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जयपुर जिले के शाहपुरा शहर में स्थित तमिया धाम के श्री गोविन्द देव जी मन्दिर में 'सवालक्ष पार्थिव शिव लिंग रुद्राभिषेक महायज्ञ' के तत्वावधान में आयोजित होने वाले विशाल 51 कुण्डात्मक नवदिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ एवं संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। इस भव्य धार्मिक महोत्सव का शुभारंभ एक भव्य कलश यात्रा के साथ हो गया है। कलश यात्रा के इस पहले दिन ही मंदिर में दश विधि स्नान, वरुण पूजन, मण्डप प्रवेश और पंचांग पूजन जैसे मुख्य एवं महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे।
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जयपुर जिले के शाहपुरा शहर में स्थित तमिया धाम के श्री गोविन्द देव जी मन्दिर में 'सवालक्ष पार्थिव शिव लिंग रुद्राभिषेक महायज्ञ' के तत्वावधान में आयोजित होने वाले विशाल 51 कुण्डात्मक नवदिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ एवं संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। इस भव्य धार्मिक महोत्सव का शुभारंभ एक भव्य कलश यात्रा के साथ हो गया है। कलश यात्रा के इस पहले दिन ही मंदिर में दश विधि स्नान, वरुण पूजन, मण्डप प्रवेश और पंचांग पूजन जैसे मुख्य एवं महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे।
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- कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा क्षेत्र (विराटनगर विधानसभा क्षेत्र) के ग्राम लाड़ा का बास के वीर सपूत और भारतीय सेना के नायब सूबेदार क्लर्क बनवारी लाल खोजा का मेरठ कैंट में अपनी ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से आकस्मिक निधन हो गया है। सोमवार को हुए इस असामयिक निधन की खबर मिलते ही संपूर्ण क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार सुबह सैन्य सम्मान के साथ वीर सपूत के पार्थिव देह को पावटा के राजकीय उप जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उनके पैतृक गांव लाड़ा का बास तक एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, पूर्व सैनिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। रास्ते भर नम आंखों से लोगों ने "भारत माता की जय" और "नायब सूबेदार बनवारी लाल अमर रहें" के गगनभेदी नारे लगाकर वीर जवान को श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद भारतीय सेना के जवानों ने पूरे सैन्य प्रोटोकॉल के साथ उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया और गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। नायब सूबेदार बनवारी लाल खोजा अपने पीछे पत्नी, बेटा निशु खोजा और बेटी दीपा सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वह महज दो महीने पहले ही अपनी बेटी की शादी के लिए छुट्टी लेकर घर आए थे और ड्यूटी पर लौटते समय पत्नी से जल्द ही चार-पॉंच दिनों की छुट्टी लेकर वापस घर लौटने का वादा किया था। इस अपूरणीय क्षति पर संपूर्ण क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध जनों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।1
- राजस्थान ने साल 1952 के अकाल से लेकर 'राइजिंग राजस्थान' तक का एक लंबा और महत्वपूर्ण सफर तय कर लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार, प्रदेश की इस ऐतिहासिक विकास यात्रा में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की ही अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही है।1
- अलवर के बानसूर में स्थित आलमपुर गौशाला में जेसीबी मशीन चल रही है। गौशाला परिसर में इस मशीन के माध्यम से बहुत ही बढ़िया काम किया जा रहा है।1
