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*कटकी गांव की बदहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन* *4-5 दिन में सड़क नहीं बनी तो धरने की चेतावनी* *समाचार:* *रीवा:* जनपद पंचायत सिरमौर सेमरिया विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत कटकी के मुख्य मार्ग से पुरानी नहर मार्ग तक लगभग 2 किलोमीटर कच्ची सड़क के जर्जर होने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क की बदहाली को लेकर आज भारतीय सर्व सेवा संगठन युवा इकाई अध्यक्ष *शिव कुमार मिश्रा के नेतृत्व* में कटकी गांव के महिला-पुरुषों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से लगभग 250-300 परिवारों का प्रतिदिन आवागमन होता है। बारिश के कारण सड़क में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी हो रही है और बीमार लोगों को समय पर अस्पताल नहीं ले जाया जा पा रहा है। जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इसके पूर्व भी पेयजल एवं सड़क की समस्या को लेकर शिकायत की जा चुकी है, परंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर महोदय से मांग की है कि उक्त समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सड़क की मरम्मत कराई जाए। अन्यथा 4-5 दिनों के बाद जनपद पंचायत सिरमौर के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

4 hrs ago
user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
उमेश पाठक सेमरिया रीवा
सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

*कटकी गांव की बदहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन* *4-5 दिन में सड़क नहीं बनी तो धरने की चेतावनी* *समाचार:* *रीवा:* जनपद पंचायत सिरमौर सेमरिया विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत कटकी के मुख्य मार्ग से पुरानी नहर मार्ग तक लगभग 2 किलोमीटर कच्ची सड़क के जर्जर होने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क की बदहाली को लेकर आज भारतीय सर्व सेवा संगठन युवा इकाई अध्यक्ष *शिव कुमार मिश्रा के नेतृत्व* में कटकी गांव के महिला-पुरुषों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से लगभग 250-300 परिवारों का प्रतिदिन आवागमन होता है। बारिश के कारण सड़क में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी हो रही है और बीमार लोगों को समय पर अस्पताल नहीं ले जाया जा पा रहा है। जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इसके पूर्व भी पेयजल एवं सड़क की समस्या को लेकर शिकायत की जा चुकी है, परंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर महोदय से मांग की है कि उक्त समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सड़क की मरम्मत कराई जाए। अन्यथा 4-5 दिनों के बाद जनपद पंचायत सिरमौर के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

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  • गैवीनाथ धाम आंदोलन LIVE अपडेट 🚩 | धरना प्रदर्शन से जुड़ी बड़ी खबर | बिरसिंहपुर #गैवीनाथधाम #बिरसिंहपुर #गैवीनाथधामआंदोलन #धरनाप्रदर्शन #PrakashPathak
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    गैवीनाथ धाम आंदोलन LIVE अपडेट 🚩 | धरना प्रदर्शन से जुड़ी बड़ी खबर | बिरसिंहपुर

#गैवीनाथधाम
#बिरसिंहपुर
#गैवीनाथधामआंदोलन
#धरनाप्रदर्शन
#PrakashPathak
    user_Prakash Pathak Satna
    Prakash Pathak Satna
    Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • आस्था के पथ पर सामूहिक चेतना का महाकुंभ- कांवड़ यात्रा को लेकर ब्राह्मण महासभा का संकल्प। आस्था के पथ पर सामूहिक चेतना का महाकुंभ- कांवड़ यात्रा को लेकर ब्राह्मण महासभा का संकल्प। स्वर्गीय विद्यादेवी की स्मृति में सेवा, संस्कार और सनातन चेतना का संगम- 16 अगस्त को विश्वकर्मा घाट से पचमठा धाम तक गूंजेगा हर- हर महादेव। रीवा। जब श्रद्धा केवल मंदिर की चौखट तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जनमानस की धड़कनों में उतरकर सामूहिक संकल्प का रूप लेती है, जब धर्म केवल पूजा- पद्धति न रहकर सेवा, संस्कार, संयम और सामाजिक उत्तरदायित्व