हरिपुर रेलवे स्टेशन पर ठहराव की मांग ने पकड़ा जोर, हजारों पोस्टकार्ड के जरिए रेल मंत्री तक पहुंचेगी जनभावना पब्लिक न्यूज़ रिपोर्टर रायपुर जगदीश माली हरिपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की लंबे समय से चली आ रही मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस मांग को तेज करते हुए पोस्टकार्ड अभियान की शुरुआत की है। स्थानीय गणेश मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अभियान के तहत हजारों की संख्या में पोस्टकार्ड देश के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नाम भेजे जा रहे हैं। पोस्टकार्ड में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि हरिपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को दूर-दराज के स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि हरिपुर स्टेशन के आसपास रायपुर, बर, कुशलपुरा, पिपलिया कला, रामपुर कला, झूठा सहित कई गांव स्थित हैं। इन गांवों से बड़ी संख्या में युवा और श्रमिक वर्ग रोजगार के लिए बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे तथा महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में जाते हैं। इसके बावजूद इस महत्वपूर्ण स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव नहीं होना क्षेत्र के विकास में बाधा बना हुआ है। पोस्टकार्ड में यह भी लिखा गया है कि हरिपुर स्टेशन पर ठहराव की सुविधा नहीं होने से विद्यार्थियों, मरीजों, बुजुर्गों एवं आम यात्रियों को विशेष रूप से परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में जनहित को ध्यान में रखते हुए यहां ट्रेनों का ठहराव जल्द शुरू किया जाना आवश्यक है। इस अभियान की खास बात यह है कि केवल स्थानीय ग्रामीण ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में रह रहे प्रवासी लोग भी इससे जुड़ रहे हैं। बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे सहित अन्य शहरों से भी सैकड़ों की संख्या में पोस्टकार्ड भेजे जा रहे हैं, जिससे यह आंदोलन व्यापक रूप लेता जा रहा है। कार्यक्रम में मदन लाल कुमावत, मांगी लाल माली, महेंद्र सांखला, रमेश सैनी, प्रहलाद सिंह कालब, बद्रीलाल पालड़िया, गिरधारी लाल देवासी, माणक चन्द लोहार, हरीश माली, नेमीचंद डाबी, भगवान सिंह गोइंदा, सूर्यप्रकाश शर्मा, राकेश वैष्णव, महेंद्र बंजारा, अनिल शर्मा, गजेन्द्र सिंह सांखला, दिनेश देवासी, प्रवीण प्रजापत, लक्ष्मण परिहार, विजय सिंह चौहान, मोहन शर्मा, वेणुगोपाल शर्मा, गिरवर सिंह, कैलाश माली पदम पुरी गोस्वामी सहित अनेक गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यदि शीघ्र ही हरिपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
हरिपुर रेलवे स्टेशन पर ठहराव की मांग ने पकड़ा जोर, हजारों पोस्टकार्ड के जरिए रेल मंत्री तक पहुंचेगी जनभावना पब्लिक न्यूज़ रिपोर्टर रायपुर जगदीश माली हरिपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की लंबे समय से चली आ रही मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस मांग को तेज करते हुए पोस्टकार्ड अभियान की शुरुआत की है। स्थानीय गणेश मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अभियान के तहत हजारों की संख्या में पोस्टकार्ड देश के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नाम भेजे जा रहे हैं। पोस्टकार्ड में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि हरिपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को दूर-दराज के स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि हरिपुर स्टेशन के आसपास रायपुर, बर, कुशलपुरा, पिपलिया कला, रामपुर कला, झूठा सहित कई गांव स्थित हैं। इन गांवों से बड़ी संख्या में युवा और श्रमिक वर्ग रोजगार के लिए बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे तथा महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में जाते हैं। इसके बावजूद इस महत्वपूर्ण स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव नहीं होना क्षेत्र के विकास में बाधा बना हुआ है। पोस्टकार्ड में यह भी लिखा गया है कि हरिपुर स्टेशन पर ठहराव की सुविधा नहीं होने से विद्यार्थियों, मरीजों, बुजुर्गों एवं