योगीराज में 'बस्ती' बनी माफियाओं की चरागाह: भू-स्वामी लाचार, लुटेरे मालामाल! अजीत मिश्रा (खोजी) 💰बस्ती में 'मिट्टी' नहीं, कानून की गरिमा खोद रहे खनन माफिया: प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी पर सवाल💰 सुविधा शुल्क की चाशनी में डूबा विभाग, सिकटा में माफिया का नंगा नाच! योगीराज में 'बस्ती' बनी माफियाओं की चरागाह: भू-स्वामी लाचार, लुटेरे मालामाल! कलेक्टर साहब! क्या आपकी नाक के नीचे बिक गया है कानून? मिलीभगत या बुजदिली? खनन माफिया के डर से मौन साधे बैठा जिला प्रशासन। खनन विभाग की 'अंधी' आँखों के सामने छलनी हो रही धरती माँ! साहब के 'सुविधा शुल्क' ने दी माफिया को लूट की खुली छूट! बस्ती मंडल की शर्मनाक हकीकत: खनन के खेल में अफसरों की मौन सहमति! 06 अप्रैल 26। बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक तरफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का डंका पीट रही है, वहीं बस्ती जनपद के गणेशपुर क्षेत्र में खनन माफियाओं ने कानून को अपनी जेब में रख लिया है। गणेशपुर के सिकटा गांव से आई तस्वीरें और रिपोर्टें रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं। यहाँ माफिया इस कदर बेखौफ हैं कि भू-स्वामियों की मर्जी के बिना, उनकी कीमती जमीनों को छलनी किया जा रहा है। यह केवल मिट्टी का अवैध खनन नहीं है, बल्कि यह जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के इकबाल पर एक करारा तमाचा है। 🎯अधिकारियों की नाक के नीचे 'खुला खेल फर्रुखाबादी' हैरानी की बात यह नहीं है कि खनन हो रहा है, हैरानी इस बात पर है कि जिले के उच्चाधिकारियों और संबंधित विभाग को इसकी रत्ती-रत्ती खबर है। इसके बावजूद, कोई ठोस कार्यवाही न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या खनन माफियाओं का कद प्रशासन से भी बड़ा हो गया है? या फिर 'सुविधा शुल्क' की चाशनी ने जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों पर पट्टी बांध दी है? जब रक्षक ही मौन साध लें, तो भक्षकों का मनोबल बढ़ना लाजमी है। 🎯सिकटा: माफिया की मनमानी का गवाह सिकटा गांव में जो हो रहा है वह सरासर डकैती है। भू-स्वामियों का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना ही माफियाओं ने उनकी जमीन पर जेसीबी और डंपर उतार दिए हैं। दिन-दहाड़े प्राकृतिक संपदा की लूट मची है। माफियाओं के इस आतंक से स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। आखिर कौन है इन माफियाओं का 'आका', जो इन्हें कानून को ठेंगा दिखाने की हिम्मत देता है? 🎯मिलीभगत या लाचारी? गणेशपुर क्षेत्र में सक्रिय इन गुर्गों के पास न तो कोई वैध परमिट है और न ही नियम-कायदों की कोई परवाह। क्षेत्र में धूल उड़ाते डंपर और चीरती हुई जेसीबी इस बात की गवाह हैं कि यहाँ 'जंगलराज' व्याप्त है। विभागीय अधिकारियों की चुप्पी यह साफ इशारा कर रही है कि वे या तो इस अवैध कारोबार के हिस्सेदार हैं या फिर माफियाओं के रसूख के आगे पूरी तरह नतमस्तक हो चुके हैं। 🎯जनता मांग रही जवाब बस्ती की जनता अब जिले के आला अफसरों से जवाब चाहती है। क्या मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों की धज्जियां उड़ाने वाले इन माफियाओं पर कभी बुलडोजर चलेगा? क्या पीड़ित भू-स्वामियों को उनकी जमीन का हक और न्याय मिलेगा? अगर अब भी जिला प्रशासन नहीं जागा, तो यह मान लिया जाएगा कि बस्ती में कानून का राज नहीं, बल्कि खनन माफियाओं की सत्ता चल रही है। ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती मंडल