की जीवंत अनुभूति बन जाता है, तब कोई धार्मिक आयोजन महज एक यात्रा नहीं रहता- वह समाज की सुप्त चेतना को जागृत करने वाला आध्यात्मिक अभियान बन जाता है। रीवा में आगामी 16 अगस्त 2026, रविवार को आयोजित होने वाली पावन कांवड़ यात्रा इसी विराट भावभूमि का साक्षात् स्वरूप बनने जा रही है। स्वर्गीय विद्यादेवी सेवा संकल्प समिति के तत्वावधान में पूर्व वर्षों की पावन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आयोजित इस यात्रा में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, जिला रीवा ने सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया है। यह यात्रा केवल शिवभक्ति का उत्सव नहीं, बल्कि स्मृति को संकल्प में, श्रद्धा को सेवा में और परंपरा को सामाजिक चेतना में रूपांतरित करने का प्रयास है। इस संपूर्ण आध्यात्मिक आयोजन के केंद्र में जिस पुण्य स्मृति का आलोक सबसे अधिक दिखाई देता है, वह है स्वर्गीय विद्यादेवी का। ‘विद्या’ केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं, वह विवेक का प्रकाश है, अंतःकरण की निर्मलता है और अज्ञान के अंधकार को चीरने वाली चेतना है। इसलिए विद्यादेवी की स्मृति में आयोजित यह कांवड़ यात्रा उनके नाम का मात्र स्मरण नहीं, बल्कि उन मूल्यों को कर्मभूमि पर उतारने का प्रयास है, जिनमें सेवा, करुणा, संस्कार, अध्यात्म और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निहित है। किसी पुण्यात्मा की स्मृति पत्थरों पर लिखे शब्दों से अमर नहीं होती। वह तब जीवित रहती है, जब आने वाली पीढ़ियां उस जीवन से प्रेरणा लेकर सत्कर्म की नई इबारत लिखती हैं। विद्यादेवी की स्मृति इसी अर्थ में इस यात्रा की आत्मा बनकर उपस्थित है। कांवड़ को यदि केवल गंगाजल वहन करने की परंपरा समझा जाए, तो उसकी आध्यात्मिक गहराई कहीं पीछे छूट जाती है। कांवड़ वास्तव में आत्मशुद्धि की साधना है। हर कदम संयम का मंत्र है। हर बूंद जल श्रद्धा का स्पंदन है। हर पड़ाव आत्मावलोकन है। और शिव की ओर बढ़ता प्रत्येक चरण मनुष्य के भीतर छिपे शिवत्व को जागृत करने का आह्वान है। कांवड़ उठाने वाला श्रद्धालु केवल जल नहीं उठाता- वह अपने भीतर के अहंकार, विकार, असंयम और नकारात्मकता को त्यागने का मौन संकल्प भी अपने कंधों पर धारण करता है। और जब यही व्यक्तिगत साधना सामूहिक हो जाती है, तब यात्रा आस्था से उठकर सामाजिक चेतना का स्वर बन जाती है। कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर गायत्री मंदिर, रीवा में आयोजित बैठक इसी सामूहिक चेतना का महत्वपूर्ण पड़ाव रही। बैठक में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित विजय मोहन तिवारी के नेतृत्व में यात्रा की व्यवस्थाओं, सहभागिता और व्यापक जनसंपर्क को लेकर विचार- विमर्श किया गया। इस अवसर पर सुनीति व्यास, सुमन शुक्ला, डॉ. सविता मिश्रा, निर्मल उपाध्याय, पी एल अवस्थी, डॉ मुकुंद राय, डॉ संजय मिश्रा, राकेश शुक्ला, महेंद्र मिश्रा, उमेश तिवारी, बसंत लाल द्विवेदी, जमुना प्रसाद चतुर्वेदी, दिनेश तिवारी, सनत तिवारी, अनिल तिवारी, भास्कर तिवारी, भूपेंद्र तिवारी, विष्णु शर्मा, प्रभाकर मिश्रा, मनीष गौतम, राकेश शर्मा, अशोक मिश्रा, राकेश मोहन शुक्ला, पुरुषोत्तम सोनी, रामवक्ष तिवारी सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। बैठक में यह संकल्प व्यक्त किया गया कि अधिकाधिक श्रद्धालुओं को यात्रा से जोड़ा जाएगा और घर- घर तक इस पावन आयोजन का संदेश पहुंचाया जाएगा। उद्देश्य केवल भीड़ जुटाना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को एक साझा आध्यात्मिक भाव, सेवा- संकल्प और सामाजिक एकात्मता के सूत्र में जोड़ना है। कांवड़ यात्रा का शुभारंभ 16 अगस्त 2026, रविवार को सुबह 8 बजे होगा। यात्रा का प्रारंभ विश्वकर्मा घाट, बड़ा पुल के पास से होगा। यहां से शिवभक्त कांवड़ लेकर निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ेंगे। यात्रा का निर्धारित मार्ग- विश्वकर्मा घाट, बड़ा पुल, जय स्तंभ, बैजू धर्मशाला, स्टैचू चौराहा, फोर्ड रोड, एस.