मोकामा दियारा के लाल क्षेत्र में बाढ़ का कहर, घर छोड़कर पलायन को मजबूर हुए लोग मोकामा दियारा के लाल क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। बाढ़ का पानी घरों में घुस जाने के कारण दियारा के लोग अपना घर-बार और सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन करने को मजबूर हैं। बाढ़ के कारण दियारा वासियों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ प्रभावित कई परिवार सुरक्षित ठिकाने की तलाश में भटक रहे हैं। कुछ परिवार मोकामा अंचल कार्यालय के समीप तो कुछ मोकामा रेलवे स्टेशन के आसपास झोपड़ी बनाकर रहने को विवश हैं। खुले आसमान के नीचे परिवारों को रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जंजीरा दियारा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय भी पूरी तरह जलमग्न हो गया है। इस विद्यालय में करीब 6-7 शिक्षक 100 से 200 बच्चों को शिक्षा देते थे। विद्यालय के पानी में डूब जाने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई है। बेघर हुए अभिभावकों का कहना है कि हर साल आने वाली बाढ़ के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय, भोजन, पेयजल और बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने के लिए तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है।
मोकामा दियारा के लाल क्षेत्र में बाढ़ का कहर, घर छोड़कर पलायन को मजबूर हुए लोग मोकामा दियारा के लाल क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। बाढ़ का पानी घरों में घुस जाने के कारण दियारा के लोग अपना घर-बार और सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन करने को मजबूर हैं। बाढ़ के कारण दियारा वासियों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ प्रभावित कई परिवार सुरक्षित ठिकाने की तलाश में भटक रहे हैं। कुछ परिवार मोकामा अंचल कार्यालय के समीप तो कुछ मोकामा रेलवे स्टेशन के आसपास झोपड़ी बनाकर रहने को विवश हैं। खुले आसमान के नीचे परिवारों को रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जंजीरा दियारा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय भी पूरी तरह जलमग्न हो गया है। इस विद्यालय में करीब 6-7 शिक्षक 100 से 200 बच्चों को शिक्षा देते थे। विद्यालय के पानी में डूब जाने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई है। बेघर हुए अभिभावकों का कहना है कि हर साल आने वाली बाढ़ के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय, भोजन, पेयजल और बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने के लिए तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है।
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- गंगा की तेज धार में पलटी मजदूरों से भरी नाव! 12 सुरक्षित निकले, 6 लापता होने की आशंका; SDRF का रेस्क्यू जारी भागलपुर के नवगछिया से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां गंगा की तेज धार में मजदूरों से भरी नाव अचानक पलट गई। हादसा खरीक प्रखंड के राघोपुर इलाके का है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नाव पर करीब 18 मजदूर सवार थे, जो मजदूरी के सिलसिले में नदी पार कर रहे थे। बीच धारा में नाव का संतुलन बिगड़ा और देखते ही देखते नाव पलट गई। हादसे के बाद गंगा में चीख-पुकार मच गई। कई मजदूरों ने तैरकर अपनी जान बचाने की कोशिश की और शुरुआती सूचना के अनुसार 12 मजदूर सुरक्षित घाट तक पहुंच गए, जबकि करीब 6 मजदूरों के लापता होने की आशंका है। सूचना मिलते ही प्रशासन और SDRF की टीम मोटरबोट के साथ मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से तेज बहाव के बीच लापता मजदूरों की तलाश की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने कुछ मजदूरों के नाव के नीचे दबे होने की आशंका भी जताई है। स्थानीय ग्रामीण भी रेस्क्यू टीम की मदद कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की निगरानी में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है और सबकी नजर लापता मजदूरों की तलाश पर टिकी है। बाल्मीकि कुमार सिंह, दैनिक भास्कर बख्तियारपुर।1