आम यात्रियों को विशेष रूप से परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में जनहित को ध्यान में रखते हुए यहां ट्रेनों का ठहराव जल्द शुरू किया जाना आवश्यक है। इस अभियान की खास बात यह है कि केवल स्थानीय ग्रामीण ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में रह रहे प्रवासी लोग भी इससे जुड़ रहे हैं। बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे सहित अन्य शहरों से भी सैकड़ों की संख्या में पोस्टकार्ड भेजे जा रहे हैं, जिससे यह आंदोलन व्यापक रूप लेता जा रहा है। कार्यक्रम में मदन लाल कुमावत, मांगी लाल माली, महेंद्र सांखला, रमेश सैनी, प्रहलाद सिंह कालब, बद्रीलाल पालड़िया, गिरधारी लाल देवासी, माणक चन्द लोहार, हरीश माली, नेमीचंद डाबी, भगवान सिंह गोइंदा, सूर्यप्रकाश शर्मा, राकेश वैष्णव, महेंद्र बंजारा, अनिल शर्मा, गजेन्द्र सिंह सांखला, दिनेश देवासी, प्रवीण प्रजापत, लक्ष्मण परिहार, विजय सिंह चौहान, मोहन शर्मा, वेणुगोपाल शर्मा, गिरवर सिंह, कैलाश माली पदम पुरी गोस्वामी सहित अनेक गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यदि शीघ्र ही हरिपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
- *ब्लॉक कांग्रेस ने किया संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत सामाजिक न्याय सप्ताह का शंखनाद* *महात्मा फुले के सत्यशोधक आदर्शों से मिलेगी लोकतंत्र बचाने की ताक़त* आज की ताजा खबर ब्यावर। 11 अप्रैल, 2026, शनिवार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा शनिवार को महात्मा ज्योतिबा फुले की 199वीं जयंती के अवसर पर सतपुलिया स्थित स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत सामाजिक न्याय व सुरक्षा सप्ताह का भव्य आगाज किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महात्मा फुले को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके पदचिह्नों पर चलते हुए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। सत्यशोधक समाज से लोकतंत्र बचाओ अभियान तक: श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित करते हुए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा ने कहा कि महात्मा फुले ने सत्यशोधक समाज के माध्यम से शोषितों, दलितों, महिलाओं और किसानों को एकजुट कर समानता पर आधारित लोकतंत्र का सपना देखा था। उन्होंने शिक्षा को मुक्ति का हथियार बनाकर जातिवाद और अंधविश्वास के खिलाफ जो लड़ाई शुरू की थी, आज कांग्रेस का संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ अभियान उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। यह अभियान गांव-गांव और वार्ड स्तर तक पार्टी संगठन को मजबूत कर वंचित वर्गों को सशक्त करने का माध्यम बनेगा। वरिष्ठ नेताओं का उद्बोधन: कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वरिष्ठ नेताओं ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में भाजपा सरकार की नीतियों पर प्रहार किया। खनन प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष आशीषपाल पदावत ने कहा कि देश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई चरम पर है। भाजपा राज में दलितों और पिछड़ों का शोषण किया जा रहा है, जिसे रोकने के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट होना होगा। कांग्रेस प्रत्याशी पारस पंच ने राजस्थान की वर्तमान सरकार को पर्ची सरकार बताते हुए कहा कि हाईकोर्ट की फटकार के बावजूद निकाय और पंचायती राज चुनाव टालना भाजपा की तानाशाही प्रवृत्ति को दर्शाता है। पूर्व विधायक माणक डाणी ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि फुले जी की तरह समर्पित होकर संगठन को मजबूत करना ही आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। नगर अध्यक्ष भरत बाघमार ने महात्मा फुले के क्रांतिकारी विचारों की चर्चा की और संगठन बढ़ाओ – लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत सामाजिक न्याय व सुरक्षा सप्ताह को सफल बनाने का आह्वान किया। ब्लॉक अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा ने आगामी कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि 11 से 14 अप्रैल (अंबेडकर जयंती) तक चलने वाले इस विशेष