के. स्कूल के बगल से होते हुए पचमठा धाम पहुंचकर शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाएगा और इसके पश्चात भंडारे के साथ कांवड़ यात्रा का विधिवत समापन होगा। यह मार्ग केवल शहर की सड़कों से गुजरने वाला मार्ग नहीं होगा, बल्कि श्रद्धा के उन पड़ावों से गुजरता हुआ आध्यात्मिक पथ होगा, जहां प्रत्येक कदम शिव के प्रति समर्पण और प्रत्येक पड़ाव सामूहिक चेतना का प्रतीक बनेगा। आज के समय में धार्मिक आयोजनों की सार्थकता केवल उनकी भव्यता से नहीं, बल्कि उनके भीतर प्रवाहित सामाजिक संवेदना से निर्धारित होती है। यदि धर्म मनुष्य को मनुष्य के निकट लाए, यदि आस्था अहंकार को विनम्रता में परिवर्तित करे, यदि पूजा के साथ सेवा का भाव जागृत हो, और यदि परंपरा आने वाली पीढ़ियों को संस्कार सौंपे तो वही धर्म समाज के लिए कल्याणकारी चेतना बन जाता है। स्वर्गीय विद्यादेवी की स्मृति में आयोजित यह यात्रा इसी दर्शन की संवाहक बनने जा रही है। श्रद्धा को सेवा से, स्मृति को संकल्प से, परंपरा को संस्कार से, और व्यक्ति को समाज से जोड़ने वाली यह यात्रा- रीवा की आध्यात्मिक चेतना में एक नया अध्याय लिखने का प्रयास है। 16 अगस्त को विश्वकर्मा घाट से उठने वाली कांवड़ जब जय स्तंभ, बैजू धर्मशाला, स्टैचू चौराहा और फोर्ड रोड से होते हुए पचमठा धाम पहुंचेगी, तब उसके साथ केवल कांवड़ नहीं चलेगी- चलेंगे विश्वास, संस्कार, स्मृतियां और सामूहिक संकल्प। स्वर्गीय विद्यादेवी की पुण्य स्मृति इस यात्रा को भावनात्मक आधार दे रही है। शिवभक्ति इसे आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रही है। सेवा संकल्प समिति इसे उद्देश्य दे रही है। और समाज की सहभागिता इसे व्यापकता प्रदान कर रही है। इसलिए यह यात्रा केवल विश्वकर्मा घाट से पचमठा धाम तक की दूरी नहीं है। यह यात्रा है- अहं से आत्मा की ओर, व्यक्ति से समाज की ओर, स्मृति से संकल्प की ओर, और श्रद्धा से सेवा की ओर। क्योंकि कुछ यात्राएं केवल कदमों से पूरी नहीं होतीं- वे भावनाओं से चलती हैं और संस्कारों में अपना पड़ाव बनाती हैं। और कुछ पुण्य स्मृतियां कभी विदा नहीं होतीं- वे समाज के सत्कर्मों में पुनः जन्म लेती रहती हैं। स्वर्गीय विद्यादेवी की स्मृति में होने वाली यह कांवड़ यात्रा उसी अमर स्मृति का जीवंत स्पंदन है- जहां हर कदम में श्रद्धा, हर बूंद में भक्ति, हर सेवा में करुणा और हर संकल्प में सनातन चेतना का प्रकाश दिखाई देगा।
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    आस्था के पथ पर सामूहिक चेतना का महाकुंभ- कांवड़ यात्रा को लेकर ब्राह्मण महासभा का संकल्प।

आस्था के पथ पर सामूहिक चेतना का महाकुंभ- कांवड़ यात्रा को लेकर ब्राह्मण महासभा का संकल्प।
स्वर्गीय विद्यादेवी की स्मृति में सेवा, संस्कार और सनातन चेतना का संगम- 16 अगस्त को विश्वकर्मा घाट से पचमठा धाम तक गूंजेगा हर- हर महादेव।
रीवा। जब श्रद्धा केवल मंदिर की चौखट तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जनमानस की धड़कनों में उतरकर सामूहिक संकल्प का रूप लेती है, जब धर्म केवल पूजा- पद्धति न रहकर सेवा, संस्कार, संयम और सामाजिक उत्तरदायित्व की जीवंत अनुभूति बन जाता है, तब कोई धार्मिक आयोजन महज एक यात्रा नहीं रहता- वह समाज की सुप्त चेतना को जागृत करने वाला आध्यात्मिक अभियान बन जाता है। रीवा में आगामी 16 अगस्त 2026, रविवार को आयोजित होने वाली पावन कांवड़ यात्रा इसी विराट भावभूमि का साक्षात् स्वरूप बनने जा रही है। स्वर्गीय विद्यादेवी सेवा संकल्प समिति के तत्वावधान में पूर्व वर्षों की पावन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आयोजित इस यात्रा में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, जिला रीवा ने सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया है। यह यात्रा केवल शिवभक्ति का उत्सव नहीं, बल्कि स्मृति को संकल्प में, श्रद्धा को सेवा में और परंपरा को सामाजिक चेतना में रूपांतरित करने का प्रयास है। इस संपूर्ण आध्यात्मिक आयोजन के केंद्र में जिस पुण्य स्मृति का आलोक सबसे अधिक दिखाई देता है, वह है स्वर्गीय विद्यादेवी का। ‘विद्या’ केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं, वह विवेक का प्रकाश है, अंतःकरण की निर्मलता है और अज्ञान के अंधकार को चीरने वाली चेतना है। इसलिए विद्यादेवी की स्मृति में आयोजित यह कांवड़ यात्रा उनके नाम का मात्र स्मरण नहीं, बल्कि उन मूल्यों को कर्मभूमि पर उतारने का प्रयास है, जिनमें सेवा, करुणा, संस्कार, अध्यात्म और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निहित है। किसी पुण्यात्मा की स्मृति पत्थरों पर लिखे शब्दों से अमर नहीं होती। वह तब जीवित रहती है, जब आने वाली पीढ़ियां उस जीवन से प्रेरणा लेकर सत्कर्म की नई इबारत लिखती हैं। विद्यादेवी की स्मृति इसी अर्थ में इस यात्रा की आत्मा बनकर उपस्थित है।