योगीराज में 'बस्ती' बनी माफियाओं की चरागाह: भू-स्वामी लाचार, लुटेरे मालामाल! अजीत मिश्रा (खोजी) 💰बस्ती में 'मिट्टी' नहीं, कानून की गरिमा खोद रहे खनन माफिया: प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी पर सवाल💰 सुविधा शुल्क की चाशनी में डूबा विभाग, सिकटा में माफिया का नंगा नाच! योगीराज में 'बस्ती' बनी माफियाओं की चरागाह: भू-स्वामी लाचार, लुटेरे मालामाल! कलेक्टर साहब! क्या आपकी नाक के नीचे बिक गया है कानून? मिलीभगत या बुजदिली? खनन माफिया के डर से मौन साधे बैठा जिला प्रशासन। खनन विभाग की 'अंधी' आँखों के सामने छलनी हो रही धरती माँ! साहब के 'सुविधा शुल्क' ने दी माफिया को लूट की खुली छूट! बस्ती मंडल की शर्मनाक हकीकत: खनन के खेल में अफसरों की मौन सहमति! 06 अप्रैल 26। बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक तरफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का डंका पीट रही है, वहीं बस्ती जनपद के गणेशपुर क्षेत्र में खनन माफियाओं ने कानून को अपनी जेब में रख लिया है। गणेशपुर के सिकटा गांव से आई तस्वीरें और रिपोर्टें रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं। यहाँ माफिया इस कदर बेखौफ हैं कि भू-स्वामियों की मर्जी के बिना, उनकी कीमती जमीनों को छलनी किया जा रहा है। यह केवल मिट्टी का अवैध खनन नहीं है, बल्कि यह जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के इकबाल पर एक करारा तमाचा है। 🎯अधिकारियों की नाक के नीचे 'खुला खेल फर्रुखाबादी' हैरानी की बात यह नहीं है कि खनन हो रहा है, हैरानी इस बात पर है कि जिले के उच्चाधिकारियों और संबंधित विभाग को इसकी रत्ती-रत्ती खबर है। इसके बावजूद, कोई ठोस कार्यवाही न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या खनन माफियाओं का कद प्रशासन से भी बड़ा हो गया है? या फिर 'सुविधा शुल्क' की चाशनी ने जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों पर पट्टी बांध दी है? जब रक्षक ही मौन साध लें, तो भक्षकों का मनोबल बढ़ना लाजमी है। 🎯सिकटा: माफिया की मनमानी का गवाह सिकटा गांव में जो हो रहा है वह सरासर डकैती है। भू-स्वामियों का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना ही माफियाओं ने उनकी जमीन पर जेसीबी और डंपर उतार दिए हैं। दिन-दहाड़े प्राकृतिक संपदा की लूट मची है। माफियाओं के इस आतंक से स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। आखिर कौन है इन माफियाओं का 'आका', जो इन्हें कानून को ठेंगा दिखाने की हिम्मत देता है? 🎯मिलीभगत या लाचारी? गणेशपुर क्षेत्र में सक्रिय इन गुर्गों के पास न तो कोई वैध परमिट है और न ही नियम-कायदों की कोई परवाह। क्षेत्र में धूल उड़ाते डंपर और चीरती हुई जेसीबी इस बात की गवाह हैं कि यहाँ 'जंगलराज' व्याप्त है। विभागीय अधिकारियों की चुप्पी यह साफ इशारा कर रही है कि वे या तो इस अवैध कारोबार के हिस्सेदार हैं या फिर माफियाओं के रसूख के आगे पूरी तरह नतमस्तक हो चुके हैं। 🎯जनता मांग रही जवाब बस्ती की जनता अब जिले के आला अफसरों से जवाब चाहती है। क्या मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों की धज्जियां उड़ाने वाले इन माफियाओं पर कभी बुलडोजर चलेगा? क्या पीड़ित भू-स्वामियों को उनकी जमीन का हक और न्याय मिलेगा? अगर अब भी जिला प्रशासन नहीं जागा, तो यह मान लिया जाएगा कि बस्ती में कानून का राज नहीं, बल्कि खनन माफियाओं की सत्ता चल रही है। ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती मंडल
