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देहरादून में प्लॉट उपलब्ध है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए दिए गए नंबर 8126111514 पर संपर्क किया जा सकता है।
Sandeep Rawat
देहरादून में प्लॉट उपलब्ध है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए दिए गए नंबर 8126111514 पर संपर्क किया जा सकता है।
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- उत्तरकाशी के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बरसात के कारण हर्षिल और धराली गांवों में गंगा (भागीरथी) नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। स्थिति का जायजा लेने के लिए गंगोत्री विधानसभा सीट से विधायक सुरेश चौहान खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और नदी के तटबंधों व चल रहे सुरक्षा कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। विधायक ने बताया कि प्रशासन और सिंचाई विभाग द्वारा नदी के बहाव को मोड़ने का काम लगातार जारी है। नदी को दूसरी तरफ चैनलाइज कर सुरक्षित दिशा में मोड़ दिया गया है, जिससे स्थानीय आबादी के लिए खतरा काफी कम हो गया है। हालांकि, एहतियात के तौर पर अभी भी एक अस्थायी सुरक्षा दीवार (बाड़ा) बनाने का काम चल रहा है। इस क्षेत्र में सुरक्षा कार्यों के लिए सरकार द्वारा लगभग ₹10.5 करोड़ स्वीकृत किए जा चुके हैं, लेकिन गंगा का जलस्तर अत्यधिक बढ़ने के कारण फिलहाल स्थायी निर्माण कार्य शुरू करना संभव नहीं हो पा रहा है। जलस्तर सामान्य होते ही काम में तेजी लाई जाएगी। क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और सूबे के मुख्यमंत्री स्वयं इस स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हाल ही में डीएम (DM), एडीएम (ADM) और एसडीएम (SDM) ने भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। विधायक ने माना कि मानसून के अगले 1-2 महीने चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन पूर्व में नदी में झील बनने की जो आशंका थी, वह चैनलाइजिंग के काम के बाद अब समाप्त हो चुकी है। निरीक्षण के दौरान विधायक ने एक बड़ी समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया कि पहाड़ टूटने के कारण भारी मात्रा में गाद (सिल्ट, RBM) और मलबा नदी में जमा हो जाता है, जिससे नदी का जलस्तर लगातार ऊपर उठ रहा है। इसके कारण उत्तरकाशी शहर, नदी किनारे बसे गांवों और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) को लगातार खतरा बना हुआ है। इको-सेंसिटिव जोन और पर्यावरण नियमों की बंदिशों के कारण नदी से गाद नहीं निकाली जा पा रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने भी भारत सरकार को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि इको-सेंसिटिव जोन के कानूनों में थोड़ी ढील दी जाए ताकि गाद को हटाया जा सके और भविष्य में होने वाले बड़े नुकसान से बचा जा सके।1
- उत्तराखण्ड के लिए नए विजन को लेकर सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी से 'सिस्टम बनाम समाधान' और 'आईआईटी से पॉलिसी तक' के विषय पर बातचीत की गई है। इस चर्चा में विशेष रूप से चकबंदी के महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया गया है। इसके साथ ही, राज्य में प्लानिंग या प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े करते हुए उत्तराखण्ड की सच्ची ज़रूरतों पर गहराई से विचार-विमर्श किया गया है।1
- हल्द्वानी के मशहूर यूट्यूबर सौरव जोशी ने गाड़ी का माइलेज कम होने के लिए इथेनॉल पेट्रोल को जिम्मेदार बताया है। यूट्यूबर का कहना है कि गाड़ी पहले 19 किलोमीटर का माइलेज देती थी, जो कि अब घटकर सिर्फ 5 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज दे रही है।1
- देहरादून जिले के रायपुर-ऋषिकेश रोड पर सड़क चौड़ीकरण के एवज में हजारों पेड़ों को काटा जा रहा है, जिससे पर्यावरण प्रेमियों में गहरा रोष व्याप्त है। विशेष रूप से सात मोड़ पर स्थित पेड़ों को काटे जाने को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब इस रोड पर कभी जाम भी नहीं लगता, तो फिर यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का विनाश क्यों किया जा रहा है। इस स्थिति को लेकर किसान मजदूर महासंग्राम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोबीन अहमद भी बेहद दुखी हैं और उन्हें इसका विरोध करने के लिए लगातार फोन आ रहे हैं। हरे-भरे पेड़ों को काटे जाने का विरोध कर रहे विभिन्न संगठनों को अपना समर्थन देते हुए उन्होंने भारत सरकार और प्रदेश सरकार से अनुरोध किया है कि पेड़ों को न काटा जाए। उन्होंने मांग की है कि इसके लिए कोई दूसरा रास्ता निकाला जाए ताकि वन संपदा और जंगलों का मूल स्वरूप सुरक्षित रह सके।1
- उत्तराखंड के देहरादून में स्थित ग्राम पंचायत केदारवाला जिला स्तर पर स्वच्छता के मामले में नंबर वन होने के बावजूद अब पिछड़ती जा रही है। बरसात के मौसम में यहाँ की सड़कों के आसपास बहुत ज्यादा घास उग आई है। करीबन साल भर से सड़कों की सफाई नहीं होने के कारण सड़कों के किनारों पर उगी इस अधिक घास की वजह से अब नालियों का भी पता नहीं चल पा रहा है। सड़कों की इस बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने स्वच्छता विभाग से गुहार लगाई है कि इन सड़कों की जल्द से जल्द सफाई कराई जाए।2
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रुधौली थाना क्षेत्र के दसिया गांव में प्रस्तावित एथेनॉल प्लांट के विरोध की आशंका के चलते प्रशासन ने 14 जुलाई को एहतियातन BNSS की धारा 163 लागू कर दी है। पुलिस ने मुनादी कर लोगों को बिना अनुमति के 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, धरना-प्रदर्शन करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंध की जानकारी दी है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तराखंड के विकास और प्राथमिकताओं को लेकर 'सिस्टम बनाम समाधान' की बहस के बीच राज्य की वास्तविक जरूरतों को रेखांकित किया गया है। सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी ने इस गंभीर विषय पर अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड की असल जरूरतें क्या हैं। इस चर्चा में यह अहम सवाल उठाया गया है कि राज्य को इस समय बेहतर प्लानिंग (योजना) की आवश्यकता है या फिर प्रदर्शन की, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर भी आवाजें उठ रही हैं।1
- देहरादून के नेहरू विहार क्षेत्र में एक व्यक्ति पर गाय से दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। इस घटना से गुस्साए लोगों ने आरोपित युवक को पकड़ लिया और सड़कों पर उसका जुलूस निकालते हुए उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस संबंध में जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस द्वारा युवक पर लगे आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है और पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1