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मेजा तहसील का *'शर्मसार' चेहरा: सिस्टम की *अर्थी* ढो रहा है यह बेबस बुजुर्ग! * *कोहडार का है* प्रयागराज। विकास के दावों की ढोल पीटती फाइलों के बीच मेजा तहसील से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और प्रशासनिक संवेदनशीलता को झकझोर देने वाली है। एक तरफ सरकार 'हर सिर को छत' और 'हर घर को राशन' का नारा दे रही है, वहीं दूसरी ओर मेजा का यह बुजुर्ग जिंदा लाश बनकर रह गया है। सरकारी क्रूरता की पराकाष्ठा: न राशन, न पेंशन, न मकान यह महज एक खबर नहीं, बल्कि उन सरकारी बाबुओं के मुंह पर तमाचा है जो एयरकंडीशन कमरों में बैठकर 'सब चंगा है' की रिपोर्ट भेजते हैं। इस बुजुर्ग की बेबसी का आलम देखिए: बिछौना धरती, ओढ़ना आसमान: जिसके पास लेटने के लिए एक चारपाई (खाट) तक नहीं है, वह आज भी नग्न धरती को अपना बिछौना बनाने पर मजबूर है। अंधेरे में डूबा बुढ़ापा: बिजली के दौर में यह बुजुर्ग ₹20 की दवा खाकर और एक टॉर्च के दम पर काल कोठरी जैसी झोपड़ी में रातें काट रहा है। भूख से जंग: राशन कार्ड के नाम पर शून्य और उज्ज्वला गैस के नाम पर सिर्फ धुआं। पेट की आग बुझाने के लिए यह बुजुर्ग आज भी दर-दर की ठोकरें खा रहा है। "धरती माता ही सहारा है..." बुजुर्ग की आंखों के आंसू और कांपती आवाज ने सिस्टम की पोल खोल दी है। उन्होंने सिसकते हुए कहा— "साहब! सरकारी आवास तो दूर, वृद्धा पेंशन तक नसीब नहीं हुई। कोई सुनने वाला नहीं है। अगर यह धरती माता न होती, तो शायद कब का दम तोड़ दिया होता।" बड़े सवाल: आखिर दोषी कौन? ग्राम प्रधान और सचिव की भूमिका संदिग्ध: क्या गांव के सर्वे में यह बुजुर्ग कभी नजर नहीं आया? या आवास की रेवड़ियां सिर्फ चहेतों में बांटी गईं? तहसील प्रशासन की लापरवाही: मेजा तहसील के जिम्मेदार अधिकारी आखिर किस गहरी नींद में सो रहे हैं कि उन्हें एक इंसान का तिल-तिल कर मरना दिखाई नहीं दे रहा? मानवता शर्मिंदा: क्या डिजिटल इंडिया का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित है? निष्कर्ष: अब आर-पार की जंग यह खबर उन तमाम सफेदपोशों के लिए चेतावनी है जो गरीब के हक पर कुंडली मारकर बैठे हैं। न्यूज प्लस इस बुजुर्ग को न्याय दिलाने तक इस मुहिम को थामने वाला नहीं है। प्रयागराज जिलाधिकारी महोदय, क्या आपकी नजर इस 'जिंदा नरक' पर पड़ेगी? कवरेज: राहुल मिश्रा मेजा तहसील का *'शर्मसार' चेहरा: सिस्टम की *अर्थी* ढो रहा है यह बेबस बुजुर्ग! कोहडार का है* प्रयागराज। विकास के दावों की ढोल पीटती फाइलों के बीच मेजा तहसील से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और प्रशासनिक संवेदनशीलता को झकझोर देने वाली है। एक तरफ सरकार 'हर सिर को छत' और 'हर घर को राशन' का नारा दे रही है, वहीं दूसरी ओर मेजा का यह बुजुर्ग जिंदा लाश बनकर रह गया है। सरकारी क्रूरता की पराकाष्ठा: न राशन, न पेंशन, न मकान यह महज एक खबर नहीं, बल्कि उन सरकारी बाबुओं के मुंह पर तमाचा है जो एयरकंडीशन कमरों में बैठकर 'सब चंगा है' की रिपोर्ट भेजते हैं। इस बुजुर्ग की बेबसी का आलम देखिए: बिछौना धरती, ओढ़ना आसमान: जिसके पास लेटने के लिए एक चारपाई (खाट) तक नहीं है, वह आज भी नग्न धरती को अपना बिछौना बनाने पर मजबूर है। अंधेरे में डूबा बुढ़ापा: बिजली के दौर में यह बुजुर्ग ₹20 की दवा खाकर और एक टॉर्च के दम पर काल कोठरी जैसी झोपड़ी में रातें काट रहा है। भूख से जंग: राशन कार्ड के नाम पर शून्य और उज्ज्वला गैस के नाम पर सिर्फ धुआं। पेट की आग बुझाने के लिए यह बुजुर्ग आज भी दर-दर की ठोकरें खा रहा है। "धरती माता ही सहारा है..." बुजुर्ग की आंखों के आंसू और कांपती आवाज ने