मानवता की अनूठी मिसाल: आदिशक्ति सेवा प्रकल्प ट्रस्ट की पहल पर सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर सहित परिजनों ने लिया देहदान का संकल्प कोटा । समाज सेवा और मानवता के क्षेत्र में अग्रणी आदिशक्ति सेवा प्रकल्प (ट्रस्ट) द्वारा देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी राम भरोसी देवी महावर एवं बंसीलाल महावर ने स्वयं देहदान का संकल्प पत्र भरकर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। मरणोपरांत भी सेवा का जज्बा कार्यक्रम की मुख्य कड़ी में सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर बंशी लाल महावर और उनकी पत्नी भरोसी देवी ने संयुक्त रूप से देहदान का संकल्प लिया। उनके इस निर्णय की सराहना करते हुए वक्ताओं ने इसे 'महादान' की संज्ञा दी। इसके साथ ही नर्सिंग ऑफिसर प्रिया जगेनिया ने भी इस पुनीत कार्य के लिए अपनी सहमति दी। शिक्षा और शोध में मिलेगी मदद ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने देहदान के वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि: चिकित्सा शिक्षा: दान की गई देह से मेडिकल छात्रों (MBBS) को व्यावहारिक ज्ञान मिलता है। शोध कार्य: गंभीर बीमारियों के इलाज की खोज और चिकित्सा शोध में यह अत्यंत सहायक है। जीवन रक्षा: शोध के माध्यम से भविष्य में अनगिनत लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। इसी क्रम में कृष्णा शाख्यवाल (MBBS विद्यार्थी) की सहायता करने की भी घोषणा की गई, ताकि चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिल सके। इनका रहा विशेष योगदान इस आयोजन को सफल बनाने और जन-जन तक मानवता का संदेश पहुँचाने में जितेंद्र जेथल, राम गोपाल महावर एवं मिश्रीलाल महावर का विशेष योगदान रहा। उपस्थित श्रद्धालुओं और सदस्यों ने ट्रस्ट की इस पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और भविष्य में समाज हित के ऐसे कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का विश्वास दिलाया। "देहदान केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि मानवता के प्रति अंतिम और सर्वोच्च सेवा है। हमारी एक पहल चिकित्सा जगत में नई क्रांति ला सकती है।" — आदिशक्ति सेवा प्रकल्प ट्रस्ट
मानवता की अनूठी मिसाल: आदिशक्ति सेवा प्रकल्प ट्रस्ट की पहल पर सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर सहित परिजनों ने लिया देहदान का संकल्प कोटा । समाज सेवा और मानवता के क्षेत्र में अग्रणी आदिशक्ति सेवा प्रकल्प (ट्रस्ट) द्वारा देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी राम भरोसी देवी महावर एवं बंसीलाल महावर ने स्वयं देहदान का संकल्प पत्र भरकर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। मरणोपरांत भी सेवा का जज्बा कार्यक्रम की मुख्य कड़ी में सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर बंशी लाल महावर और उनकी पत्नी भरोसी देवी ने संयुक्त रूप से देहदान का संकल्प लिया। उनके इस निर्णय की सराहना करते हुए वक्ताओं ने इसे 'महादान' की संज्ञा दी। इसके साथ ही नर्सिंग ऑफिसर प्रिया जगेनिया ने भी इस पुनीत कार्य के लिए अपनी सहमति दी। शिक्षा और शोध में मिलेगी मदद ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने देहदान के वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि: चिकित्सा शिक्षा: दान की गई देह से मेडिकल छात्रों (MBBS) को व्यावहारिक ज्ञान मिलता है। शोध कार्य: गंभीर बीमारियों के इलाज की खोज और चिकित्सा शोध में यह अत्यंत सहायक है। जीवन रक्षा: शोध के माध्यम से भविष्य में अनगिनत लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। इसी क्रम में कृष्णा शाख्यवाल (MBBS विद्यार्थी) की सहायता करने की भी घोषणा की गई, ताकि चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिल सके। इनका रहा विशेष योगदान इस आयोजन को सफल बनाने और जन-जन तक मानवता का संदेश पहुँचाने में जितेंद्र जेथल, राम गोपाल महावर एवं मिश्रीलाल महावर का विशेष योगदान रहा। उपस्थित श्रद्धालुओं और सदस्यों ने ट्रस्ट की इस पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और भविष्य में समाज हित के ऐसे कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का विश्वास दिलाया। "देहदान केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि मानवता के प्रति अंतिम और सर्वोच्च सेवा है। हमारी एक पहल चिकित्सा जगत में नई क्रांति ला सकती है।" — आदिशक्ति सेवा प्रकल्प ट्रस्ट
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- कोटा | राजस्थान की कोचिंग सिटी कोटा में आज मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान शहरवासियों को दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश ने बड़ी राहत दी है। काले बादलों की आवाजाही के साथ शुरू हुआ बारिश का दौर करीब एक घंटे तक चला, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।1
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