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राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्थित रवांजना डूंगर पुलिस थाने द्वारा एक कार्रवाई की गई है।

8 hrs ago
user_Angoori meena
Angoori meena
Farmer बोंली, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
8 hrs ago
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राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्थित रवांजना डूंगर पुलिस थाने द्वारा एक कार्रवाई की गई है।

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  • सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रयी के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बौंली नीलकमल मीना और वृत्ताधिकारी उमेश गुप्ता के सुपरविजन में, थानाधिकारी जितेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने झपटमारी कर सोने की मुरकी तोड़ने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह रेकी कर वृद्ध व्यक्तियों को निशाना बनाता था और उनकी कान की मुरकियां तोड़कर फरार हो जाता था। पुलिस ने मुखबिरी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इस गैंग के सदस्यों की कोटा, दर्रा झालावाड़, भनपुरा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के दुधाखेड़ी माता में तलाश की। दिनांक 11 जून, 2026 को इस गैंग के तीन सदस्यों— संजय पुत्र मोहननाथ (उम्र 27 साल, निवासी खंडवा, थाना बरौनी, जिला टोंक), भोमा पुत्र काना नाथ (उम्र 28 साल, निवासी बालापुरा, थाना कनवास, जिला कोटा), और समीर पुत्र काना नाथ (उम्र 20 साल, निवासी गोगालवा लक्ष्मीपुरा, थाना टोडारायसिंहपुरा, जिला टोंक) — को मालपुरा रोड, जयपुर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद, दिनांक 12 जून, 2026 को उन्हें प्रकरण संख्या 161/26, धारा 304(बी) बीएनएस में बापर्दा गिरफ्तार किया गया। गैंग का सरगना संजय उर्फ संजू कालबेलिया है। इस गैंग ने राजस्थान राज्य के विभिन्न जिलों और जयपुर कमीशनरेट, जयपुर ग्रामीण, कोटा, भीलवाड़ा, टोंक में इस तरह की करीब 50 से अधिक वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। इस गैंग की वारदातों का तरीका बेहद संगीन है। ये बदमाश रेकी के बाद रात में अपने वाहनों से वांछित जगह पर पहुंचकर वृद्ध व्यक्तियों की पहनी हुई मुरकियां लूट लेते हैं। विरोध की स्थिति में ये पीड़ित व्यक्ति पर पत्थरों और धारदार हथियारों से भी हमला कर उन्हें लहूलुहान कर देते हैं। वारदात के बाद वे मौके से फरार हो जाते हैं और लूटे हुए माल को बेचकर मिली रकम को मौज-मस्ती और अय्याशी में उड़ा देते हैं। 24 मई, 2026 को रात करीब 2 बजे मिश्री लाल गाडिया लुहार के साथ हुई घटना ने इस गैंग का खुलासा करने में मदद की, जब तीन लड़के उनके कान की मुरकी तोड़कर पावर बाइक से भागे। रात्रि गश्त में थानाधिकारी मय जाप्ता ने पावर बाइक का पीछा किया, जिसके बाद बदमाश बाइक छोड़कर खेड़ा गांव थाना मित्रपुरा इलाके में भाग गए। बाइक के मालिक की पहचान दीपा कालबेलिया निवासी निवाई के रूप में हुई, जिसके भाई संजय उर्फ संजू कालबेलिया को साइबर सेल के तकनीकी विश्लेषण से इस गैंग का सरगना पाया गया। गैंग का सरगना संजय उर्फ संजू कालबेलिया पूर्व में भी इन्हीं अपराधों में 8 साल की जेल की सजा काट चुका है और वर्ष 2024 में ही जेल से छूटा था। जेल से छूटने के बाद वह फिर से इन्हीं अपराधों में संलिप्त हो गया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों से गहनता से पूछताछ की जा रही है और इनसे और भी वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
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    सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रयी के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बौंली नीलकमल मीना और वृत्ताधिकारी उमेश गुप्ता के सुपरविजन में, थानाधिकारी जितेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने झपटमारी कर सोने की मुरकी तोड़ने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह रेकी कर वृद्ध व्यक्तियों को निशाना बनाता था और उनकी कान की मुरकियां तोड़कर फरार हो जाता था।

