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मांडल के समीप स्थित पाल गांव में हेडपंपों को तैयार करवाया गया है।
Ramdev salvi
मांडल के समीप स्थित पाल गांव में हेडपंपों को तैयार करवाया गया है।
- Ramdev salviअजमेर, अजमेर, राजस्थान🙏🙏2 hrs ago
- Ramdev salviअजमेर, अजमेर, राजस्थान🙏2 hrs ago
- Ramdev salviअजमेर, अजमेर, राजस्थान🤝2 hrs ago
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- मशहूर राजस्थानी लोक गायक स्वरूप खान ने अपनी मौत से जुड़ी उन अफवाहों पर विराम लगा दिया है, जो सोशल मीडिया पर तब तेजी से फैली थीं जब गूगल ने अपने सूचना पेज पर उन्हें मृत घोषित कर दिया था। यह पहली बार नहीं है जब किसी स्टार की मौत की अफवाह उड़ी हो और इस लिस्ट में अब स्वरूप खान का नाम भी जुड़ गया है। सिंगर ने गूगल लिस्टिंग का एक स्क्रीनशॉट साझा किया है, जिसमें गलती से 2 जून, 2026 को उनकी मौत की तारीख बताई गई थी। स्वरूप खान ने अपने इंस्टाग्राम पर यह स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा, 'अभी हम जिंदा हैं' और इसके साथ एक हंसने वाला इमोजी तथा गूगल इंडिया को टैग भी किया। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया, जिससे फैंस को यह जानकर राहत मिली कि मौत की खबर गलत थी। कुछ लोगों ने उनकी कुशलता पर खुशी जताई, तो वहीं कई ने गूगल की इस लापरवाही पर सवाल भी उठाए। स्वरूप खान को अपनी मौत की अफवाहों के बारे में तब पता चला, जब उन्होंने अपने बारे में ऐसी खबरें पढ़ीं जो 2 जून को सामने आई थीं। उन खबरों में दावा किया गया था कि राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक जबरदस्त धूल भरे तूफान के दौरान एक रिसॉर्ट की दीवार गिरने से उनकी मौत हो गई थी। पीटीआई के अनुसार, पुलिस ने बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित सैम टूरिस्ट इलाके के एक रिसॉर्ट की दीवार सोमवार देर रात तेज हवाओं के कारण ढह गई थी, जिससे कई लोग घायल हुए थे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 वर्षीय गायक ने उसी शाम उस जगह पर गाना गाया था। रिसॉर्ट के मालिक बारोच खान ने बताया कि तूफान के दौरान मंच के पीछे बनी कंक्रीट की दीवार ढह गई थी, और जब यह हादसा हुआ तब शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए लगभग 40 मेहमान वहां मौजूद थे।1
- इस्लामी साल के पहले महीने मोहर्रम से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत अजमेर में जल्द होने वाली है, जिसमें हजरत इमाम हुसैन को याद किया जाएगा। ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में मोहर्रम को लेकर तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। अंजुमन सैयद जादगान की ओर से गुरुवार को एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सैयद अब्दुल हक चिश्ती को मोहर्रम बनाया गया। साथी कहीं रस मत का आयोजन भी होगा।1
- मांडल के समीप स्थित पाल गांव में हेडपंपों को तैयार करवाया गया है।1
- राजस्थान के अजमेर में ख्वाजा जी का जिक्र किया गया है। इस संदर्भ में @rahim का भी उल्लेख है।1
- अजमेर के मेहरूखुर्द क्षेत्र में सड़क पर शराबियों द्वारा करीब दो घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। इस घटना ने एक बार फिर मेहरूखुर्द में कथित तौर पर चल रही अवैध शराब शाखा को मिल रहे संरक्षण और उस पर अब तक कोई कार्रवाई न होने को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- एकम आसरा चेरिटेबल ट्रस्ट ने ब्यावर रेलवे स्टेशन पर जल सेवा का आयोजन किया।1
- अजमेर में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अलवर गेट थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने एक युवक को एक अवैध देशी पिस्टल, एक मैगजीन और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक आरोपी किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में संदिग्ध अवस्था में घूम रहा है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने रसूलपुरा क्षेत्र में घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन टीम ने उसे तत्परता से दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से अवैध देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपी हथियार से जुड़े कोई लाइसेंस संबंधी दस्तावेज पेश नहीं कर सका, जिसके बाद उसे आम्र्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस आरोपी से हथियार के स्रोत, उसकी संभावित आपराधिक योजना और उसके आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में गहनता से पूछताछ कर रही है। अलवर गेट थाना पुलिस की यह कार्रवाई पिछले दो दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।1
- अजमेर नगर निगम के अस्थाई कर्मचारियों की हड़ताल आज चौथे दिन भी जारी रही, जिसके चलते कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने शव यात्रा निकाली और गांधी भवन पर पुतला दहन किया, साथ ही जमकर नारेबाजी भी की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में स्थायीकरण और वेतन वृद्धि शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस हड़ताल के कारण नगर निगम की कई सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी और समाज के लोग उपस्थित रहे।1