- अजीत मिश्रा (खोजी) 💰बस्ती में 'मिट्टी' नहीं, कानून की गरिमा खोद रहे खनन माफिया: प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी पर सवाल💰 सुविधा शुल्क की चाशनी में डूबा विभाग, सिकटा में माफिया का नंगा नाच! योगीराज में 'बस्ती' बनी माफियाओं की चरागाह: भू-स्वामी लाचार, लुटेरे मालामाल! कलेक्टर साहब! क्या आपकी नाक के नीचे बिक गया है कानून? मिलीभगत या बुजदिली? खनन माफिया के डर से मौन साधे बैठा जिला प्रशासन। खनन विभाग की 'अंधी' आँखों के सामने छलनी हो रही धरती माँ! साहब के 'सुविधा शुल्क' ने दी माफिया को लूट की खुली छूट! बस्ती मंडल की शर्मनाक हकीकत: खनन के खेल में अफसरों की मौन सहमति! 06 अप्रैल 26। बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक तरफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का डंका पीट रही है, वहीं बस्ती जनपद के गणेशपुर क्षेत्र में खनन माफियाओं ने कानून को अपनी जेब में रख लिया है। गणेशपुर के सिकटा गांव से आई तस्वीरें और रिपोर्टें रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं। यहाँ माफिया इस कदर बेखौफ हैं कि भू-स्वामियों की मर्जी के बिना, उनकी कीमती जमीनों को छलनी किया जा रहा है। यह केवल मिट्टी का अवैध खनन नहीं है, बल्कि यह जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के इकबाल पर एक करारा तमाचा है। 🎯अधिकारियों की नाक के नीचे 'खुला खेल फर्रुखाबादी' हैरानी की बात यह नहीं है कि खनन हो रहा है, हैरानी इस बात पर है कि जिले के उच्चाधिकारियों और संबंधित विभाग को इसकी रत्ती-रत्ती खबर है। इसके बावजूद, कोई ठोस कार्यवाही न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या खनन माफियाओं का कद प्रशासन से भी बड़ा हो गया है? या फिर 'सुविधा शुल्क' की चाशनी ने जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों पर पट्टी बांध दी है? जब रक्षक ही मौन साध लें, तो भक्षकों का मनोबल बढ़ना लाजमी है। 🎯सिकटा: माफिया की मनमानी का गवाह सिकटा गांव में जो हो रहा है वह सरासर डकैती है। भू-स्वामियों का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना ही माफियाओं ने उनकी जमीन पर जेसीबी और डंपर उतार दिए हैं। दिन-दहाड़े प्राकृतिक संपदा की लूट मची है। माफियाओं के इस आतंक से स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। आखिर कौन है इन माफियाओं का 'आका', जो इन्हें कानून को ठेंगा दिखाने की हिम्मत देता है? 🎯मिलीभगत या लाचारी? गणेशपुर क्षेत्र में सक्रिय इन गुर्गों के पास न तो कोई वैध परमिट है और न ही नियम-कायदों की कोई परवाह। क्षेत्र में धूल उड़ाते डंपर और चीरती हुई जेसीबी इस बात की गवाह हैं कि यहाँ 'जंगलराज' व्याप्त है। विभागीय अधिकारियों की चुप्पी यह साफ इशारा कर रही है कि वे या तो इस अवैध कारोबार के हिस्सेदार हैं या फिर माफियाओं के रसूख के आगे पूरी तरह नतमस्तक हो चुके हैं। 🎯जनता मांग रही जवाब बस्ती की जनता अब जिले के आला अफसरों से जवाब चाहती है। क्या मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों की धज्जियां उड़ाने वाले इन माफियाओं पर कभी बुलडोजर चलेगा? क्या पीड़ित भू-स्वामियों को उनकी जमीन का हक और न्याय मिलेगा? अगर अब भी जिला प्रशासन नहीं जागा, तो यह मान लिया जाएगा कि बस्ती में कानून का राज नहीं, बल्कि खनन माफियाओं की सत्ता चल रही है। ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती मंडल1
- अगर इसी प्रकार सभी सनातनी एक होकर गौ रक्षा के लिए खड़े हो जाएं तो हमारी गौ माता सुरक्षित हो जाएगी और आज जो प्राकृतिक आपदाओं का सामना हम लोग कर रहे हैं वो बंद हो जाएगा क्योंकि हमारी गौमाता साक्षात् प्रकृति स्वरूप हैं अब उनको हम लोग इतना कष्ट देंगे तो आपदा तो आना तय है अभी कम है लेकिन इतनी आपदाएं आएंगी कि हम झेल नहीं सकते2
