कर्पूरी मैदान में गूंजा जननायक का नाम, श्रद्धा से मनी 102वीं जयंती Hemant Kumar ki report हुसैनाबाद अनुमंडल कार्यालय स्थित कर्पूरी मैदान में शनिवार सुबह 11 बजे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय नाई महासभा, हुसैनाबाद इकाई द्वारा किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सामाजिक न्याय के मसीहा थे कर्पूरी ठाकुर : विधायक संजय सिंह यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक संजय कुमार सिंह यादव ने जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर शोषित, पीड़ित, दलित एवं पिछड़े वर्गों के सच्चे मसीहा थे। सादगी, ईमानदारी और सामाजिक न्याय उनके जीवन के मूल मंत्र रहे। आरक्षण नीति लागू कर उन्होंने वंचित वर्गों को शिक्षा और रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। विशिष्ट अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी गौरांग महतो ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर द्वारा रखी गई सामाजिक न्याय की नींव आज भी लोकतंत्र को दिशा दे रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय नाई महासभा हुसैनाबाद के सचिव संतोष ठाकुर ने की। इस मौके पर नगर प्रशासक शशि शेखर सुमन, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष शशि कुमार, महासभा अध्यक्ष कृष्णा ठाकुर सहित कई समाजसेवी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कर्पूरी मैदान में गूंजा जननायक का नाम, श्रद्धा से मनी 102वीं जयंती Hemant Kumar ki report हुसैनाबाद अनुमंडल कार्यालय स्थित कर्पूरी मैदान में शनिवार सुबह 11 बजे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय नाई महासभा, हुसैनाबाद इकाई द्वारा किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सामाजिक न्याय के मसीहा थे कर्पूरी ठाकुर : विधायक संजय सिंह यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक संजय कुमार सिंह यादव ने जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर शोषित, पीड़ित, दलित एवं पिछड़े वर्गों के सच्चे मसीहा थे। सादगी, ईमानदारी और सामाजिक न्याय उनके जीवन के मूल मंत्र रहे। आरक्षण नीति लागू कर उन्होंने वंचित वर्गों को शिक्षा और रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। विशिष्ट अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी गौरांग महतो ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर द्वारा रखी गई सामाजिक न्याय की नींव आज भी लोकतंत्र को दिशा दे रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय नाई महासभा हुसैनाबाद के सचिव संतोष ठाकुर ने की। इस मौके पर नगर प्रशासक शशि शेखर सुमन, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष शशि कुमार, महासभा अध्यक्ष कृष्णा ठाकुर सहित कई समाजसेवी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
- गणतंत्र दिवस की आहट से हुसैनाबाद बाजार में देशभक्ति का रंग हेमंत कुमार की रिपोर्ट गणतंत्र दिवस नजदीक आते ही हुसैनाबाद बाजार देशभक्ति के रंग में रंग गया है। बाजार में तिरंगा झंडा, झंडियां, बैज, टोपी, बैनर और सजावटी सामग्री से सजी दुकानें लोगों का ध्यान खींच रही हैं। सुबह से ही लोग घरों, स्कूलों और कार्यालयों के लिए राष्ट्रीय ध्वज व सजावटी सामान की खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। शनिवार दोपहर 3:00 स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, इस बार तिरंगे और देशभक्ति से जुड़ी वस्तुओं की मांग में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। महावीर जी भवन के सामने दुकान लगाने वाले प्रदीप कुमार कांस्यकार उर्फ पप्पू जी ने बताया कि खासकर बच्चों और शिक्षण संस्थानों की ओर से उत्साहजनक खरीदारी हो रही है। बाजार में बढ़ी चहल-पहल से व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं। वहीं आम नागरिकों का कहना है कि गणतंत्र दिवस सिर्फ पर्व नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र के प्रति सम्मान व्यक्त करने का दिन है। कुल मिलाकर हुसैनाबाद में गणतंत्र दिवस को लेकर उत्साह और देशभक्ति का माहौल साफ नजर आ रहा है1
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- भक्ति और उल्लास के बीच डंडई में मां सरस्वती को दी गई भावभीनी विदाई हेमंत कुमार की रिपोर्ट डंडई प्रखंड क्षेत्र में मां सरस्वती पूजा के दूसरे दिन शनिवार देर शाम 6: 00 बजे तक प्रतिमा विसर्जन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। डंडई, जर्दे, करके, सोनेहारा, लवाही, रारो, जरही, झोतर, पचौर व तसरार सहित विभिन्न गांवों, स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में स्थापित प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन किया गया। विसर्जन से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना और हवन कर मां को भोग अर्पित किया गया, इसके बाद प्रसाद वितरण हुआ। गाजे-बाजे व गीतों की धुन पर निकले जुलूस में छात्राएं और श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते हुए शामिल हुए। जयकारों और भजनों के बीच श्रद्धालु प्रतिमाओं को लेकर तालाब व नदी पहुंचे, जहां विधिपूर्वक विसर्जन किया गया। कई स्थानों पर नम आंखों से मां सरस्वती को विदाई दी गई, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।1