सतना जिला अस्पताल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक व्यक्ति फिल्मी अंदाज में अपनी मोटरसाइकिल से सीधे अस्पताल के वार्ड नंबर 10 तक पहुँच गया। ऊपर तक गाड़ी ले जाने के बाद, वह उसे उसी 'बड़ी स्टाइल' से नीचे भी ले आता दिखा, जिससे वहाँ मौजूद लोग दहशत में आ गए। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह सवाल उठाया जा रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में गार्ड्स होने के बावजूद मोटरसाइकिल वार्ड तक कैसे पहुँच गई और क्या गार्ड्स ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की, या वे अपनी ड्यूटी से नदारद थे? यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि अस्पताल में ऐसी कई घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं, जिससे भर्ती मरीजों की जान खतरे में पड़ने की आशंका है। जिला अस्पताल अब कई सवालों के घेरे में है, खासकर तब जब अस्पताल चौकी भी बगल में ही स्थित है। ऐसी बड़ी लापरवाही तब सामने आई है जब अस्पताल में सीएस और सीएमओ जैसे बड़े अधिकारी भी आते हैं, जिससे उनके पद और जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी जिम्मेदारियाँ लोगों की जान खतरे में डालने के लिए तो नहीं दी गई हैं। यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या गार्ड्स के खिलाफ कार्रवाई होगी, क्योंकि कहा जा रहा है कि ठेकेदार की मनमानी के आगे अधिकारी भी नतमस्तक हैं। फिलहाल, अस्पताल प्रश्नों के घेरे में है और इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई होगी, यह देखना अहम होगा।
सतना जिला अस्पताल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक व्यक्ति फिल्मी अंदाज में अपनी मोटरसाइकिल से सीधे अस्पताल के वार्ड नंबर 10 तक पहुँच गया। ऊपर तक गाड़ी ले जाने के बाद, वह उसे उसी 'बड़ी स्टाइल' से नीचे भी ले आता दिखा, जिससे वहाँ मौजूद लोग दहशत में आ गए। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह सवाल उठाया जा रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में गार्ड्स होने के बावजूद मोटरसाइकिल वार्ड तक कैसे पहुँच गई और क्या गार्ड्स ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की, या वे अपनी ड्यूटी से नदारद थे? यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि अस्पताल में ऐसी कई घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं, जिससे भर्ती मरीजों की जान खतरे में पड़ने की आशंका है। जिला अस्पताल अब कई सवालों के घेरे में है, खासकर तब जब अस्पताल चौकी भी बगल में ही स्थित है। ऐसी बड़ी लापरवाही तब सामने आई है जब अस्पताल में सीएस और सीएमओ जैसे बड़े अधिकारी भी आते हैं, जिससे उनके पद और जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी जिम्मेदारियाँ लोगों की जान खतरे में डालने के लिए तो नहीं दी गई हैं। यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या गार्ड्स के खिलाफ कार्रवाई होगी, क्योंकि कहा जा रहा है कि ठेकेदार की मनमानी के आगे अधिकारी भी नतमस्तक हैं। फिलहाल, अस्पताल प्रश्नों के घेरे में है और इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई होगी, यह देखना अहम होगा।
- मैहर में मां शारदा प्रबंधक समिति के सदस्य सचिन मिश्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सोशल मीडिया पर कई दिनों से वायरल हो रहे एक ऑडियो को लेकर अपनी बात मीडिया के सामने रखी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने वायरल ऑडियो से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि कुछ लोग तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। मिश्रा ने जोर देकर कहा कि समिति मां शारदा धाम की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और पारदर्शिता के साथ लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर फैल रहे भ्रामक संदेशों के माध्यम से समिति की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। सचिन मिश्रा ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी खबर या ऑडियो पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच अवश्य कर लें।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में दिनदहाड़े कानून व्यवस्था को चुनौती देती एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत टिकुरिया टोला की कधी गली में घर लौट रही एक महिला के गले से सोने की चेन छीनने का दुस्साहसिक प्रयास किया गया। एक अज्ञात नकाबपोश बाइक सवार बदमाश ने इस वारदात को अंजाम दिया, लेकिन महिला की सूझबूझ और ऐन वक्त पर चेन टूट जाने के कारण बदमाश के हाथ कुछ नहीं लगा और वह मौके से फरार हो गया। यह पूरी घटना पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम को कधी गली निवासी 48 वर्षीय महिला मीरा (परिवर्तित नाम) बाजार से सब्जी खरीदकर पैदल अपने घर लौट रही थीं। जैसे ही वह अपने घर के समीप पहुंचीं, पीछे से एक काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए नकाबपोश बदमाश ने तेजी से उनके गले पर झपट्टा मारा। बदमाश ने महिला के गले में पहनी हुई सोने की चेन को बेरहमी से खींचने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज में यह खौफनाक मंजर साफ देखा जा सकता है। बदमाश ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे को सफेद कपड़े (नकाब) से ढक रखा था। जैसे ही उसने महिला पर हमला किया, महिला ने पूरी ताकत से विरोध किया और शोर मचाया। इस छीना-झपटी के दौरान सोने की चेन बीच से टूट गई, जिससे उसका एक हिस्सा महिला के कपड़ों में ही फंसा रह गया और बदमाश खाली हाथ रह गया। शोर सुनकर जब तक आसपास के लोग बाहर आते, शातिर अपराधी मोटरसाइकिल की रफ्तार बढ़ाकर तंग गलियों से रफूचक्कर हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय कोलगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपी के हुलिए और मोटरसाइकिल के नंबर की शिनाख्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के मुख्य चौराहों और नाकों पर भी चेकिंग बढ़ा दी गई है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। इस घटना के बाद से टिकुरिया टोला और आसपास के रहवासी इलाकों में स्थानीय नागरिकों के बीच भारी आक्रोश और भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पुलिस गश्त कमजोर होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे दिनदहाड़े महिलाओं को निशाना बनाने से भी नहीं कतरा रहे हैं। नागरिकों ने मांग की है कि तंग गलियों में पुलिस की पैनी नजर और नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके।1
- सतना पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के क्रम में बेला हिनौती ओवरब्रिज के नीचे से एक आरोपी को नशीली कफ सिरप के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह के निर्देशों और थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में, बेला चौकी प्रभारी और उनकी टीम ने कार्रवाई करते हुए बृजेश सिंह उर्फ बाबा (45 वर्ष) को पकड़ा। आरोपी रीवा जिले के चोरहटा थाना अंतर्गत नरौरा गांव का निवासी है। पुलिस ने उसके कब्जे से कुल 115 नग नशीली कफ सिरप की शीशियां और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। आरोपी को रामपुर बाघेलान थाने लाया गया है, जहाँ उससे आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस एनडीपीएस एवं अन्य संबंधित धाराओं के तहत इस मामले में वैधानिक कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।1
- सतना जिला अस्पताल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक व्यक्ति फिल्मी अंदाज में अपनी मोटरसाइकिल से सीधे अस्पताल के वार्ड नंबर 10 तक पहुँच गया। ऊपर तक गाड़ी ले जाने के बाद, वह उसे उसी 'बड़ी स्टाइल' से नीचे भी ले आता दिखा, जिससे वहाँ मौजूद लोग दहशत में आ गए। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह सवाल उठाया जा रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में गार्ड्स होने के बावजूद मोटरसाइकिल वार्ड तक कैसे पहुँच गई और क्या गार्ड्स ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की, या वे अपनी ड्यूटी से नदारद थे? यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि अस्पताल में ऐसी कई घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं, जिससे भर्ती मरीजों की जान खतरे में पड़ने की आशंका है। जिला अस्पताल अब कई सवालों के घेरे में है, खासकर तब जब अस्पताल चौकी भी बगल में ही स्थित है। ऐसी बड़ी लापरवाही तब सामने आई है जब अस्पताल में सीएस और सीएमओ जैसे बड़े अधिकारी भी आते हैं, जिससे उनके पद और जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी जिम्मेदारियाँ लोगों की जान खतरे में डालने के लिए तो नहीं दी गई हैं। यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या गार्ड्स के खिलाफ कार्रवाई होगी, क्योंकि कहा जा रहा है कि ठेकेदार की मनमानी के आगे अधिकारी भी नतमस्तक हैं। फिलहाल, अस्पताल प्रश्नों के घेरे में है और इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई होगी, यह देखना अहम होगा।1
- NEET पेपर लीक मामले को लेकर मैहर में युवक कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ही मैहर रेलवे स्टेशन और आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी में बदल गया था, जहाँ सीएसपी महेंद्र सिंह के नेतृत्व में हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। रेलवे स्टेशन परिसर सहित प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई थी, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने रेल रोकने की चेतावनी दी थी। दोपहर में, युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश लखन घनघोरिया और जिला अध्यक्ष सौरभ शर्मा के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं व पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई। करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने विफल कर दिया। हालात बिगड़ते देख, पुलिस ने युवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यश लखन घनघोरिया सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के समय कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना, लेकिन पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी से स्थिति नियंत्रण में रही। युवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यश लखन घनघोरिया ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा लीक मामले ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ हुए इस अन्याय के खिलाफ कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।4