कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा क्षेत्र (विराटनगर विधानसभा क्षेत्र) के ग्राम लाड़ा का बास के वीर सपूत और भारतीय सेना के नायब सूबेदार क्लर्क बनवारी लाल खोजा का मेरठ कैंट में अपनी ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से आकस्मिक निधन हो गया है। सोमवार को हुए इस असामयिक निधन की खबर मिलते ही संपूर्ण क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार सुबह सैन्य सम्मान के साथ वीर सपूत के पार्थिव देह को पावटा के राजकीय उप जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उनके पैतृक गांव लाड़ा का बास तक एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, पूर्व सैनिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। रास्ते भर नम आंखों से लोगों ने "भारत माता की जय" और "नायब सूबेदार बनवारी लाल अमर रहें" के गगनभेदी नारे लगाकर वीर जवान को श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद भारतीय सेना के जवानों ने पूरे सैन्य प्रोटोकॉल के साथ उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया और गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। नायब सूबेदार बनवारी लाल खोजा अपने पीछे पत्नी, बेटा निशु खोजा और बेटी दीपा सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वह महज दो महीने पहले ही अपनी बेटी की शादी के लिए छुट्टी लेकर घर आए थे और ड्यूटी पर लौटते समय पत्नी से जल्द ही चार-पॉंच दिनों की छुट्टी लेकर वापस घर लौटने का वादा किया था। इस अपूरणीय क्षति पर संपूर्ण क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध जनों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा क्षेत्र (विराटनगर विधानसभा क्षेत्र) के ग्राम लाड़ा का बास के वीर सपूत और भारतीय सेना के नायब सूबेदार क्लर्क बनवारी लाल खोजा का मेरठ कैंट में अपनी ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से आकस्मिक निधन हो गया है। सोमवार को हुए इस असामयिक निधन की खबर मिलते ही संपूर्ण क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार सुबह सैन्य सम्मान के साथ वीर सपूत के पार्थिव देह को पावटा के राजकीय उप जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उनके पैतृक गांव लाड़ा का बास तक एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, पूर्व सैनिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। रास्ते भर नम आंखों से लोगों ने "भारत माता की जय" और "नायब सूबेदार बनवारी लाल अमर रहें" के गगनभेदी नारे लगाकर वीर जवान को श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद भारतीय सेना के जवानों ने पूरे सैन्य प्रोटोकॉल के साथ उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया और गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। नायब सूबेदार बनवारी लाल खोजा अपने पीछे पत्नी, बेटा निशु खोजा और बेटी दीपा सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वह महज दो महीने पहले ही अपनी बेटी की शादी के लिए छुट्टी लेकर घर आए थे और ड्यूटी पर लौटते समय पत्नी से जल्द ही चार-पॉंच दिनों की छुट्टी लेकर वापस घर लौटने का वादा किया था। इस अपूरणीय क्षति पर संपूर्ण क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध जनों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
- विराटनगर विधानसभा क्षेत्र के पावटा-प्रागपुरा क्षेत्र में भारी बारिश और जलभराव के कारण मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पावटा दौरा अंतिम समय पर स्थगित करना पड़ा। मुख्यमंत्री को जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था, लेकिन खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। मुख्यमंत्री का दौरा रद्द होने के बाद भी प्रशासनिक अमला और स्थानीय जनप्रतिनिधि मुस्तैद रहे। जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेन्द्र सिंह और विराटनगर विधायक कुलदीप धनकड़ तुरंत कार्यक्रम स्थल पहुंचे और जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता के साथ मिलकर जवाहर नवोदय विद्यालय नगर पालिका परिसर में चल रहे शहरी सेवा शिविर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर के विभिन्न काउंटरों पर जाकर आमजन को मिल रही राहत और सुविधाओं की जानकारी ली। जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के बावजूद शिविर में आने वाले किसी भी आम नागरिक को परेशानी नहीं होनी चाहिए और उनके आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया जाए। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँचना सुनिश्चित करें। शिविर के निरीक्षण के बाद पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सांसद राव राजेन्द्र सिंह, विधायक कुलदीप धनकड़ और जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। उन्होंने उपस्थित लोगों और स्कूली बच्चों से इन पौधों की देखभाल करने और क्षेत्र को हरा-भरा बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।1
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- जयपुर के कोटपुतली के पनियाला स्थित बाबा हेमपुरी महाराज मंदिर के सामने गंदा पानी भरने से स्थानीय ग्रामीण बेहद परेशान हैं। मंदिर के पास रहने वाले एक स्थानीय निवासी के अनुसार, यहाँ पहले एक जोड़ था, जिस पर अब कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इस अतिक्रमण के कारण गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और वह मंदिर के ठीक सामने जमा हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर निवेदन किया है कि इस जोड़ को वापस खाली कराया जाए ताकि गंदे पानी का निकास हो सके और लोगों को इस परेशानी से मुक्ति मिले।1
