गणतंत्र दिवस की आहट से हुसैनाबाद बाजार में देशभक्ति का रंग हेमंत कुमार की रिपोर्ट गणतंत्र दिवस नजदीक आते ही हुसैनाबाद बाजार देशभक्ति के रंग में रंग गया है। बाजार में तिरंगा झंडा, झंडियां, बैज, टोपी, बैनर और सजावटी सामग्री से सजी दुकानें लोगों का ध्यान खींच रही हैं। सुबह से ही लोग घरों, स्कूलों और कार्यालयों के लिए राष्ट्रीय ध्वज व सजावटी सामान की खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। शनिवार दोपहर 3:00 स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, इस बार तिरंगे और देशभक्ति से जुड़ी वस्तुओं की मांग में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। महावीर जी भवन के सामने दुकान लगाने वाले प्रदीप कुमार कांस्यकार उर्फ पप्पू जी ने बताया कि खासकर बच्चों और शिक्षण संस्थानों की ओर से उत्साहजनक खरीदारी हो रही है। बाजार में बढ़ी चहल-पहल से व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं। वहीं आम नागरिकों का कहना है कि गणतंत्र दिवस सिर्फ पर्व नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र के प्रति सम्मान व्यक्त करने का दिन है। कुल मिलाकर हुसैनाबाद में गणतंत्र दिवस को लेकर उत्साह और देशभक्ति का माहौल साफ नजर आ रहा है
गणतंत्र दिवस की आहट से हुसैनाबाद बाजार में देशभक्ति का रंग हेमंत कुमार की रिपोर्ट गणतंत्र दिवस नजदीक आते ही हुसैनाबाद बाजार देशभक्ति के रंग में रंग गया है। बाजार में तिरंगा झंडा, झंडियां, बैज, टोपी, बैनर और सजावटी सामग्री से सजी दुकानें लोगों का ध्यान खींच रही हैं। सुबह से ही लोग घरों, स्कूलों और कार्यालयों के लिए राष्ट्रीय ध्वज व सजावटी सामान की खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। शनिवार दोपहर 3:00 स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, इस बार तिरंगे और देशभक्ति से जुड़ी वस्तुओं की मांग में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। महावीर जी भवन के सामने दुकान लगाने वाले प्रदीप कुमार कांस्यकार उर्फ पप्पू जी ने बताया कि खासकर बच्चों और शिक्षण संस्थानों की ओर से उत्साहजनक खरीदारी हो रही है। बाजार में बढ़ी चहल-पहल से व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं। वहीं आम नागरिकों का कहना है कि गणतंत्र दिवस सिर्फ पर्व नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र के प्रति सम्मान व्यक्त करने का दिन है। कुल मिलाकर हुसैनाबाद में गणतंत्र दिवस को लेकर उत्साह और देशभक्ति का माहौल साफ नजर आ रहा है
- उड़ीसा मैं सांसद चंद्रशेखर के काफिले पर फिर हमला बाल बाल बचे हैं1
- Post by Neimudnansari1
- कांडी कॉलेज रोड में खुला न्यू फर्नीचर का दुकान ये दुकान लक्ष्मी चंद्रवंशी गर्ल स्कूल के बगल में जहां पर जाकर आप सामान को खरीद सकते हैं संपर्क मो0 9065231404/9973007623 मां लक्ष्मी फर्नीचर शोरूम कांडी1
- shiki kala1
- लातेहार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत आज 25 जनवरी को जिला परिवहन विभाग लातेहार द्वारा जिला मैराथन दौड़ का आयोजन किया।इसकी शुरूआत समाहरणालय प्रांगण से की गई।मैराथन दौड़ को डीडीसी सैयद रियाज अहमद और डीटीओ उमेश मंडल ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।यह मैराथन दौड़ मेन रोड व थाना चौक होते हुए लातेहार खेल स्टेडियम पहुंची।और पुनः जिला खेल स्टेडियम पहुंचकर समाप्त हुआ।इस दौरान डीडीसी ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।और लोगो से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।डीटीओ ने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्वेश्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया।4
- Pradhan Paisa bachane ke chakkar mein jald hi road banvaya hai lekin Abhi Tak laking nahin hua Hai kab tak hogi Pradhan bol rahe hain aajkal mein locking ho jaega 2 se 3 manth ho chuki hai abhi tak nahin hua Hai Lucknow aane Wale samay mein Pura ukhad jaega1
