वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में स्थित चोलापुर विकासखंड के भन्दहा कला गाँव में मुख्य नहर से गाँव को जोड़ने वाली चकरोड और उससे सटी चक नाली पर दबंगों के अवैध कब्जे से ग्रामीण अत्यधिक परेशान हैं। शिकायत के अनुसार, दबंगों ने सरकारी नाली की दीवार तोड़कर उस पर अपनी निजी दीवार खड़ी कर दी है, जिससे गाँव में आवागमन और सिंचाई दोनों बुरी तरह बाधित हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस अवैध कब्जे को हटवाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल और समाधान दिवस पर कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे थक-हारकर, शनिवार को प्रधान प्रतिनिधि कैलाश यादव के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीण पुलिस आयुक्त और मंडलायुक्त से मिले। उन्होंने अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर सरकारी रास्ता और नाली को कब्जामुक्त कराने की तत्काल मांग की। इस मामले में लेखपाल ने अपनी आख्या (रिपोर्ट) में स्पष्ट किया है कि जिस पक्की नाली पर कब्जा किया गया है, उसका निर्माण वर्ष 2015 में ग्रामसभा निधि से कराया गया था। लेखपाल की रिपोर्ट में इस नाली पर किए गए कब्जे को पूरी तरह से अवैध बताया गया है। ज्ञापन देने वालों में प्रधान प्रतिनिधि कैलाश यादव, क्षेत्र पंचायत सदस्य रामाश्रय यादव, विमलेश यादव, पूर्व प्रधान घनश्याम सिंह और धीरज यादव सहित कई ग्रामीण शामिल थे, जिन्होंने अधिकारियों से इस अवैध कब्जे को तुरंत हटवाने की अपील की।
वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में स्थित चोलापुर विकासखंड के भन्दहा कला गाँव में मुख्य नहर से गाँव को जोड़ने वाली चकरोड और उससे सटी चक नाली पर दबंगों के अवैध कब्जे से ग्रामीण अत्यधिक परेशान हैं। शिकायत के अनुसार, दबंगों ने सरकारी नाली की दीवार तोड़कर उस पर अपनी निजी दीवार खड़ी कर दी है, जिससे गाँव में आवागमन और सिंचाई दोनों बुरी तरह बाधित हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस अवैध कब्जे को हटवाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल और समाधान दिवस पर कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे थक-हारकर, शनिवार को प्रधान प्रतिनिधि कैलाश यादव के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीण पुलिस आयुक्त और मंडलायुक्त से मिले। उन्होंने अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर सरकारी रास्ता और नाली को कब्जामुक्त कराने की तत्काल मांग की। इस मामले में लेखपाल ने अपनी आख्या (रिपोर्ट) में स्पष्ट किया है कि जिस पक्की नाली पर कब्जा किया गया है, उसका निर्माण वर्ष 2015 में ग्रामसभा निधि से कराया गया था। लेखपाल की रिपोर्ट में इस नाली पर किए गए कब्जे को पूरी तरह से अवैध बताया गया है। ज्ञापन देने वालों में प्रधान प्रतिनिधि कैलाश यादव, क्षेत्र पंचायत सदस्य रामाश्रय यादव, विमलेश यादव, पूर्व प्रधान घनश्याम सिंह और धीरज यादव सहित कई ग्रामीण शामिल थे, जिन्होंने अधिकारियों से इस अवैध कब्जे को तुरंत हटवाने की अपील की।
- चहनियां कस्बे की ग्रामसभा खंडवारी में भीषण गर्मी के बीच पशु-पक्षियों और निराश्रित जीव-जंतुओं के लिए शुद्ध पेयजल का एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह पहल पूर्व प्रधान और वरिष्ठ समाजसेवी भज्जू राम सिंह चौहान के नेतृत्व में की जा रही है, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। इस अभियान के तहत गांव के प्रमुख स्थानों पर जलपात्र और टंकियां स्थापित की गई हैं, ताकि गायों, बछड़ों, पक्षियों और अन्य सभी जीवों के लिए नियमित रूप से स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जा सके। इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गर्मी में पानी की कमी से किसी भी जीव की जान न जाए। पूर्व प्रधान भज्जू राम सिंह चौहान ने इस पहल को रेखांकित करते हुए कहा कि 'जल ही जीवन है' और 'प्रत्येक जीव को जीने का अधिकार है'। उन्होंने इसे मानवता का सच्चा धर्म बताया, जो न केवल मनुष्यों बल्कि पशु-पक्षियों की सेवा को भी शामिल करता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थलों पर पानी की व्यवस्था करें। ग्रामीणों का मानना है कि यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण, गौसंरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता के संदेश से प्रेरित है। उनका कहना है कि यह अभियान समाज में सेवा और करुणा के भाव को मजबूत करेगा। सामाजिक संगठनों ने भी इस कदम को मानवता और जीव संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय कार्य बताया है, जिसकी चर्चा अब खंडवारी के साथ-साथ आसपास के गांवों में भी हो रही है।1
- वाराणसी के भन्दहा कला गाँव में चकरोड और नाली पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण पुलिस आयुक्त के दरबार में अपनी शिकायत लेकर पहुँचे हैं।1
- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद एक ऐसे बयान पर भड़क उठे हैं, जिसने उन्हें गहरे गुस्से से भर दिया है और उनका खून खौल उठा है। उन्होंने एक व्यक्ति को 'नीच' और 'निर्लज्ज' बताते हुए उस पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसने कथित तौर पर "अपनी माँ तक का विश्लेषण कर दिया कि 14 वर्ष के बाद खा लेना चाहिए"। शंकराचार्य ने गुस्से में स्पष्ट किया कि इस तरह के व्यक्ति को 2027 में निश्चित रूप से इसका जवाब मिलेगा।1