- दिल्ली के जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्हें उम्मीद है कि केंद्र सरकार के नुमाइंदे उनकी भूख हड़ताल को तुड़वाकर इस आंदोलन को सफल बनाएंगे। इस बीच यह गंभीर सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या आज की मौजूदा स्थिति में आंदोलन का यह गांधीवादी तरीका वाकई कारगर साबित होगा और क्या इस तरीके से सरकार बैकफुट पर आएगी?1
- भादसोड़ा स्थित प्राकट्य स्थल सांवलियाजी मंदिर में सोमवार को चतुर्दशी के अवसर पर भगवान सांवलिया सेठ का मासिक भंडार खोला गया। इस दौरान कुल 1 करोड़ 56 लाख 90 हजार 265 रुपये की राशि प्राप्त हुई है। भगवान सांवलिया सेठ की राजभोग आरती के बाद मंदिर मंडल कमेटी के उपाध्यक्ष बाबूलाल ओझा की उपस्थिति में यह भंडार खोला गया और राशि की गिनती की गई। भंडार गणना से कुल 95 लाख 41 हजार 220 रुपये नकद प्राप्त हुए, जबकि ऑनलाइन माध्यम से 61 लाख 49 हजार 045 रुपये की राशि प्राप्त हुई। इस अवसर पर मंदिर मंडल कमेटी के उपाध्यक्ष बाबूलाल ओझा, शंकर लाल जाट, कोषाध्यक्ष अशोक अग्रवाल, कार्यकारी अधिकारी प्रहलाद राय सोनी, रतनलाल जाट, रमेश उपाध्याय, राजमल उपाध्याय, महेश भट्ट, किशन लाल सुथार और मंदिर मंडल के कर्मचारी मौजूद थे। इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई और राजस्थान बड़ौदा ग्रामीण बैंक बानसेन के कर्मचारी भी राशि की गणना के दौरान उपस्थित रहे।1
- अलवर के तेज मंडी इलाके में जलभराव के कारण व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है, जिससे बाजार आने वाले ग्राहकों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई दुकानों के बाहर पानी भर जाने से व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गंदे पानी से क्षेत्र में बदबू फैलने लगी है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। इस गंभीर समस्या से परेशान होकर क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि तेज मंडी सहित शहर के सभी प्रमुख नालों की तत्काल सफाई कराई जाए और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए।3
- दौसा के सैंथल उपखंड क्षेत्र स्थित कुंडल मुख्यालय के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पुरोहिता का बास में देसाई फाउंडेशन ट्रस्ट और ग्राम चेतना केंद्र के सहयोग से चार दिवसीय समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिविर के दौरान बच्चों ने सबसे पहले योगाभ्यास कर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझा। इसके बाद आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधि में विद्यार्थियों ने आकर्षक कलाकृतियां तैयार कीं, जबकि विज्ञान मॉडल गतिविधि में विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल बनाकर अपनी वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मक क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। शिविर के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए देसाई फाउंडेशन ट्रस्ट के हेमंत कुमार शर्मा ने बताया कि इस समर कैम्प का मुख्य लक्ष्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। इसके माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मक सोच और सीखने की रुचि को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस आनंददायक और प्रेरणादायक माहौल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यालय स्टाफ के साथ-साथ देसाई फाउंडेशन ट्रस्ट और ग्राम चेतना केंद्र की टीम ने बच्चों का भरपूर उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर ग्राम चेतना केंद्र की ओर से गजराज सिंह, भरत सिंह और बबलू कुमार भी उपस्थित रहे।3
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा क्षेत्र (विराटनगर विधानसभा क्षेत्र) के ग्राम लाड़ा का बास के वीर सपूत और भारतीय सेना के नायब सूबेदार क्लर्क बनवारी लाल खोजा का मेरठ कैंट में अपनी ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से आकस्मिक निधन हो गया है। सोमवार को हुए इस असामयिक निधन की खबर मिलते ही संपूर्ण क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार सुबह सैन्य सम्मान के साथ वीर सपूत के पार्थिव देह को पावटा के राजकीय उप जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उनके पैतृक गांव लाड़ा का बास तक एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, पूर्व सैनिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। रास्ते भर नम आंखों से लोगों ने "भारत माता की जय" और "नायब सूबेदार बनवारी लाल अमर रहें" के गगनभेदी नारे लगाकर वीर जवान को श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद भारतीय सेना के जवानों ने पूरे सैन्य प्रोटोकॉल के साथ उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया और गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। नायब सूबेदार बनवारी लाल खोजा अपने पीछे पत्नी, बेटा निशु खोजा और बेटी दीपा सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वह महज दो महीने पहले ही अपनी बेटी की शादी के लिए छुट्टी लेकर घर आए थे और ड्यूटी पर लौटते समय पत्नी से जल्द ही चार-पॉंच दिनों की छुट्टी लेकर वापस घर लौटने का वादा किया था। इस अपूरणीय क्षति पर संपूर्ण क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध जनों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।1