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देख लीजिए आकाश से बिजली कैसे गिरती है और किस तरीके से नीब के पेड़ पर बिजली गिरी और पेड़ पूरी तरह से धाराशाही हो गया

14 hrs ago
user_हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
Farmer हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
14 hrs ago

देख लीजिए आकाश से बिजली कैसे गिरती है और किस तरीके से नीब के पेड़ पर बिजली गिरी और पेड़ पूरी तरह से धाराशाही हो गया

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  • Post by हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
    1
    Post by हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
    user_हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
    हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार
    Farmer हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • Post by Vertman Bharat News Prayagraj
    1
    Post by Vertman Bharat News Prayagraj
    user_Vertman Bharat News Prayagraj
    Vertman Bharat News Prayagraj
    हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • Post by Rajesh Tiwari
    1
    Post by Rajesh Tiwari
    user_Rajesh Tiwari
    Rajesh Tiwari
    Local News Reporter Gyanpur, Bhadohi•
    3 hrs ago
  • Post by Kumar Vikas
    1
    Post by Kumar Vikas
    user_Kumar Vikas
    Kumar Vikas
    करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मेजा तहसील का *'शर्मसार' चेहरा: सिस्टम की *अर्थी* ढो रहा है यह बेबस बुजुर्ग! कोहडार का है* प्रयागराज। विकास के दावों की ढोल पीटती फाइलों के बीच मेजा तहसील से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और प्रशासनिक संवेदनशीलता को झकझोर देने वाली है। एक तरफ सरकार 'हर सिर को छत' और 'हर घर को राशन' का नारा दे रही है, वहीं दूसरी ओर मेजा का यह बुजुर्ग जिंदा लाश बनकर रह गया है। सरकारी क्रूरता की पराकाष्ठा: न राशन, न पेंशन, न मकान यह महज एक खबर नहीं, बल्कि उन सरकारी बाबुओं के मुंह पर तमाचा है जो एयरकंडीशन कमरों में बैठकर 'सब चंगा है' की रिपोर्ट भेजते हैं। इस बुजुर्ग की बेबसी का आलम देखिए: बिछौना धरती, ओढ़ना आसमान: जिसके पास लेटने के लिए एक चारपाई (खाट) तक नहीं है, वह आज भी नग्न धरती को अपना बिछौना बनाने पर मजबूर है। अंधेरे में डूबा बुढ़ापा: बिजली के दौर में यह बुजुर्ग ₹20 की दवा खाकर और एक टॉर्च के दम पर काल कोठरी जैसी झोपड़ी में रातें काट रहा है। भूख से जंग: राशन कार्ड के नाम पर शून्य और उज्ज्वला गैस के नाम पर सिर्फ धुआं। पेट की आग बुझाने के लिए यह बुजुर्ग आज भी दर-दर की ठोकरें खा रहा है। "धरती माता ही सहारा है..." बुजुर्ग की आंखों के आंसू और कांपती आवाज ने सिस्टम की पोल खोल दी है। उन्होंने सिसकते हुए कहा— "साहब! सरकारी आवास तो दूर, वृद्धा पेंशन तक नसीब नहीं हुई। कोई सुनने वाला नहीं है। अगर यह धरती माता न होती, तो शायद कब का दम तोड़ दिया होता।" बड़े सवाल: आखिर दोषी कौन? ग्राम प्रधान