तिरंगे की छांव में गूंजा राष्ट्रगान, जेल में देशभक्ति की रंगत राजेश सरकार प्रयागराज। जिला कारागार नैनी में स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। सुबह आठ बजे मुख्य द्वार पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक श्रीमती अमिता दुबे ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कारागार परिसर देशभक्ति के भाव से गूंज उठा। समारोह में कारागार के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महानिदेशक कारागार द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किए गए पदकों से कारागार कर्मियों को सम्मानित किया गया। सुश्री अभिलाषा उप कारापाल को हीरक पदक, जेल वार्डर दिनेश कुमार विश्वकर्मा को स्वर्ण पदक, जबकि प्रधान सहायक सियाराम मिश्र और जेल वार्डर पवन कुमार राय को रजत पदक प्रदान किया गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने पदक एवं प्रशस्ति चिह्न देकर सम्मानित किया। कारागार प्रशासन के संचालन में विशेष योगदान देने वाले प्रधान सहायक सियाराम मिश्र, हेड जेल वार्डर राजेश कुमार मिश्र तथा जेल वार्डर अवधेश यादव और सुनील कुमार यादव को भी प्रशस्ति-पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले बंदियों में सिद्धदोष बंदी अनिरुद्ध प्रताप सिंह तथा विचाराधीन बंदी रवि केसरवानी और पुष्पराज को भी सम्मान मिला। सेवानिवृत्त कारागार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इस अवसर पर स्मरण करते हुए सम्मानित किया गया। इसके बाद कारागार के सर्किल और मल्टीपरपज हाल में ध्वजारोहण व राष्ट्रगान हुआ, जिसमें अधिकारी-कर्मचारियों के साथ बंदी भी शामिल हुए। मल्टीपरपज हाल में महिला और पुरुष बंदियों ने लोकगीत, राष्ट्रगीत समेत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा दिखाई। बेथनी कॉन्वेंट स्कूल, नैनी के बच्चों ने भी नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बंदियों का मन मोह लिया। स्वतंत्रता दिवस के साथ हरियाली तीज का पर्व होने के कारण महिला बैरक में मेहंदी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली महिला बंदी ज्योति पत्नी अंकित और द्वितीय स्थान पाने वाली सुनैना पुत्री फूलचंद्र को वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने पुरस्कृत किया। साफ-सफाई, स्वच्छता और अनुशासन में बेहतर प्रदर्शन करने वाली बैरक संख्या 2बी, 9ए और 11 को भी पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रेम और सद्भावना को राष्ट्र एवं समाज के निर्माण का आधार बताया। उन्होंने सभी को इसी भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों और बेथनी स्कूल के बच्चों को टॉफी, मिठाई एवं अन्य सामग्री भी वितरित की गई। समारोह में कारापाल अनिल कुमार विश्वकर्मा, उप कारापाल शिखर, सौरम सिंह यादव, विजय प्रसाद और अमर सिंह समेत फार्मासिस्ट भूपेंद्र कुमार पांडेय, गिरीश चंद्र मिश्र, शिक्षाध्यापक राकेश सिंह, शिक्षाध्यापिका कल्पना कौशल सहित कारागार के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
तिरंगे की छांव में गूंजा राष्ट्रगान, जेल में देशभक्ति की रंगत राजेश सरकार प्रयागराज। जिला कारागार नैनी में स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। सुबह आठ बजे मुख्य द्वार पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक श्रीमती अमिता दुबे ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कारागार परिसर देशभक्ति के भाव से गूंज उठा। समारोह में कारागार के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महानिदेशक कारागार द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किए गए पदकों से कारागार कर्मियों को सम्मानित किया गया। सुश्री अभिलाषा उप कारापाल को हीरक पदक, जेल वार्डर दिनेश कुमार विश्वकर्मा को स्वर्ण पदक, जबकि प्रधान सहायक सियाराम मिश्र
