नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में एकाग्रवाल परिवार से जुड़ा पैतृक जमीन विवाद अब स्थानीय स्तर से निकलकर भोपाल तक चर्चा का विषय बन गया है, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में दोनों पक्षों ने गोटेगांव में अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कीं, जहाँ उन्होंने मीडिया के सामने अपनी-अपनी बात रखी और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान, दोनों पक्षों ने जमीन के स्वामित्व, दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया से संबंधित अपने-अपने दावे प्रस्तुत किए। इस दौरान उनके बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी रहा, जिसने विवाद को और अधिक चर्चा में ला दिया है। दोनों पक्षों का दावा है कि उनके पास अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं। इस पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर भी कार्रवाई की मांग की जा रही है। फिलहाल, विवादित जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है, और इस पर अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक एवं राजस्व प्रक्रियाओं के बाद ही सामने आएगा।
नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में एकाग्रवाल परिवार से जुड़ा पैतृक जमीन विवाद अब स्थानीय स्तर से निकलकर भोपाल तक चर्चा का विषय बन गया है, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में दोनों पक्षों ने गोटेगांव में अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कीं, जहाँ उन्होंने मीडिया के सामने अपनी-अपनी बात रखी और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान, दोनों पक्षों ने जमीन के स्वामित्व, दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया से संबंधित अपने-अपने दावे प्रस्तुत किए। इस दौरान उनके बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी रहा, जिसने विवाद को और अधिक चर्चा में ला दिया है। दोनों पक्षों का दावा है कि उनके पास अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं। इस पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर भी कार्रवाई की मांग की जा रही है। फिलहाल, विवादित जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है, और इस पर अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक एवं राजस्व प्रक्रियाओं के बाद ही सामने आएगा।
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा क्षेत्र के खंचारी गांव में एक युवक के बैंक खाते से लगभग ₹4.39 लाख गायब हो गए, जब उसने अपने मोबाइल पर आई एक संदिग्ध APK फाइल को डाउनलोड कर लिया। यह घटना 24 घंटे के भीतर हुई, जिसने युवक को स्तब्ध कर दिया। शिकायतकर्ता ऋषभ दीक्षित ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया था, जिसमें ऊपर की तरफ शादी का कार्ड दिख रहा था। उन्होंने जैसे ही इस APK फाइल पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया, जिसके बाद 24 घंटे के अंदर उनके बैंक खाते से ₹4 लाख 39 हजार रुपये का लेनदेन हो गया। इस धोखाधड़ी का पता चलते ही, उन्होंने बिना देर किए तत्काल साइबर सेल और पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के पास जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक की टीम ने शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने बैंक और संबंधित संस्थानों से समन्वय स्थापित कर संदिग्ध खातों को होल्ड करा दिया। इन त्वरित और प्रभावी प्रयासों के कारण, पुलिस आज ग्रामीण का पूरा पैसा वापस दिलाने में सफल रही।2
- नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा तहसील और चांवरपाठा ब्लॉक के लगभग 40 गांवों में भीषण जल संकट गहरा गया है। इस गंभीर स्थिति के चलते ग्रामवासियों ने आगामी चुनावों में मतदान का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है, साथ ही यह भी कहा है कि यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो वे गांव में किसी भी राजनेता के प्रवेश का विरोध करेंगे। ग्राम बिजोरा सहित कई गांवों में पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने हजार-हजार फीट तक बोर करवाए हैं, लेकिन अब उनसे केवल हवा निकल रही है और पानी नहीं मिल रहा। भीषण गर्मी में पानी की समस्या से परेशान महिलाएं, पुरुष और बच्चे रोजाना दूसरे गांवों से पानी लाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उनका कहना है कि वर्षों से उन्हें केवल आश्वासन ही मिलते रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्या वैसी ही बनी हुई है। इस लगातार उपेक्षा से नाराज होकर ग्रामवासियों ने एकजुट होकर यह बड़ा फैसला लिया है, क्योंकि अब पानी की समस्या उनके लिए सबसे बड़ा संकट बन चुकी है।1
- ग्रामीणों ने पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस संबंध में शिकायतें किए जाने के बावजूद भी अधिकारी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हैं।1
