रेवाड़ी जिला जेल में खूनी बवाल: गेट खोलने की मामूली बात बनी हिंसक टकराव की वजह, दो गुटों की भिड़ंत से हाईटेक जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे गंभीर सवाल Rewari News **रेवाड़ी की जिला जेल एक बार फिर हिंसक घटनाक्रम के कारण सुर्खियों में आ गई, जहां बैरकों का गेट पहले खोलने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते दो गुटों के बीच जबरदस्त मारपीट में बदल गया। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसों से हमला कर दिया, जिससे करीब एक दर्जन बंदी घायल हो गए। घटना के बाद पूरे जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा कर्मियों को स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा। बताया जा रहा है कि विवाद उस समय शुरू हुआ जब बैरक नंबर-2 का गेट पहले खोला गया, जबकि बैरक नंबर-3 में बंद दूसरा गुट इससे नाराज हो गया। जैसे ही दोनों बैरकों के बंदी आमने-सामने आए, कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और देखते ही देखते दोनों गुट एक-दूसरे पर टूट पड़े। जेल प्रशासन के अनुसार 29 जुलाई को गुरुग्राम के बधावाड़ी निवासी रोशन, रेवाड़ी के मुकुंदपुर निवासी वेदप्रकाश और गुर्जरवाड़ा निवासी इंद्र बैरक नंबर-2 में बंद थे, जबकि गांव माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी, महेंद्रगढ़ के ऊंची भांडोर निवासी सचिन, भूरी निवासी दीपक, गुर्जरवास निवासी तरुण, राजस्थान के कठावास निवासी साहिल समेत अन्य बंदी बैरक नंबर-3 में थे। दोपहर में बंदियों की गिनती के लिए रोशन को नंबरदार बनाया गया था। उसने पहले बैरक नंबर-2 का गेट खोला, जिससे बैरक नंबर-3 में बंद रविंद्र हाथी और उसके समर्थक नाराज हो गए। आरोप है कि जैसे ही बैरक नंबर-3 का गेट खोला गया, दूसरे गुट ने रोशन पर हमला कर दिया। रोशन के बचाव में वेदप्रकाश और इंद्र भी बीच-बचाव के लिए पहुंचे, जिसके बाद दोनों गुटों में जमकर हाथापाई हुई। जेल परिसर में अचानक मचे हंगामे से अन्य बंदियों में भी दहशत फैल गई। हालात बिगड़ते देख जेल गार्ड और सुरक्षा कर्मचारियों ने बल प्रयोग करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया। घायल बंदियों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी चिकित्सकीय जांच कराई गई। इस घटना ने एक बार फिर हाईटेक कही जाने वाली रेवाड़ी जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार इसी वर्ष मार्च से अब तक जेल के भीतर तीन बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। उप सहायक अधीक्षक परमिंद्र भारद्वाज की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने गांव माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी सहित नौ बंदियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में रविंद्र हाथी के अलावा सचिन, दीपक, तरुण, साहिल, शीशपाल, नवीन, सोनू और एक अन्य आरोपी शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर झगड़े में घायल रोशन, वेदप्रकाश और इंद्र पर भी हत्या, हत्या के प्रयास तथा शस्त्र अधिनियम से संबंधित मामलों में पहले से मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। यह वही रविंद्र हाथी है जिसका नाम इस वर्ष जनवरी और फरवरी में सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र उर्फ धौलिया के साथ हुए चर्चित विवाद में भी सामने आया था। उस समय सीवर विवाद से शुरू हुआ मामला हिंसक संघर्ष तक पहुंच गया था। 