जनजातीय आवासीय उच्च विद्यालय, गारू के तत्वावधान में बुधवार को एक भव्य नशा मुक्ति जागरूकता फ्लैग मार्च निकाला गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस फ्लैग मार्च में विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह मार्च विद्यालय परिसर से शुरू होकर गारू मुख्य बाजार के विभिन्न मार्गों से गुजरा और फिर वापस विद्यालय परिसर में ही संपन्न हुआ। मार्च के दौरान, विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “नशा है बर्बादी की राह”, और “स्वस्थ समाज का आधार, नशामुक्त परिवार” जैसे प्रेरणादायक और नशा मुक्ति से जुड़े नारे लगाए, जिससे बाजार क्षेत्र में उपस्थित लोगों का ध्यान इस महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे की ओर आकर्षित हुआ। स्थानीय नागरिकों ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज हित में एक सकारात्मक पहल बताया। कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इस बात पर जोर दिया कि नशा न केवल व्यक्ति, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए इसके प्रति जागरूकता फैलाना समय की आवश्यकता है। विद्यालय प्रबंधन ने आगे बताया कि भविष्य में भी ऐसे जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
जनजातीय आवासीय उच्च विद्यालय, गारू के तत्वावधान में बुधवार को एक भव्य नशा मुक्ति जागरूकता फ्लैग मार्च निकाला गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस फ्लैग मार्च में विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह मार्च विद्यालय परिसर से शुरू होकर गारू मुख्य बाजार के विभिन्न मार्गों से गुजरा और फिर वापस विद्यालय परिसर में ही संपन्न हुआ। मार्च के दौरान, विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “नशा है बर्बादी की राह”, और “स्वस्थ समाज का आधार, नशामुक्त परिवार” जैसे प्रेरणादायक और
नशा मुक्ति से जुड़े नारे लगाए, जिससे बाजार क्षेत्र में उपस्थित लोगों का ध्यान इस महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे की ओर आकर्षित हुआ। स्थानीय नागरिकों ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज हित में एक सकारात्मक पहल बताया। कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इस बात पर जोर दिया कि नशा न केवल व्यक्ति, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए इसके प्रति जागरूकता फैलाना समय की आवश्यकता है। विद्यालय प्रबंधन ने आगे बताया कि भविष्य में भी ऐसे जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
- जनजातीय आवासीय उच्च विद्यालय, गारू के तत्वावधान में बुधवार को एक भव्य नशा मुक्ति जागरूकता फ्लैग मार्च निकाला गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस फ्लैग मार्च में विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह मार्च विद्यालय परिसर से शुरू होकर गारू मुख्य बाजार के विभिन्न मार्गों से गुजरा और फिर वापस विद्यालय परिसर में ही संपन्न हुआ। मार्च के दौरान, विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “नशा है बर्बादी की राह”, और “स्वस्थ समाज का आधार, नशामुक्त परिवार” जैसे प्रेरणादायक और नशा मुक्ति से जुड़े नारे लगाए, जिससे बाजार क्षेत्र में उपस्थित लोगों का ध्यान इस महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे की ओर आकर्षित हुआ। स्थानीय नागरिकों ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज हित में एक सकारात्मक पहल बताया। कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इस बात पर जोर दिया कि नशा न केवल व्यक्ति, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए इसके प्रति जागरूकता फैलाना समय की आवश्यकता है। विद्यालय प्रबंधन ने आगे बताया कि भविष्य में भी ऐसे जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।2
- झारखंड के चंदवा में बिहार के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। ब्राह्मण संगठन और सार्वभौम शाकद्वीपीय समाज के तत्वावधान में आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा में, उपस्थित लोगों ने कैंडल जलाकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी और मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग उठाई। कार्यक्रम के दौरान, लोगों ने भरत भूषण तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद एक कैंडल मार्च निकालकर घटना के प्रति अपना विरोध और संवेदना व्यक्त की गई। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बताया कि इस एनकाउंटर को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसके कारण सच्चाई सामने लाने के लिए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच करवाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति के साथ न्याय होना उसकी मूल भावना है, अतः सरकार को इस मामले की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए। श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे, जिन्होंने एक स्वर में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए न्याय की उम्मीद जताई। कार्यक्रम के अंत में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया। लोगों ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आ जाती, तब तक न्याय की यह मांग जारी रहेगी।1
- यह बात कही गई है कि सरना कोड की मांग से कहीं अधिक महत्वपूर्ण आवश्यकता इस तथ्य को समझना है कि आदिवासी हिंदू समाज का एक अभिन्न अंग हैं। इस विचार पर जोर दिया गया है कि सरना और सनातन एक ही हैं, जो इन समुदायों के बीच मूलभूत एकता को स्थापित करता है।1
- लातेहार जिले के महुआडार प्रखंड अंतर्गत चैनपुर ग्राम पंचायत में निर्माणाधीन अस्पताल का निरीक्षण बुधवार शाम 5:00 बजे पंचायत के जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। इस निरीक्षण दल में महुआडार प्रखंड की प्रखंड प्रमुख कंचन कुजूर, महुआडार जिला परिषद सदस्य स्टेला नगेसिया और भवन प्रमंडल लातेहार के कनीय अभियंता मनीष कुमार शामिल थे। निरीक्षण के दौरान, निर्माण कार्य कर रहे संवेदक को कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए।1
- लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत कोलवरी क्षेत्र के आरा गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ तालाब में गिरने से तीन बच्चों की मौत हो गई। बताया गया है कि बालूमाथ प्रखंड के कोलवारी क्षेत्र आरा गांव में पानी की भीषण किल्लत है, जिसके कारण छोटे बच्चे भी पानी के लिए तरस रहे हैं। इसी जल संकट के चलते जब वे बच्चे पानी पीने के लिए तालाब पर गए, तो दुर्भाग्यवश तालाब में गिरने के कारण उनकी मौत हो गई। यह घटना झारखंड की कड़वी असलियत को दर्शाती है।1
- मनिका प्रखंड के कुटमू ग्राम में स्थानीय चंद्रवंशी समाज के लोगों द्वारा शिव चर्चा और एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। कुटमू निवासी जगदेव कहार के तत्वावधान में हुई इस शिव चर्चा में कमलेश चंद्रवंशी, विजय चंद्रवंशी, अशोक चंद्रवंशी, आशीष चंद्रवंशी, अंशु चंद्रवंशी, भोलू गिरी, रामलखन प्रसाद, प्रभु चंद्रवंशी, संतोष चंद्रवंशी सहित अन्य कई श्रद्धालु मौजूद रहे।1
- झारखंड के लोहरदगा में, पेड़ से सीधे फल तोड़कर खाने का अपना ही एक अलग मज़ा है, जिसे अनुभव करने वाला व्यक्ति सोच में पड़ जाता है और आश्चर्यचकित भी होता है।1
- झारखंड के लोहरदगा जिला अंतर्गत कुड़ू प्रखंड के जिमा चटकपुर गांव से एक ट्रैक्टर चोरी हो गया है। ट्रैक्टर मालिक ने इस घटना के संबंध में प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। मालिक ने बताया कि उन्होंने अपनी गाड़ी रात 8:00 बजे खड़ी की थी, और उन्हें संदेह है कि इस चोरी की वारदात में गांव के लोग भी शामिल हो सकते हैं।1