कांवड़ को यदि केवल गंगाजल वहन करने की परंपरा समझा जाए, तो उसकी आध्यात्मिक गहराई कहीं पीछे छूट जाती है। कांवड़ वास्तव में आत्मशुद्धि की साधना है। हर कदम संयम का मंत्र है। हर बूंद जल श्रद्धा का स्पंदन है। हर पड़ाव आत्मावलोकन है। और शिव की ओर बढ़ता प्रत्येक चरण मनुष्य के भीतर छिपे शिवत्व को जागृत करने का आह्वान है। कांवड़ उठाने वाला श्रद्धालु केवल जल नहीं उठाता- वह अपने भीतर के अहंकार, विकार, असंयम और नकारात्मकता को त्यागने का मौन संकल्प भी अपने कंधों पर धारण करता है। और जब यही व्यक्तिगत साधना सामूहिक हो जाती है, तब यात्रा आस्था से उठकर सामाजिक चेतना का स्वर बन जाती है। कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर गायत्री मंदिर, रीवा में आयोजित बैठक इसी सामूहिक चेतना का महत्वपूर्ण पड़ाव रही। बैठक में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित विजय मोहन तिवारी के नेतृत्व में यात्रा की व्यवस्थाओं, सहभागिता और व्यापक जनसंपर्क को लेकर विचार- विमर्श किया गया। इस अवसर पर सुनीति व्यास, सुमन शुक्ला, डॉ. सविता मिश्रा, निर्मल उपाध्याय, पी एल अवस्थी, डॉ मुकुंद राय, डॉ संजय मिश्रा, राकेश  शुक्ला, महेंद्र मिश्रा, उमेश तिवारी, बसंत लाल द्विवेदी, जमुना प्रसाद चतुर्वेदी, दिनेश तिवारी, सनत तिवारी, अनिल तिवारी, भास्कर तिवारी, भूपेंद्र तिवारी, विष्णु शर्मा, प्रभाकर मिश्रा, मनीष गौतम, राकेश शर्मा, अशोक मिश्रा, राकेश मोहन शुक्ला, पुरुषोत्तम सोनी,  रामवक्ष तिवारी सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। बैठक में यह संकल्प व्यक्त किया गया कि अधिकाधिक श्रद्धालुओं को यात्रा से जोड़ा जाएगा और घर- घर तक इस पावन आयोजन का संदेश पहुंचाया जाएगा। उद्देश्य केवल भीड़ जुटाना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को एक साझा आध्यात्मिक भाव, सेवा- संकल्प और सामाजिक एकात्मता के सूत्र में जोड़ना है।
कांवड़ यात्रा का शुभारंभ 16 अगस्त 2026, रविवार को सुबह 8 बजे होगा। यात्रा का प्रारंभ विश्वकर्मा घाट, बड़ा पुल के पास से होगा। यहां से शिवभक्त कांवड़ लेकर निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ेंगे। यात्रा का निर्धारित मार्ग- विश्वकर्मा घाट, बड़ा पुल, जय स्तंभ, बैजू धर्मशाला, स्टैचू चौराहा, फोर्ड रोड, एस.के. स्कूल के बगल से होते हुए पचमठा धाम पहुंचकर शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाएगा और इसके पश्चात भंडारे के साथ कांवड़ यात्रा का विधिवत समापन होगा। यह मार्ग केवल शहर की सड़कों से गुजरने वाला मार्ग नहीं होगा, बल्कि श्रद्धा के उन पड़ावों से गुजरता हुआ आध्यात्मिक पथ होगा, जहां प्रत्येक कदम शिव के प्रति समर्पण और प्रत्येक पड़ाव सामूहिक चेतना का प्रतीक बनेगा। आज के समय में धार्मिक आयोजनों की सार्थकता केवल उनकी भव्यता से नहीं, बल्कि उनके भीतर प्रवाहित सामाजिक संवेदना से निर्धारित होती है। यदि धर्म मनुष्य को मनुष्य के निकट लाए, यदि आस्था अहंकार को विनम्रता में परिवर्तित करे, यदि पूजा के साथ सेवा का भाव जागृत हो, और यदि परंपरा आने वाली पीढ़ियों को संस्कार सौंपे तो वही धर्म समाज के लिए कल्याणकारी चेतना बन जाता है। स्वर्गीय विद्यादेवी की स्मृति में आयोजित यह यात्रा इसी दर्शन की संवाहक बनने जा रही है। श्रद्धा को सेवा से, स्मृति को संकल्प से, परंपरा को संस्कार से, और व्यक्ति को समाज से जोड़ने वाली यह यात्रा- रीवा की आध्यात्मिक चेतना में एक नया अध्याय लिखने का प्रयास है। 