- अगर आप लाजवाब और चटपटे स्वाद के शौकीन हैं, तो नरसिंहपुर में 'अमन फास्ट फूड' आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। यहाँ साफ़-सफाई और शानदार स्वाद का विशेष ध्यान रखा जाता है, जहाँ ग्राहकों को एक बार सेवा का मौका देने का आग्रह किया गया है। उनके मेन्यू में सैंडविच, पोटैटो ट्विस्टर, मैगी, वेज रोल और मोमोज जैसे मुख्य व्यंजन उपलब्ध हैं। 'अमन फास्ट फूड' पिज्जा को छोड़कर बाकी सभी प्रकार के फास्ट फूड आइटम प्रदान करता है। यह दुकान नगर पालिका, MLB स्कूल के सामने, नरसिंहपुर में स्थित है और शाम 5:30 बजे से रात 11:30 बजे तक खुली रहती है। अधिक जानकारी के लिए अभन सेन से 7666219783 पर या सरुख से 88172111084 पर संपर्क किया जा सकता है, जहाँ स्वाद ऐसा मिलता है जो मूड बदल दे।1
- पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह 'राहुल भैया' नरसिंहपुर जिले के अपने अल्प प्रवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने शहर के अमर लॉन में स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ जनसंवाद किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को 2028 के चुनाव के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक मंत्र दिए। मीडिया से बातचीत में अजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के 'दो कौड़ी वाले' बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री मोहन यादव को इस तरह के बयान देना शोभा नहीं देता। अजय सिंह ने मुख्यमंत्री के इस बयान को गैर जिम्मेदाराना बताया।1
- नरसिंहपुर के गोटेगांव बिछुआ निवासी नब्बा बाई कच्छी अपनी विधवा पेंशन रुक जाने के मामले को लेकर नरसिंहपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनके पति के स्वर्गवास के बाद से उन्हें लगातार विधवा पेंशन मिल रही थी, लेकिन सितंबर 2025 से यह अचानक बंद हो गई है। नब्बा बाई ने अपनी शिकायत में बताया कि पेंशन दोबारा शुरू करवाने के लिए वह कई अधिकारियों के चक्कर काट चुकी हैं। पंचायत सचिव को कई बार आवेदन देने और उनसे विनती करने के बाद भी उनकी पेंशन चालू नहीं हुई। सचिव ने कथित तौर पर उनसे कहा कि सरकार के पास पैसा नहीं है और जब पैसा आएगा, तभी पेंशन मिलेगी। गोटेगांव के बड़े साहब के कार्यालय जाने पर उन्हें नया खाता खुलवाने के लिए कहकर घर भेज दिया गया था। उन्होंने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए कहा कि वह लंबे समय से पेंशन को लेकर परेशान हैं और उनका कोई सहारा नहीं है, न ही कोई दूसरी आय का स्रोत है। उन्होंने बताया कि उनके पति के निधन के बाद उन्हें इसी खाते में पेंशन मिल रही थी, लेकिन अब सचिव और बड़े अधिकारी उनसे दूसरे कागजात जमा करने या नया खाता खुलवाने की बात कर रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने आज कलेक्टर मैडम से गुहार लगाने के लिए कलेक्टर कार्यालय का रुख किया है।3
- हाजीपुर में एक 34 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में आखिरकार अदालत का फैसला आ गया है। एडीजे-1 मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने इस मामले में 85 वर्षीय एक वृद्ध को 3 साल की कारावास की सजा सुनाई है, जबकि चार अन्य दोषियों को 10-10 साल की कैद और प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस मामले में कुल 9 आरोपी थे, जिनमें से सुनवाई के दौरान ही 4 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी थी। तीन दशक से भी अधिक समय बाद आए इस फैसले ने एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया में लगने वाले अत्यधिक लंबे समय को गहन चर्चा का विषय बना दिया है, जिससे न्याय में विलंब की बात सामने आ रही है।1
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में एकाग्रवाल परिवार से जुड़ा पैतृक जमीन विवाद अब स्थानीय स्तर से निकलकर भोपाल तक चर्चा का विषय बन गया है, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में दोनों पक्षों ने गोटेगांव में अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कीं, जहाँ उन्होंने मीडिया के सामने अपनी-अपनी बात रखी और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान, दोनों पक्षों ने जमीन के स्वामित्व, दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया से संबंधित अपने-अपने दावे प्रस्तुत किए। इस दौरान उनके बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी रहा, जिसने विवाद को और अधिक चर्चा में ला दिया है। दोनों पक्षों का दावा है कि उनके पास अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं। इस पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर भी कार्रवाई की मांग की जा रही है। फिलहाल, विवादित जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है, और इस पर अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक एवं राजस्व प्रक्रियाओं के बाद ही सामने आएगा।1