पंचायत चुनाव से पहले बड़ी तैयारी: हर ग्रामसभा तक बस सेवा पहुंचाने का फैसला, परमिट व टैक्स से मिलेगी राहत लखनऊ। पंचायत चुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की कैबिनेट ने प्रदेश की हर ग्रामसभा तक बस सेवा पहुंचाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत बसों को परमिट और टैक्स से मुक्त रखा जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सरकार की “मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026” के माध्यम से उन गांवों तक बस सेवा शुरू की जाएगी, जहां अब तक सार्वजनिक परिवहन नहीं पहुंच पाया है। जानकारी के अनुसार प्रदेश के करीब 12,200 ग्रामसभाओं तक अभी बस सेवा नहीं पहुंच रही थी। नई नीति लागू होने के बाद इन सभी क्षेत्रों में बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार योजना के तहत बसों के ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर आसपास के गांवों से ही रखे जाएंगे। इससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलेगा और बसों का संचालन भी स्थानीय स्तर पर बेहतर ढंग से हो सकेगा। बसों की अनुमानित आयु लगभग 15 वर्ष होगी, हालांकि शुरुआती तौर पर 10 वर्ष के लिए संचालन की अनुमति दी जाएगी। कमेटी तय करेगी किराया परिवहन विभाग के अनुसार किराया निर्धारण के लिए स्थानीय स्तर पर एक कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी में प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। कमेटी यह सुनिश्चित करेगी कि किराया सस्ता और ग्रामीणों के लिए सुविधाजनक रहे। हर पंचायत को मिलेगी नियमित सेवा योजना के तहत बस संचालकों को निर्देश होगा कि वे प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रतिदिन कम से कम दो बार बस सेवा उपलब्ध कराएं। इससे छात्रों, किसानों, व्यापारियों और आम ग्रामीणों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक आने-जाने में आसानी होगी। आवेदन और चयन प्रक्रिया बस संचालन के इच्छुक आवेदकों के आवेदन की 15 दिनों के भीतर स्क्रूटनी की जाएगी और तय प्रक्रिया के तहत लगभग 45 दिनों में चयन प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। चयन के बाद संबंधित आवेदक को निर्धारित समय में वाहन उपलब्ध कराना होगा। सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, गांव-शहर के बीच संपर्क बढ़ेगा और हजारों लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
पंचायत चुनाव से पहले बड़ी तैयारी: हर ग्रामसभा तक बस सेवा पहुंचाने का फैसला, परमिट व टैक्स से मिलेगी राहत लखनऊ। पंचायत चुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की कैबिनेट ने प्रदेश की हर ग्रामसभा तक बस सेवा पहुंचाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत बसों को परमिट और टैक्स से मुक्त रखा जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सरकार की “मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026” के माध्यम से उन गांवों तक बस सेवा शुरू की जाएगी, जहां अब तक सार्वजनिक परिवहन नहीं पहुंच पाया है। जानकारी के अनुसार प्रदेश के करीब 12,200 ग्रामसभाओं तक अभी बस सेवा नहीं पहुंच रही थी। नई नीति लागू होने के बाद इन सभी क्षेत्रों में बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार योजना के तहत बसों के ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर आसपास के गांवों से ही रखे जाएंगे। इससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलेगा और बसों का संचालन भी स्थानीय स्तर पर बेहतर ढंग से हो सकेगा। बसों की अनुमानित आयु लगभग 15 वर्ष होगी, हालांकि शुरुआती तौर पर 10 वर्ष के लिए संचालन की अनुमति दी जाएगी। कमेटी तय करेगी किराया परिवहन विभाग के अनुसार किराया निर्धारण के लिए स्थानीय स्तर पर एक कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी में प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। कमेटी यह सुनिश्चित करेगी कि किराया सस्ता और ग्रामीणों के लिए सुविधाजनक रहे। हर पंचायत को मिलेगी नियमित सेवा योजना के तहत बस संचालकों को निर्देश होगा कि वे प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रतिदिन कम से कम दो बार बस सेवा उपलब्ध कराएं। इससे छात्रों, किसानों, व्यापारियों और आम ग्रामीणों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक आने-जाने में आसानी होगी। आवेदन और चयन प्रक्रिया बस संचालन के इच्छुक आवेदकों के आवेदन की 15 दिनों के भीतर स्क्रूटनी की जाएगी और तय प्रक्रिया के तहत लगभग 45 दिनों में चयन प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। चयन के बाद संबंधित आवेदक को निर्धारित समय में वाहन उपलब्ध कराना होगा। सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, गांव-शहर के बीच संपर्क बढ़ेगा और हजारों लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