16 अगस्त को विश्वकर्मा घाट से उठने वाली कांवड़ जब जय स्तंभ, बैजू धर्मशाला, स्टैचू चौराहा और फोर्ड रोड से होते हुए पचमठा धाम पहुंचेगी, तब उसके साथ केवल कांवड़ नहीं चलेगी- चलेंगे विश्वास, संस्कार, स्मृतियां और सामूहिक संकल्प। स्वर्गीय विद्यादेवी की पुण्य स्मृति इस यात्रा को भावनात्मक आधार दे रही है। शिवभक्ति इसे आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रही है। सेवा संकल्प समिति इसे उद्देश्य दे रही है। और समाज की सहभागिता इसे व्यापकता प्रदान कर रही है। इसलिए यह यात्रा केवल विश्वकर्मा घाट से पचमठा धाम तक की दूरी नहीं है। यह यात्रा है- अहं से आत्मा की ओर, व्यक्ति से समाज की ओर, स्मृति से संकल्प की ओर, और श्रद्धा से सेवा की ओर। क्योंकि कुछ यात्राएं केवल कदमों से पूरी नहीं होतीं- वे भावनाओं से चलती हैं और संस्कारों में अपना पड़ाव बनाती हैं। और कुछ पुण्य स्मृतियां कभी विदा नहीं होतीं- वे समाज के सत्कर्मों में पुनः जन्म लेती रहती हैं। स्वर्गीय विद्यादेवी की स्मृति में होने वाली यह कांवड़ यात्रा उसी अमर स्मृति का जीवंत स्पंदन है- जहां हर कदम में श्रद्धा, हर बूंद में भक्ति, हर सेवा में करुणा और हर संकल्प में सनातन चेतना का प्रकाश दिखाई देगा।
    user_पत्रकार शुभम तिवारी
    पत्रकार शुभम तिवारी
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • breaking news 🗞️ गाड़ीटारा गांव 📍में सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, बारिश में कीचड़ से आवागमन प्रभावित रीवा जिले के त्योंथर क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है। गाड़ीटारा गांव में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द पक्की सड़क बनवाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में गांव की कच्ची सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है। यहां की काली मिट्टी के कारण रास्ते पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। बारिश के दिनों में बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित होती है। वहीं आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना भी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के विकास के लिए सबसे पहली जरूरत एक अच्छी और पक्की सड़क है। सड़क बनने से गांव का संपर्क बेहतर होगा और बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों तथा आम ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि गाड़ीटारा गांव की सड़क का जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि हर साल बारिश के मौसम में होने वाली इस समस्या से ग्रामीणों को स्थायी राहत मिल सके। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस मांग पर प्रशासन कब तक संज्ञान लेता है और सड़क निर्माण की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं। कैमरामैन/रिपोर्टर — [influencers Sanjay kumar] गाड़ीटारा गांव, त्योंथर क्षेत्र, रीवा, मध्य प्रदेश।
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    breaking news 🗞️ गाड़ीटारा गांव 📍में सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, बारिश में कीचड़ से आवागमन प्रभावित
रीवा जिले के त्योंथर क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है।
गाड़ीटारा गांव में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द पक्की सड़क बनवाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में गांव की कच्ची सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है। यहां की काली मिट्टी के कारण रास्ते पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। बारिश के दिनों में बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित होती है। वहीं आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना भी चुनौती बन जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के विकास के लिए सबसे पहली जरूरत एक अच्छी और पक्की सड़क है। सड़क बनने से गांव का संपर्क बेहतर होगा और बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों तथा आम ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलेगी।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि गाड़ीटारा गांव की सड़क का जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि हर साल बारिश के मौसम में होने वाली इस समस्या से ग्रामीणों को स्थायी राहत मिल सके।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस मांग पर प्रशासन कब तक संज्ञान लेता है और सड़क निर्माण की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
