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राजस्थान के अजमेर में ख्वाजा जी का जिक्र किया गया है। इस संदर्भ में @rahim का भी उल्लेख है।
Shahid Singer
राजस्थान के अजमेर में ख्वाजा जी का जिक्र किया गया है। इस संदर्भ में @rahim का भी उल्लेख है।
More news from Rajasthan and nearby areas
- एक 11 केवी बिजली लाइन पर पेड़ गिर गया है, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग लगभग 30 मिनट के भीतर आपूर्ति को पुनः चालू कर देगा।1
- विश्व पर्यावरण दिवस से एक दिन पहले, अजमेर में पर्यावरण संरक्षण और जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 'रन फॉर एनवायरमेंट' नामक जागरूकता दौड़ का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित यह दौड़ राजा साइकिल चौराहे से प्रारंभ होकर माटिण्डल ब्रिज तक चली, जिसमें जिला प्रशासन के सदस्यों, युवाओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित किया। इस पहल के माध्यम से सभी से प्रकृति के संरक्षण, जल बचाने, वृक्षारोपण को बढ़ावा देने और एक स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया गया। इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि स्वस्थ पर्यावरण ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।1
- अजमेर जिले की नसीराबाद सदर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक फर्जी चोरी प्रकरण का खुलासा किया है। पुलिस की जांच में यह सामने आया कि जिस व्यक्ति ने अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने का परिवाद दर्ज कराया था, वही अपनी ही गाड़ी का 'चोर' निकला।1
- पीसांगन उपखंड क्षेत्र के किसानों में शुक्रवार तड़के हुई तेज बारिश के बाद खुशी का माहौल छा गया है। मांगलियावास, जेठाना सहित आसपास के गाँवों में हुई इस बारिश से खेत पानी से लबालब हो गए हैं, जिससे किसान अब अपनी अगली फसल की तैयारी में जुटेंगे। इस बारिश ने आमजन को भी तेज़ गर्मी से बड़ी राहत दिलाई है, जिससे वे पहले से परेशान थे। सड़कों पर भी पानी के तेज़ बहाव से साफ-सफाई होती नज़र आई।2
- रियांबड़ी के अखावास गांव में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के कारण करंट लगने से दो भेड़ों की मौत हो गई। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है और वे संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बुधवार शाम से ही कृषि क्षेत्र में एक 11 केवी विद्युत लाइन का तार टूटकर जमीन पर पड़ा था, लेकिन विद्युत विभाग ने न तो उसकी मरम्मत की और न ही बिजली आपूर्ति बंद की। गुरुवार को किसान कालूराम नायक की दो भेड़ें खेत में चारा चरते समय इसी टूटे हुए, चालू तार की चपेट में आ गईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। कालूराम नायक ने बताया कि उन्होंने भेड़ों के पास से धुआं उठते देखा और मौके पर पहुँचने पर पता चला कि जमीन पर पड़ा 11 केवी लाइन का तार सक्रिय था। उन्होंने आशंका जताई कि अगर उन्हें समय रहते जानकारी नहीं मिलती, तो वे स्वयं भी करंट की चपेट में आ सकते थे। नायक ने विभाग की लापरवाही को हजारों रुपये के नुकसान का कारण बताते हुए मृत भेड़ों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है और हादसे की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग पर डाली है। घटना की सूचना मिलने पर हल्का पटवारी राजू पारीक ने मौके पर पहुँचकर मृत भेड़ों का निरीक्षण किया और एक रिपोर्ट तैयार की। यह रिपोर्ट किसान को सरकारी नियमानुसार अनुदान का लाभ दिलवाने के उद्देश्य से बनाई गई है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र में विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं; उन्होंने हाल ही में कौड़िया गांव में विद्युत लाइन से लगी आग का उदाहरण दिया, जिसमें एक किसान को 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था। इसके बावजूद विभाग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।1