और सचिव की भूमिका संदिग्ध: क्या गांव के सर्वे में यह बुजुर्ग कभी नजर नहीं आया? या आवास की रेवड़ियां सिर्फ चहेतों में बांटी गईं? तहसील प्रशासन की लापरवाही: मेजा तहसील के जिम्मेदार अधिकारी आखिर किस गहरी नींद में सो रहे हैं कि उन्हें एक इंसान का तिल-तिल कर मरना दिखाई नहीं दे रहा? मानवता शर्मिंदा: क्या डिजिटल इंडिया का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित है? निष्कर्ष: अब आर-पार की जंग यह खबर उन तमाम सफेदपोशों के लिए चेतावनी है जो गरीब के हक पर कुंडली मारकर बैठे हैं। न्यूज प्लस इस बुजुर्ग को न्याय दिलाने तक इस मुहिम को थामने वाला नहीं है। प्रयागराज जिलाधिकारी महोदय, क्या आपकी नजर इस 'जिंदा नरक' पर पड़ेगी? कवरेज: राहुल मिश्रा
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    मेजा तहसील का *'शर्मसार' चेहरा: सिस्टम की *अर्थी* ढो रहा है यह बेबस बुजुर्ग! कोहडार का है* 
प्रयागराज। विकास के दावों की ढोल पीटती फाइलों के बीच मेजा तहसील से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और प्रशासनिक संवेदनशीलता को झकझोर देने वाली है। एक तरफ सरकार 'हर सिर को छत' और 'हर घर को राशन' का नारा दे रही है, वहीं दूसरी ओर मेजा का यह बुजुर्ग जिंदा लाश बनकर रह गया है।
सरकारी क्रूरता की पराकाष्ठा: न राशन, न पेंशन, न मकान
यह महज एक खबर नहीं, बल्कि उन सरकारी बाबुओं के मुंह पर तमाचा है जो एयरकंडीशन कमरों में बैठकर 'सब चंगा है' की रिपोर्ट भेजते हैं। इस बुजुर्ग की बेबसी का आलम देखिए:
बिछौना धरती, ओढ़ना आसमान: जिसके पास लेटने के लिए एक चारपाई (खाट) तक नहीं है, वह आज भी नग्न धरती को अपना बिछौना बनाने पर मजबूर है।
अंधेरे में डूबा बुढ़ापा: बिजली के दौर में यह बुजुर्ग ₹20 की दवा खाकर और एक टॉर्च के दम पर काल कोठरी जैसी झोपड़ी में रातें काट रहा है।
भूख से जंग: राशन कार्ड के नाम पर शून्य और उज्ज्वला गैस के नाम पर सिर्फ धुआं। पेट की आग बुझाने के लिए यह बुजुर्ग आज भी दर-दर की ठोकरें खा रहा है।
"धरती माता ही सहारा है..."
बुजुर्ग की आंखों के आंसू और कांपती आवाज ने सिस्टम की पोल खोल दी है। उन्होंने सिसकते हुए कहा— "साहब! सरकारी आवास तो दूर, वृद्धा पेंशन तक नसीब नहीं हुई। कोई सुनने वाला नहीं है। अगर यह धरती माता न होती, तो शायद कब का दम तोड़ दिया होता।"
बड़े सवाल: आखिर दोषी कौन?
ग्राम प्रधान और सचिव की भूमिका संदिग्ध: क्या गांव के सर्वे में यह बुजुर्ग कभी नजर नहीं आया? या आवास की रेवड़ियां सिर्फ चहेतों में बांटी गईं?
तहसील प्रशासन की लापरवाही: मेजा तहसील के जिम्मेदार अधिकारी आखिर किस गहरी नींद में सो रहे हैं कि उन्हें एक इंसान का तिल-तिल कर मरना दिखाई नहीं दे रहा?
मानवता शर्मिंदा: क्या डिजिटल इंडिया का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित है?
निष्कर्ष: अब आर-पार की जंग
यह खबर उन तमाम सफेदपोशों के लिए चेतावनी है जो गरीब के हक पर कुंडली मारकर बैठे हैं। न्यूज प्लस इस बुजुर्ग को न्याय दिलाने तक इस मुहिम को थामने वाला नहीं है। प्रयागराज जिलाधिकारी महोदय, क्या आपकी नजर इस 'जिंदा नरक' पर पड़ेगी?
