उत्तर प्रदेश के बुनकर समाज की अर्थव्यवस्था बढ़ती लागत के कारण गंभीर संकट में है। मेरठ जिले से सामने आई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में जहाँ बुनकरों को ₹130 का फ्लैट रेट जमा करना होता था, वहीं अब 2026 में यह दर बढ़कर ₹800, ₹880, और कुछ मामलों में ₹920 तक पहुँच गई है। इसे एक 'बहुत गंभीर सवाल' बताते हुए, बुनकर समाज से इस विषय पर विचार करने और अपनी बात को उत्तर प्रदेश सरकार तक पहुँचाने का आह्वान किया गया है। बुनकरों के रहबर बताए जा रहे राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने पहले बुनकरों की आवाज को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँचाया था। उस समय, मुख्यमंत्री ने बुनकर समाज को 'अपना' बताते हुए फ्लैट रेट को ₹800 या ₹600 के बजाय मात्र ₹200 करने का आश्वासन दिया था। ऐसे में, अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि बुनकर समाज अपनी मौजूदा समस्या को लेकर दानिश आजाद अंसारी तक क्यों नहीं पहुँच पा रहा है। गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है कि क्या ऐसी कोई मजबूरी है कि बुनकर समाज अपने व्यवसाय को टूटता हुआ देखने के बावजूद आवाज नहीं उठा रहा है। यह पूछा जा रहा है कि क्या बुनकर समाज का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा, क्या उनकी कोई फरियाद नहीं सुनी जाएगी, और क्या वे अपनी आवाज नहीं उठाएंगे। पोस्ट में वर्तमान सरकार के 'सबका साथ सबका विकास' के नारे के विपरीत, बुनकर समाज के मायूस रहने पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के बुनकर समाज की अर्थव्यवस्था बढ़ती लागत के कारण गंभीर संकट में है। मेरठ जिले से सामने आई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में जहाँ बुनकरों को ₹130 का फ्लैट रेट जमा करना होता था, वहीं अब 2026 में यह दर बढ़कर ₹800, ₹880, और कुछ मामलों में ₹920 तक पहुँच गई है। इसे एक 'बहुत गंभीर सवाल' बताते हुए, बुनकर समाज से इस विषय पर विचार करने और अपनी बात को उत्तर प्रदेश सरकार तक पहुँचाने का आह्वान किया गया है। बुनकरों के रहबर बताए जा रहे राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने पहले बुनकरों की आवाज को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँचाया था। उस समय, मुख्यमंत्री ने बुनकर समाज को 'अपना' बताते हुए फ्लैट रेट को ₹800 या ₹600 के बजाय मात्र ₹200 करने का आश्वासन दिया था। ऐसे में, अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि बुनकर समाज अपनी मौजूदा समस्या को लेकर दानिश आजाद अंसारी तक क्यों नहीं पहुँच पा रहा है। गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है कि क्या ऐसी कोई मजबूरी है कि बुनकर समाज अपने व्यवसाय को टूटता हुआ देखने के बावजूद आवाज नहीं उठा रहा है। यह पूछा जा रहा है कि क्या बुनकर समाज का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा, क्या उनकी कोई फरियाद नहीं सुनी जाएगी, और क्या वे अपनी आवाज नहीं उठाएंगे। पोस्ट में वर्तमान सरकार के 'सबका साथ सबका विकास' के नारे के विपरीत, बुनकर समाज के मायूस रहने पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
- उत्तर प्रदेश के बुनकर समाज की अर्थव्यवस्था बढ़ती लागत के कारण गंभीर संकट में है। मेरठ जिले से सामने आई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में जहाँ बुनकरों को ₹130 का फ्लैट रेट जमा करना होता था, वहीं अब 2026 में यह दर बढ़कर ₹800, ₹880, और कुछ मामलों में ₹920 तक पहुँच गई है। इसे एक 'बहुत गंभीर सवाल' बताते हुए, बुनकर समाज से इस विषय पर विचार करने और अपनी बात को उत्तर प्रदेश सरकार तक पहुँचाने का आह्वान किया गया है। बुनकरों के रहबर बताए जा रहे राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने पहले बुनकरों की आवाज को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँचाया था। उस समय, मुख्यमंत्री ने बुनकर समाज को 'अपना' बताते हुए फ्लैट रेट को ₹800 