भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने नीट पेपर लीक मामले को गलत दिशा देकर देश के युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है। भाजपा जिला कार्यालय पर रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कांग्रेस के इतिहास की तुलना वर्तमान भाजपा सरकार की कार्यशैली से की और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। सांसद जोशी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें एक "फेलियर स्टूडेंट" बताया, जो देश की जनता के सामने खुद को साबित नहीं कर पाए हैं। उन्होंने राजस्थान के पिछले घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए जनता को कांग्रेस और भाजपा के बीच का अंतर समझाया। जोशी ने दावा किया कि कांग्रेस के राज में राजस्थान में लगभग 19 बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस सरकार में पेपर लीक होते थे, तो 'राजीव गांधी स्टडी सर्कल' से जुड़े कांग्रेस के बड़े नेता और सरकारी एजेंसी में पदस्थ उनके पदाधिकारी व सदस्य खुद इसमें शामिल होते थे, और पेपर लीक माफियाओं को सरकार का संरक्षण प्राप्त था, जिस वजह से उनकी गिरफ्तारियां नहीं होती थीं। वर्तमान नीट मामले और युवाओं के भविष्य को लेकर सांसद जोशी ने भाजपा सरकार की मुस्तैदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य की चिंता करते हुए सरकार ने पहली बार देश के इतिहास में एक अनूठी और सुरक्षित पहल की है, जिसमें सेना के प्लेन के माध्यम से पेपर्स को सुरक्षित जगहों तक पहुँचाया गया ताकि बेहतर और अचूक मॉनिटरिंग की जा सके। जोशी ने स्पष्ट किया कि जहाँ कांग्रेस के समय में धांधली करने वालों को शह मिलती थी, वहीं आज की सरकार में पारदर्शिता को सर्वोपरि रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में जो भी दोषी पाया गया है, उसके खिलाफ तुरंत कड़ा एक्शन लिया गया है और आगे भी पूरी पारदर्शिता के साथ जांच जारी है। अंत में, जोशी ने दोहराया कि एक तरफ कांग्रेस राज में अपराधियों की भागीदारी और संरक्षण का दौर था, और दूसरी तरफ आज युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करने वाली भाजपा की सरकार है। यह जानकारी भाजपा प्रवक्ता अंकुर बोरदिया ने रविवार शाम करीब 4 बजे दी।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने नीट पेपर लीक मामले को गलत दिशा देकर देश के युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है। भाजपा जिला कार्यालय पर रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कांग्रेस के इतिहास की तुलना वर्तमान भाजपा सरकार की कार्यशैली से की और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। सांसद जोशी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें एक "फेलियर स्टूडेंट" बताया, जो देश की जनता के सामने खुद को साबित नहीं कर पाए हैं। उन्होंने राजस्थान के पिछले घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए जनता को कांग्रेस और भाजपा के बीच का अंतर समझाया। जोशी ने दावा किया कि कांग्रेस के राज में राजस्थान में लगभग 19 बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस सरकार में पेपर लीक होते थे, तो 'राजीव गांधी स्टडी सर्कल' से जुड़े कांग्रेस के बड़े नेता और सरकारी एजेंसी में पदस्थ उनके पदाधिकारी व सदस्य खुद इसमें शामिल होते थे, और पेपर लीक माफियाओं को सरकार का संरक्षण प्राप्त था, जिस वजह से उनकी गिरफ्तारियां नहीं होती थीं। वर्तमान नीट मामले और युवाओं के भविष्य को लेकर सांसद जोशी ने भाजपा सरकार की मुस्तैदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य की चिंता करते हुए सरकार ने पहली बार देश के इतिहास में एक अनूठी और सुरक्षित पहल की है, जिसमें सेना के प्लेन के माध्यम से पेपर्स को सुरक्षित जगहों तक पहुँचाया गया ताकि बेहतर और अचूक मॉनिटरिंग की जा सके। जोशी ने स्पष्ट किया कि जहाँ कांग्रेस के समय में धांधली करने वालों को शह मिलती थी, वहीं आज की सरकार में पारदर्शिता को सर्वोपरि रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में जो भी दोषी पाया गया है, उसके खिलाफ तुरंत कड़ा एक्शन लिया गया है और आगे भी पूरी पारदर्शिता के साथ जांच जारी है। अंत में, जोशी ने दोहराया कि एक तरफ कांग्रेस राज में अपराधियों की भागीदारी और संरक्षण का दौर था, और दूसरी तरफ आज युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करने वाली भाजपा की सरकार है। यह जानकारी भाजपा प्रवक्ता अंकुर बोरदिया ने रविवार शाम करीब 4 बजे दी।
- गंगरार कस्बे में स्थानीय विधायक बेगू सुरेश धाकड़ ने विभिन्न गाँवों में सराय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर, उन्होंने भारतीय सेना में चयनित हुए युवाओं को बधाई दी और उनके सम्मान में एक रैली भी निकाली।1
- क्षत्रिय कुमावत समाज विकास समिति शाहपुरा द्वारा रविवार को समाज छात्रावास में क्षेत्र के पांच नव चयनित अग्निवीर सैनिकों के लिए एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य देश की रक्षा करने वाले इन वीर जवानों का हौसला बढ़ाना था, जो हाल ही में छह माह का कठोर सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर पहली बार अपने घर लौटे थे। इस दौरान पूरा पांडाल 'भारत माता की जय' के जयकारों से गूंज उठा, जिससे वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। समिति अध्यक्ष भंवरलाल धमाणिया ने जानकारी दी कि समाज के पांच होनहार युवाओं का चयन अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में हुआ था। समारोह की शुरुआत माँ भारती और आराध्य सत्यनारायण भगवान के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई, जिसमें सैकड़ों समाज बंधु उपस्थित थे। पांचों सैनिकों ने बारी-बारी से भारत माता को सलामी दी। सम्मानित होने वाले