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गोरखपुर जिले में स्थित नौका विहार पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है। यह विश्व प्रसिद्ध नौका विहार अब पूर्वांचल का एक महत्वपूर्ण आकर्षण बिंदु है, जहां बड़ी संख्या में लोग दूर-दूर से अपने परिवारों के साथ घूमने आ रहे हैं।
Sunil kumar sharma
गोरखपुर जिले में स्थित नौका विहार पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है। यह विश्व प्रसिद्ध नौका विहार अब पूर्वांचल का एक महत्वपूर्ण आकर्षण बिंदु है, जहां बड़ी संख्या में लोग दूर-दूर से अपने परिवारों के साथ घूमने आ रहे हैं।
- Sujeet Kumarमोहनलालगंज, लखनऊ, उत्तर प्रदेश😤10 hrs ago
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- Post by विजय कुमार1
- देवरिया जनपद में पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर द्वारा अपराध, अपराधियों और शराब तस्करी की रोकथाम हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। इस अभियान के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी भाटपार रानी अंशुमन श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में, थाना बनकटा पुलिस ने अवैध शराब तस्करी से संबंधित एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान जितेंद्र यादव (पुत्र स्व० राजेंद्र यादव), निवासी जगदीशपुर, थाना श्रीरामपुर, जनपद देवरिया के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 42 वर्ष बताई गई है। यह गिरफ्तारी दिनांक 27.05.2026 को मुखबिर की सूचना पर उसके घर से की गई। अभियुक्त थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 06/2026 धारा 341(2), 61(2)A बीएनएस और 60/63 आबकारी अधि0 से संबंधित मामले में वांछित था। पुलिस द्वारा नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- गोरखपुर जिले में स्थित नौका विहार पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है। यह विश्व प्रसिद्ध नौका विहार अब पूर्वांचल का एक महत्वपूर्ण आकर्षण बिंदु है, जहां बड़ी संख्या में लोग दूर-दूर से अपने परिवारों के साथ घूमने आ रहे हैं।1
- देवरिया जिले की बरियारपुर पुलिस ने हत्या से जुड़े एक मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान हत्या में इस्तेमाल किया गया आला कत्ल भी बरामद करने में सफलता पाई है।1
- देवरिया जनपद के बरियारपुर थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के दौरान एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार को सुबह 10 बजे से पहले चकरवाधूस स्थित निर्माणाधीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कार्यालय भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण में जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि कार्य में गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए और किसी भी तरह की लापरवाही या मानकों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्हें बताया गया कि 10 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना में अब तक 7 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है, जिससे लगभग 80 प्रतिशत भौतिक प्रगति पूरी हो गई है। शेष 3 करोड़ 61 लाख रुपये की धनराशि के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि शेष धनराशि मिलते ही बचे हुए निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कर लिया जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शासन स्तर पर समन्वय स्थापित कर शेष धनराशि शीघ्र प्राप्त की जाए और आवंटन मिलने के दो माह के भीतर ही निर्माण कार्य पूर्ण कर भवन हैंडओवर की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के समय डीएसटीओ मृत्युजंय चतुर्वेदी और कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता बी पी सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।1