19 जनवरी को हमला करने के आरोप लगे थे, जबकि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह से लौटते समय माजरा फ्लाईओवर के पास धौलिया पर दोबारा हमला हुआ था, जिसमें उसकी एक टांग तक गंवानी पड़ी थी। उस प्रकरण में भी पुलिस ने रविंद्र हाथी सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब जेल के भीतर हुई ताजा मारपीट ने एक बार फिर उसी विवाद की पृष्ठभूमि को चर्चा में ला दिया है। सदर थाना एसएचओ राकेश कुमार ने बताया कि जेल प्रशासन की शिकायत के आधार पर नौ बंदियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल किसी भी घायल की हालत गंभीर नहीं है। पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और घटना के वास्तविक कारणों के साथ-साथ सुरक्षा में हुई संभावित चूक की भी पड़ताल की जा रही है। जेल प्रशासन का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा तथा संवेदनशील बंदियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
रेवाड़ी जिला जेल में खूनी बवाल: गेट खोलने की मामूली बात बनी हिंसक टकराव की वजह, दो गुटों की भिड़ंत से हाईटेक जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे गंभीर सवाल Rewari News **रेवाड़ी की जिला जेल एक बार फिर हिंसक घटनाक्रम के कारण सुर्खियों में आ गई, जहां बैरकों का गेट पहले खोलने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते दो गुटों के बीच जबरदस्त मारपीट में बदल गया। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसों से हमला कर दिया, जिससे करीब एक दर्जन बंदी घायल हो गए। घटना के बाद पूरे जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा कर्मियों को स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा। बताया जा रहा है कि विवाद उस समय शुरू हुआ जब बैरक नंबर-2 का गेट पहले खोला गया, जबकि बैरक नंबर-3 में बंद दूसरा गुट इससे नाराज हो गया। जैसे ही दोनों बैरकों के बंदी आमने-सामने आए, कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और देखते ही देखते दोनों गुट एक-दूसरे पर टूट पड़े। जेल प्रशासन के अनुसार 29 जुलाई को गुरुग्राम के बधावाड़ी निवासी रोशन, रेवाड़ी के मुकुंदपुर निवासी वेदप्रकाश और गुर्जरवाड़ा निवासी इंद्र बैरक नंबर-2 में बंद थे, जबकि गांव माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी, महेंद्रगढ़ के ऊंची भांडोर निवासी सचिन, भूरी निवासी दीपक, गुर्जरवास निवासी तरुण, राजस्थान के कठावास निवासी साहिल समेत अन्य बंदी बैरक नंबर-3 में थे। दोपहर में बंदियों की गिनती के लिए रोशन को नंबरदार बनाया गया था। उसने पहले बैरक नंबर-2 का गेट खोला, जिससे बैरक नंबर-3 में बंद रविंद्र हाथी और उसके समर्थक नाराज हो गए। आरोप है कि जैसे ही बैरक नंबर-3 का गेट खोला गया, दूसरे गुट ने रोशन पर हमला कर दिया। रोशन के बचाव में वेदप्रकाश और इंद्र भी बीच-बचाव के लिए पहुंचे, जिसके बाद दोनों गुटों में जमकर हाथापाई हुई। जेल परिसर में अचानक मचे हंगामे से अन्य बंदियों में भी दहशत फैल गई। हालात बिगड़ते देख जेल गार्ड और सुरक्षा कर्मचारियों ने बल प्रयोग करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया। घायल बंदियों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी चिकित्सकीय जांच कराई गई। इस घटना ने एक बार फिर हाईटेक कही जाने वाली रेवाड़ी जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार इसी वर्ष मार्च से अब तक जेल के भीतर तीन बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। उप सहायक अधीक्षक परमिंद्र भारद्वाज की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने गांव माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी सहित नौ बंदियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में रविंद्र हाथी के अलावा सचिन, दीपक, तरुण, साहिल, शीशपाल, नवीन, सोनू और एक अन्य आरोपी शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर झगड़े में घायल रोशन, वेदप्रकाश और इंद्र पर भी हत्या, हत्या के प्रयास तथा शस्त्र अधिनियम से संबंधित मामलों में पहले से मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। यह वही रविंद्र हाथी है जिसका नाम इस वर्ष जनवरी और फरवरी में सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र उर्फ धौलिया के साथ हुए चर्चित विवाद में भी सामने आया था। उस समय सीवर विवाद से शुरू हुआ मामला हिंसक संघर्ष तक पहुंच गया था। 