- ब्यावर, 03 जून को आयोजित वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के मीडिया राउंड टेबल कार्यक्रम में जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान अभियान के तहत ब्यावर जिले को 14 लाख पौधारोपण का लक्ष्य मिला है। साथ ही, उन्होंने कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के माध्यम से प्रवासीजनों, भामाशाहों, सामाजिक संगठनों और आमजन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के प्रयास पर भी प्रकाश डाला। जिला कलक्टर श्री मीना ने कहा कि वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के क्रियान्वयन में मीडिया का सहयोग बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने मानसून से पहले जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता विकसित करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए बताया कि जल स्रोतों का संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से अभियान को और गति देने तथा इस महत्वपूर्ण विषय को प्राथमिकता से आमजन तक पहुंचाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान, जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए स्वयं अभियान में अंशदान किया। उन्होंने उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया, यह दोहराते हुए कि सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी से ही जल संरक्षण को प्रभावी जनआंदोलन का रूप दिया जा सकता है। उन्होंने इसे एक सतत सामाजिक दायित्व बताया, जिसके आज के प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। अधीक्षण अभियंता श्री श्याम लाल जांगिड़ ने अभियान की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक जिले में 5,062 से अधिक गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं। इनमें श्रमदान, जल स्रोतों की सफाई एवं पुनर्जीवन, जल पूजन, पौधारोपण, जनजागरूकता रैलियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्वच्छता गतिविधियां शामिल हैं, जिनमें आमजन की उल्लेखनीय भागीदारी रही है। इस अवसर पर सभी मीडिया कर्मियों और अधिकारियों को जल संरक्षण संकल्प की शपथ भी दिलाई गई। जिला कलक्टर ने मीडिया प्रतिनिधियों से अभियान के प्रभावी संचालन और व्यापक जनजागरूकता के लिए सुझाव भी मांगे, जिस पर मीडिया प्रतिनिधियों ने अपने बहुमूल्य सुझाव साझा करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री महिपाल सिंह सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।2
- जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने हाल ही में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के संबंध में ब्यावर का दौरा किया। इस दौरे के दौरान, उन्होंने एक बड़ी बैठक में भाग लिया और साथ ही निरीक्षण कार्य भी किया।1
- अजमेर जिले में देरांठू रोड लगातार हादसों का केंद्र बनता जा रहा है, जिससे वहाँ से गुजरने वाले राहगीर बेहद परेशान हैं। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और गंदे पानी का जमावड़ा लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं और लोग बेहाल हैं।1
- राजस्थान के बीजाथल गांव में प्रभुराम गुर्जर के 22 वर्षीय पुत्र दिनेश का शव घर से लगभग चार किलोमीटर दूर झाड़ियों के बीच एक पेड़ से लटका हुआ मिला। यह सूचना मिलते ही रास थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर जमा हो गए। जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर बकरियां चरा रहे एक युवक ने सबसे पहले शव को देखा, जिसके बाद उसने गांव में सूचना दी और ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया। मृतक की मोटरसाइकिल घटनास्थल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर मिली। रास थाना अधिकारी राजकुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बाद में एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी करवाई। परिजनों ने बताया कि दिनेश मंगलवार शाम किसी काम से घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा था। बुधवार दोपहर को शव मिलने की सूचना से पूरे परिवार में शोक छा गया। मृतक दिनेश अपनी मां को बचपन में ही खो चुके थे और वह परिवार का सबसे छोटा बेटा था, जिसके तीन बड़े भाई खेती का काम करते हैं। ग्रामीण अविनाश बोरानिया ने आशंका जताई है कि जिस स्थिति में शव पेड़ से लटका मिला है, उससे यह हत्या का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को रिपोर्ट देने की बात कही है। थाना अधिकारी राजकुमार ने पुष्टि की कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामले की गहन जांच की जाएगी। शव को पेड़ से उतारकर राजकीय चिकित्सालय भिजवा दिया गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद उसे परिजनों को सौंपा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और घटना की सच्चाई जल्द ही सामने लाई जाएगी।1