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पिनाहट क्षेत्र के अंतर्गत अर्जुन पुरा नहर पुलिया के पास एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक दबंग शराब ठेका संचालक और उसके गुर्गों ने एक युवक को बेरहमी से पीटा है। हमलावरों ने लाठी-डंडों, सरियों और लोहे के पाइप का इस्तेमाल करते हुए युवक पर जमकर वार किए, जिससे उसके शरीर की चमड़ी तक उधड़ गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस जानलेवा मारपीट के बाद युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं। सूचना मिलने पर परिजनों ने मौके पर पहुँचकर युवक को गंभीर अवस्था में पिनाहट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया है।
प्रभु दयाल वर्मा
पिनाहट क्षेत्र के अंतर्गत अर्जुन पुरा नहर पुलिया के पास एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक दबंग शराब ठेका संचालक और उसके गुर्गों ने एक युवक को बेरहमी से पीटा है। हमलावरों ने लाठी-डंडों, सरियों और लोहे के पाइप का इस्तेमाल करते हुए युवक पर जमकर वार किए, जिससे उसके शरीर की चमड़ी तक उधड़ गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस जानलेवा मारपीट के बाद युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं। सूचना मिलने पर परिजनों ने मौके पर पहुँचकर युवक को गंभीर अवस्था में पिनाहट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया है।
- AGRA NEWS NETWORKआगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश👏7 hrs ago
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- खैरागढ़ में हुई फायरिंग की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। इस कांड से जुड़े एक आरोपी को घायल अवस्था में पाया गया है, जबकि दूसरे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।1
- आगरा में स्व. श्री नाथूराम वर्मा जी की 9वीं भावपूर्ण श्रद्धांजलि मनाई गई। इस अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए जिला अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ गुड्डू दयाल वर्मा, महेश कुमार जाटव, आगरा ग्रामीण विधायक प्रत्याशी रामगोपाल वर्मा, सपा नेता राघव सिंह, लोकपाल परमाल सिंह, रामलखन वर्मा, सोनू वर्मा, अजय वर्मा निषाद और विजय वर्मा सहित अन्य लोग पहुंचे।1
- फतेहाबाद तहसील मुख्यालय पर शनिवार, 6 जून को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम स्वाति शर्मा ने जनता की समस्याओं को सुना। इस दौरान विभिन्न विभागों से कुल 32 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 3 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। समाधान दिवस के दौरान, निवोहरा के ग्राम समंश का पुरा और फतेहाबाद के ग्राम खंडेर के ग्रामीणों ने गांव में तालाब का पानी ओवरफ्लो होने के कारण हुई जलभराव की गंभीर समस्या उठाई। इस पर एसडीएम ने संबंधित खंड विकास अधिकारी को तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर तहसीलदार बब्लेश कुमार, नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार, खंड विकास अधिकारी रजत कुशवाहा, और उपखंड अधिकारी गौरव राजपूत सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
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- फ़िरोज़ाबाद में मुहर्रम की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं, जहाँ शहर अपनी मशहूर कांच की चूड़ियों से बने ताजियों और रामपुर नवाब के सोने के ताजिये की विरासत को सँजोकर रखता है। इन तैयारियों के बीच, शिया-सुन्नी समाज ने एक बड़ी बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में समुदाय ने प्रशासन से साफ़-सफ़ाई, बिजली और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की पुरज़ोर माँग की है ताकि मुहर्रम के आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हो सकें।1