पुलिस ने मुखबिरी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इस गैंग के सदस्यों की कोटा, दर्रा झालावाड़, भनपुरा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के दुधाखेड़ी माता में तलाश की। दिनांक 11 जून, 2026 को इस गैंग के तीन सदस्यों— संजय पुत्र मोहननाथ (उम्र 27 साल, निवासी खंडवा, थाना बरौनी, जिला टोंक), भोमा पुत्र काना नाथ (उम्र 28 साल, निवासी बालापुरा, थाना कनवास, जिला कोटा), और समीर पुत्र काना नाथ (उम्र 20 साल, निवासी गोगालवा लक्ष्मीपुरा, थाना टोडारायसिंहपुरा, जिला टोंक) — को मालपुरा रोड, जयपुर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद, दिनांक 12 जून, 2026 को उन्हें प्रकरण संख्या 161/26, धारा 304(बी) बीएनएस में बापर्दा गिरफ्तार किया गया। गैंग का सरगना संजय उर्फ संजू कालबेलिया है। इस गैंग ने राजस्थान राज्य के विभिन्न जिलों और जयपुर कमीशनरेट, जयपुर ग्रामीण, कोटा, भीलवाड़ा, टोंक में इस तरह की करीब 50 से अधिक वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।

इस गैंग की वारदातों का तरीका बेहद संगीन है। ये बदमाश रेकी के बाद रात में अपने वाहनों से वांछित जगह पर पहुंचकर वृद्ध व्यक्तियों की पहनी हुई मुरकियां लूट लेते हैं। विरोध की स्थिति में ये पीड़ित व्यक्ति पर पत्थरों और धारदार हथियारों से भी हमला कर उन्हें लहूलुहान कर देते हैं। वारदात के बाद वे मौके से फरार हो जाते हैं और लूटे हुए माल को बेचकर मिली रकम को मौज-मस्ती और अय्याशी में उड़ा देते हैं। 24 मई, 2026 को रात करीब 2 बजे मिश्री लाल गाडिया लुहार के साथ हुई घटना ने इस गैंग का खुलासा करने में मदद की, जब तीन लड़के उनके कान की मुरकी तोड़कर पावर बाइक से भागे। रात्रि गश्त में थानाधिकारी मय जाप्ता ने पावर बाइक का पीछा किया, जिसके बाद बदमाश बाइक छोड़कर खेड़ा गांव थाना मित्रपुरा इलाके में भाग गए। बाइक के मालिक की पहचान दीपा कालबेलिया निवासी निवाई के रूप में हुई, जिसके भाई संजय उर्फ संजू कालबेलिया को साइबर सेल के तकनीकी विश्लेषण से इस गैंग का सरगना पाया गया।

गैंग का सरगना संजय उर्फ संजू कालबेलिया पूर्व में भी इन्हीं अपराधों में 8 साल की जेल की सजा काट चुका है और वर्ष 2024 में ही जेल से छूटा था। जेल से छूटने के बाद वह फिर से इन्हीं अपराधों में संलिप्त हो गया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों से गहनता से पूछताछ की जा रही है और इनसे और भी वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    14 hrs ago
  • सवाई माधोपुर से मिली जानकारी के अनुसार, रणथंभौर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर की 84 कोस की पदयात्रा पर निकले संतों को सुरक्षा कारणों से गणेश धाम पर रोक दिया गया था। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा रोके जाने के बाद संतों और प्रशासन के बीच बातचीत का दौर शुरू हो गया था, जिसके बाद आखिरकार सहमति बन गई। वन विभाग के अधिकारियों ने, जिसमें डीएफओ मानस सिंह भी शामिल थे, संतों को बताया कि पूर्व में बाघों के हमलों से तीन बड़े हादसे हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, हाल ही में आड़ा बालाजी क्षेत्र के पास बाघ टी-101 की गतिविधि भी देखी गई थी, जिसके कारण सुरक्षा की दृष्टि से पैदल यात्रा पर रोक लगाई गई थी। अपनी मांग पूरी न होने पर मध्यप्रदेश के एक संत ने अन्न-जल त्याग दिया था, जबकि अन्य संतों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। बाद में, अधिकारियों और संतों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई, जिसके परिणामस्वरूप संतों ने त्रिनेत्र गणेश मंदिर तक वाहनों से जाने पर सहमति जताई। डीएफओ मानस सिंह और उनकी टीम की सूझबूझ से यह पूरा मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया, जिसके बाद सभी संत मंदिर दर्शन के लिए रवाना हो गए।
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    सवाई माधोपुर से मिली जानकारी के अनुसार, रणथंभौर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर की 84 कोस की पदयात्रा पर निकले संतों को सुरक्षा कारणों से गणेश धाम पर रोक दिया गया था। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा रोके जाने के बाद संतों और प्रशासन के बीच बातचीत का दौर शुरू हो गया था, जिसके बाद आखिरकार सहमति बन गई।