- गाजीपुर। जनपद के मुहम्मदाबाद क्षेत्र के मठिया मोहल्ला व ग्राम बसाउकपुरा की मुख्य सड़क पिछले करीब दो वर्षों से जलजमाव की गंभीर समस्या से जूझ रही है। सड़क पर लगातार पानी भरे रहने से स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क शाहनिन्दा से मठिया होते हुए बसाउकपुरा, सेमरा, बच्छलपुर-रामपुर और शेरपुर समेत दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। लेकिन पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण कई स्थानों पर गंदा पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है, जिससे हालात और भी बदतर हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक जिम्मेदार विभाग की ओर से स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सड़क पर जलजमाव के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था कराने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेकर लोगों को जलजमाव से राहत दिलाता है।1
- इस शौचालय का हर महीना सैलरी उतार रहे हैं पेरिस शौचालय में साफ सफाई नाम की कोई चीज नहीं आना कोई ध्यान दे रहा है गांव का प्रतिनिधि हो या केयर टेकर शौचालय का1
- जखनिया। बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने और नॉन-कोलोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर मध्यान भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जखनिया विकासखंड में किचन में उपयोग होने वाली सामग्री का वितरण किया गया। इस दौरान विकासखंड के कुल 41 आंगनबाड़ी केंद्रों को किचन में इस्तेमाल होने वाले कुल 24 प्रकार के सामान उपलब्ध कराए गए।इस पहल का उद्देश्य यह है कि केंद्रों पर आने वाले बच्चों को सरकार की मंशा के अनुरूप पौष्टिक और निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा सके, जिससे उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार हो सके।इस संबंध में जानकारी देते हुए जखनिया की सीडीपीओ बिन्नी यादव ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप बच्चों की देखभाल करना और उन्हें प्रारंभिक शिक्षा देना आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों को समय पर पोषाहार उपलब्ध कराना, उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का संचालन करना आवश्यक है।उन्होंने यह भी बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर चेहरा प्रमाणीकरण (फेस ऑथेंटिकेशन) के साथ-साथ टीएचआर (टेक होम राशन) वितरण भी अनिवार्य रूप से कराया जा रहा है, ताकि पात्र लाभार्थियों तक पोषण सामग्री सही तरीके से पहुंच सके #जखनिया #गाजीपुर #आंगनबाड़ी #बच्चों_का_पोषण #पोषण_अभियान1
- मऊ : शहर कोतवाली पुलिस एक शातिर चोर को पकड़ी...! चोरी का आभूषण और नगदी भी बरामद हुआ जिसमें लगभग 37 लाख के सोने और चांदी के आभूषण और ₹52,500 नगदी बरामद किया गया। शातिर चोर देवरिया का रहने वाला है जो अभी बलिया में रह रहा है। #दलजीतसिंहन्यूज़रिपोर्टर #daljeetsinghjournalist #maunews #maupolice #maumahadev #वायरलवीडियोシ #shortsreels #reelsvideoシ #VistaarNews #चोर #चोरी #thief1
- राजपुर में शिताबपुर ग्राम में 72 घंटे के अखंड हर कीर्तन में खरहना पंचायत के मुखिया प्रत्याशी श्री धनंजय मिश्रा जी के साथ मिलकर सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक एकता का संदेश फैलाने में सहभागी हुए।💐l1
- सैयदराजा पुलिस, स्वाट व सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में ट्रक से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद।ट्रक में कागज की गुल्ली (धागा लपेटने वाली) के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही थी शराब। कुल 849 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब (7473.36 लीटर) बरामद। बरामद शराब पर “For Sale in Punjab Only” अंकित। पुलिस ने ट्रक चालक व परिचालक समेत 2 शराब तस्करों को किया गिरफ्तार। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 1.40 करोड़ रुपये बताई जा रही। NH-19 हाइवे पर जेठमलपुर काले पीर बाबा मजार के पास चेकिंग के दौरान पकड़ा गया ट्रक। खबर सम्बंधित वीडियो और बाइट4
- Post by SONI DEVI1
- Post by RISHI RAI1