- 🏫 रामेश्वर प्रसाद मौर्य स्मारक इंटर कॉलेज 📍 ठकुराडाड़ी, धनघटा - संत कबीर नगर 📢 प्रवेश प्रारम्भ 📅 सत्र 2026-27 🗓️ प्रवेश प्रारम्भ: 02 फरवरी से 📚 मान्यता प्राप्त उ.प्र. माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा ✔️ हाईस्कूल – सभी विषय (सभी वर्ग) ✔️ इंटरमीडिएट – कला एवं विज्ञान वर्ग के सभी विषय 🏫 संचालित कक्षाएं 👉 कक्षा 1 से 12 तक 🎖️ NCC सुविधा उपलब्ध 👉 क्षेत्र का एकमात्र NCC मान्यता प्राप्त संस्थान 🚌 वाहन सुविधा उपलब्ध 👉 सभी मार्गों पर 📌 विशेष सूचना 👉 11वीं एवं 12वीं में कला एवं विज्ञान वर्ग की सभी कक्षाएं संचालित 📞 संपर्क करें: 9005740059 7080847797 70808483121
- संतकबीरनगर । पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने सोमवार को थाना दुधारा का वार्षिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, बैरक, शौचालय, कार्यालय, हवालात सहित विभिन्न इकाइयों की साफ-सफाई और अभिलेखों की स्थिति का गहन परीक्षण किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने नवनिर्मित साइबर थाना/सीसीटीएनएस कक्ष का उद्घाटन किया। साथ ही मिशन शक्ति अभियान 5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत मिशन शक्ति केंद्र का भी फीता काटकर शुभारंभ किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रहरियों, संभ्रांत नागरिकों एवं चौकीदारों के साथ संवाद स्थापित किया गया। उत्कृष्ट सूचना संकलन और सराहनीय कार्य के लिए दो ग्राम चौकीदारों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने महिला हेल्प डेस्क एवं मिशन शक्ति केंद्र पर महिला संबंधी शिकायतों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि महिला फरियादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका त्वरित निस्तारण किया जाए। साथ ही महिला कर्मियों को क्षेत्र में जाकर हेल्पलाइन नंबरों के प्रति जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने एफआईआर रजिस्टर, विवेचना अभिलेख, मालखाना रजिस्टर एवं लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए सभी विवेचनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल अपराधों में विशेष सतर्कता और निर्धारित एसओपी के कड़ाई से पालन पर जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को शस्त्रों के रखरखाव एवं संचालन का अभ्यास भी कराया गया। एसपी ने जनता के प्रति शालीन व्यवहार, त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष पुलिसिंग पर बल देते हुए क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रखने, रात्रि गश्त बढ़ाने और अपराधियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार, गोपनीय निरीक्षक अविनाश प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक अरविन्द शर्मा, रीडर एसपी रामआशीष यादव, पीआरओ पी.के. गुप्ता सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- Post by अनिल कुमार प्रजापति1
- पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य हेतु विशेष पहल* *थाना बखिरा में “हार्टफुलनेस मेडिटेशन” सत्र का सफल आयोजन* पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के कुशल निर्देशन में आज दिनांक 06.04.2026 को थाना बखिरा परिसर में पुलिस कर्मियों के लिए एक विशेष योग एवं ध्यान (Meditation) सत्र का सफल आयोजन किया गया। *🎯 आयोजन का मुख्य उद्देश्य* वर्तमान परिवेश में पुलिस ड्यूटी की अनिश्चितता, लंबी कार्य अवधि एवं अनियमित दिनचर्या के कारण उत्पन्न मानसिक तनाव को कम करना तथा कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रहा। *👨🏫 विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण* इस सत्र में अनुभवी हार्टफुलनेस मेडिटेशन प्रशिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा प्रशिक्षकों ने सरल एवं प्रभावी तकनीकों के माध्यम से ध्यान एवं योग का अभ्यास कराया । *🧠 प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु* सत्र के दौरान पुलिस कर्मियों को तनाव मुक्ति के प्रभावी उपाय बताये गये तथा मानसिक संतुलन बनाए रखने की तकनीक विभिन्न योगासनों का अभ्यास व ध्यान (Meditation) की सरल विधियाँ के बारे में विस्तृत जानकारी एवं अभ्यास कराया गया। *💡 योग एवं ध्यान के प्रमुख लाभ* प्रशिक्षकों द्वारा बताया गया कि नियमित ध्यान एवं योग के अभ्यास से मानसिक शांति एवं आत्मविश्वास में वृद्धि होती है व एकाग्रता एवं कार्यक्षमता में सुधार होता है तथा तनावपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है *🤝 सराहनीय पहल* यह आयोजन पुलिस कर्मियों के मानसिक एवं शारीरिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन अधिक ऊर्जा, संतुलन एवं दक्षता के साथ कर सकेंगे।1
- धनघटा बलवंत कुमार पाण्डेय। धनघटा तहसील क्षेत्र के भोतहा गांव में निषाद जयंती के अवसर पर भव्य सभा समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता योगेंद्र प्रसाद निषाद ने की, जबकि व्यवस्थापक पंचायत पंकज निषाद एवं संयोजक राममिलन निषाद और राम सुरेश निषाद ने आगंतुकों का स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि वाल्मीकि, धनुष वीर एकलव्य और निषादराज गुह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं आरती के साथ हुई। इस दौरान समाज के लोगों ने अपने गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए एकता का संकल्प लिया। नारायणपुर निवासी हीरा निषाद ने कहा कि किसी भी समाज को समाप्त करने के लिए उसके इतिहास को मिटाना जरूरी होता है, इसलिए समाज को जीवित रखने के लिए अपने इतिहास को जानना और संजोना आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन दलसिंगार निषाद ने किया। वक्ता अच्छेलाल ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही अपना मजबूत भविष्य और इतिहास बनाता है। अध्यक्षीय संबोधन में योगेंद्र प्रसाद निषाद ने शिक्षा, सामाजिक संगठन और नशा मुक्ति पर बल देते हुए समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया। इस मौके पर क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में निषाद समाज के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और एकता का माहौल बना रहा।2
- संतकबीरनगर । मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत रिजर्व पुलिस लाइन संतकबीरनगर के परेड ग्राउंड में सोमवार को जागरूकता कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी जयप्रकाश, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह तथा क्षेत्राधिकारी यातायात प्रियम राजशेखर पाण्डेय के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों तथा महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जागरूक किया गया। अधिकारियों ने ऑनलाइन ठगी से बचाव, सुरक्षित इंटरनेट बैंकिंग, सड़क सुरक्षा नियमों और महिला हेल्पलाइन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुलिस विभाग की महिला कर्मियों के साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जागरूकता अभियान को जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए, जिससे महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को और मजबूती मिल सके।1