वन विभाग के अधिकारियों ने, जिसमें डीएफओ मानस सिंह भी शामिल थे, संतों को बताया कि पूर्व में बाघों के हमलों से तीन बड़े हादसे हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, हाल ही में आड़ा बालाजी क्षेत्र के पास बाघ टी-101 की गतिविधि भी देखी गई थी, जिसके कारण सुरक्षा की दृष्टि से पैदल यात्रा पर रोक लगाई गई थी। अपनी मांग पूरी न होने पर मध्यप्रदेश के एक संत ने अन्न-जल त्याग दिया था, जबकि अन्य संतों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।

बाद में, अधिकारियों और संतों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई, जिसके परिणामस्वरूप संतों ने त्रिनेत्र गणेश मंदिर तक वाहनों से जाने पर सहमति जताई। डीएफओ मानस सिंह और उनकी टीम की सूझबूझ से यह पूरा मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया, जिसके बाद सभी संत मंदिर दर्शन के लिए रवाना हो गए।
    user_Ravi  Dainik bhaskar
    Ravi Dainik bhaskar
    Photographer चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • राजस्थान के गांवड़ा गांव में इन दिनों 'जीपीएल-4' (GPL-4) क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा है, जिसके माध्यम से एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। इस अनोखे और अद्भुत आयोजन को खेल जगत, विशेषकर ग्रामीण अंचल के लिए एक क्रांति के समान बताया जा रहा है। इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी और अनूठी विशेषता यह है कि यह पूर्णतः ग्रामीण महिलाओं के लिए और वह भी पूरी तरह से रात्रिकालीन प्रारूप में आयोजित किया जा रहा है। संभवतः ग्रामीण स्तर पर महिलाओं का ऐसा भव्य रात्रिकालीन टूर्नामेंट दुनिया में अपनी तरह का पहला और अनूठा आयोजन माना जा रहा है। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का एक खूबसूरत उदाहरण प्रस्तुत करता है। दिनभर घर-आंगन और चूल्हे-चौके की जिम्मेदारी संभालने वाली ग्रामीण महिलाएं अब फ्लड लाइट्स की दूधिया रोशनी के बीच बल्ला और गेंद थामेंगी, जो एक रोमांचक दृश्य होगा। रूढ़िवादिता को पीछे छोड़कर खेल के मैदान पर हुनर दिखाने का यह जज्बा पूरे समाज के लिए एक बेहद सकारात्मक संदेश है और नारी शक्ति के शंखनाद का स्वागत योग्य कदम है। इस पूरे आयोजन के पीछे गांव के युवाओं की दूरदर्शी सोच और अथक प्रयास है, जिन्होंने न केवल इस बड़े और लीक से हटकर टूर्नामेंट की शुरुआत की, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक खुला मंच भी प्रदान किया। आयोजकों का यह प्रेरणादायी कदम अन्य गांवों और कस्बों के लिए भी एक मिसाल पेश कर रहा है। 'जीपीएल-4' को लेकर पूरे गांवड़ा गांव में भारी उत्साह और विशेष जोश देखने को मिल रहा है, जहाँ गांव का बच्चा-बच्चा और बुजुर्ग इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने और इसे सफल बनाने के लिए खुलकर सहयोग दे रहे हैं। युवाओं की टोलियां रात-दिन मैदान को सजाने और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटी हुई हैं। आयोजकों का मानना है कि नतीजे चाहे जो भी हों, मैदान पर कदम रखते ही गांवड़ा की इन बेटियों और बहुओं ने रूढ़ियों को हराकर जीत का पहला छक्का मार दिया है। गांवड़ा गांव की इस अनूठी पहल और महिलाओं के इस अभूतपूर्व साहस के लिए पूरे क्षेत्र से बधाइयां मिल रही हैं। यह आयोजन सभी को इस ऐतिहासिक 'GPL-4' का हिस्सा बनने और ग्रामीण प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाने के लिए आमंत्रित करता है।
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    राजस्थान के गांवड़ा गांव में इन दिनों 'जीपीएल-4' (GPL-4) क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा है, जिसके माध्यम से एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। इस अनोखे और अद्भुत आयोजन को खेल जगत, विशेषकर ग्रामीण अंचल के लिए एक क्रांति के समान बताया जा रहा है। इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी और अनूठी विशेषता यह है कि यह पूर्णतः ग्रामीण महिलाओं के लिए और वह भी पूरी तरह से रात्रिकालीन प्रारूप में आयोजित किया जा रहा है। संभवतः ग्रामीण स्तर पर महिलाओं का ऐसा भव्य रात्रिकालीन टूर्नामेंट दुनिया में अपनी तरह का पहला और अनूठा आयोजन माना जा रहा है।

यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का एक खूबसूरत उदाहरण प्रस्तुत करता है। दिनभर घर-आंगन और चूल्हे-चौके की जिम्मेदारी संभालने वाली ग्रामीण महिलाएं अब फ्लड लाइट्स की दूधिया रोशनी के बीच बल्ला और गेंद थामेंगी, जो एक रोमांचक दृश्य होगा। रूढ़िवादिता को पीछे छोड़कर खेल के मैदान पर हुनर दिखाने का यह जज्बा पूरे समाज के लिए एक बेहद सकारात्मक संदेश है और नारी शक्ति के शंखनाद का स्वागत योग्य कदम है।

इस पूरे आयोजन के पीछे गांव के युवाओं की दूरदर्शी सोच और अथक प्रयास है, जिन्होंने न केवल इस बड़े और लीक से हटकर टूर्नामेंट की शुरुआत की, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक खुला मंच भी प्रदान किया। आयोजकों का यह प्रेरणादायी कदम अन्य गांवों और कस्बों के लिए भी एक मिसाल पेश कर रहा है। 'जीपीएल-4' को लेकर पूरे गांवड़ा गांव में भारी उत्साह और विशेष जोश देखने को मिल रहा है, जहाँ गांव का बच्चा-बच्चा और बुजुर्ग इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने और इसे सफल बनाने के लिए खुलकर सहयोग दे रहे हैं। युवाओं की टोलियां रात-दिन मैदान को सजाने और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटी हुई हैं।

