श्रीगंगानगर नगर परिषद में कार्यरत स्थायी और अस्थायी सफाई कर्मचारियों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर 22 जून, सोमवार को प्रशासन को एक बड़ा अल्टीमेटम दिया है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस यूनियन के अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि और जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासक) एवं नगर परिषद प्रशासक सुभाष कुमार को ज्ञापन सौंपकर सभी लंबित मांगों के तत्काल समाधान की जोरदार मांग उठाई। यूनियन ने प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले चार दिनों के भीतर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस स्थिति में सफाई कार्य का बहिष्कार करते हुए हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और परिषद प्रशासन की होगी। कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार हो, इसके लिए ज्ञापन की प्रतियां राजस्थान सरकार के वित्त मंत्री, जिला कलेक्टर, नगर परिषद आयुक्त और जिला कोषाधिकारी को भी भेजी गई हैं। जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि ने बताया कि नगर परिषद के अस्थायी सफाई कर्मचारियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली कर्मियों का वेतन लंबे समय से रुका हुआ है, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, स्थायी कर्मचारियों को 9, 18 और 27 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर मिलने वाला चयनित वेतनमान और एल-1 से एल-2 में मिलने वाले लाभ भी अब तक नहीं दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कर्मचारियों का वर्दी भत्ता, सरेंडर लीव की राशि, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और उपार्जित अवकाश की देय राशि भी लंबे समय से अटकी हुई है, और मृतक कर्मचारियों के परिजनों को भी उनके हक की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। यूनियन ने मांग की है कि इन सभी लंबित भुगतानों को तुरंत जारी किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए, जिनकी लापरवाही के कारण देरी हुई है। बंटी वाल्मीकि ने स्पष्ट किया कि यूनियन पहले भी कई बार ज्ञापन देकर इन समस्याओं को प्रशासन के सामने रख चुकी है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी कारण कर्मचारियों में भारी रोष है और वे अब निर्णायक संघर्ष के मूड में हैं। ज्ञापन सौंपते समय यूनियन अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि, वाल्मीकि सभा अध्यक्ष सूरज भाटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक चांवरिया, रवि कुमार, अशोक सुमाली, बिरजू द्रविड़ और रामेश्वर सहित कई कर्मचारी व पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन तेज किया जाएगा, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और नगर परिषद पर टिकी हैं कि इन वर्षों पुरानी मांगों का कब तक समाधान होता है।
श्रीगंगानगर नगर परिषद में कार्यरत स्थायी और अस्थायी सफाई कर्मचारियों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर 22 जून, सोमवार को प्रशासन को एक बड़ा अल्टीमेटम दिया है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस यूनियन के अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि और जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासक) एवं नगर परिषद प्रशासक सुभाष कुमार को ज्ञापन सौंपकर सभी लंबित मांगों के तत्काल समाधान की जोरदार मांग उठाई। यूनियन ने प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले चार दिनों के भीतर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस स्थिति में सफाई कार्य का बहिष्कार करते हुए हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और परिषद प्रशासन की होगी। कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार हो, इसके लिए ज्ञापन की प्रतियां राजस्थान सरकार के वित्त मंत्री, जिला कलेक्टर, नगर परिषद आयुक्त और जिला कोषाधिकारी को भी भेजी गई हैं। जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि ने बताया कि नगर परिषद के अस्थायी सफाई कर्मचारियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली कर्मियों का वेतन लंबे समय से रुका हुआ है, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, स्थायी कर्मचारियों को 9, 18 और 27 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर मिलने वाला चयनित वेतनमान और एल-1 से एल-2 में मिलने वाले