या ₹600 के बजाय मात्र ₹200 करने का आश्वासन दिया था। ऐसे में, अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि बुनकर समाज अपनी मौजूदा समस्या को लेकर दानिश आजाद अंसारी तक क्यों नहीं पहुँच पा रहा है। गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है कि क्या ऐसी कोई मजबूरी है कि बुनकर समाज अपने व्यवसाय को टूटता हुआ देखने के बावजूद आवाज नहीं उठा रहा है। यह पूछा जा रहा है कि क्या बुनकर समाज का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा, क्या उनकी कोई फरियाद नहीं सुनी जाएगी, और क्या वे अपनी आवाज नहीं उठाएंगे। पोस्ट में वर्तमान सरकार के 'सबका साथ सबका विकास' के नारे के विपरीत, बुनकर समाज के मायूस रहने पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।1
- मेरठ जिले के सरधना तहसील क्षेत्र में स्थित देवी मंदिर पर आज सुंदरकांड का पाठ आयोजित किया गया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सरधना में भाजपाइयों द्वारा एक योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सरधना गंज बाजार स्थित के.के. पब्लिक स्कूल के प्रांगण में संपन्न हुआ। इस आयोजन में ठाकुर संगीत सोम ने मुख्य अतिथि के तौर पर नेतृत्व किया।1
- भारतीय किसान यूनियन बाबा के जिला अध्यक्ष पद पर मुकेश शर्मा को नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि ठाकुर धर्मेंद्र सिंह सिसोदिया ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। इस अवसर पर मुकेश शर्मा को हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं, और कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे।1
- मेरठ के बुढ़ाना गेट क्षेत्र में मोहर्रम की पाँचवीं तारीख के अवसर पर एक पारंपरिक जुलूस पूरी अकीदत और अनुशासन के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अज़ादार शामिल हुए, जिन्होंने नोहाख्वानी और मातम के ज़रिए हज़रत इमाम हुसैन और करबला के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस के पूरे मार्ग पर एक गमगीन माहौल बना रहा, जिसके बीच अमन, इंसाफ और इंसानियत का संदेश लगातार गूंजता रहा। इस धार्मिक आयोजन के दौरान सामाजिक सद्भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली। हिंदू समाज के लोगों ने विभिन्न स्थानों पर अज़ादारों और राहगीरों के लिए रूह अफ़ज़ा और शरबत का वितरण कर उनकी सेवा की। इस पहल को स्थानीय लोगों ने खूब सराहा, जिसने गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक बेहतरीन तस्वीर पेश की। इसके अतिरिक्त, इस कार्यक्रम में हिंदू, सिख और सुन्नी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की। कई उपस्थित लोगों ने जुलजिनाह (ज़ुलजनाह) के साथ तस्वीरें खिंचवाकर आपसी प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने इस अवसर पर कहा कि मोहर्रम की सीख हमें इंसाफ, त्याग और मानवता के उच्च मूल्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है। बुढ़ाना गेट से निकला यह जुलूस धार्मिक आस्था का प्रतीक होने के साथ-साथ सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का भी एक सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र में एक दिल्ली निवासी युवती ने अपने बॉयफ्रेंड से मिलने के बाद सड़क पर जमकर हंगामा किया। यह घटना उस वक्त सामने आई जब युवती कथित तौर पर नशे की हालत में थी और उसने राहगीरों व पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की। युवती पर आरोप है कि उसने एक युवक को थप्पड़ मारा और एक पुलिसकर्मी की वर्दी भी खींची। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए महिला पुलिसकर्मी को बुलाना पड़ा, जिन्होंने आखिरकार युवती को काबू किया। पुलिस ने इस मामले में युवती और उसके बॉयफ्रेंड दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ शांति भंग करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- मेरठ में एक पिता ने घरेलू कलह के चलते अपने बेटे पर उबलता हुआ पानी डाल दिया।1