- मथुरा में पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण अभियान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एक दिन पहले बड़े छायादार पेड़ों को काट दिया गया, जबकि अगले दिन हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान लगाए जाने वाले पौधे जमीन पर लावारिस पड़े मिले। यह घटना गढ़ाया लत्तीपुर और यमुना तट पर सामने आई है, जहां दावों और ज़मीनी हकीकत में बड़ा विरोधाभास देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, जहां 100 पौधे लगाने का दावा किया गया था, वहीं मौके पर दर्जनों पौधे रोपे बिना ही ज़मीन पर बिखरे पड़े मिले और उन्हें सूखने के लिए छोड़ दिया गया। पुराने पेड़ गायब हैं और जो नए पौधे थे, वे भी बेहाल स्थिति में पाए गए। इस स्थिति ने 'फोटो सेशन या पर्यावरण संरक्षण' और 'पेड़ काटकर पौधे लगाने का खेल' जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूछा जा रहा है कि इस लापरवाही का ज़िम्मेदार कौन है, क्योंकि गड्ढे खोदने के बाद भी पौधों को रोपा नहीं गया। यमुना किनारे उठी इन शंकाओं के बीच, इस घटना को वृक्षारोपण के नाम पर 'खानापूर्ति' करार दिया जा रहा है, जिससे पर्यावरण दिवस के वास्तविक उद्देश्य पर ही प्रश्नचिह्न लग गया है।2
- फतेहाबाद के ग्राम कृपालपुरा में 6 जून को तालाब के ओवरफ्लो पानी और घरों से निकलने वाले गंदे पानी के सड़क पर भरने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में जलभराव और गंदगी के अंबार लगने से आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे लोग काफी हताश हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या कोई नई नहीं बल्कि कई वर्षों से बनी हुई है, जिसकी शिकायतें बार-बार की गई हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इस जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बहुत बढ़ गया है, जिससे गांव में किसी गंभीर बीमारी के फैलने की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है। खासतौर पर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को इस गंदे पानी से होकर निकलने में सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस विकट समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने शनिवार को एसडीएम फतेहाबाद और अन्य अधिकारियों से शिकायत की और तत्काल सफाई व जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की। ग्रामीणों ने अपना रोष जताते हुए यह चेतावनी भी दी है कि यदि उन्हें जल्द ही इस समस्या से राहत नहीं मिली तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस संबंध में ग्राम प्रधान बंटी कुशवाह ने बताया कि जलभराव की स्थिति को देखते हुए पानी निकासी की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही जमा पानी को निकालकर पूरे गांव को जलभराव से मुक्त कर दिया जाएगा। हालांकि, ग्रामीण अभी भी सशंकित हैं और उनका कहना है कि अगर जल्द ही कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो गांव में एक गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।1
- अभिजीत दिपाके ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के चांदबनी गांव में 17 वर्षीय मासूम साक्षी कोली पर कुल्हाड़ी से 20 वार हमला किया गया है, जिसे अत्यंत दुखद, निंदनीय और चिंताजनक घटना बताया गया है। इस घटना के बाद, राज्य में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नहीं, बल्कि 'जंगलराज' चल रहा है। यह घटना #BJPGovernment और #बीजेपी_डबल_इंजन_सरकार_में_बेटियों_का_हाल हैशटैग के साथ सामने आई है, जो बेटियों की सुरक्षा पर सवाल उठा रही है। राजेश शाक्य द्वारा इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया है कि यह हमला केवल एक परिवार पर नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जब बहन बेटियां अपने ही गांव और समाज में सुरक्षित नहीं हैं, तो शासन-प्रशासन के दावों की वास्तविकता सामने आ जाती है। उन्होंने मांग की है कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित बिटिया और उसके परिवार को हर संभव सुरक्षा और सहायता प्रदान की जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित बहन को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने और दोषियों को कठोरतम सजा सुनिश्चित करने की बात कही गई है। यह भी जोर दिया गया है कि महिलाओं की सुरक्षा केवल भाषणों और नारों से नहीं, बल्कि प्रभावी कानून व्यवस्था और त्वरित न्याय से ही सुनिश्चित होती है। ऐसी घटनाएं बेटियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार तंत्र की संवेदनशीलता और सक्रियता पर विचार करने को मजबूर करती हैं। जल्द से जल्द बहन के स्वस्थ होने की मंगल कामना भी की गई है।1