कवरेज: राहुल मिश्रा
    user_Rahul Mishra Ak News
    Rahul Mishra Ak News
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • साइकिल सवार को डंफर ने मारी टक्कर, व्यक्ति की दर्दनाक मौत, वाहन और चालक पकड़ा गया क्षेत्र के बोधा का पूरा (कौआ) गांव निवासी एक व्यक्ति की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार उमा शंकर कोटार्य (उम्र लगभग 45 वर्ष) कुशगढ़ के पास डंफर की टक्कर का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि वह ईंट भट्ठा में मुंशी का काम करते थे और नरैना से साइकिल से अपने घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान कुशगढ़ के पास एक तेज रफ्तार डंफर ने उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया यह हादसा शाम लगभग 7 बजे के आसपास का बताया जा रहा है।
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    साइकिल सवार को डंफर ने मारी टक्कर, व्यक्ति की दर्दनाक मौत, वाहन और चालक पकड़ा गया
क्षेत्र के बोधा का पूरा (कौआ) गांव निवासी एक व्यक्ति की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार उमा शंकर कोटार्य (उम्र लगभग 45 वर्ष) कुशगढ़ के पास डंफर की टक्कर का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि वह ईंट भट्ठा में मुंशी का काम करते थे और नरैना से साइकिल से अपने घर वापस लौट रहे थे।
इसी दौरान कुशगढ़ के पास एक तेज रफ्तार डंफर ने उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया यह हादसा शाम लगभग 7 बजे के आसपास का बताया जा रहा है।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,8416904359
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    Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,8416904359
    user_रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,8416904359
    रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,8416904359
    पत्रकार हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • मेजा ,प्रयागराज । मेजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामनगर गांव में सोमवार सुबह एक फर्नीचर दुकान में घुसकर मारपीट और छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने दुकान में घुसकर दंपती की पिटाई की और बीच-बचाव करने आई उनकी बेटी से छेड़छाड़ की। यह पूरी घटना दुकान के दरवाजे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
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    मेजा ,प्रयागराज । मेजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामनगर गांव में सोमवार सुबह एक फर्नीचर दुकान में घुसकर मारपीट और छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने दुकान में घुसकर दंपती की पिटाई की और बीच-बचाव करने आई उनकी बेटी से छेड़छाड़ की। यह पूरी घटना दुकान के दरवाजे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • हेडलाइंस (ब्रेकिंग न्यूज़): भदोही में मौसम हुआ सामान्य, किसानों ने ली राहत की सांस समाचार: भदोही जनपद में पिछले कुछ दिनों से चल रहे बदलते मौसम के बाद अब स्थिति सामान्य हो गई है। तेज हवा, गरज-चमक और हल्की बारिश के बाद आज मौसम साफ रहने से लोगों को राहत मिली है। खासकर किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है, क्योंकि गेहूं की फसल की कटाई और मड़ाई का कार्य तेजी से चल रहा है। मौसम साफ होने से खेतों में काम फिर से सुचारू रूप से शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक बदलते मौसम से चिंता बढ़ गई थी, लेकिन अब आसमान साफ होने से जनजीवन सामान्य हो गया है। स्थिति पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है, ताकि किसी भी बदलाव की जानकारी समय पर मिल सके।
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    हेडलाइंस (ब्रेकिंग न्यूज़):
भदोही में मौसम हुआ सामान्य, किसानों ने ली राहत की सांस
समाचार:
भदोही जनपद में पिछले कुछ दिनों से चल रहे बदलते मौसम के बाद अब स्थिति सामान्य हो गई है। तेज हवा, गरज-चमक और हल्की बारिश के बाद आज मौसम साफ रहने से लोगों को राहत मिली है।
खासकर किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है, क्योंकि गेहूं की फसल की कटाई और मड़ाई का कार्य तेजी से चल रहा है। मौसम साफ होने से खेतों में काम फिर से सुचारू रूप से शुरू हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक बदलते मौसम से चिंता बढ़ गई थी, लेकिन अब आसमान साफ होने से जनजीवन सामान्य हो गया है।
स्थिति पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है, ताकि किसी भी बदलाव की जानकारी समय पर मिल सके।
    user_Ram sajivan pandey
    Ram sajivan pandey
    Local News Reporter ज्ञानपुर, भदोही, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
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