19 जनवरी को हमला करने के आरोप लगे थे, जबकि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह से लौटते समय माजरा फ्लाईओवर के पास धौलिया पर दोबारा हमला हुआ था, जिसमें उसकी एक टांग तक गंवानी पड़ी थी। उस प्रकरण में भी पुलिस ने रविंद्र हाथी सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब जेल के भीतर हुई ताजा मारपीट ने एक बार फिर उसी विवाद की पृष्ठभूमि को चर्चा में ला दिया है। सदर थाना एसएचओ राकेश कुमार ने बताया कि जेल प्रशासन की शिकायत के आधार पर नौ बंदियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल किसी भी घायल की हालत गंभीर नहीं है। पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और घटना के वास्तविक कारणों के साथ-साथ सुरक्षा में हुई संभावित चूक की भी पड़ताल की जा रही है। जेल प्रशासन का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा तथा संवेदनशील बंदियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
- पलवल में बड़ी कार्रवाई! बिना डिग्री चल रहा था क्लीनिक, एक व्यक्ति काबूCM उड़नदस्ते की बड़ी कार्रवाई, पलवल में कथित अवैध क्लीनिक से दवाएं बरामद1
- डॉ. भूपसिंह सिंह ने 37 साल की सेवा पूरी कर लिया रिटायरमेंट, जिला अस्पताल को की डेढ़ टन एसी की भेंट* *बहरोड़:* बहरोड़ कस्बे के जागुवास निवासी डॉ. भूपसिंह ने मेडिकल विभाग में 37 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर सेवानिवृत्ति ग्रहण की। उन्होंने जिला अस्पताल बहरोड़ में लगभग 7 वर्ष तक सेवाएं देकर हजारों मरीजों का उपचार किया। लंबे सेवा काल में डॉ. सिंह अपने सरल स्वभाव और मरीजों के प्रति समर्पण के कारण आमजन में काफी लोकप्रिय रहे। सेवा निवृत्ति के अवसर पर उन्होंने जिला अस्पताल को ईसीजी मशीन और दो एसी दान किए। साथ ही विदाई समारोह पर डेढ़ टन का एसी भी जिला अस्पताल को भेंट करेंगे। उनके इस सहयोग से अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। जिला अस्पताल परिसर में आयोजित विदाई समारोह में साथी डॉक्टरों, स्टाफ और आमजन ने डॉ. सिंह को भावभीनी विदाई दी। सभी ने उनके सेवा भाव और समाजसेवा की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि डॉ. भूपसिंह ने अपने 37 वर्ष के कार्यकाल में निस्वार्थ भाव से सेवा की है। रिटायरमेंट के बाद भी वे समय-समय पर स्वास्थ्य शिविरों में सेवाएं देंगे।2
- यूपी-एमपी बॉर्डर- झांसी-खजुराहो हाइवे पर पर दूध से भरा टैंकर अचानक गाय के सामने आ जाने से पलट गया। करीब 25 हजार लीटर दूध सड़क पर ही फैल गया। आसपास के गांव वालों और राहगीरों ने घर से बाल्टी-बर्तन लेकर पहुंचकर दूध भरना शुरू कर दिया। छलनी से छान-छानकर लोग दूध लेते नजर आए। यूपी-एमपी बॉर्डर- झांसी-खजुराहो हाइवे पर पर दूध से भरा टैंकर अचानक गाय के सामने आ जाने से पलट गया। करीब 25 हजार लीटर दूध सड़क पर ही फैल गया। आसपास के गांव वालों और राहगीरों ने घर से बाल्टी-बर्तन लेकर पहुंचकर दूध भरना शुरू कर दिया। छलनी से छान-छानकर लोग दूध लेते नजर आए।1