और जेल वार्डर पवन कुमार राय को रजत पदक प्रदान किया गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने पदक एवं प्रशस्ति चिह्न देकर सम्मानित किया। कारागार प्रशासन के संचालन में विशेष योगदान देने वाले प्रधान सहायक सियाराम मिश्र, हेड जेल वार्डर राजेश कुमार मिश्र तथा जेल वार्डर अवधेश यादव और सुनील कुमार यादव को भी प्रशस्ति-पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले बंदियों में सिद्धदोष बंदी अनिरुद्ध प्रताप सिंह तथा विचाराधीन बंदी रवि केसरवानी और पुष्पराज को भी सम्मान मिला। सेवानिवृत्त कारागार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इस अवसर पर स्मरण करते हुए सम्मानित किया गया। इसके बाद कारागार के सर्किल और मल्टीपरपज हाल में ध्वजारोहण
व राष्ट्रगान हुआ, जिसमें अधिकारी-कर्मचारियों के साथ बंदी भी शामिल हुए। मल्टीपरपज हाल में महिला और पुरुष बंदियों ने लोकगीत, राष्ट्रगीत समेत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा दिखाई। बेथनी कॉन्वेंट स्कूल, नैनी के बच्चों ने भी नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बंदियों का मन मोह लिया। स्वतंत्रता दिवस के साथ हरियाली तीज का पर्व होने के कारण महिला बैरक में मेहंदी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली महिला बंदी ज्योति पत्नी अंकित और द्वितीय स्थान पाने वाली सुनैना पुत्री फूलचंद्र को वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने पुरस्कृत किया। साफ-सफाई, स्वच्छता और अनुशासन में बेहतर प्रदर्शन करने वाली बैरक संख्या 2बी, 9ए और 11 को
भी पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रेम और सद्भावना को राष्ट्र एवं समाज के निर्माण का आधार बताया। उन्होंने सभी को इसी भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों और बेथनी स्कूल के बच्चों को टॉफी, मिठाई एवं अन्य सामग्री भी वितरित की गई। समारोह में कारापाल अनिल कुमार विश्वकर्मा, उप कारापाल शिखर, सौरम सिंह यादव, विजय प्रसाद और अमर सिंह समेत फार्मासिस्ट भूपेंद्र कुमार पांडेय, गिरीश चंद्र मिश्र, शिक्षाध्यापक राकेश सिंह, शिक्षाध्यापिका कल्पना कौशल सहित कारागार के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
- वायु सेना बैंड की देशभक्तिमयी धुनों से गूंजा प्रयागराज का चंद्रशेखर आजाद पार्क1
- प्रयागराज स्वतंत्रता दिवस को अद्भुत और अलौकिक ढंग से बनाया गया जय हिन्द1
- प्रयागराज के कोराव थाना क्षेत्र अंतर्गत शनिवार की दोपहर नदी के ऊपर बने भोगन पुल पर साइकिल चला रहा एक लड़का अचानक अनियंत्रित होकर साइकिल सहित नदी मे डूब गया। *प्रयागराज के कोराव थाना क्षेत्र अंतर्गत शनिवार की दोपहर नदी के ऊपर बने भोगन पुल पर साइकिल चला रहा एक लड़का अचानक अनियंत्रित होकर साइकिल सहित नदी मे डूब गया। गांव के ही कुछ लोगों ने उसे डूबता देख उसे बचाने की कोशिश की लेकिन पानी का दबाव इतना अधिक था की उसके पता नहीं चल सका। कुछ ही पलों मे पूरा गांव पुल पर इकठ्ठा हो गया। सूचना मिलते ही कोरांव थाने की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और उसके बाद NDRF की टीम भी पहुंची और लड़के की तलाश मे जुट गई।* *फिर लोगों द्वारा पता लगाया गया की जो लड़का डूबा है उसका नाम मोनू चौबे पुत्र आदित्य चौबे है और वो ग्राम पंचायत ख़िवली पोस्ट बड़ोखर थाना कोराव का रहने वाला है।*1