- कर्पूरी मैदान में गूंजा जननायक का नाम, श्रद्धा से मनी 102वीं जयंती Hemant Kumar ki report हुसैनाबाद अनुमंडल कार्यालय स्थित कर्पूरी मैदान में शनिवार सुबह 11 बजे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय नाई महासभा, हुसैनाबाद इकाई द्वारा किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सामाजिक न्याय के मसीहा थे कर्पूरी ठाकुर : विधायक संजय सिंह यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक संजय कुमार सिंह यादव ने जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर शोषित, पीड़ित, दलित एवं पिछड़े वर्गों के सच्चे मसीहा थे। सादगी, ईमानदारी और सामाजिक न्याय उनके जीवन के मूल मंत्र रहे। आरक्षण नीति लागू कर उन्होंने वंचित वर्गों को शिक्षा और रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। विशिष्ट अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी गौरांग महतो ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर द्वारा रखी गई सामाजिक न्याय की नींव आज भी लोकतंत्र को दिशा दे रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय नाई महासभा हुसैनाबाद के सचिव संतोष ठाकुर ने की। इस मौके पर नगर प्रशासक शशि शेखर सुमन, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष शशि कुमार, महासभा अध्यक्ष कृष्णा ठाकुर सहित कई समाजसेवी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- *मानवाधिकार संगठन में मची रार: पूर्व उपाध्यक्ष पर वापसी के लिए बनाया जा रहा अनैतिक दबाव* *सोनभद्र/मिर्जापुर:* जनपद में मानवाधिकारों के संरक्षण का दावा करने वाले संगठन 'समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन' के भीतर आंतरिक कलह और दबाव की राजनीति का मामला गरमाता नजर आ रहा है। संगठन के सोनभद्र जिला अध्यक्ष मुमताज अली और मिर्जापुर के पूर्व उपाध्यक्ष नितेश उपाध्याय के बीच हुई बातचीत का एक कथित ऑडियो सामने आया है, जिसमें मुमताज अली पूर्व उपाध्यक्ष पर संगठन में वापस लौटने और पद संभालने के लिए भारी दबाव बनाते सुनाई दे रहे हैं। *मर्यादाओं को ताक पर रखकर दी जा रही नसीहत* वायरल ऑडियो में मुमताज अली द्वारा नितेश उपाध्याय को संगठन की मजबूती की दुहाई देते हुए वापस आने को कहा जा रहा है। बातचीत के दौरान मुमताज अली का लहजा काफी सख्त और प्रभाव जमाने वाला है। वे नितेश उपाध्याय को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि संगठन में रहने से ही उनकी ताकत बनी रहेगी, जबकि नितेश उपाध्याय पूर्व में हुए खराब अनुभवों और संगठन के भीतर मिली 'बदनामी' का हवाला देकर खुद को इससे दूर रखने की बात कह रहे हैं। *बदनामी और अभद्रता का लगा आरोप* नितेश उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि संगठन में रहते हुए उन्हें सम्मान के बजाय अपमान झेलना पड़ा है। उन्होंने पूर्व की घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह संगठन के ही लोगों द्वारा फैलाए गए भ्रम के कारण उन्हें अभद्रता का सामना करना पड़ा था। बावजूद इसके, मुमताज अली द्वारा उनकी बातों को दरकिनार कर लगातार 'सिपाही' बनने और संगठन में वापस आने का दबाव बनाया जा रहा है, जो किसी भी लोकतांत्रिक संस्था की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। *सत्ता और रसूख का दिखाया जा रहा डर?* बातचीत के दौरान मुमताज अली द्वारा बड़े अधिकारियों और राजनीतिक रसूख का हवाला भी दिया गया, जिसे नितेश उपाध्याय पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। संगठन के भीतर चल रही इस खींचतान ने यह साफ कर दिया है कि मानवाधिकारों की बात करने वाले खुद अपने पूर्व पदाधिकारियों की इच्छा और स्वाभिमान का सम्मान नहीं कर पा रहे हैं। *क्षेत्र में चर्चा का विषय* यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। जानकारों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को उसकी मर्जी के बिना किसी संगठन में बने रहने के लिए विवश करना अनैतिक है। अब देखना यह होगा कि इस दबाव की राजनीति के बाद नितेश उपाध्याय क्या रुख अपनाते हैं और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं। *मुमताज अली का दबावपूर्ण तर्क:* "मुमताज अली ऑडियो में स्पष्ट रूप से नितेश उपाध्याय को यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि संगठन में वापस आ जाओ, संगठन सिपाही से ही मजबूत होता है। उन्होंने सत्ता और रसूख का हवाला देते हुए यहाँ तक कह दिया कि 'यदि हमारे पास दम है तो हमें किसी चेयरमैन या नेता की जरूरत नहीं है, हमारी वाणी में दम होना चाहिए।' यह बयान दर्शाता है कि किस तरह संगठन के नाम पर व्यक्तिगत प्रभाव जमाने की कोशिश की जा रही है।" *नितेश उपाध्याय की तीखी प्रतिक्रिया:* "वहीं नितेश उपाध्याय ने दबाव को खारिज करते हुए मुमताज अली को आइना दिखाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 'मैं संगठन का मेम्बर नहीं बनना चाहता, आप मुझ पर ऐसा दबाव मत डालिए।' उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन के लिए काम करने के बदले उन्हें सिर्फ बदनामी और अपमान मिला है, यहाँ तक कि पूर्व में उन्हें अभद्र व्यवहार का भी सामना करना पड़ा था, जिसे वे अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे।"1
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