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोल्हापुर में शिवसेना की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब कोई गुट नहीं बचा है और शिवसेना सिर्फ एक ही इकाई रह गई है। शाह ने यह भी बताया कि पहले शिवसेना के भीतर "शिंदे गुट" को (एकनाथ) शिंदे गुट के नाम से संबोधित करना पड़ता था, लेकिन अब ऐसी कोई आवश्यकता नहीं है, जो पार्टी के एकीकरण का संकेत है।1
- चंदौली जिले में पानी की कमी और नहरों की सफाई न होने के मुद्दे पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिलाध्यक्ष घनश्याम प्रधान ने एक बड़ा बयान जारी किया है।1
- धीना के गुरैनी पंप कैनाल स्थित गंगा तट पर किसानों का गंगा कटान रोकथाम की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को 25वें दिन भी जारी रहा। धरनारत किसानों ने प्रशासन पर उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाते हुए अपने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। किसानों का कहना है कि यह आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुँच चुका है। किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने बताया कि 25 दिनों से लगातार धरना प्रदर्शन के बावजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने किसानों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। किसान नेता रविंद्र सिंह 'मुन्ना' ने आरोप लगाया कि प्रशासन की उदासीनता के कारण हजारों एकड़ कृषि भूमि गंगा की धारा में समाहित हो चुकी है, और सिंचाई विभाग द्वारा मिट्टी भरी बोरियां डालकर कटान रोकने का प्रयास केवल एक अस्थायी उपाय है, जो बिल्कुल भी स्थायी समाधान नहीं है। किसानों ने पत्थरों के बोल्डर, तारजाल और अन्य तकनीकी उपायों के माध्यम से जमीनी स्तर पर मजबूत कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है। धरने की अध्यक्षता कर रहे शिवराज सिंह ने यह भी कहा कि कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौके पर आकर सिर्फ औपचारिकता निभाकर लौट गए, जबकि किसानों की मूल समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है। दीनानाथ श्रीवास्तव ने उम्मीद जताई कि 21 जून को क्षेत्रीय विधायक के आने की संभावना है और किसान उनसे आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कटानरोधी कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई, तो किसान आर-पार की लड़ाई लड़ने को बाध्य होंगे। किसानों ने साफ किया है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। इस धरना-प्रदर्शन में आशीष कुमार, मुन्ना सिंह, प्यारेलाल, शिवराज, रामआशीष, धनंजय, गुरुप्रकाश, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।3
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में स्थित चोलापुर विकासखंड के भन्दहा कला गाँव के निवासी मुख्य नहर से गाँव को जोड़ने वाली चकरोड और उससे सटी चक नाली पर दबंगों के अवैध कब्जे से अत्यधिक परेशान हैं। ग्रामीणों की शिकायत है कि दबंगों ने सरकारी नाली की दीवार को तोड़कर उस पर अपनी निजी दीवार खड़ी कर दी है, जिसके कारण गाँव में आवागमन और सिंचाई दोनों बुरी तरह से बाधित हो गए हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, ग्रामीणों ने पुलिस आयुक्त से न्याय और हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में स्थित चोलापुर विकासखंड के भन्दहा कला गाँव में मुख्य नहर से गाँव को जोड़ने वाली चकरोड और उससे सटी चक नाली पर दबंगों के अवैध कब्जे से ग्रामीण अत्यधिक परेशान हैं। शिकायत के अनुसार, दबंगों ने सरकारी नाली की दीवार तोड़कर उस पर अपनी निजी दीवार खड़ी कर दी है, जिससे गाँव में आवागमन और सिंचाई दोनों बुरी तरह बाधित हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस अवैध कब्जे को हटवाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल और समाधान दिवस पर कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे थक-हारकर, शनिवार को प्रधान प्रतिनिधि कैलाश यादव के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीण पुलिस आयुक्त और मंडलायुक्त से मिले। उन्होंने अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर सरकारी रास्ता और नाली को कब्जामुक्त कराने की तत्काल मांग की। इस मामले में लेखपाल ने अपनी आख्या (रिपोर्ट) में स्पष्ट किया है कि जिस पक्की नाली पर कब्जा किया गया है, उसका निर्माण वर्ष 2015 में ग्रामसभा निधि से कराया गया था। लेखपाल की रिपोर्ट में इस नाली पर किए गए कब्जे को पूरी तरह से अवैध बताया गया है। ज्ञापन देने वालों में प्रधान प्रतिनिधि कैलाश यादव, क्षेत्र पंचायत सदस्य रामाश्रय यादव, विमलेश यादव, पूर्व प्रधान घनश्याम सिंह और धीरज यादव सहित कई ग्रामीण शामिल थे, जिन्होंने अधिकारियों से इस अवैध कब्जे को तुरंत हटवाने की अपील की।1
- उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक भागवत कथा का आयोजन हो रहा था, जिसके दौरान कंस वध का प्रसंग आया। इस अवसर पर, कुछ उत्साही श्रद्धालुओं ने खुशी मनाते हुए फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी के परिणामस्वरूप, दो भक्तगणों को गोली लग गई, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से पुलिस उन उत्साही श्रद्धालुओं की तलाश कर रही है।1