कैमरामैन/रिपोर्टर — [influencers Sanjay kumar]
गाड़ीटारा गांव, त्योंथर क्षेत्र, रीवा, मध्य प्रदेश।
    user_Sanjay kumar kewat
    Sanjay kumar kewat
    Financial Analyst जावा, रीवा, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सतना। रैगांव में, रेवरा के सरकारी स्कूल में ‘ताले’ की पाठशाला! 2-3 घंटे खुलता है स्कूल, 2 बजे छुट्टी—गरीब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़❓ सरकारी स्कूल या ‘कुछ घंटे की पाठशाला’❓ रेवरा में स्कूल संचालन को लेकर ग्रामीणों ने खोला मोर्चा मीटिंग का हवाला देकर मास्टर साहब चाट रहे है, मासूमों का भविष्य,❓ जिला शिक्षा विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया, क्या होगी कार्यवाही ❓ राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के गांव रैगांव के रेवरा प्राथमिक शाला में देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ सरकारी काम का हवाला ,ऑनलाइन हाजरी या टाइम पास कैसे सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था , सरकार के दावों की पोल खोलता रेवरा प्राथमिक शाला❓
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    सतना। रैगांव में, रेवरा के सरकारी स्कूल में ‘ताले’ की पाठशाला! 2-3 घंटे खुलता है स्कूल, 2 बजे छुट्टी—गरीब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़❓

सरकारी स्कूल या ‘कुछ घंटे की पाठशाला’❓ रेवरा में स्कूल संचालन को लेकर ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

मीटिंग का हवाला देकर मास्टर साहब चाट रहे है, मासूमों का भविष्य,❓

जिला शिक्षा विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया, क्या होगी कार्यवाही ❓

राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के गांव रैगांव के रेवरा प्राथमिक शाला में देश के भविष्य के साथ खिलवाड़

सरकारी काम का हवाला ,ऑनलाइन हाजरी या टाइम पास

कैसे सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था , सरकार के दावों की पोल खोलता रेवरा प्राथमिक शाला❓
    user_जितेंद्र राय
    जितेंद्र राय
    रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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    t
    user_Avi Standing with the truth
    Avi Standing with the truth
    Yoga instructor Mangawan, Rewa•
    12 hrs ago
  • गैवीनाथ धाम आंदोलन LIVE अपडेट 🚩 | धरना प्रदर्शन से जुड़ी बड़ी खबर | बिरसिंहपुर #गैवीनाथधाम #बिरसिंहपुर #गैवीनाथधामआंदोलन #धरनाप्रदर्शन #PrakashPathak
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    गैवीनाथ धाम आंदोलन LIVE अपडेट 🚩 | धरना प्रदर्शन से जुड़ी बड़ी खबर | बिरसिंहपुर

#गैवीनाथधाम
#बिरसिंहपुर
#गैवीनाथधामआंदोलन
#धरनाप्रदर्शन
#PrakashPathak
    user_Prakash Pathak Satna
    Prakash Pathak Satna
    Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • जिला पंचायत कार्यालय में कमरेड लालमणि त्रिपाठी अनशन का हुआ असर, ग्राम बड़ागांव पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच शुरू *जिला पंचायत कार्यालय में कमरेड लालमणि त्रिपाठी अनशन का हुआ असर, ग्राम बड़ागांव पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच शुरू* *रीवा जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण, सड़क, चबूतरा और पेपर ब्लॉक निर्माण में मिलीं गंभीर अनियमितताएं; ग्रामीणों ने की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग* रीवा। जिले के रायपुर कर्चुलियान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ागांव में कथित भ्रष्टाचार के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। पंचायतों में विकास कार्यों में अनियमितताओं और शासकीय राशि के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी द्वारा लगातार उठाई गई तथा जिला पंचायत कार्यालय में किए गए अनशन का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच दल ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत बड़ागांव पहुंचकर विभिन्न निर्माण कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया। जांच दल में मुख्य रूप से रीवा कार्यपालन यंत्री बी.