- देवरिया जनपद के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ मनीष कुमार नाम का एक पति अपनी पत्नी और बच्चे को वापस बुलाने की गुहार लगाते हुए रो रहा है। मनीष ने अपने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी शादी सोनल से 2022 में हुई थी, जिसके बाद उनका दांपत्य जीवन बहुत खुशहाल चल रहा था और उन्हें एक बेटा भी हुआ। मनीष के अनुसार, समय बीतने के साथ उनकी पत्नी के मायके वाले लगातार उनसे संपर्क साधते रहे और उनके बारे में 'उल्टा सीधा' कहकर भड़काने लगे। इसी भड़काने के परिणामस्वरूप, उनकी पत्नी बच्चे को लेकर अपने माता-पिता के पास चली गईं। मनीष ने बताया कि काफी मान-मनौवल के बावजूद उनकी पत्नी वापस नहीं आ रही हैं, और उनके ससुर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। अब बेबस मनीष कुमार जिला प्रशासन से अपनी पत्नी और बच्चे को वापस उनके पास भिजवाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उनके बूढ़े माँ और बाप के सिवा उनका और कोई नहीं है। यह घटना एक बेबस पिता की कहानी बयां करती है जो अपनी पत्नी और बच्चे के लिए तड़प रहा है, क्योंकि उसकी पत्नी ससुराल छोड़कर मायके चली गई है।1
- पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में पुलिस कार्रवाई के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े स्थानीय दबंगों और नेताओं को पुलिस आधे कपड़ों, अंडरगारमेंट्स में सड़कों पर घुमाती दिख रही है। ये घटनाएँ मुख्य रूप से हावड़ा जिले की बताई जा रही हैं, जहाँ आरोपियों को हाथों में हथकड़ी लगाकर, सिर और चेहरे के बाल मुंडवाकर, या कमर में रस्सी बांधकर सार्वजनिक रूप से घुमाया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि इन आरोपियों को घटनास्थलों की पहचान, अपराध से जुड़े सबूतों की पुष्टि और कथित उगाही नेटवर्क की जांच के लिए मौके पर ले जाया गया था, हालाँकि संबंधित थानों के अधिकारियों ने इस पर मीडिया से खुलकर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। इन घटनाओं को लेकर राजनीतिक विवाद भी गहरा गया है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है। पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया है कि पुलिस को ज़रूरत से ज़्यादा शक्ति देकर संस्थागत क्रूरता को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो संविधान और कानून की मूल भावना के खिलाफ है, और सरकार का काम 'सर्कस चलाना' नहीं है। वायरल वीडियो में सबसे अधिक चर्चा हावड़ा के कुख्यात अपराधी आकाश सिंह उर्फ 'डॉन आकाश' की हो रही है, जिसे पुलिस ने 14 मई को गिरफ्तार किया था। उस पर 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं, जिनमें पुलिस पर हमला और बमबाजी के आरोप भी शामिल हैं। पुलिस ने उसे गोलाबाड़ी और मलिपांचघरा इलाके में घटनास्थलों की पहचान के लिए बनियान और बॉक्सर में घुमाया, जबकि उसका सिर और चेहरा पूरी तरह मुंडा हुआ था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आकाश सिंह ने गर्मी की वजह से खुद बाल कटवाने की इच्छा जताई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आकाश सिंह को हावड़ा के पूर्व विधायक गौतम चौधरी का करीबी माना जाता रहा है और पुलिस ने उसे पूर्व मिदनापुर जिले के कोलाघाट इलाके से गिरफ्तार किया था। पश्चिम बंगाल बीजेपी ने इस कार्रवाई का वीडियो साझा करते हुए इसे अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का उदाहरण बताया है। इसी तरह, हावड़ा के शिवपुर इलाके में TMC के वार्ड 36 अध्यक्ष शमीम अहमद उर्फ 'बड़े' या 'गब्बर' को मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने 21 मई को चेंबूर से गिरफ्तार किया था और पुलिस ने उसे हथकड़ी लगाकर इलाके में घुमाया। वह 7 मई को हुए पोस्ट-पोल हिंसा मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, जिसमें बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की रैली पर बम और गोलीबारी हुई थी, जिसमें तीन लोग घायल हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शमीम अहमद पर अवैध निर्माण, उगाही और दबंगई फैलाने के आरोप भी हैं। पुलिस ने उसके घर पर छापा मारकर एक आलीशान पांच मंजिला इमारत, छिपी हुई सीढ़ियां, छत पर जुआ अड्डा और 140 बकरियां बरामद करने का दावा किया है। हावड़ा जिले के संकरैल इलाके में भी पुलिस ने साहिन मोल्ला उर्फ 'सनी' नामक आरोपी को 23 मई को गिरफ्तार कर कमर में रस्सी बांधकर घुमाया। वह पहले अस्थायी ट्रैफिक होमगार्ड रह चुका है और उस पर स्थानीय दुकानदारों से उगाही करने के आरोप हैं, जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि उसने TMC से कथित नजदीकियों के दम पर इलाके में दबदबा बना रखा था।1