- रोसड़ा DCLR के सरकारी आवास पर निगरानी की छापेमारी , 13.80 लाख रुपये नकद मिलने की सूचना; भूमि विवाद में रिश्वत मांगने की शिकायत से जुड़ा मामला समस्तीपुर/रोसड़ा। रोसड़ा की भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) कंचन कुमारी झा के सरकारी आवास पर निगरानी विभाग की टीम ने छापेमारी की। सुबह करीब नौ बजे दो वाहनों से पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने आवास को अपने घेरे में लेकर तलाशी और दस्तावेजों की जांच शुरू की। कई घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान आवास से संबंधित कागजात, नकदी और अन्य सामान की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान करीब 13 लाख 80 हजार रुपये नकद बरामद होने की सूचना है।1
- पटोरी में त्योहारी खरीदारी का खास ठिकाना बना द बिग मॉल, आकर्षक कलेक्शन के साथ सस्ती शॉपिंग पटोरी में त्योहारी खरीदारी का खास ठिकाना बना द बिग मॉल, आकर्षक कलेक्शन के साथ सस्ती शॉपिंग #दबिगमॉल #पटोरी #पटोरीबाजार #रक्षाबंधन #टीचर्सडे #शॉपिंग #बेस्टकलेक्शन #सस्ताशॉपिंग #फेस्टिवलशॉपिंग #पटोरीन्यूज़ #समस्तीपुर #समस्तीपुरन्यूज़ #बाजार #फैशन #त्योहारीखरीदारी #RakshaBandhan #TeachersDay #TheBigMall1
- राहुल गांधी को युवा लड़की ने बीच राह में लगाया गले! वीडियो वायरल होने पर लेखक आदित्य विक्रम का बड़ा बयान, देश में मची हलचल" सोशल मीडिया पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का एक बेहद भावुक वीडियो इस समय टॉक ऑफ द टाउन बना हुआ है। वीडियो में एक युवा लड़की दौड़कर आती है और राहुल गांधी को गले लगा लेती है। इस वायरल वीडियो पर देश के जाने-माने लेखक और प्रखर वक्ता आदित्य विक्रम ने एक बेहद सटीक और दमदार राजनीतिक विश्लेषण पेश किया है।अपने विशेष संबोधन में आदित्य विक्रम ने कहा कि आज इस वीडियो ने साबित कर दिया है कि देश की युवा पीढ़ी किस तरफ खड़ी है। उन्होंने कहा, "जब देश की एक युवा लड़की किसी नेता के पास बिना किसी हिचक या डर के सुरक्षा घेरा तोड़कर जाती है और उन्हें गले लगाती है, तो यह साफ संदेश है कि युवा वर्ग राहुल गांधी को अपना रक्षक और देश का भविष्य मानता है।"आदित्य विक्रम ने आगे जोर देते हुए कहा कि राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' का असर अब देश के युवाओं के दिलों में साफ दिखने लगा है। गोदी मीडिया चाहे जो दिखाए, लेकिन जमीन पर युवाओं का अपने नेता के प्रति यह निश्छल प्रेम और गहरा जुड़ाव इस बात का सबूत है कि देश में बदलाव की हवा चल रही है। उन्होंने सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से युवाओं की इस आवाज को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने की अपील की है।1
- एनटीपीसी के समीप हाईवे और चारपहिया वाहन से बचने के प्रयास में पलटा ई-रिक्शा, छह सवारों में तीन घायल; पैरों में गंभीर चोट, फ्रैक्चर की आशंका1
- ससुराल में पंखा बनाते समय करंट लगने से रेलवे कर्मी की मौत पटना जिले के बाढ़ थाना अंतर्गत बहरामा गांव में दुखद हादसा सामने आया है, जहां अपने ससुराल आए एक रेलवे कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय मनोहर चौधरी के रूप में हुई है, जो रेलवे में कार्यरत थे। मिली जानकारी के मुताबिक मनोहर चौधरी अपने ससुराल बहरामा गांव आए हुए थे। घर में पंखा खराब होने के कारण वह उसे खुद ही ठीक कर लगाने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि वह पेशे से कोई पंखा मिस्त्री या पेशेवर बिजली मैकेनिक नहीं थे, लेकिन घर वह इसे खुद ही ठीक लगनै लगे। इसी दौरान अचानक वह 440 वोल्ट के बिजली तार के संपर्क में आ गए। करंट का जोरदार झटका लगते ही वह असंतुलित होकर जोर से फर्श पर गिर पड़े। दुर्भाग्य से जिस जगह वह गिरे, वहां फर्श पर पानी फैला हुआ था। पानी में करंट का असर फैलने और शरीर में तेज झटका लगने के कारण वह मौके पर ही बेसुध होकर गिर पड़े। जब परिजनों की नजर उन पर पड़ी, तो वह वहीं अचेत अवस्था में पड़े थे। घबराए परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें उठाकर बेड पर लेटाया। परिजनों ने उनके शरीर पर राख से मालिश करना शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के भतीजे सिद्धार्थ चौधरी दौड़ते हुए घर पहुंचे। उन्होंने देखा कि मनोहर चौधरी बेड पर बेसुध पड़े हैं और लोग राख से उनकी मालिश कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिद्धार्थ उन्हें तुरंत नजदीकी एक निजी क्लीनिक ले गए। वहां प्राथमिक जांच के बाद हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल बाढ़ रेफर कर दिया। जब परिजन उन्हें लेकर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे, तो वहां तैनात डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1