सिस्टम की पोल खोल दी है। उन्होंने सिसकते हुए कहा— "साहब! सरकारी आवास तो दूर, वृद्धा पेंशन तक नसीब नहीं हुई। कोई सुनने वाला नहीं है। अगर यह धरती माता न होती, तो शायद कब का दम तोड़ दिया होता।" बड़े सवाल: आखिर दोषी कौन? ग्राम प्रधान और सचिव की भूमिका संदिग्ध: क्या गांव के सर्वे में यह बुजुर्ग कभी नजर नहीं आया? या आवास की रेवड़ियां सिर्फ चहेतों में बांटी गईं? तहसील प्रशासन की लापरवाही: मेजा तहसील के जिम्मेदार अधिकारी आखिर किस गहरी नींद में सो रहे हैं कि उन्हें एक इंसान का तिल-तिल कर मरना दिखाई नहीं दे रहा? मानवता शर्मिंदा: क्या डिजिटल इंडिया का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित है? निष्कर्ष: अब आर-पार की जंग यह खबर उन तमाम सफेदपोशों के लिए चेतावनी है जो गरीब के हक पर कुंडली मारकर बैठे हैं। न्यूज प्लस इस बुजुर्ग को न्याय दिलाने तक इस मुहिम को थामने वाला नहीं है। प्रयागराज जिलाधिकारी महोदय, क्या आपकी नजर इस 'जिंदा नरक' पर पड़ेगी? कवरेज: राहुल मिश्रा

13 hrs ago
user_Rahul Mishra Ak News
Rahul Mishra Ak News
Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
13 hrs ago

मेजा तहसील का *'शर्मसार' चेहरा: सिस्टम की *अर्थी* ढो रहा है यह बेबस बुजुर्ग! * *कोहडार का है* प्रयागराज। विकास के दावों की ढोल पीटती फाइलों के बीच मेजा तहसील से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और प्रशासनिक संवेदनशीलता को झकझोर देने वाली है। एक तरफ सरकार 'हर सिर को छत' और 'हर घर को राशन' का नारा दे रही है, वहीं दूसरी ओर मेजा का यह बुजुर्ग जिंदा लाश बनकर रह गया है। सरकारी क्रूरता की पराकाष्ठा: न राशन, न पेंशन, न मकान यह महज एक खबर नहीं, बल्कि उन सरकारी बाबुओं के मुंह पर तमाचा है जो एयरकंडीशन कमरों में बैठकर 'सब चंगा है' की रिपोर्ट भेजते हैं। इस बुजुर्ग की बेबसी का आलम देखिए: बिछौना धरती, ओढ़ना आसमान: जिसके पास लेटने के लिए एक चारपाई (खाट) तक नहीं है, वह आज भी नग्न धरती को अपना बिछौना बनाने पर मजबूर है। अंधेरे में डूबा बुढ़ापा: बिजली के दौर में यह बुजुर्ग ₹20 की दवा खाकर और एक टॉर्च के दम पर काल कोठरी जैसी झोपड़ी में रातें काट रहा है। भूख से जंग: राशन कार्ड के नाम पर शून्य और उज्ज्वला गैस के नाम पर सिर्फ धुआं। पेट की आग बुझाने के लिए यह बुजुर्ग आज भी दर-दर की ठोकरें खा रहा है। "धरती माता ही सहारा है..." बुजुर्ग की आंखों के आंसू और कांपती आवाज ने सिस्टम की पोल खोल दी है। उन्होंने सिसकते हुए कहा— "साहब! सरकारी आवास तो दूर, वृद्धा पेंशन तक नसीब नहीं हुई। कोई सुनने वाला नहीं है। अगर यह धरती माता न होती, तो शायद कब का दम तोड़ दिया होता।" बड़े सवाल: आखिर दोषी कौन? ग्राम प्रधान और सचिव की भूमिका संदिग्ध: क्या गांव के सर्वे में यह बुजुर्ग कभी नजर नहीं आया? या आवास की रेवड़ियां सिर्फ चहेतों में बांटी गईं? तहसील प्रशासन की लापरवाही: मेजा तहसील के जिम्मेदार अधिकारी आखिर किस गहरी नींद में सो रहे हैं कि उन्हें एक इंसान का तिल-तिल कर मरना दिखाई नहीं दे रहा? मानवता शर्मिंदा: क्या डिजिटल इंडिया का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित है? निष्कर्ष: अब आर-पार की जंग यह खबर उन तमाम सफेदपोशों के लिए चेतावनी है जो गरीब के हक पर कुंडली मारकर बैठे हैं। न्यूज प्लस इस बुजुर्ग को न्याय दिलाने तक इस मुहिम को थामने वाला नहीं है। प्रयागराज जिलाधिकारी महोदय, क्या आपकी नजर इस 'जिंदा नरक' पर पड़ेगी? कवरेज: राहुल मिश्रा मेजा तहसील का *'शर्मसार' चेहरा: सिस्टम की *अर्थी* ढो रहा है यह बेबस बुजुर्ग! कोहडार का है* प्रयागराज। विकास के दावों की ढोल पीटती