Shuru
Apke Nagar Ki App…
सहायक अभियंता (एईएन) दुर्गालाल ने स्पष्ट किया है कि जनहानि को रोकना और बिजली व्यवस्था में सुधार करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग ने आमजन से आह्वान किया है कि यदि कहीं भी टूटे तार, स्पार्किंग या किसी भी प्रकार का फॉल्ट दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दी जाए।
Dilip sen
सहायक अभियंता (एईएन) दुर्गालाल ने स्पष्ट किया है कि जनहानि को रोकना और बिजली व्यवस्था में सुधार करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग ने आमजन से आह्वान किया है कि यदि कहीं भी टूटे तार, स्पार्किंग या किसी भी प्रकार का फॉल्ट दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दी जाए।
More news from राजस्थान and nearby areas
- ब्यावर में 5 जून की बीती रात लगभग 2:30 बजे आए तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश ने रीको-III औद्योगिक क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अनुमान लगाया जा रहा है कि तूफान की तीव्रता 80-100 किमी प्रति घंटा रही होगी, जिसके कारण एक उद्योग इकाई का सोलर प्लांट मय स्ट्रक्चर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना से उद्योग को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तूफान इतना तीव्र था कि सोलर प्लांट में लगी लगभग 35 सोलर प्लेटें (पैनल) क्षतिग्रस्त हो गईं, जिनमें से कई अपनी जगह से उखड़कर टूट-बिखर गईं। इसके अलावा, उद्योग परिसर में लगा टिन शेड भी तेज हवाओं और सोलर के टूटने से क्षतिग्रस्त हो गया। औद्योगिक क्षेत्र की कई अन्य इकाइयों में भी नुकसान की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जबकि रातभर क्षेत्र में तेज गर्जना, बिजली चमकने और मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा। उद्योग प्रबंधन ने बताया है कि हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है। सौभाग्य से, इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मौसम विभाग ने पूर्व में ही तेज हवाओं और तूफान की चेतावनी जारी की थी, और आगामी दिनों में भी तेज हवाओं तथा बारिश की संभावना जताई है, जिसके मद्देनजर उद्योगों और आमजन को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।1
- अजमेर में ओबीसी मोर्चा ने जनगणना की प्रक्रिया के प्रथम चरण के संबंध में जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन प्रस्तुत किया है।1
- मशहूर राजस्थानी लोक गायक स्वरूप खान ने अपनी मौत से जुड़ी उन अफवाहों पर विराम लगा दिया है, जो सोशल मीडिया पर तब तेजी से फैली थीं जब गूगल ने अपने सूचना पेज पर उन्हें मृत घोषित कर दिया था। यह पहली बार नहीं है जब किसी स्टार की मौत की अफवाह उड़ी हो और इस लिस्ट में अब स्वरूप खान का नाम भी जुड़ गया है। सिंगर ने गूगल लिस्टिंग का एक स्क्रीनशॉट साझा किया है, जिसमें गलती से 2 जून, 2026 को उनकी मौत की तारीख बताई गई थी। स्वरूप खान ने अपने इंस्टाग्राम पर यह स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा, 'अभी हम जिंदा हैं' और इसके साथ एक हंसने वाला इमोजी तथा गूगल इंडिया को टैग भी किया। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया, जिससे फैंस को यह जानकर राहत मिली कि मौत की खबर गलत थी। कुछ लोगों ने उनकी कुशलता पर खुशी जताई, तो वहीं कई ने गूगल की इस लापरवाही पर सवाल भी उठाए। स्वरूप खान को अपनी मौत की अफवाहों के बारे में तब पता चला, जब उन्होंने अपने बारे में ऐसी खबरें पढ़ीं जो 2 जून को सामने आई थीं। उन खबरों में दावा किया गया था कि राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक जबरदस्त धूल भरे तूफान के दौरान एक रिसॉर्ट की दीवार गिरने से उनकी मौत हो गई थी। पीटीआई के अनुसार, पुलिस ने बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित सैम टूरिस्ट इलाके के एक रिसॉर्ट की दीवार सोमवार देर रात तेज हवाओं के कारण ढह गई थी, जिससे कई लोग घायल हुए थे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 वर्षीय गायक ने उसी शाम उस जगह पर गाना गाया था। रिसॉर्ट के मालिक बारोच खान ने बताया कि तूफान के दौरान मंच के पीछे बनी कंक्रीट की दीवार ढह गई थी, और जब यह हादसा हुआ तब शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए लगभग 40 मेहमान वहां मौजूद थे।1
- मांडल के समीप स्थित पाल गांव में हेडपंपों को तैयार करवाया गया है।1
- राजस्थान के बुढ़ा पुष्कर में जल संरक्षण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री दीया कुमारी जी और कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत साहब सहित अन्य प्रमुख व्यक्तियों का हार्दिक धन्यवाद किया गया है। जल संरक्षण कार्य के पूरा होने पर कलेक्टर साहब, जीईओ साहब, बीडीओ साहब, सरपंच साहब, ग्राम सेवक जी, ग्राम सेवक अधिकारी और सभी ग्रामवासियों का भी विशेष रूप से आभार व्यक्त किया गया है।3
- राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड के तत्वावधान में 5 जून, 2026 को ब्यावर की कृष्णा कॉलोनी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस हर्षोल्लास और जन-जागरूकता के साथ मनाया गया। इस दौरान आयोजित ग्रुप स्तरीय कला-कौशल शिविर में संस्था प्रधान श्री मोहन सिंह चौहान ने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया, साथ ही प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने को प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य करार दिया। उन्होंने विद्यार्थियों और स्काउट-गाइड सदस्यों को अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा जल, वन एवं वन्य जीवों की रक्षा का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री विमल चौहान और अध्यक्ष श्री सुरेश फूलवारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री कुंदनमल वर्मा, श्रीमती रेखा जनागल, श्री सुमित कुमार फौजदार, विद्या मैम, श्रीमती विमला चौहान, श्री नंद सिंह चौहान और श्री भगवान सिंह चौहान सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शिविर में विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने पशु-पक्षियों के लिए परिंडे तैयार किए। उन्होंने इन परिंडों को विभिन्न स्थानों पर लगाकर भीषण गर्मी में पक्षियों को पानी उपलब्ध कराने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के समापन पर, सभी उपस्थितजनों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जैव विविधता के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया, जिसके साथ ही विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला गया। यह कार्यक्रम प्रेरणादायी और जनहितकारी संदेशों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।3
- राजस्थान में संविदा नर्सिंग कर्मियों द्वारा शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना आज दूसरे दिन भी जारी रहा। इस धरने में संविदा पर कार्यरत नर्सिंग कर्मी शामिल हैं, जो अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।1
- सरवाड़ से संबंधित आज की सभी खास और महत्वपूर्ण खबरें एक साथ एक बुलेटिन में प्रस्तुत की जाएंगी। यह बुलेटिन खबरों को फटाफट अंदाज में दर्शकों तक पहुंचाएगा।1
- अजमेर नगर निगम के अस्थाई कर्मचारियों की हड़ताल आज चौथे दिन भी जारी रही, जिसके चलते कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने शव यात्रा निकाली और गांधी भवन पर पुतला दहन किया, साथ ही जमकर नारेबाजी भी की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में स्थायीकरण और वेतन वृद्धि शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस हड़ताल के कारण नगर निगम की कई सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी और समाज के लोग उपस्थित रहे।1