सड़क दुर्घटना में पूर्व मुखिया की मौत, विरोध में एसएच जाम मौके पर पहुंची पुलिस मब्बी-कमतीौल एसएच 75 पर करजापट्टी गांव के पास मंगलवार देर शाम वाहन की टक्कर से बाइक सवार अहियारी दक्षिणी के पूर्व मुखिया खुशीद आलम उर्फ नीलू की मौत हो गई। वह अहियारी दक्षिणी के तीन बार मुखिया रह चुके थे। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मब्बी-कमतीौल एसएच को लगभग दो घंटे तक जाम रखा। सूचना मिलने पर एसडीपीओ शंभू कुमार सुमन के नेतृत्व में कमतीौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर मामला शांत कराया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। बताया गया कि दरभंगा की ओर जा रहे वाहन ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सव को परिजन को सौंप दिया गया
सड़क दुर्घटना में पूर्व मुखिया की मौत, विरोध में एसएच जाम मौके पर पहुंची पुलिस मब्बी-कमतीौल एसएच 75 पर करजापट्टी गांव के पास मंगलवार देर शाम वाहन की टक्कर से बाइक सवार अहियारी दक्षिणी के पूर्व मुखिया खुशीद आलम उर्फ नीलू की मौत हो गई। वह अहियारी दक्षिणी के तीन बार मुखिया रह चुके थे। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मब्बी-कमतीौल एसएच को लगभग दो घंटे तक जाम रखा। सूचना मिलने पर एसडीपीओ शंभू कुमार सुमन के नेतृत्व में कमतीौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर मामला शांत कराया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। बताया गया कि दरभंगा की ओर जा रहे वाहन ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सव को परिजन को सौंप दिया गया
- मब्बी-कमतीौल एसएच 75 पर करजापट्टी गांव के पास मंगलवार देर शाम वाहन की टक्कर से बाइक सवार अहियारी दक्षिणी के पूर्व मुखिया खुशीद आलम उर्फ नीलू की मौत हो गई। वह अहियारी दक्षिणी के तीन बार मुखिया रह चुके थे। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मब्बी-कमतीौल एसएच को लगभग दो घंटे तक जाम रखा। सूचना मिलने पर एसडीपीओ शंभू कुमार सुमन के नेतृत्व में कमतीौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर मामला शांत कराया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। बताया गया कि दरभंगा की ओर जा रहे वाहन ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सव को परिजन को सौंप दिया गया1
- dadpur public School Samastipur1
- दरभंगा आम लोगो का असली हालात कुछ काम नहीं बेकारी बेरोजगारी चरम पर.....1
- 🔴हाई वोल्टेज ड्रामा जमीन संबंधी पारिवारिक विवाद को लेकर समाहरणालय में हाइवोल्टेज ड्रामा1
- Post by LIVE CITY DARBHANGA1
- *बंद समस्तीपुर चीनी मिल को चालू करने की मांग को लेकर जुलूस निकालकर सभा किया* समस्तीपुर, 18 फरवरी 2026 बंद समस्तीपुर चीनी मिल को चालू करने की मांग को लेकर रेल विकास-विस्तार मंच एवं जिला विकास मंच के संयुक्त तत्वावधान में माधुरी चौक स्थित मंदीर से जुलूस निकालकर सभा किया गया। रेल विकास-विस्तार मंच एवं जिला विकास मंच से जुड़े बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मंगलवार को शाम में शहर के माधुरी चौक स्थित मंदीर के पास इकट्ठा होकर "बंद समस्तीपुर के चीनी मिल को चालू करो" नारे लगाते हुए जुलूस निकाला। जुलूस क्षेत्र भ्रमण के बाद पुनः माधुरी चौक के पास पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता मंच के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने किया। शंकर साह, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, राकेश ठाकुर, राम विनोद जीबछ पासवान, अरूण कुमार राय, राजेंद्र राय, पिंकू पासवान, रामलाल राम, संतोष कुमार निराला, डोमन राय, विश्वनाथ सिंह हजारी, रंभू राय, नंदू महतो, शाहीद हुसैन, मनोज कुमार राय, सुधीर प्रसाद गुप्ता, रामदयालू महतो आदि ने सभा को संबोधित किया। मौके पर सभा को संबोधित करते हुए मंच के वरीय सदस्य सह सेवानिवृत्त शिक्षक शंकर साह ने कहा कि अंग्रेज जमाने चालू किया गया समस्तीपुर चीनी मिल वर्षों से बंद पड़ा है। यह मिल प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हजारों परिवार का रोजी-रोटी, भरण-पोषण का साधन था। आज भी चीनी मिल के पास पर्याप्त जमीन है। यहां चौतरफा आवागमन का साधन है। सरकार इसे आसानी से चालू कर सकती है। राजद नेता राकेश ठाकुर एवं भाकपा माले के सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बंद समस्तीपुर चीनी मिल को चालू कराने को सभी राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, छात्र-नौजवानों, मजदूर-किसानों से संघर्ष तेज करने की अपील की। विदित हो कि समस्तीपुर चीनी मिल की स्थापना 1917 में अंग्रेज सरकार द्धारा की गई थी। यह मिल शुरू में अच्छी तरह से चल रही थी लेकिन 1995 में इसे बंद कर दिया गया था। इसके बाद से मिल को फिर से चालू करने के कई प्रयास किए गये लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।1
- बंद समस्तीपुर चीनी मील को खोलने की मांग को लेकर समस्तीपुर शहर में निकाली गई रैली..1
- बिहार महिला समाज के बैनर तले अपहरण, बलात्कार एवं महिलाओं की लगातार हो रही हत्या की घटनाओं के विरोध में दरभंगा जिला मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर महिलाओं ने रोषपूर्ण धरना दिया और प्रतिवाद मार्च निकाली । धरना के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। हाल के दिनों में दरभंगा में 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना को लेकर महिलाओं में भारी आक्रोश देखा गया। धरना में शामिल महिलाओं ने एक सुर में घटना के आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। साथ ही पीड़ित बच्ची के परिजनों को उचित मुआवजा देने और मामले की त्वरित सुनवाई कर न्याय दिलाने की मांग की गई। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1