डी.कोरी जनपद पंचायत रायपुर के सहायक यंत्री अनिल तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। टीम ने आवेदन में उल्लेखित बिंदुओं के आधार पर विभिन्न निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य सड़क से अशोक चतुर्वेदी के घर तक बनी सीसी सड़क का अवलोकन किया गया, जहां निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए। इसके साथ ही सड़क के समीप निर्मित चबूतरा भी गुणवत्ता विहीन पाया गया। जांच दल ने ग्राम पंचायत की सहकारी समिति के सामने प्रस्तावित पेवर ब्लॉक निर्माण का भी निरीक्षण किया। आरोप है कि इस कार्य के लिए शासकीय राशि का आहरण कर लिया गया, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य नहीं कराया गया। इसके अलावा भी पंचायत के कई विकास कार्यों में अनियमितताओं और वित्तीय विसंगतियों के संकेत जांच के दौरान सामने आए। जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी ने कहा कि ग्राम पंचायत बड़ागांव में पंचायत कर्मियों द्वारा व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनका कहना था कि यदि शासन द्वारा विकास कार्यों के लिए जारी की गई राशि का दुरुपयोग किया गया है और योजनाओं को धरातल पर नहीं उतारा गया, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होना चाहिए। मौके पर मौजूद लाल बहादुर सिंह ने भी कहा कि पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार की गहन और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों में विकास के नाम पर होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि जनता के हितों की रक्षा हो सके। जांच के दौरान अधिकारियों ने संबंधित निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी संकलित की। अब ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर शासकीय राशि की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इससे पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जनविश्वास दोनों मजबूत होंगे।
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    जिला पंचायत कार्यालय में कमरेड लालमणि त्रिपाठी अनशन का हुआ असर, ग्राम बड़ागांव पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच शुरू
*जिला पंचायत कार्यालय में कमरेड लालमणि त्रिपाठी अनशन का हुआ असर, ग्राम बड़ागांव पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच शुरू* 
*रीवा जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण, सड़क, चबूतरा और पेपर ब्लॉक निर्माण में मिलीं गंभीर अनियमितताएं; ग्रामीणों ने की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग* 
रीवा। जिले के रायपुर कर्चुलियान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ागांव में कथित भ्रष्टाचार के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। पंचायतों में विकास कार्यों में अनियमितताओं और शासकीय राशि के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी द्वारा लगातार उठाई गई तथा जिला पंचायत कार्यालय में किए गए अनशन का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच दल ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत बड़ागांव पहुंचकर विभिन्न निर्माण कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया।