फाइलों के बीच मेजा तहसील से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और प्रशासनिक संवेदनशीलता को झकझोर देने वाली है। एक तरफ सरकार 'हर सिर को छत' और 'हर घर को राशन' का नारा दे रही है, वहीं दूसरी ओर मेजा का यह बुजुर्ग जिंदा लाश बनकर रह गया है। सरकारी क्रूरता की पराकाष्ठा: न राशन, न पेंशन, न मकान यह महज एक खबर नहीं, बल्कि उन सरकारी बाबुओं के मुंह पर तमाचा है जो एयरकंडीशन कमरों में बैठकर 'सब चंगा है' की रिपोर्ट भेजते हैं। इस बुजुर्ग की बेबसी का आलम देखिए: बिछौना धरती, ओढ़ना आसमान: जिसके पास लेटने के लिए एक चारपाई (खाट) तक नहीं है, वह आज भी नग्न धरती को अपना बिछौना बनाने पर मजबूर है। अंधेरे में डूबा बुढ़ापा: बिजली के दौर में यह बुजुर्ग ₹20 की दवा खाकर और एक टॉर्च के दम पर काल कोठरी जैसी झोपड़ी में रातें काट रहा है। भूख से जंग: राशन कार्ड के नाम पर शून्य और उज्ज्वला गैस के नाम पर सिर्फ धुआं। पेट की आग बुझाने के लिए यह बुजुर्ग आज भी दर-दर की ठोकरें खा रहा है। "धरती माता ही सहारा है..." बुजुर्ग की आंखों के आंसू और कांपती आवाज ने सिस्टम की पोल खोल दी है। उन्होंने सिसकते हुए कहा— "साहब! सरकारी आवास तो दूर, वृद्धा पेंशन तक नसीब नहीं हुई। कोई सुनने वाला नहीं है। अगर यह धरती माता न होती, तो शायद कब का दम तोड़ दिया होता।" बड़े सवाल: आखिर दोषी कौन? ग्राम प्रधान और सचिव की भूमिका संदिग्ध: क्या गांव के सर्वे में यह बुजुर्ग कभी नजर नहीं आया? या आवास की रेवड़ियां सिर्फ चहेतों में बांटी गईं? तहसील प्रशासन की लापरवाही: मेजा तहसील के जिम्मेदार अधिकारी आखिर किस गहरी नींद में सो रहे हैं कि उन्हें एक इंसान का तिल-तिल कर मरना दिखाई नहीं दे रहा? मानवता शर्मिंदा: क्या डिजिटल इंडिया का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित है? निष्कर्ष: अब आर-पार की जंग यह खबर उन तमाम सफेदपोशों के लिए चेतावनी है जो गरीब के हक पर कुंडली मारकर बैठे हैं। न्यूज प्लस इस बुजुर्ग को न्याय दिलाने तक इस मुहिम को थामने वाला नहीं है। प्रयागराज जिलाधिकारी महोदय, क्या आपकी नजर इस 'जिंदा नरक' पर पड़ेगी? कवरेज: राहुल मिश्रा

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  • साइकिल सवार को डंफर ने मारी टक्कर, व्यक्ति की दर्दनाक मौत, वाहन और चालक पकड़ा गया क्षेत्र के बोधा का पूरा (कौआ) गांव निवासी एक व्यक्ति की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार उमा शंकर कोटार्य (उम्र लगभग 45 वर्ष) कुशगढ़ के पास डंफर की टक्कर का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि वह ईंट भट्ठा में मुंशी का काम करते थे और नरैना से साइकिल से अपने घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान कुशगढ़ के पास एक तेज रफ्तार डंफर ने उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया यह हादसा शाम लगभग 7 बजे के आसपास का बताया जा रहा है।
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    साइकिल सवार को डंफर ने मारी टक्कर, व्यक्ति की दर्दनाक मौत, वाहन और चालक पकड़ा गया
क्षेत्र के बोधा का पूरा (कौआ) गांव निवासी एक व्यक्ति की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार उमा शंकर कोटार्य (उम्र लगभग 45 वर्ष) कुशगढ़ के पास डंफर की टक्कर का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि वह ईंट भट्ठा में मुंशी का काम करते थे और नरैना से साइकिल से अपने घर वापस लौट रहे थे।
