बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय चंद्रशेखर सिंह 'लल्लू बाबू' की 41वीं पुण्यतिथि पर, उनके पैतृक गांव जमुई के मलयपुर स्थित चंद्रशेखर उद्यान में एक भावभीनी श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर समाधि स्थल पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, कांग्रेस के नेताओं, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने उनकी समाधि पर श्रद्धा के पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की शुरुआत दो मिनट के मौन से हुई, जहाँ सभी ने दिवंगत नेता को सम्मानपूर्वक याद किया। वक्ताओं ने स्वर्गीय चंद्रशेखर सिंह के राजनीतिक जीवन, उनकी सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के प्रति उनके अटूट समर्पण को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर सिंह ने 14 अगस्त 1983 से 12 मार्च 1985 तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था और इस दौरान उन्होंने शिक्षा, ग्रामीण विकास और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्रद्धांजलि सभा में गूंजे प्रेरणा के संदेशों के बीच उपस्थित सभी लोगों ने उनके आदर्शों और जनसेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय चंद्रशेखर सिंह 'लल्लू बाबू' की 41वीं पुण्यतिथि पर, उनके पैतृक गांव जमुई के मलयपुर स्थित चंद्रशेखर उद्यान में एक भावभीनी श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर समाधि स्थल पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, कांग्रेस के नेताओं, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने उनकी समाधि पर श्रद्धा के पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की शुरुआत दो मिनट के मौन से हुई, जहाँ सभी ने दिवंगत नेता को सम्मानपूर्वक याद किया। वक्ताओं ने स्वर्गीय चंद्रशेखर सिंह के राजनीतिक जीवन, उनकी सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के प्रति उनके अटूट समर्पण को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर सिंह ने 14 अगस्त 1983 से 12 मार्च 1985 तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था और इस दौरान उन्होंने शिक्षा, ग्रामीण विकास और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्रद्धांजलि सभा में गूंजे प्रेरणा के संदेशों के बीच उपस्थित सभी लोगों ने उनके आदर्शों और जनसेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
- जमुई के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह को उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर देश और प्रदेश ने नमन किया। उन्हें सादगी और विकास का प्रतीक माना जाता है।1
- पटना के राजेंद्र नगर स्थित शाखा मैदान में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि के अवसर पर पर्यावरण भारती द्वारा एक विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान देव वृक्ष पीपल, बरगद और पाकड़ (जिन्हें त्रिदेव कहा गया) के पौधे लगाए गए। पर्यावरण प्रहरी संजीव कश्यप ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया, जिसमें प्रो. विनय सिंह (बिहारी भैया) का विशेष सहयोग रहा। पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने बताया कि जल, जमीन, जंगल, जानवर और जन (मानव) पर्यावरण के आधार हैं। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या, जंगलों की कटाई और ग्लोबल वार्मिंग को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। शाण्डिल्य ने प्रत्येक व्यक्ति से अपील की कि वे अपने घर के आसपास कम से कम 10 पौधे लगाएं और पाँच वर्षों तक उनकी देखभाल करें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पर्यावरण भारती वर्ष 2008 से लगातार वृक्षारोपण अभियान चला रही है और अब तक 1,24,153 पौधे लगाए जा चुके हैं। कार्यक्रम में वक्ताओं ने वृक्षों के संरक्षण, प्राकृतिक ऑक्सीजन, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। डॉ. मोहन सिंह, राम बिलास शाण्डिल्य, संजीव कश्यप और प्रो. विनय सिंह (बिहारी भैया) सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान में भाग लिया।1
- पके हुए प्राकृतिक अमरूद को मसलकर एक विशेष जैव रसायन तैयार किया जा रहा है। इस जैव रसायन का उद्देश्य पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देना, हरियाली में सुधार लाना और उनके उत्पादन को बढ़ाना है।1
- लखीसराय के केएसएस कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपने 78वें स्थापना दिवस और राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का उद्घाटन प्रो. अमित कुमार, विकास कुमार और प्रो. अरविंद कुमार ने संयुक्त रूप से किया। ABVP के विभाग संयोजक मनीष यदुवंशी और जिला संयोजक साहिल प्रकाश ने रक्तदान को मानवता की सर्वोच्च सेवा बताते हुए युवाओं से नियमित रक्तदान करने का आह्वान किया। शिविर में परिषद के कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ रक्तदान किया, जिससे सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश प्रसारित हुआ।1
- लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरतारा की छात्रा सिमरन पांडेय ने जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रखंड और अपने स्कूल का नाम रोशन किया है। सिमरन इस विद्यालय की पहली छात्रा हैं जिन्होंने नवोदय में चयन प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि उनका सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है, जिसके लिए वह हर संभव मेहनत करने को तैयार हैं। इस ऐतिहासिक सफलता पर बरतारा गांव में शनिवार को खुशी का माहौल रहा, जहाँ विद्यालय और ग्रामीणों ने मिलकर एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया। प्रधानाध्यापक संजय कुमार के नेतृत्व में समस्त विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने सिमरन और उनके पिता बम बम पांडेय को अंगवस्त्र, फूल-माला और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। समारोह में सिमरन के कक्षा 5 के वर्ग शिक्षक गुलशन कुमार, सहायक शिक्षक रवींद्र यादव, विजय कुमार, विवेक कुमार, अरुण कुमार सहित सभी शिक्षक और बच्चे उपस्थित थे, जहाँ छात्र-छात्राओं ने गीत-संगीत के माध्यम से अपनी खुशी व्यक्त की। प्रधानाध्यापक संजय कुमार ने सिमरन की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह बचपन से ही बरतारा के सरकारी विद्यालय की अनुशासित और पढ़ाई व गीत-संगीत में अव्वल छात्रा रही हैं, और आज उन्होंने सभी को गौरवान्वित किया है। वर्ग शिक्षक गुलशन कुमार ने अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया, जबकि सहायक शिक्षक रवींद्र यादव ने उम्मीद जताई कि सिमरन की यह उपलब्धि अन्य बच्चों को भी इतिहास रचने के लिए प्रेरित करेगी। बेटी की सफलता पर भावुक हुए पिता बम बम पांडेय ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बेटी ने गांव के सरकारी विद्यालय में पढ़कर ही नवोदय जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता पाई है। सिमरन पांडेय की यह कहानी उन सभी सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें साकार करने का हौसला रखते हैं, यह साबित करते हुए कि संसाधनों की कमी बुलंद हौसलों के आगे आड़े नहीं आती।1
- जमुई में पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर बाबू की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी सादगी को याद किया गया। इस मौके पर सुबोध कुमार मंडल ने चंद्रशेखर बाबू की सादगी का स्मरण किया।1
- लखीसराय जिला मुख्यालय स्थित मंत्रणा कक्ष सभागार में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन संख्या-03/2026 के तहत निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में अवर निरीक्षक (मद्य निषेध) पद के लिए आयोजित होने वाली प्रारंभिक लिखित प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारियों और विधि-व्यवस्था को लेकर एक संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने की। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी पंकज मुकुल मणि, साइबर डीएसपी सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। ब्रीफिंग के दौरान परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी एवं प्रशासनिक समन्वय को प्रभावी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित अधिकारियों ने भी परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर अपने-अपने सुझाव साझा किए। इन तैयारियों के मद्देनजर, लखीसराय प्रशासन अवर निरीक्षक प्रारंभिक परीक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट है।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित गरसंडा गांव निवासी छोटू यादव के 35 वर्षीय पुत्र सरवन यादव पटना के एक निजी अस्पताल, श्री साईं कृपा हॉस्पिटल, से लापता हो गए हैं, जिससे उनके परिजन गहरे सदमे और परेशानी में हैं। सरवन यादव को एक दुर्घटना के बाद लखीसराय के एक निजी क्लीनिक में शुरुआती इलाज मिला था, जिसके बाद बेहतर उपचार के लिए उन्हें पटना लाया गया था। उन्हें 2 जुलाई को पटना के श्री साईं कृपा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मरीज की गंभीर हालत के मद्देनजर उन्हें आईसीयू में रखा गया था। परिजनों के अनुसार, उसी रात लगभग 2:00 बजे उन्हें आईसीयू से बाहर जाने के लिए कहा गया और इसके करीब आधे घंटे बाद सरवन यादव अस्पताल से गायब हो गए। परिजनों ने जब मरीज की खोजबीन की और अस्पताल से इलाज संबंधी कागजात मांगे, तो कथित तौर पर अस्पताल कर्मियों ने उन कागजातों को फाड़ दिया। इस घटना से आक्रोशित होकर परिजनों ने पटना स्थित रामचंद्र नगर थाना में मामला दर्ज कराया। हालांकि, पांच दिन बीत जाने के बावजूद भी अभी तक न तो अस्पताल कर्मियों ने युवक के बारे में कोई जानकारी दी है कि वह जीवित है या मृत, और न ही पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई की गई है। इसके उलट, परिजनों का आरोप है कि उन्हें वहां से चले जाने का दबाव बनाया जा रहा है और धमकाया जा रहा है कि यदि वे नहीं जाते तो उन पर भी एफआईआर दर्ज की जाएगी।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत औरे गांव में गुरुवार सुबह घर के आगे साफ-सफाई कर रही एक महिला की विद्युत प्रवाहित लोहे के पुराने पोल के संपर्क में आने से मौत हो गई। मृतका की पहचान औरे गांव निवासी हरे राम सिंह की 71 वर्षीय पत्नी सुमन देवी के रूप में हुई है, जो हर दिन की तरह सुबह अपने घर के सामने सफाई कर रही थीं। इस दौरान वे उस पुराने लोहे के पोल के संपर्क में आ गईं, जिसमें पहले से ही विद्युत धारा प्रवाहित हो रही थी, जिससे वह तुरंत बेहोश हो गईं। ग्रामीणों, जिनमें जयशंकर सिंह, मुकेश सिंह, पैक्स अध्यक्ष दीपक शर्मा, मुखिया राजीव कुमार, नितेश कुमार, रवि, राजकुमार और राजा कुमार सिंह सहित दर्जनों लोग शामिल थे, ने बताया कि सुमन देवी को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल लखीसराय ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।1