- लाखों खर्च के बाद भी राजीव गांधी पार्क बेहाल, टूटे झूलों ने खोली व्यवस्था की पोल बंद पड़ी लाइटों और बदहाल सुविधाओं से नाराज नागरिकों का प्रदर्शन, सोमवार को एसडीएम को सौंपेंगे ज्ञापन सोहना | राजेन्द्र कुमार होटला सोहना के राजीव गांधी पार्क में लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद सुविधाओं की बदहाली को लेकर शुक्रवार को नागरिकों का आक्रोश सामने आया। पार्क की टूटी व्यवस्थाओं और लंबे समय से खराब पड़े बच्चों के झूलों को लेकर नागरिकों ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में करप्शन फ्री इंडिया, योगा मित्र मंडल, योग संगठन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राजीव गांधी पार्क शहर के प्रमुख सार्वजनिक पार्कों में शामिल है, जहां सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग घूमने, व्यायाम और योग करने पहुंचते हैं। इसके बावजूद पार्क की नियमित देखरेख नहीं होने के कारण यहां समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। नागरिकों के अनुसार पार्क में बच्चों के झूले पिछले दो से तीन वर्षों से टूटे पड़े हैं। कई बार नगर परिषद अधिकारियों को इसकी जानकारी देने के बावजूद अब तक झूलों को ठीक नहीं कराया गया है। लोगों ने बताया कि पार्क की कई लाइटें बंद पड़ी हैं, जिसके कारण शाम के समय पार्क में आने वाले लोगों को परेशानी होती है। इसके साथ ही योगा उपकरण, फुटपाथ और जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी नागरिकों ने नाराजगी जताई। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद नगर परिषद प्रशासन समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। करप्शन फ्री इंडिया संस्था के जिला अध्यक्ष एवं समाजसेवी बिरजू अधाना ने कहा कि पार्क की समस्याओं को लेकर नागरिक लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही पार्क की व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। बिरजू अधाना ने बताया कि तीन दिन के अवकाश के कारण नागरिक अब सोमवार को सोहना के एसडीएम को ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन में पार्क में टूटे पड़े झूलों को बदलने, बंद लाइटों को चालू कराने, जल निकासी व्यवस्था सुधारने, फुटपाथ की मरम्मत कराने और योग उपकरणों को दुरुस्त कराने की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सार्वजनिक पार्क केवल घूमने की जगह नहीं बल्कि शहरवासियों के स्वास्थ्य और बच्चों के मनोरंजन से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान हैं। ऐसे में पार्क की देखरेख में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि पार्क का मौके पर निरीक्षण कराकर सभी समस्याओं का स्थायी समाधान कराया जाए। प्रदर्शन में प्रहलाद गुप्ता, आनंद गर्ग, संजय जैन, नरेंद्र गर्ग, सूबेदार सूरत खटाना, विश्राम खटाना, अशोक कुमार, खेमचंद सैनी, देवीराम, सूबेदार विक्रम सिंह, नरेश शर्मा, सुंदर, मुकेश गर्ग सहित अनेक नागरिक मौजूद रहे।1
- हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में जिला स्तरीय वन महोत्सव, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान1
- आगामी 3 अगस्त को नूंह जिला में ब्रजमंडल जल अभिषेक यात्रा को लेकर खेड़ली दौसा के सरपंच अंतराम खटाना ने दी प्रतिक्रिया आगामी 3 अगस्त को नूंह जिला में ब्रजमंडल जल अभिषेक यात्रा को लेकर खेड़ली दौसा के सरपंच अंतराम खटाना ने दी प्रतिक्रिया1
- यूपी: भक्ति के अलग अलग अलग रंग, शिवभक्त ने दांतों से खींच दी कार ये नरेंद्र हैं। यूपी के जिला अलीगढ़ के रहने वाले हैं। नरेंद्र 10 जुलाई को हरिद्वार से दांतों से कार खींचते हुए गंगाजल लेकर अलीगढ़ के लिए रवाना हुए हैं। यूपी: भक्ति के अलग अलग अलग रंग, शिवभक्त ने दांतों से खींच दी कार ये नरेंद्र हैं। यूपी के जिला अलीगढ़ के रहने वाले हैं। नरेंद्र 10 जुलाई को हरिद्वार से दांतों से कार खींचते हुए गंगाजल लेकर अलीगढ़ के लिए रवाना हुए हैं।1
- बरसात के साथ तेज हवा आने से महेंद्रगढ़ कनीना स्टेट हाईवे 24 पर कैमरा के नजदीक गिरा पेड़ lलंबा जाम यातायात बाधितl रेवाड,ी महेंद्रगढ़ ,हरियाणा समाचार l1