इसी दौरान कुशगढ़ के पास एक तेज रफ्तार डंफर ने उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया यह हादसा शाम लगभग 7 बजे के आसपास का बताया जा रहा है।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • पिछली असफलता ने मुझे निखारा और मंजिल के और करीब पहुँचाया : सत्यम मिश्रा प्रयागराज। सफलता अंततः उन्हीं के कदम चूमती है जो हार मानकर बैठने के बजाय अपने संघर्ष को अपनी शक्ति बना लेते हैं। प्रयागराज जनपद के शंकरगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रानीगंज निवासी सत्यम मिश्रा ने UPPSC RO/ARO 2023 के फाइनल रिजल्ट में परचम लहराते हुए उत्तर प्रदेश सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। सत्यम की यह जीत महज़ एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक लंबी तपस्या और अटूट संकल्प का परिणाम है। राकेश कुमार मिश्रा के सुपुत्र सत्यम मिश्रा वर्ष 2021 से लगातार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षाओं और साक्षात्कारों के अंतिम पड़ाव तक पहुँच रहे थे। कई बार बेहद करीब आकर सफलता से चूकने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। सत्यम का मानना है कि उनकी हर पिछली असफलता ने उन्हें निखारा और मंजिल के और करीब पहुँचाया। *लक्ष्य अभी और ऊंचा है : अब बनना है SDM* सचिवालय में अधिकारी के पद पर चयनित होने के बाद भी सत्यम के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। सत्यम ने बताया कि समीक्षा अधिकारी के रूप में शासन का हिस्सा बनना एक बड़ा पड़ाव है, लेकिन उनका अगला लक्ष्य SDM (उप जिलाधिकारी) बनकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करना है। वह वर्तमान में अपनी इस ऊर्जा को पीसीएस (PCS) परीक्षा की तैयारी में लगा रहे हैं। ग्रामीण अंचल से निकलकर उत्तर प्रदेश शासन के गलियारों तक का यह सफर उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है जो संसाधनों की कमी या शुरुआती असफलताओं से टूट जाते हैं। सत्यम मिश्रा की यह गौरवशाली उपलब्धि आज पूरे शंकरगढ़ क्षेत्र के लिए प्रेरणा की एक नई किरण बनकर उभरी है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार सहित पूरे क्षेत्र मे ख़ुशी की लहर है..।
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    पिछली असफलता ने मुझे निखारा और मंजिल के और करीब पहुँचाया : सत्यम मिश्रा
प्रयागराज। सफलता अंततः उन्हीं के कदम चूमती है जो हार मानकर बैठने के बजाय अपने संघर्ष को अपनी शक्ति बना लेते हैं। प्रयागराज जनपद के शंकरगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रानीगंज निवासी सत्यम मिश्रा ने UPPSC RO/ARO 2023 के फाइनल रिजल्ट में परचम लहराते हुए उत्तर प्रदेश सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। सत्यम की यह जीत महज़ एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक लंबी तपस्या और अटूट संकल्प का परिणाम है। राकेश कुमार मिश्रा के सुपुत्र सत्यम मिश्रा वर्ष 2021 से लगातार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षाओं और साक्षात्कारों के अंतिम पड़ाव तक पहुँच रहे थे। कई बार बेहद करीब आकर सफलता से चूकने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। सत्यम का मानना है कि उनकी हर पिछली असफलता ने उन्हें निखारा और मंजिल के और करीब पहुँचाया।
*लक्ष्य अभी और ऊंचा है : अब बनना है SDM*