- हरिद्वार में राजस्थानियों को मोक्ष दिलाने वाले ठेकेदार गोपाल तुम्बडीवाल के भाड़े के आदमियों की बेरहमी का एक हृदयविदारक मामला सामने आया है। जयपुर के जमवारामगढ़ की रहने वाली एक बेबस बुजुर्ग महिला अपने जवान बेटे की अस्थियां हाथ में लेकर पैसे कम कराने के लिए गिड़गिड़ाती नजर आ रही है। इस बेबस मां ने कुछ ही दिनों पहले अपने पति को खोया था और अब जवान बेटे की मौत के बाद वह अस्थि विसर्जन के लिए हाथ जोड़कर मिन्नतें कर रही है, लेकिन इन ठेकेदारों को किसी की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है। हरिद्वार में इन लोगों का ऐसा खौफ है कि वहां कोई भी व्यक्ति ₹6,000 से ₹7,000 से कम में अस्थि विसर्जन नहीं कर सकता। इन गुर्गों को इससे कोई मतलब नहीं है कि सामने वाले के घर में किसका देहांत हुआ है। इनका रोजाना का कलेक्शन ₹10 लाख से ₹12 लाख का है और इनके कई तरह के व्यापार चल रहे हैं। करोड़ों रुपये की दैनिक आमदनी वाले इन लोगों के नियंत्रण में हरिद्वार का पूरा शासन-प्रशासन है। जवान बेटे की मौत के बाद एक बूढ़ी मां को सिर्फ पैसे कम होने की वजह से अस्थि विसर्जन के लिए हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाना पड़े, इससे बड़ी और कोई पीड़ा नहीं हो सकती।1
- दौसा के सैंथल उपखंड क्षेत्र स्थित कुंडल मुख्यालय के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पुरोहिता का बास में देसाई फाउंडेशन ट्रस्ट और ग्राम चेतना केंद्र के सहयोग से चार दिवसीय समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिविर के दौरान बच्चों ने सबसे पहले योगाभ्यास कर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझा। इसके बाद आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधि में विद्यार्थियों ने आकर्षक कलाकृतियां तैयार कीं, जबकि विज्ञान मॉडल गतिविधि में विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल बनाकर अपनी वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मक क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। शिविर के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए देसाई फाउंडेशन ट्रस्ट के हेमंत कुमार शर्मा ने बताया कि इस समर कैम्प का मुख्य लक्ष्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। इसके माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मक सोच और सीखने की रुचि को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस आनंददायक और प्रेरणादायक माहौल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यालय स्टाफ के साथ-साथ देसाई फाउंडेशन ट्रस्ट और ग्राम चेतना केंद्र की टीम ने बच्चों का भरपूर उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर ग्राम चेतना केंद्र की ओर से गजराज सिंह, भरत सिंह और बबलू कुमार भी उपस्थित रहे।3
- जयपुर में आरटीओ अधिकारियों द्वारा लाइव ₹200 की रिश्वत ली गई है। इस मामले में आरटीओ अधिकारियों को सीधे तौर पर ₹200 की रिश्वत लेते हुए लाइव पकड़ा गया है।1
- जयपुर के वैशाली नगर थाना में तैनात एसआई आरती सिंह तंवर अपनी बेहतरीन कार्यशैली और कानून व्यवस्था को लेकर सक्रिय भूमिका के कारण चर्चा में बनी हुई हैं। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने, शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने और पुलिस की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसके साथ ही, आमजन से निरंतर संवाद बनाए रखने और संवेदनशील मामलों के सकारात्मक समाधान के प्रति उनके दृष्टिकोण की भी काफी सराहना की जाती है।1
- फिल्म '3 इडियट्स' में जिसे लूजर दिखाया गया था, वह असल जिंदगी में हीरो निकला है और फिल्म का हीरो असल जिंदगी में लूजर साबित हुआ है। दुनिया के लिए अब यह साफ तौर पर कहना पड़ता है कि '3 इडियट्स' का लूजर ही असल जिंदगी का असली हीरो है, जबकि फिल्म का हीरो असल जिंदगी में लूजर बन चुका है।1
- मध्यप्रदेश में दिनदहाड़े ट्रक चालकों से कथित अवैध वसूली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बैरिकेड्स लगाकर ट्रक चालकों से ₹200 की मांग की जा रही थी और पैसे नहीं देने पर चालान करने की धमकी दी जाती थी। इसी दौरान एक ट्रक चालक ने अपना मोबाइल कैमरा चालू कर संबंधित व्यक्ति से सीधे पूछा कि साफ-साफ बताइए क्या चाहिए। कैमरा ऑन होते ही वहां का माहौल बदल गया और वीडियो में कथित तौर पर लोग बैरिकेड्स हटाते हुए नजर आए। इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था और सड़क पर होने वाली कथित अवैध वसूली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है और संबंधित विभाग की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इससे आम नागरिकों और ट्रक चालकों का कानून व्यवस्था पर भरोसा बना रहेगा और सड़क पर होने वाली किसी भी तरह की अवैध वसूली पर रोक लग सकेगी।1