पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक खबर सामने आई है। भसुरारी पेट्रोल पंप के पास खेलते हुए 14 वर्षीय भुलाई पटेल अचानक हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया। करंट लगते ही मासूम बच्चा दर्द से बुरी तरह तड़प उठा और चीखता रहा, जिससे वह लगभग 60 प्रतिशत तक गंभीर रूप से झुलस गया। घटनास्थल पर कुछ ही पलों में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन अफसोस की बात यह रही कि मदद करने के बजाय कई लोग अपने मोबाइल से बच्चे का वीडियो बनाने और रील तैयार करने में व्यस्त दिखाई दिए। इसी असंवेदनशील भीड़ के बीच, गांव के मनोज कुमार ने इंसानियत की मिसाल पेश की और अपनी जान की परवाह किए बिना, एक साथी के साथ मिलकर घायल बच्चे को तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल, नरकटियागंज पहुंचाया। डॉक्टरों ने बच्चे को प्राथमिक उपचार देने के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया, जहां चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार के अनुसार बच्चा करीब 60 प्रतिशत झुलस चुका है और उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। इस दर्दनाक घटना के बाद पीड़ित बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे क्षेत्र में मनोज कुमार की बहादुरी और संवेदनशीलता की जमकर सराहना हो रही है। यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल छोड़ जाती है कि ऐसे गंभीर समय में किसी की जान बचाना ज्यादा ज़रूरी है या फिर वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर डालना, लेकिन मनोज कुमार जैसे लोगों ने यह साबित कर दिया है कि इंसानियत आज भी ज़िंदा है।
पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक खबर सामने आई है। भसुरारी पेट्रोल पंप के पास खेलते हुए 14 वर्षीय भुलाई पटेल अचानक हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया। करंट लगते ही मासूम बच्चा दर्द से बुरी तरह तड़प उठा और चीखता रहा, जिससे वह लगभग 60 प्रतिशत तक गंभीर रूप से झुलस गया। घटनास्थल पर कुछ ही पलों में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन अफसोस की बात यह रही कि मदद करने के बजाय कई लोग अपने मोबाइल से बच्चे का वीडियो बनाने और रील तैयार करने में व्यस्त दिखाई दिए। इसी असंवेदनशील भीड़ के बीच, गांव के मनोज कुमार ने इंसानियत की मिसाल पेश की और अपनी जान की परवाह किए बिना, एक साथी के साथ मिलकर घायल बच्चे को तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल, नरकटियागंज पहुंचाया। डॉक्टरों ने बच्चे को प्राथमिक उपचार देने के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया, जहां चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार के अनुसार बच्चा करीब 60 प्रतिशत झुलस चुका है और उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। इस दर्दनाक घटना के बाद पीड़ित बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे क्षेत्र में मनोज कुमार की बहादुरी और संवेदनशीलता की जमकर सराहना हो रही है। यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल छोड़ जाती है कि ऐसे गंभीर समय में किसी की जान बचाना ज्यादा ज़रूरी है या फिर वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर डालना, लेकिन मनोज कुमार जैसे लोगों ने यह साबित कर दिया है कि इंसानियत आज भी ज़िंदा है।
- भाकपा (माले) रेड फ्लैग की नौतन अंचल कमेटी ने शनिवार को दोपहर करीब एक बजे बेतिया में जिला समाहर्ता के समक्ष सात सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना आयोजित किया। यह धरना अवधेश राम की अध्यक्षता में हुआ, जिसे राज्य सचिव रवीन्द्र कुमार 'रवि' ने संबोधित किया। अपने संबोधन में रवीन्द्र कुमार 'रवि' ने प्रमुखता से भूमिहीनों को बेतिया राज की जमीन पर वासगीत अधिकार देने, सरकारी जमीन पर वर्षों से बसे गरीबों को मालिकाना हक प्रदान करने, वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन को बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह करने तथा नरकटियागंज, सुगौली, रक्सौल और मोतिहारी से पटना के लिए 10 जोड़ी अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की मांग उठाई। वहीं, अंचल सचिव प्रमिला देवी ने नौतन के 279 भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन आवंटित करने की लंबित मांग पूरी न होने पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। इस धरने के दौरान, भाकपा (माले) रेड फ्लैग ने अपनी इन मांगों को लेकर आगामी 20 अगस्त को विधानसभा घेराव करने की भी घोषणा की। धरने के समापन पर, मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक सात सूत्री ज्ञापन अंचलाधिकारी को सौंपा गया।1
- पष्चिम चंपारण के समाहरणालय सभागार में 4 जुलाई, 2026 को माननीय जिला पदाधिकारी श्री तरण जोत सिंह ने उद्यमियों के साथ एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर, उद्यमियों ने खुलकर अपने सुझाव साझा किए और अपनी विभिन्न समस्याओं से जिला प्रशासन को अवगत कराया।1
- मझौलिया से एक बोलेरो गाड़ी सहित 1 क्विंटल 26 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। इस कार्रवाई में दो गांजा तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।1
