Shuru
Apke Nagar Ki App…
सबसे ज़्यादा दर्द किसका होता है? कभी-कभी दर्द धोखे से नहीं… उम्मीद टूटने से होता है… जब वो इंसान बदल जाए जिसे हमने अपना रब माना हो… अगर ये सवाल दिल में उतर गया हो तो Khamosh Alfaaz से जुड़ जाना ❤️ कमेंट में सच बताओ — ज़्यादा दर्द किसका होता है? बेवफाई / बदल जाना 💔
Khamosh Alfaaz
सबसे ज़्यादा दर्द किसका होता है? कभी-कभी दर्द धोखे से नहीं… उम्मीद टूटने से होता है… जब वो इंसान बदल जाए जिसे हमने अपना रब माना हो… अगर ये सवाल दिल में उतर गया हो तो Khamosh Alfaaz से जुड़ जाना ❤️ कमेंट में सच बताओ — ज़्यादा दर्द किसका होता है? बेवफाई / बदल जाना 💔
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जिला लखीमपुर क्षेत्र निघासन रोड गांव लुधौरी चौराहे से लग भाग 10 मीटर की दूरी पर हुआ एक्सीडेंट बहुत ही ख़तरनाक राजकुमार जाटव जी की रिपोर्ट2
- कभी-कभी दर्द धोखे से नहीं… उम्मीद टूटने से होता है… जब वो इंसान बदल जाए जिसे हमने अपना रब माना हो… अगर ये सवाल दिल में उतर गया हो तो Khamosh Alfaaz से जुड़ जाना ❤️ कमेंट में सच बताओ — ज़्यादा दर्द किसका होता है? बेवफाई / बदल जाना 💔1
- लखीमपुर खीरी जिले के ढखेरवा में आयोजित तीन दिवसीय विराट कुश्ती प्रतियोगिता के पहले दिन ही दंगल मैदान दर्शकों से खचाखच भर गया। पारंपरिक अखाड़े में पहलवानों के दमखम और दांव-पेंच देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। दंगल प्रतियोगिता का शुभारंभ लोकप्रिय ब्लॉक प्रमुख अमित वर्मा ने फीता काटकर किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कुश्ती भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और ऐसे आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। पहले दिन कुल 18 पहलवानों के बीच जोरदार मुकाबले हुए, जिसमें 9 कुश्तियां संपन्न कराई गईं। इनमें से 7 कुश्तियों में पहलवानों ने शानदार दांव-पेंच के दम पर जीत दर्ज की, जबकि 2 कुश्तियां बराबरी पर छूटीं, जिससे दर्शकों का रोमांच चरम पर रहा। इस विराट कुश्ती प्रतियोगिता में पड़ोसी देश नेपाल सहित राजस्थान, अयोध्या, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, चंबल, पंजाब, हरियाणा और बनारस से आए नामी पहलवानों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता को देखने के लिए ढखेरवा चौराहा समेत आसपास के गांवों से हजारों दर्शक मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में मेले जैसा माहौल देखने को मिला।4
- Post by Mukesh Kumar1
- लखीमपुर खीरी। भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम सोना खुर्द निवासी महिला ने जमीन विवाद में मारपीट का आरोप लगाते हुए महिला एसपी कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- मझ गई रेंज के चौखड़ा फार्म में हाथियों का कहर जारी, खून पसीना बहा कर बोई गई फसल को हाथियों ने रौंदा।1
- दुधवा रोड पर खाद्य सुरक्षा मानकों की उड़ रही धज्जियां, फूड विभाग फेर रहा नजरें पलियाकलां-खीरी। पलिया नगर के दुधवा रोड पर संचालित होटलों में मानक के विपरीत भोजन परोसे जाने का मामला लगातार सामने आ रहा है, लेकिन हैरत की बात यह है कि अब तक फूड विभाग की नजर इन पर नहीं पड़ी। नगर की प्रमुख सड़क पर दर्जनों होटल व ढाबे संचालित हो रहे हैं, जहां न तो साफ-सफाई का ध्यान रखा जा रहा है और न ही खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। इन होटलों में घटिया गुणवत्ता का खाना परोसकर ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके अलावा यहां आने वाले ग्राहकों से खुलेआम मनमाने ढंग से कीमत वसूली की जा रही है। यही हाल दुधवा रोड पर ग्राम वंशीनगर में स्थित महक फैमिली रेस्टोरेंट का है। यहां एक साधारण रोटी के 20 रुपये वसूले जा रहे हैं और वही रोटी मक्खन लगाकर 25 रुपये की दी जा रही है, जबकि अन्य होटलों पर मक्खन की एक टिक्की 15 रुपये की होती है, जो कम से कम चार रोटियों में लग जाती है। पलिया नगर के किसी भी होटल में इतना अधिक पैसा नहीं लिया जाता है। हर होटल में 10 रुपये की रोटी दी जाती है और मक्खन लगाकर वही 15 रुपये की होती है। पलिया में सबसे मसहूर और स्वादिष्ट खाना परोसने वाले मिलन होटल पर भी 10 रुपये की सादा और 15 रुपये की मक्खन रोटी दी जाती है और अरहर की हाफ दाल 60 रुपये की मिलती है, लेकिन महक फैमिली रेस्टोरेंट पर दाल भी 120, 150 रुपये में दी जाती है, जो प्योर अरहर की होती भी नहीं है। इसके अलावा एक क्वाटर चावल की कीमत 30 रुपये वसूली जा रही है, जबकि अन्य होटलों पर क्वाटर चावल की कीमत 15 रुपये होती है। कुल मिलाकर यहां पर खुलेआम जनता से लूट की जा रही है और फूड विभाग मौन साधे हुए है। बता दें कि दुधवा राष्ट्रीय उद्यान को जाने वाले इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक गुजरते हैं। बाहर से आने वाले पर्यटकों की मजबूरी का फायदा उठाकर होटल संचालक जमकर लूट कर रहे हैं। पर्यटक भी मजबूरी में महंगे दाम चुकाने को विवश हैं, क्योंकि आसपास वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। फूड विभाग की निष्क्रियता के चलते होटल संचालकों के हौसले बुलंद हैं और वे नियमों को ताक पर रखकर कारोबार कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि दुधवा रोड पर संचालित सभी होटलों की सघन जांच कराई जाए, खाद्य गुणवत्ता की जांच हो तथा मनमानी वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पर्यटकों और आम लोगों को राहत मिल सके।1
- #सिगरेट_जलाई_थी👀तेरी_याद_भुलाने_को_😭मगर_कमबख्त_धुए_ने👰🏻♀तेरी_तस्वीर_बना_डाली😔💔🥀1