अग्निवीर सैनिक थे सुनील कुमावत (श्रीनगर), विनोद कुमावत (मालखेड़ा), अशोक कुमावत (शंभूपुरा), योगेश कुमावत (कोठियां) और अशोक कुमावत (गणेशपुरा), जिनका 'जय घोष' के साथ अभिनंदन किया गया। समारोह को धानेश्वर चौखला के पूर्व अध्यक्ष रामनारायण भदाणिया, धानेश्वर अध्यक्ष सत्यनारायण कांकर, महामंत्री एडवोकेट शिवराज ओस्तवाल, मिश्रीलाल, हेमेंद्र, जिला परिषद सदस्य बालूराम डूंगरवाल और डॉ. ओमप्रकाश सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने युवाओं में देश सेवा के जज्बे को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और उम्मीद जताई कि भविष्य में समाज से और भी अधिक युवा देश सेवा के लिए आगे आएंगे। इस अवसर पर सभी अग्निवीर सैनिकों को माला और उपरना पहनाकर सम्मानित किया गया, और उनके साथ ही उनके माता-पिता का भी विशेष सम्मान किया गया, जिन्होंने अपने बच्चों को देश सेवा के लिए समर्पित किया है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. परमेश्वर मांडेला ने किया और सचिव कैलाश डौराया ने सभी का परिचय करवाया। समिति अध्यक्ष भंवरलाल धमाणिया ने समारोह में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इस भव्य आयोजन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओंकार लाल कांकर, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र देवतवाल, सदस्य सांवरलाल भदाणिया, सांवरिया मांडेला, महावीर धमाणिया, कैलाश दौबलदिया, महावीर तलाईचा, रमेश पूछेरिया, हीरालाल, महावीर कांकर, रामस्वरूप कांकर, शम्भू लाल, कैसरमल बाथरा, ओमप्रकाश देवतवाल और माही फोटोग्राफर सहित सैकड़ों समाज बंधु उपस्थित रहे।3
- भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत खाखला में कथित पट्टा घोटाले के एक बड़े मामले ने पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक हलचल मचा दी है। जिला परिषद की जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासों के बाद, पूर्व सरपंच और वर्तमान प्रशासक रतनलाल स्वर्णकार, संबंधित वार्ड पंचों और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला परिषद ने सात दिन के भीतर दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराने और न्यायालय में कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, सरपंच पद पर रहते हुए रतनलाल स्वर्णकार ने अपने ही परिवार को लाभ पहुंचाया। उन्होंने अपनी पत्नी, पुत्रों और पुत्रवधू के नाम पर भूखंडों के पट्टे जारी कर दिए, और नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी के बावजूद उन्हें ताक पर रखकर परिवार को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि एक ही परिवार को एक से ज्यादा भूखंड आवंटित किए गए, जिसमें सरपंच के पुत्र के नाम सड़क किनारे का एक कीमती व्यावसायिक भूखंड भी शामिल है। भूमि विक्रय से जुड़ी आवश्यक स्वीकृतियां भी नहीं ली गईं, जिससे पूरी आवंटन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह जरूरतमंदों का हक छीनकर अपनों को फायदा पहुंचाने का स्पष्ट मामला है। शिकायतकर्ता रतनलाल जाट की शिकायत पर गठित जांच समिति ने रिकॉर्ड की गहन छानबीन के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें पंचायतीराज नियम 156, 157 और 167 के उल्लंघन की पुष्टि की गई। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में भूचाल आ गया है और कई जिम्मेदार अधिकारियों की नींद उड़ गई है। जिला परिषद ने सहाड़ा के विकास अधिकारी को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे सात दिन के भीतर सक्षम न्यायालय में निगरानी दर्ज कराएं और दोषियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाएं। चेतावनी दी गई है कि यदि इस समय-सीमा में कार्रवाई नहीं की गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले के खुलासे के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। गांव में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही हैं, तो वर्षों तक यह घोटाला किसके संरक्षण में चलता रहा। लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि जनता के अधिकारों से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। खाखला पट्टा घोटाले ने फिलहाल पूरे जिले की राजनीति और प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है, और सबकी निगाहें इस सवाल पर टिकी हैं कि क्या सात दिन के भीतर एफआईआर दर्ज होगी और जिम्मेदारों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा, या फिर यह मामला फाइलों में ही दब जाएगा। इस बड़े एक्शन और एफआईआर के आदेश से गांव में खुशी की लहर है।1
- भीलवाड़ा से कोटड़ी को जोड़ने वाले मार्ग की हालत इतनी खस्ता है कि लोगों को इस पर चलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की दयनीय स्थिति के कारण लोग इस पर सुगमता से आवागमन नहीं कर पा रहे हैं।4
- आयुष हॉस्पिटल में दर्द से जुड़ी कहानियों का सफल इलाज अब बिना किसी ऑपरेशन के पंचकर्म थेरेपी के माध्यम से किया जा रहा है। अस्पताल का दावा है कि इस विधि से मरीजों को प्रभावी राहत मिल रही है और वे खुद अपनी जुबानी में इलाज की सफलता की बात कह रहे हैं।1
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- चित्तौड़गढ़ जिले में वन्यजीव संरक्षण और जनस्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को महत्वपूर्ण गति मिली है। बस्सी वन विभाग ने एक अजगर का सफल रेस्क्यू कर वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में अपनी सक्रियता दिखाई है। इसी क्रम में, जनस्वास्थ्य के मोर्चे पर, जिला कलक्टर ने पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया, जिससे इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को नई ऊर्जा मिली है।1
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