अध्यक्ष तनवीर आलम एवं सचिव हाफिज जमील अख्तर के पक्ष में लगभग

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73 लोगों ने हाथ उठाकर समर्थन व्यक्त किया, जबकि शिकायतकर्ता मो. कैसर आलम के पक्ष में पांच से छह लोगों ने समर्थन जताया। इस दौरान उपमुखिया प्रतिनिधि अख्तर हुसैन, पंच सदस्य अंसार आलम, पूर्व सरपंच मो. शफीक तथा पूर्व सरपंच सह पूर्व सैनिक हसिमुद्दीन ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता कुछ लोगों के साथ मिलकर अनावश्यक विवाद उत्पन्न कर रहे हैं। उनका कहना था कि सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में समिति का गठन हुआ था और अधिकांश ग्रामीण वर्तमान समिति के पक्ष में हैं। वहीं, मदरसा अध्यक्ष तनवीर आलम ने कहा कि प्रबंध समिति का गठन पूरी पारदर्शिता के साथ ग्रामीणों की उपस्थिति में किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता को पूर्व में नोटिस देकर बुलाया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए और अब निराधार आरोप लगाकर समिति को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग वर्ष 2015 से लगातार हर समिति का विरोध करते रहे हैं। इस बार ग्रामीणों ने उन्हें चुना है, इसलिए उन्हें विश्वास है कि विभागीय जांच के बाद न्यायपूर्ण निर्णय सामने आएगा। जांच के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की कि सैकड़ों ग्रामीणों की सहमति से गठित वर्तमान समिति को ही मदरसे के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाए। जांच के बाद डीपीओ राज कमल ने बताया कि मदरसे में नई प्रबंध समिति के गठन को लेकर विवाद की शिकायत प्राप्त हुई थी। दोनों पक्षों की बातें सुनने एवं आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड को भेजी जाएगी। बोर्ड के निर्णय के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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    अब तो मोदी ने भी Amit Shah से इस्तीफा मांगा लिया 
#rahulgandhi #chhatronkigoonj
    user_Hussain king
    Hussain king
    किशनगंज, किशनगंज, बिहार•
    9 hrs ago
  • बिजली की समस्या आए दिन बढ़ते जा रहा है वार्ड नंबर 4 जहां की जो कि हर एक किलोमीटर दूरी पर है लेकिन जो कि हाथ में बिजली 24 घंटा रहता है और वार्ड नंबर 4 में 4 घंटा से अधिक बिजली बाधित जोकीहाट नगर पालिका में 24 घंटा बिजली रहता है लेकिन उससे पीछे हरवा चौक पड़ता है जो की 1 किलोमीटर की दूरी पर है लेकिन यह बिजली की समस्या हमेशा बढ़ती जाती है आ रहा है जो कि हाथ में लाइट जाता है लेकिन यहां दो घंटा के लिए हरवा गांव वार्ड नंबर 4 में बिजली बातचीत रहता है कभी-कभी 2 घंटे के लिए
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    रतुआ मदरसा प्रबंध समिति विवाद की जांच, नई प्रबंध समिति के समर्थन में अधिकांश ग्रामीणों ने हाथ उठाया,

पोठिया प्रखंड अंतर्गत पहाड़कट्टा पंचायत स्थित रतुआ मदरसा जिनतुल कुरान में गुरुवार को किशनगंज स्थापना शिक्षा विभाग के डीपीओ राज कमल ने मदरसा प्रबंध समिति के गठन को लेकर उत्पन्न विवाद की स्थलीय जांच की। जांच के दौरान नवगठित समिति के पदाधिकारी, शिकायतकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी 2026 को मदरसा परिसर में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से नई प्रबंध समिति का गठन किया गया था। इसमें हाफिज जमील अख्तर को सचिव तथा तनवीर आलम को अध्यक्ष बनाया गया। बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड द्वारा दोनों को डोनर की हैसियत से नियुक्त किया गया। समिति में जफीरुद्दीन, अब्दुल्लाह, मंजूर आलम, रिजवान आलम, बिलाल अख्तर, महबूब आलम एवं बोर्ड नॉमिनी को सदस्य बनाया गया।
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जांच के दौरान डीपीओ ने अध्यक्ष एवं सचिव के नियुक्ति पत्र, डोनर संबंधी अभिलेख तथा समिति के सदस्यों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही सदस्यों के बच्चों के मदरसे में नामांकन का सत्यापन किया गया, जिसमें सभी संबंधित बच्चों का नामांकन रजिस्टर में दर्ज पाया गया। मदरसे में दर्ज 193 छात्रों की उपस्थिति का भी निरीक्षण किया गया।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों से समर्थन जानने के दौरान नवगठित अध्यक्ष तनवीर आलम एवं सचिव हाफिज जमील अख्तर के पक्ष में लगभग 73 लोगों ने हाथ उठाकर समर्थन व्यक्त किया, जबकि शिकायतकर्ता मो. कैसर आलम के पक्ष में पांच से छह लोगों ने समर्थन जताया।
इस दौरान उपमुखिया प्रतिनिधि अख्तर हुसैन, पंच सदस्य अंसार आलम, पूर्व सरपंच मो. शफीक तथा पूर्व सरपंच सह पूर्व सैनिक हसिमुद्दीन ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता कुछ लोगों के साथ मिलकर अनावश्यक विवाद उत्पन्न कर रहे हैं। उनका कहना था कि सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में समिति का गठन हुआ था और अधिकांश ग्रामीण वर्तमान समिति के पक्ष में हैं।
वहीं, मदरसा अध्यक्ष तनवीर आलम ने कहा कि प्रबंध समिति का गठन पूरी पारदर्शिता के साथ ग्रामीणों की उपस्थिति में किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता को पूर्व में नोटिस देकर बुलाया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए और अब निराधार आरोप लगाकर समिति को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग वर्ष 2015 से लगातार हर समिति का विरोध करते रहे हैं। इस बार ग्रामीणों ने उन्हें चुना है, इसलिए उन्हें विश्वास है कि विभागीय जांच के बाद न्यायपूर्ण निर्णय सामने आएगा।
जांच के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की कि सैकड़ों ग्रामीणों की सहमति से गठित वर्तमान समिति को ही मदरसे के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
जांच के बाद डीपीओ राज कमल ने बताया कि मदरसे में नई प्रबंध समिति के गठन को लेकर विवाद की शिकायत प्राप्त हुई थी। दोनों पक्षों की बातें सुनने एवं आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड को भेजी जाएगी। बोर्ड के निर्णय के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Shabbir Alam
    Shabbir Alam
    Local News Reporter पोठिया, किशनगंज, बिहार•
    19 hrs ago
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