सप्ताह के दौरान कांग्रेसजन दलित व पिछड़ी बस्तियों में जाकर जनसंवाद करेंगे। इस दौरान समाज के प्रतिभाशाली व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा और युवाओं को संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक कर संगठन से जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर अल्पसंख्यक विभाग ज़िलाध्यक्ष अज़मत काठात, ओबीसी प्रकोष्ठ ज़िलाध्यक्ष कैलाश गहलोत, शिक्षक प्रकोष्ठ ज़िलाध्यक्ष नरसिंह गहलोत, सेवादल ज़िलाध्यक्ष विक्रम सोनी, अनु. जाति प्रकोष्ठ ज़िलाध्यक्ष बिरदीचन्द खोरवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पुखराज सांखला, पृथ्वीराज गहलोत, चन्नू यादव, अजय मूंदड़ा, गोपाल डाणी, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दिलीप सिंह गोरा, रवि डंडायत, मंडल अध्यक्ष हरीराम मेघवाल, महेन्द्र सामरिया , शेखर शर्मा, पूर्व पार्षद शोभा चौधरी, सम्पत्ति बोहरा, घनश्याम फुलवारी, राजेन्द्र तुनगरिया, मदनमोहन त्रिपाठी, जसोदा गुर्जर, रामस्वरूप डागर, अशोक साहू, राजेन्द्र अग्रवाल, नारायण मेहरडा, अनिल शर्मा, चेतन सांखला, चिराग़ शर्मा, हनुमान सांखला, भगवान दास तंवर सहित अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी, विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। लोकल न्यूज़ मगरा,।1
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- राजस्थान की मिट्टी और अपने पूर्वजों की जड़ों से लगाव कैसा होता है, इसका जीवंत उदाहरण नागौर जिले के कुरड़ायां गांव में देखने को मिला करीब सवा सौ साल बाद जब डॉ. धिरज जैन अपने परिवार के साथ पैतृक गांव पहुंचे, तो पूरा गांव पलक-पावड़े बिछाकर उनके स्वागत में उमड़ पड़ा। राजनेताओं जैसा जनसैलाब, 150 गाड़ियों का काफिला मेड़ता सिटी,नागौर आमतौर पर ऐसा जनसैलाब किसी बड़े राजनेता के आगमन पर दिखता है, लेकिन एक प्रवासी भारतीय परिवार के प्रति यह प्रेम ऐतिहासिक था। गांव की सीमा से ही 150 गाड़ियों के काफिले के साथ परिवार को लाया गया। गांव में प्रवेश करते ही जेसीबी मशीनों से फूलों की वर्षा की गई और परिवार को बग्घियों में बैठाकर भव्य रैली निकाली गई। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में 7 हजार लोगों का हुजूम उमड़ा। बालाजी महाराज मंदिर में दर्शन के दौरान क्रेनों से पुष्प वर्षा की गई। पुरे गांव के लिए महाप्रासादी का आयोजन किया गया। मंच पर भावुक हुआ परिवार: "मेहमान नहीं, अपने ही घर लौटे हैं" मंच पर डॉ. धिरज जैन और उनके पिता कांतिलाल जैन , माता, डॉ ममता जैन, जैनम जिविका सहित परिवार का 21 किलो की माला पहनाकर अभिनंदन किया गया। ग्रामीणों के इस अगाध प्रेम को देखकर परिवार भावुक हो गया। डॉ. धिरज जैन: "दुबई कर्मभूमि और महाराष्ट्र जन्मभूमि हो सकती है, लेकिन हमारी आत्मा में आज भी राजस्थान बसता है।"उन्होंने कहा की 60 साल पहले वडनेरकर में बाढ आई थी तब भी आस पास के गांव के लोगों की व्यवस्था मेरे दादाजी ने की थी। ऐसे हमने सुना की 1956 में छप्पनिया अकाल पड़ा था उस समय सेठ मालम दुग्गड ने बिकानेर रियासत अन्न की गाड़ी से गाड़ी जोड़ दी। धिरज ने कहा गांव वालो जो स्वागत किया वैसा कभी नहीं हुआ नाही होगा स्वर्णिम इतिहास में लिखा जायेगा ये मान सम्मान डॉ. ममता जैन ने भाषण देते हुए कहा की"गांव की सीमा पर पहुंचते ही आंखों में पानी आ गया। महसूस हो रहा है कि हम मेहमान नहीं, अपने ही घर लौट आए हैं।" ममता धिरज जैन ने कहा की हम 125 साल बाद आये ऐसा लग रहा है की कुरड़ायां गांव हमारा ही है अपने पुर्वजों को नमन करते हुए कहा कि आज गांव की बहू खड़ी होकर आज महसूस कर रही हूं अपनापन, संस्कार, आत्मीयता जो कुरड़ायां गांव ने हमें दी है। जिस तरह गाड़ी के लिए चार पहिए होते हैं जिंदगी चलने के लिए चार पहिए होते हैं।4
