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बेतिया जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने जिलेवासियों से सहयोग शिविर में पहुँचने की अपील की है। इसका मकसद उनकी समस्याओं का समाधान करना और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाना है।
Rs News Network
बेतिया जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने जिलेवासियों से सहयोग शिविर में पहुँचने की अपील की है। इसका मकसद उनकी समस्याओं का समाधान करना और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाना है।
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- बेतिया जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने जिलेवासियों से सहयोग शिविर में पहुँचने की अपील की है। इसका मकसद उनकी समस्याओं का समाधान करना और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाना है।1
- नौतन बनकटवा में कार और मोटरसाइकिल में टक्कर दो आदमी घायल नौतन बनकटवा में कार और मोटरसाइकिल में टक्कर दो आदमी घायल - ग्रामीणों में आक्रोश उचित इलाज़ की मांग1
- Post by Bhulan Kumar1
- बेतिया समाहरणालय में जिला पदाधिकारी तरण जोत ने जन सुनवाई कार्यक्रम में लोगों की शिकायतें सुनीं। सात निश्चय-3 के 'सबका सम्मान जीवन आसान' पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद से पहुंचे।1
- आबकारी पुलिस ने मझौलिया के अहवर कुड़िया पंचायत में छापेमारी कर 10 लीटर चुलाई शराब और 'फ्रूटी' के साथ तनु हवारी नामक धंधेबाज को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई गुप्त सूचना पर की गई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।1
- बेतिया जिले में 19 मई से 'सहयोग शिविर' आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी निपटारा करना है। इस शिविर में राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण योजनाओं से जुड़ी शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपनी शिकायतें लेकर इस शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।1
- पश्चिमी चंपारण के बेतिया में एक दादी 12 मॉडल बंदूकें चलाने में माहिर हैं, जिसने सबको चौंका दिया है। उनके इस हैरतअंगेज कारनामे को सुनकर इलाके में जबरदस्त चर्चा हो रही है।1
- पश्चिम चंपारण के कालीबाग में एक नागरिक के घर से दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्र सहित कई दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियाँ मिली हैं। इन अमूल्य सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए जिला पदाधिकारी स्वयं अवलोकन करने पहुंचे। अब इन पांडुलिपियों को ‘ज्ञान भारतम’ ऐप पर अपलोड कर डिजिटली संरक्षित किया गया है ताकि आने वाली पीढ़ियां भी भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सकें।1