- बहरिया पुलिस ने जमीन फर्जीवाड़े के 2 वांछित गिरफ्तार किए प्रयागराज: थाना बहरिया पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने के मामले में 02 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्ता कंचन देवी ने पति इन्द्रभान हरिजन के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए,इसके बाद खुद मुकदमा वादिनी बनकर थाना बहरिया क्षेत्रान्तर्गत ग्राम कपसा स्थित आराजी संख्या 1075स रकबा 0.3080 हेक्टेयर जमीन का फर्जी इकरारनामा करवाया और उक्त जमीन को चंदा देवी पत्नी छोटेलाल निवासी ग्राम सरायखुन्दमीर थाना फूलपुर को बेच दिया। गिरफ्तार अभियुक्त 1. इन्द्रभान हरिजन पुत्र नन्दलाल हरिजन,उम्र 38 वर्ष 2. कंचन देवी पत्नी इन्द्रभान हरिजन,उम्र 37 वर्ष1
- भाजपा मंडल चक कार्यकर्ताओं ने जनता मे दिया शांति भाईचारे का संदेश1
- *दो किलोमीटर की सड़क, गिट्टी सिर्फ तीन सौ मीटर! बाकी हिस्से में डामरीकरण की तैयारी, भिलोर में निर्माण कार्य ने खड़े किए बड़े सवाल* *दो किलोमीटर की सड़क, गिट्टी सिर्फ तीन सौ मीटर! बाकी हिस्से में डामरीकरण की तैयारी, भिलोर में निर्माण कार्य ने खड़े किए बड़े सवाल* *स्वीकृत धनराशि से लेकर तकनीकी मानक तक सवालों के घेरे में—ग्रामीण बोले, पहले पूरी सड़क की गिट्टी बिछे, फिर हो डामरीकरण; जिम्मेदार विभाग बताए आखिर बाकी सड़क का हिसाब क्या है?* भिलोर/बारा, प्रयागराज। लालापुर से प्रतापपुर मार्ग से भिलोर गांव की ओर जाने वाली करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण को लेकर मौके की स्थिति ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को मीडिया की पड़ताल में जो तस्वीर सामने आई, उसके मुताबिक करीब दो किलोमीटर की सड़क में आधार तैयार करने के लिए बड़ी गिट्टी का कार्य महज लगभग तीन सौ मीटर के आसपास ही दिखाई दे रहा है, जबकि शेष हिस्से में पूरी सड़क पर एकसमान गिट्टी बिछी नजर नहीं आती। कहीं गड्ढों में थोड़ी-थोड़ी गिट्टी डाली गई है तो कहीं पुरानी डामर की परत को उखाड़कर उसी सतह पर नया डामरीकरण कराने की तैयारी दिखाई दे रही है। यही अंतर अब सड़क निर्माण की गुणवत्ता से आगे बढ़कर स्वीकृत प्राक्कलन, कार्य की वास्तविक मात्रा और सरकारी धनराशि के इस्तेमाल पर सवाल खड़ा कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि करीब दो किलोमीटर सड़क का निर्माण स्वीकृत है और निर्माण में गिट्टी की निर्धारित परत का प्रावधान है तो फिर गिट्टी का काम केवल लगभग तीन सौ मीटर तक सीमित क्यों दिखाई दे रहा है? बाकी लगभग एक किलोमीटर सात सौ मीटर सड़क के लिए निर्धारित निर्माण प्रक्रिया कहां है? क्या उस हिस्से में पहले से मौजूद सड़क की सतह को ही आधार मानकर सीधे डामरीकरण कराया जाएगा? यदि ऐसा है तो क्या यह तकनीकी रूप से स्वीकृत है? और यदि स्वीकृति में पूरी सड़क को निर्धारित स्तर तक तैयार करने का प्रावधान है तो फिर मौके पर उसका पालन क्यों नहीं दिख रहा? ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने ठेकेदार से स्पष्ट रूप से कहा कि पहले पूरी सड़क पर आवश्यक गिट्टी डलवाई जाए और उसके बाद डामरीकरण कराया जाए, लेकिन उनकी आपत्ति के बावजूद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल उस सूचना-पट्ट का भी है, जिससे जनता को यह पता चल सके कि सड़क किस योजना से स्वीकृत हुई, इसकी कुल लागत कितनी है, लंबाई कितनी स्वीकृत है, कार्यदायी संस्था कौन है, ठेकेदार कौन है, कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की तिथि क्या है तथा इसकी निगरानी किस तकनीकी अधिकारी के जिम्मे है। मौके पर यदि ऐसा बोर्ड नहीं है तो इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क फरवरी महीने में स्वीकृत होने की बात सामने आई थी, लेकिन लगभग छह महीने तक निर्माण शुरू नहीं हुआ। अब जब काम शुरू हुआ है तो करीब दो किलोमीटर की सड़क में महज लगभग तीन सौ मीटर हिस्से में गिट्टी बिछाने और शेष हिस्से में पुराने आधार पर काम बढ़ाने की स्थिति ने ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ा दी है। ऐसे में अब सवाल केवल ठेकेदार की कार्यशैली का नहीं, बल्कि कार्यदायी संस्था, संबंधित अवर अभियंता, सहायक अभियंता, अधिशासी अभियंता और निगरानी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी का भी है। यदि कार्य की माप पुस्तिका में पूरी सड़क का काम दर्ज होता है तो मौके पर उसकी भौतिक स्थिति से मिलान होना चाहिए। यदि अभी भुगतान नहीं हुआ है तो भुगतान से पहले तकनीकी जांच और माप सत्यापन होना चाहिए, और यदि भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो स्वीकृत प्राक्कलन के प्रत्येक मद का मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए। इस मामले में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, उप जिलाधिकारी बारा, तहसीलदार बारा, संबंधित खंड विकास अधिकारी तथा संबंधित निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और तकनीकी अधिकारियों के स्तर से स्थलीय जांच कराया जाना आवश्यक है। जांच में सड़क की वास्तविक लंबाई, चौड़ाई, गिट्टी की मोटाई, गिट्टी की मात्रा, डामर की मोटाई, प्रयुक्त सामग्री, स्वीकृत लागत, कार्य की माप पुस्तिका और मौके पर हुए निर्माण का मिलान कराया जाए तो स्थिति स्वतः स्पष्ट हो सकती है। यदि दो किलोमीटर की सड़क के लिए पूरा बजट और पूरा निर्माण स्वीकृत है तो लगभग तीन सौ मीटर में ही आधार सामग्री का काम दिखाई देने और बाकी हिस्से में सीधे डामरीकरण की तैयारी का कारण क्या है—इसका जवाब अब ग्रामीण ही नहीं, संबंधित विभाग से भी मांगा जा रहा है। यदि निर्माण नियम और स्वीकृत मानक के अनुसार हो रहा है तो विभाग को दस्तावेजों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, लेकिन यदि स्वीकृत कार्य और जमीन पर हुए कार्य में अंतर पाया जाता है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई भी होनी चाहिए। भिलोर की सड़क अब सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं रह गई है, बल्कि यह सवाल बन गई है कि सरकारी निर्माण में कागज पर दर्ज मात्रा और जमीन पर दिखाई देने वाले काम के बीच आखिर कितना फासला है?1
- धूमनगंज में 8 साल पहले भी एक वीडियो वायरल हुई थी जिसमें हिस्ट्रीशीटर नविल अहमद गाड़ी के प्रयागराज। 16 अगस्त 2026/ धूमनगंज में 8 साल पहले भी एक वीडियो वायरल हुई थी जिसमें हिस्ट्रीशीटर नविल अहमद गाड़ी के बोनट पर पिस्टल लहराते हुए नजर आ रहा है वीडियो वायरल होने के बाद धूमनगंज पुलिस ने कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार कर लिया था। हिस्ट्रीशीटर नविल अहमद का इतिहास बहुत पुराना है अपने साथियों के साथ किसी को भी जान से मारने की धमकी देना और जानलेवा हमला करना पुरानी आदत है। नए वीडियो जो 13 अगस्त 2026 का है जान से मारने के इरादे से गोली चलाते हुए नजर आ रहा है। आइए आपको 8 साल पुरानी वायरल वीडियो को दिखलाते हैं और 8 साल पहले पुलिस ने क्या कार्रवाई करी थी वो भी आपको सुनाते हैं...!! रंजीत कुमार सोनकर (प्रधान संपादक) क्राइम एक्सपर्ट न्यूज़1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 80वें स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन #trendingreels #breakingnews #lucknow #yogiadityanath1