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- अजमेर के जनकपुरी गंज में अग्रवाल पंचायत मारवाड़ी धड़ा और भारत विकास परिषद महाराणा प्रताप शाखा के संयुक्त तत्वावधान में 12 अप्रैल 2026, रविवार को विशाल निशुल्क चिकित्सा एवं जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। इस शिविर की खास बात यह रही कि अमेरिका के प्रसिद्ध डायबिटीज एवं हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. प्रकाश डिडवानिया अपनी टीम के साथ मौजूद रहे और मरीजों को निशुल्क परामर्श दिया। उनके साथ अजमेर के कई जाने-माने विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भी अपनी सेवाएं दीं, जिनमें हृदय रोग, नेत्र रोग, अस्थि रोग, नाक-कान-गला, चर्म रोग, दंत रोग, शिशु रोग, न्यूरो, फिजिशियन और सर्जन शामिल रहे। शिविर में मरीजों के लिए बीएमआई, ब्लड शुगर, ईसीजी और पैरों की नसों (न्यूरोपैथी) की जांच मुफ्त में की गई। साथ ही शुगर रोगियों के लिए विशेष टीम द्वारा निशुल्क इलाज और परामर्श प्रदान किया गया। आधुनिक मशीनों की मदद से कमर दर्द, घुटना, गर्दन, कंधा, लकवा, गठिया और अन्य बीमारियों का भी उपचार किया गया। इस अवसर पर डॉ. प्रकाश डिडवानिया ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने और सही खानपान पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि डायबिटीज और हार्ट की बीमारियां आज के समय में तेजी से बढ़ रही हैं, जिनसे बचाव के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। शिविर के सफल आयोजन में दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों और सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।1
- अजमेर के होटल सम्राट स्थित बीयर बार में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब बिल भुगतान को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई और मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद इलाके में कुछ देर तक तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विवाद की असली वजह क्या थी।1
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- डोडियाना-बीटन सड़क प्रोजेक्ट अटका: 60 करोड़ की सड़क मे गड्ढे और कीचड़; 90 लाख की पेनल्टी भी बेअसर, लोगों में रोष नागौर, पाली और जोधपुर जिलों को जोड़न े वाला डोडियाना से बीटन तक का 60 करोड़ रुपये का सड़क निर्माण प्रोजेक्ट एक साल से अधिक समय से लंबित है। यह सड़क इन जिलों के कई शहरों, कस्बों और गांवों के लिए अहम मानी जाती है। हालांकि, वर्तमान मे सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और अधूरा काम इसकी बदहाली बयां कर रहा है। परियोजना को पूरा करने की निर्धारित समय सीमा से एक साल से अधिक की देरी हो चुकी है। PWD के XEN चेतन साह ने स्वीकार किया है कि ठेकेदार पर 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके बावजूद, सड़क निर्माण का कार्य अभी भी ठप पड़ा है, जिसस स्थानीय लोगों में रोष है। कई स्थानो पर 7 मीटर से कम चौड़ाई डोडियाना से बीटन तक के इस प्रोजेक्ट मे सड़क की निर्धारित चौड़ाई 7 मीटर है। हालांकि, कई स्थानो पर इस 7 मीटर से कम कर संकरा कर दिया गया है। सथाना, रियांबड़ी, झींटियां, बड़ायली और भंवाल जैस गांवों मे सड़क निर्माण अभी भी अधूरा है। इन स्थानो पर नालों का निर्माण भी नहीं किया गया है, जिसस इन सभी गांवों में दिनभर गंदा पानी और कीचड सड़क पर बहता रहता है। इसस वाहन सवार फिसलकर और गिरकर घायल हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि इस निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो आगामी बरसात के मौसम में अब तक बना हिस्सा भी सड़क पर बहन वाले पानी से क्षतिग्रस्त हो सकता है। निर्माण अभी भी अधूरा है। "सड़क चौड़ीकरण को लेकर नगर पालिका जिम्मेदार " वहीं, XEN चेतन साह ने बताया कि हा ये सही ह कि इस प्रोजेक्ट में देरी हुई हैं। कोशिश हैं कि जल्दी ही इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा। सड़क की चौड़ाई को लेकर रियां बड़ी नगरपालिका जिम्मेदार हैं, उन्होंन जितनी जगह उपलब्ध करवाई, हम वहीं निर्माण कर सकते हैं। नाले भी जल्द ही बनाएंगे। वहीं इस पुरे मामले मे नगरपालिका ईओ धर्मेंद्र ने बताया कि इस प्रोजेक्ट मे सड़क निर्माण कार्य धीमा हो रहा हैं। नगरपालिका ने तो सहयोग कर अब तक कई अतिक्रमण हटाए ह और जैसे-जैस ये सड़क का काम करेंग तो आग भी अतिक्रमण हटा कर पूरी जगह उपलब्ध करवा दी जायेगी। ठेकेदार काम स्टार्ट कर नही रहा हऔर तोड़फोड़ करवाना चाहता हैं। पहले ऐसा करने पर कई महीनो तक शहरवासियों को परेशानियो का सामना करना पड़ा था।2
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