सचिवालय में अधिकारी के पद पर चयनित होने के बाद भी सत्यम के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। सत्यम ने बताया कि समीक्षा अधिकारी के रूप में शासन का हिस्सा बनना एक बड़ा पड़ाव है, लेकिन उनका अगला लक्ष्य SDM (उप जिलाधिकारी) बनकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करना है। वह वर्तमान में अपनी इस ऊर्जा को पीसीएस (PCS) परीक्षा की तैयारी में लगा रहे हैं। ग्रामीण अंचल से निकलकर उत्तर प्रदेश शासन के गलियारों तक का यह सफर उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है जो संसाधनों की कमी या शुरुआती असफलताओं से टूट जाते हैं। सत्यम मिश्रा की यह गौरवशाली उपलब्धि आज पूरे शंकरगढ़ क्षेत्र के लिए प्रेरणा की एक नई किरण बनकर उभरी है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार सहित पूरे क्षेत्र मे ख़ुशी की लहर है..।
    user_Rohit Sharma
    Rohit Sharma
    निष्पक्षता से खबर को प्रकाशित करना मेरा बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • Post by Vertman Bharat News Prayagraj
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    Post by Vertman Bharat News Prayagraj
    user_Vertman Bharat News Prayagraj
    Vertman Bharat News Prayagraj
    हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,8416904359
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    Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,8416904359
    user_रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,8416904359
    रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,8416904359
    पत्रकार हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by Kumar Vikas
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    Post by Kumar Vikas
    user_Kumar Vikas
    Kumar Vikas
    करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
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    Post by हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
    user_हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
    हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
    Farmer हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • मेजा ,प्रयागराज । मेजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामनगर गांव में सोमवार सुबह एक फर्नीचर दुकान में घुसकर मारपीट और छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने दुकान में घुसकर दंपती की पिटाई की और बीच-बचाव करने आई उनकी बेटी से छेड़छाड़ की। यह पूरी घटना दुकान के दरवाजे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
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    मेजा ,प्रयागराज । मेजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामनगर गांव में सोमवार सुबह एक फर्नीचर दुकान में घुसकर मारपीट और छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने दुकान में घुसकर दंपती की पिटाई की और बीच-बचाव करने आई उनकी बेटी से छेड़छाड़ की। यह पूरी घटना दुकान के दरवाजे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,8416904359
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    Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,8416904359
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    रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,8416904359
    पत्रकार हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
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    Post by हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
    user_हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
    हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
    Farmer हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
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