- बेतिया में मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेलखंड के बेतिया-मझौलिया सेक्शन के दोहरीकरण कार्य ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने वरिष्ठ रेल अधिकारियों की टीम के साथ इस रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण किया और 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न कराया। निरीक्षण के दौरान, सीआरएस ने ट्रैक, सिग्नल प्रणाली, इंटरलॉकिंग व्यवस्था, रेलवे क्रॉसिंग, स्टेशन परिसर और पैनल रूम सहित सभी तकनीकी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की भी बारीकी से जांच की। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ज्योति प्रकाश मिश्रा भी 11 ट्रॉली के काफिले के साथ बेतिया से मझौलिया स्टेशन तक ट्रैक का निरीक्षण करने पहुंचे, जहाँ उन्होंने बताया कि दोहरीकरण कार्य को अंतिम रूप देने के लिए सभी तकनीकी पहलुओं की जांच पूरी कर ली गई है। मझौलिया स्टेशन पर करीब दो घंटे 33 मिनट के निरीक्षण के बाद, शाम 3:55 बजे सीआरएस स्पेशल ट्रेन बेतिया के लिए रवाना हुई। इस दौरान ट्रेन को लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर स्पीड ट्रायल किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य ट्रैक की गुणवत्ता, स्थिरता और सुरक्षा मानकों का परीक्षण करना था। निरीक्षण और स्पीड ट्रायल के मद्देनजर, पूरे दिन बेतिया-मझौलिया रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से बंद रहा। इस अवसर पर सीनियर डिविजनल इंजीनियर विजय प्रकाश, सीएफओ शैलेन्द्र प्रसाद, सीईएनडी अनिल कुमार, सीनियर डीएन (समन्वय) संजय कुमार, डिप्टी चीफ इंजीनियर अजय कुमार, अधिशासी अभियंता निर्मल सलहाता सहित रेलवे एवं निर्माण एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सफल निरीक्षण और स्पीड ट्रायल के बाद बेतिया-मझौलिया दोहरी रेललाइन पर जल्द ही नियमित परिचालन शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है, जिससे इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और यात्रियों के साथ-साथ मालगाड़ियों के संचालन में भी सुविधा मिलेगी।1
- मझौलिया थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1 क्विंटल 24 किलो 600 ग्राम गांजा बरामद किया है। इस दौरान पुलिस ने गांजे के साथ एक बोलेरो वाहन जब्त किया और दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया। पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि पुलिस को चैलाभार क्षेत्र से एक बोलेरो में भारी मात्रा में गांजा की खेप ले जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वाहन की घेराबंदी कर जांच की। तलाशी के दौरान, बोलेरो (रजिस्ट्रेशन संख्या BR-06P-8648) से कुल 10 बोरियों में रखा गया 1 क्विंटल 24 किलो 600 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसके बाद गांजा और बोलेरो दोनों को जब्त कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान दीपक प्रसाद (पिता पारस साह, निवासी कौड़ीहार चौक, रक्सौल जिला पूर्वी चंपारण) और अनुज कुमार (पिता पन्नालाल पासवान, निवासी आईटीआई, बेतिया पश्चिम चंपारण) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपितों से गांजा की खेप के स्रोत, गंतव्य और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की है। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपितों का मेडिकल परीक्षण कराकर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा की इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। इस पूरी कार्रवाई को मझौलिया पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।2
- सांसद पप्पू यादव ने पिपराकोठी पहुंचकर किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना। इस दौरान उन्होंने किसानों के मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए सरकार पर निशाना साधा और उनसे इन समस्याओं का समाधान करने की मांग की। पप्पू यादव के इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और उनके समर्थक मौजूद रहे। इस दौरे को किसानों के समर्थन में उनके एक बड़े ऐलान के तौर पर देखा जा रहा है।1
- शनिवार को नौतन के विधायक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री नारायण प्रसाद के आवास पर एक डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बेतिया के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने सहभागिता की, जहाँ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सांसद डॉ. जायसवाल ने कार्यकर्ताओं से आत्मीय मुलाकात की और संगठन को मजबूत करने, डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग करने तथा जनसंपर्क को बेहतर बनाने जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की। डॉ. जायसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में डिजिटल माध्यम संगठन और आम जनता के बीच संवाद का सबसे शक्तिशाली साधन बन गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करें ताकि सरकार की योजनाओं और संगठन की गतिविधियों को आम लोगों तक पहुँचाया जा सके। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने भी अपने सुझाव और अनुभव साझा किए, जबकि विधायक नारायण प्रसाद ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को संगठन के लिए बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।1
- नरकटियागंज से पशु क्रूरता की एक ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार देर रात शिकारपुर थाना क्षेत्र के मझरिया गाँव में एक छोटे पिकअप वाहन में 12 मवेशियों को बेरहमी से ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा था। वाहन के भीतर बेजुबान जानवरों की हालत बेहद दयनीय थी; वे न तो ठीक से खड़े हो पा रहे थे और न ही हिल-डुल पा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप वाहन को दो मंजिला ढंग से संशोधित किया गया था ताकि मवेशियों को बेहद अमानवीय तरीके से ठूंसा जा सके, जिससे अंदर दम घुटने जैसी स्थिति बन गई थी। लंबे समय तक इस हालत में रहने के कारण कई मवेशियों की स्थिति गंभीर हो गई थी और वाहन से उतारे जाने के बाद वे अपने पैरों पर खड़े तक नहीं हो पा रहे थे। ग्रामीणों की नजर जैसे ही इस संदिग्ध पिकअप वाहन पर पड़ी, उन्होंने उसे रोकने का प्रयास किया। हालांकि, खुद को घिरता देख पशु तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वाहन के टायरों की हवा निकाल दी और तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर शिकारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और पिकअप वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है, वहीं ग्रामीणों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और इस पशु क्रूरता में शामिल लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।1