आयोजकों का मानना है कि नतीजे चाहे जो भी हों, मैदान पर कदम रखते ही गांवड़ा की इन बेटियों और बहुओं ने रूढ़ियों को हराकर जीत का पहला छक्का मार दिया है। गांवड़ा गांव की इस अनूठी पहल और महिलाओं के इस अभूतपूर्व साहस के लिए पूरे क्षेत्र से बधाइयां मिल रही हैं। यह आयोजन सभी को इस ऐतिहासिक 'GPL-4' का हिस्सा बनने और ग्रामीण प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाने के लिए आमंत्रित करता है।
    user_Khemraj Joshi
    Khemraj Joshi
    Yoga instructor राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • अलीगढ़ के खेड़ली के पास मौसम अचानक खराब हो गया है। यहाँ बहुत तेज गति से आंधी चल रही है और इसके साथ ही हल्की-हल्की बारिश भी हो रही है। इस बदली हुई मौसमी गतिविधि के कारण इलाके में तेज हवाएँ भी चल रही हैं।
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    अलीगढ़ के खेड़ली के पास मौसम अचानक खराब हो गया है। यहाँ बहुत तेज गति से आंधी चल रही है और इसके साथ ही हल्की-हल्की बारिश भी हो रही है। इस बदली हुई मौसमी गतिविधि के कारण इलाके में तेज हवाएँ भी चल रही हैं।
    user_Singer नागर चाल किंग
    Singer नागर चाल किंग
    टोंक, टोंक, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • टोंक शहर के मोदी की चौकी चौराहे पर बजरी से भरे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दो बाइक सवारों को टक्कर मार दी। इस घटना के बाद ट्रैक्टर बेकाबू होकर एक ई-मित्र की दुकान में जा घुसा। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। इस घटना से गुस्साए लोगों की भीड़ ने मौके पर ही ट्रैक्टर चालक की जमकर धुनाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर बजरी माफियाओं के साथ मिलीभगत करने और उनसे मोटी वसूली करने का सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अभय कमांड के कैमरों में घटना के फुटेज होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर चालक को हिरासत में लेकर स्थिति को शांत कराया। इस पूरी घटना ने टोंक जिले में बजरी माफियाओं के आतंक और बेलगाम ट्रैक्टरों के कोहराम को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
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    टोंक शहर के मोदी की चौकी चौराहे पर बजरी से भरे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दो बाइक सवारों को टक्कर मार दी। इस घटना के बाद ट्रैक्टर बेकाबू होकर एक ई-मित्र की दुकान में जा घुसा। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

इस घटना से गुस्साए लोगों की भीड़ ने मौके पर ही ट्रैक्टर चालक की जमकर धुनाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर बजरी माफियाओं के साथ मिलीभगत करने और उनसे मोटी वसूली करने का सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अभय कमांड के कैमरों में घटना के फुटेज होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।

मामले की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर चालक को हिरासत में लेकर स्थिति को शांत कराया। इस पूरी घटना ने टोंक जिले में बजरी माफियाओं के आतंक और बेलगाम ट्रैक्टरों के कोहराम को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
    user_Asha kishan gurjar
    Asha kishan gurjar
    Local News Reporter Tonk, Rajasthan•
    16 hrs ago
  • चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र के ऐचर गांव में खोखरी तलाई और रमलिया तलाई मार्गों पर हो रहे अतिक्रमण के कारण ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया है कि कुछ लोगों द्वारा इन रास्तों पर कब्जा कर लेने से मार्ग संकरे हो गए हैं, जिससे वाहनों और पैदल चलने वालों दोनों को भारी परेशानी हो रही है। खासकर किसानों को अपने खेतों तक पहुँचने में भी मुश्किलें आ रही हैं। ग्रामीणों ने यह आशंका भी जताई है कि बारिश के मौसम में यह स्थिति और भी खराब हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत इन दोनों मार्गों का मौके पर जाकर निरीक्षण करने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में चल रहे "रास्ता खोलो अभियान" के तहत कार्रवाई करके इन मार्गों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
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    चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र के ऐचर गांव में खोखरी तलाई और रमलिया तलाई मार्गों पर हो रहे अतिक्रमण के कारण ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया है कि कुछ लोगों द्वारा इन रास्तों पर कब्जा कर लेने से मार्ग संकरे हो गए हैं, जिससे वाहनों और पैदल चलने वालों दोनों को भारी परेशानी हो रही है। खासकर किसानों को अपने खेतों तक पहुँचने में भी मुश्किलें आ रही हैं।