लाभ भी अब तक नहीं दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कर्मचारियों का वर्दी भत्ता, सरेंडर लीव की राशि, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और उपार्जित अवकाश की देय राशि भी लंबे समय से अटकी हुई है, और मृतक कर्मचारियों के परिजनों को भी उनके हक की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। यूनियन ने मांग की है कि इन सभी लंबित भुगतानों को तुरंत जारी किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए, जिनकी लापरवाही के कारण देरी हुई है। बंटी वाल्मीकि ने स्पष्ट किया कि यूनियन पहले भी कई बार ज्ञापन देकर इन समस्याओं को प्रशासन के सामने रख चुकी है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी कारण कर्मचारियों में भारी रोष है और वे अब निर्णायक संघर्ष के मूड में हैं। ज्ञापन सौंपते समय यूनियन अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि, वाल्मीकि सभा अध्यक्ष सूरज भाटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक चांवरिया, रवि कुमार, अशोक सुमाली, बिरजू द्रविड़ और रामेश्वर सहित कई कर्मचारी व पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन तेज किया जाएगा, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और नगर परिषद पर टिकी हैं कि इन वर्षों पुरानी मांगों का कब तक समाधान होता है।
- मुका हिरण मामले के संबंध में बिश्नोई समाज की एक सभा आयोजित की गई, जिसमें परमेश्वरी ने भाग लिया।2
- श्रीगंगानगर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने लंबित मानदेय, भवन किराया और अन्य बकाया भुगतानों को लेकर नारी शक्ति राजस्थान आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की ओर से एडीएम व महिला एवं बाल विकास विभाग को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने बताया है कि कई महीनों से मानदेय का भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, किराये के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया भी बकाया है, जिसके चलते मकान मालिक केंद्र खाली कराने की चेतावनी दे रहे हैं। ज्ञापन में संघ ने पोषण ट्रैकर, सामुदायिक कार्यक्रम, मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल और अन्य योजनाओं से संबंधित बकाया राशि के तत्काल भुगतान की भी मांग की है। साथ ही, सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन, ग्रेच्युटी और बीमा राशि जल्द जारी करने की भी मांग उठाई गई है। आंगनबाड़ी कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो जिलेभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इस दौरान विभाग के नए सर्वे और सभी सरकारी कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा, क्योंकि बकाया भुगतान को लेकर अब उनका सब्र जवाब देने लगा है।2
- नन्हे कदम IVF सेंटर की नई शाखा का गंगानगर में भव्य शुभारंभ हो गया है, जिससे अब इस क्षेत्र में भी बच्चों की किलकारी गूंजेगी। यह निसंतान दंपत्तियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि उन्हें अब गंगानगर में ही विश्वस्तरीय IVF उपचार का लाभ मिल सकेगा।1
- जोधपुर में री नीट परीक्षा का आयोजन किया गया। यह परीक्षा शहर भर में कुल 46 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई।1
- रायसिंहनगर में 22 जून 2026 को बस स्टैंड से गुरुद्वारा सिंह सभा की ओर जाने वाले मार्ग पर एक नवीन शोरूम का मुहूर्त हुआ। इस अवसर पर सड़क में लगाए गए 'शिलिंग' के कारण क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पूरी तरह अनियंत्रित हो चुकी है। 'शिलिंग' के सड़क पर होने की वजह से चौपहिया वाहन चालकों और दोपहिया वाहन चालकों दोनों को ही भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इलाके की ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।1
- 22 जून 2026 की रात उकलाना से एक फोन आया, जिसमें बताया गया कि एक गऊ माता सुबह से ही जख्मी हालत में पड़ी है और कोई उस पर ध्यान नहीं दे रहा है। उकलाना के एक मिस्त्री ने तुरंत 'बन्टी बाबा जी' से अनुरोध किया कि वे इस मामले में कुछ करें। इस सूचना के मिलते ही, उसी रात 8 बजे जिला मंत्री बन्टी बाबा की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। इन 'गौरक्षक शेरों' ने घायल गौ माता को कुशलतापूर्वक रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित रूप से पास की गौशाला में उपचार के लिए पहुँचाया। इस मानवीयता भरे कार्य के लिए उकलाना के मिस्त्री भाई को कोटि-कोटि नमन किया गया। यह पूरा बचाव अभियान जिला मंत्री बन्टी बाबा की टीम और जिला गौरक्षा के सहयोग से संपन्न हुआ।1
- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, जाने-माने इंटरनेशनल भांगड़ा मास्टर परविंदर सिंह 'भोला पंछी' ने दिल्ली के वुडलैंड पार्क में RRR योगा ग्रुप के साथ लोगों को भांगड़ा करवाकर योग का अभ्यास कराया। भोला पंछी ने इस दौरान बताया कि भांगड़ा भी एक प्रकार का योग है और इसे लगातार करने से हर व्यक्ति निरोग हो सकता है। जब भोला पंछी ने मंच पर भांगड़ा प्रस्तुत किया, तो सभी लोग उनके साथ नाचने को मजबूर हो गए। उन्होंने यह भी साझा किया कि योग दिवस पर योग करते हुए और भांगड़ा करते हुए उन्हें बेहद खुशी का अनुभव होता है। इस खास मौके पर, सोनू योग गुरु ने परविंदर सिंह 'भोला पंछी' को गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया।1
- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस दर्दनाक हादसे में प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 13 बच्चों की मौत का अंदेशा जताया जा रहा है।1