ग्रामीणों ने यह आशंका भी जताई है कि बारिश के मौसम में यह स्थिति और भी खराब हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत इन दोनों मार्गों का मौके पर जाकर निरीक्षण करने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में चल रहे "रास्ता खोलो अभियान" के तहत कार्रवाई करके इन मार्गों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • सवाई माधोपुर से मिली बड़ी खबर के अनुसार, 84 कोस की परिक्रमा करके रणथंभोर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर जा रहे संतों को गणेश धाम पर रोक दिया गया था। वनाधिकारियों ने संतों को पैदल जाने से सुरक्षा की दृष्टि से रोका, क्योंकि पूर्व में बाघ के हमले से तीन बड़े हादसे हो चुके थे। रास्ते में आड़ा बालाजी के पास कल भी टी 101 बाघ का मूवमेंट देखा गया था, जिसके चलते एहतियातन यह कदम उठाया गया। डीएफओ मानस सिंह ने गणेश धाम पहुंचकर संतों से समझाइश की। संत हालांकि गणेश धाम से त्रिनेत्र गणेश मंदिर तक पैदल जाने की अपनी मांग पर अड़े थे और कल शाम को 84 कोस की पैदल यात्रा से गणेश धाम पहुंचे थे। मध्यप्रदेश के संत ओम गिरी नारायण जी ने तो कल देर शाम से ही अन्न और जल त्याग दिया था, और चेतावनी दी थी कि समय रहते मांग पूरी न होने पर कल से पांच और संत भी जल अन्न का त्याग करेंगे। आखिरकार, डीएफओ मानस सिंह और उनकी टीम की सूझबूझ से रणथंभोर के अधिकारियों और संतों के बीच सहमति बनी। समझाइश के बाद संतों ने वाहनों से गणेश मंदिर दुर्ग जाने पर अपनी सहमति जताई और मंदिर जाने के लिए रवाना हो गए।
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    सवाई माधोपुर से मिली बड़ी खबर के अनुसार, 84 कोस की परिक्रमा करके रणथंभोर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर जा रहे संतों को गणेश धाम पर रोक दिया गया था। वनाधिकारियों ने संतों को पैदल जाने से सुरक्षा की दृष्टि से रोका, क्योंकि पूर्व में बाघ के हमले से तीन बड़े हादसे हो चुके थे। रास्ते में आड़ा बालाजी के पास कल भी टी 101 बाघ का मूवमेंट देखा गया था, जिसके चलते एहतियातन यह कदम उठाया गया। डीएफओ मानस सिंह ने गणेश धाम पहुंचकर संतों से समझाइश की।

संत हालांकि गणेश धाम से त्रिनेत्र गणेश मंदिर तक पैदल जाने की अपनी मांग पर अड़े थे और कल शाम को 84 कोस की पैदल यात्रा से गणेश धाम पहुंचे थे। मध्यप्रदेश के संत ओम गिरी नारायण जी ने तो कल देर शाम से ही अन्न और जल त्याग दिया था, और चेतावनी दी थी कि समय रहते मांग पूरी न होने पर कल से पांच और संत भी जल अन्न का त्याग करेंगे। आखिरकार, डीएफओ मानस सिंह और उनकी टीम की सूझबूझ से रणथंभोर के अधिकारियों और संतों के बीच सहमति बनी। समझाइश के बाद संतों ने वाहनों से गणेश मंदिर दुर्ग जाने पर अपनी सहमति जताई और मंदिर जाने के लिए रवाना हो गए।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    18 hrs ago
  • रामगढ़ पचवारा के निकट भयपुर गांव में जमीन जोतने को लेकर दो पक्षों के बीच गहरा विवाद हो गया। यह विवाद इतना उग्र हो गया कि झड़प के दौरान लाठी-डंडे चले और आरोप हैं कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की ओर वाहन भी दौड़ाए। इस हिंसक घटना में कुल पांच लोग घायल हुए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही घटना स्थल से एक ट्रैक्टर, एक पिकअप और एक बोलेरो वाहन को भी जब्त किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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    रामगढ़ पचवारा के निकट भयपुर गांव में जमीन जोतने को लेकर दो पक्षों के बीच गहरा विवाद हो गया। यह विवाद इतना उग्र हो गया कि झड़प के दौरान लाठी-डंडे चले और आरोप हैं कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की ओर वाहन भी दौड़ाए। इस हिंसक घटना में कुल पांच लोग घायल हुए।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही घटना स्थल से एक ट्रैक्टर, एक पिकअप और एक बोलेरो वाहन को भी जब्त किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    21 hrs ago
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