जांच दल में मुख्य रूप से रीवा कार्यपालन यंत्री बी.डी.कोरी जनपद पंचायत रायपुर के सहायक यंत्री अनिल तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। टीम ने आवेदन में उल्लेखित बिंदुओं के आधार पर विभिन्न निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सड़क से अशोक चतुर्वेदी के घर तक बनी सीसी सड़क का अवलोकन किया गया, जहां निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए। इसके साथ ही सड़क के समीप निर्मित चबूतरा भी गुणवत्ता विहीन पाया गया। जांच दल ने ग्राम पंचायत की सहकारी समिति के सामने प्रस्तावित पेवर ब्लॉक निर्माण का भी निरीक्षण किया। आरोप है कि इस कार्य के लिए शासकीय राशि का आहरण कर लिया गया, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य नहीं कराया गया। इसके अलावा भी पंचायत के कई विकास कार्यों में अनियमितताओं और वित्तीय विसंगतियों के संकेत जांच के दौरान सामने आए।
जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी ने कहा कि ग्राम पंचायत बड़ागांव में पंचायत कर्मियों द्वारा व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनका कहना था कि यदि शासन द्वारा विकास कार्यों के लिए जारी की गई राशि का दुरुपयोग किया गया है और योजनाओं को धरातल पर नहीं उतारा गया, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होना चाहिए।
मौके पर मौजूद लाल बहादुर सिंह ने भी कहा कि पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार की गहन और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों में विकास के नाम पर होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि जनता के हितों की रक्षा हो सके।
जांच के दौरान अधिकारियों ने संबंधित निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी संकलित की। अब ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर शासकीय राशि की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इससे पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जनविश्वास दोनों मजबूत होंगे।
    user_पत्रकार शुभम तिवारी
    पत्रकार शुभम तिवारी
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • लोकायुक्त रीवा की बड़ी कार्यवाही पीडब्लूडी के प्रभारी मुख्य अभियंता रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार लोकायुक्त रीवा की बड़ी कार्यवाही पीडब्लूडी के प्रभारी मुख्य अभियंता रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार *टेस्टिंग लैब को काम दिलाने के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत 50 हजार रुपये लेते सहयोगी सहित पकड़े गए अधिकारी* *♦️रीवा : समाचार अपडेट* लोकायुक्त पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त रीवा योगेश्वर शर्मा के नेतृत्व में लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने 11 अगस्त 2026 को एक सफल ट्रैप कार्यवाही को अंजाम दिया है।इस कार्यवाही में लोक निर्माण विभाग संभाग रीवा के प्रभारी मुख्य अभियंता मूल पद कार्यपालन यंत्री कैलाश कुमार लच्छे को उनके प्राइवेट साथी धर्मवीर भारती के साथ 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।मामले का विवरण यह है कि शिकायतकर्ता सोनू सिंह जो कि टेस्टिंग लैब पीवीपी लिमिटेड जिला सतना में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं और जिनकी फर्म कंस्ट्रक्शन कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण करती है से उनकी फर्म को लोक निर्माण विभाग संभाग रीवा में काम दिलाने के एवज में प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे द्वारा प्रतिमाह 1 लाख रुपये रिश्वत की माँग की जा रही थी शिकायतकर्ता द्वारा 4 अगस्त 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में इस बात की शिकायत दर्ज कराई गई जिसका लोकायुक्त पुलिस द्वारा सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान ही आरोपी कैलाश कुमार लच्छे ने अपने सहयोगी धर्मवीर भारती के माध्यम से 50 हजार रुपये ले लिए थे।तत्पश्चात आज 11 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में गठित लोकायुक्त टीम द्वारा अटल पार्क के सामने सिविल लाइन रीवा स्थित आरोपी के शासकीय आवास पर दबिश दी गई। टीम ने आरोपी कैलाश कुमार लच्छे और उनके सहयोगी धर्मवीर भारती को शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्यवाही में निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया सहित लोकायुक्त कार्यालय रीवा की पूरी टीम शामिल रही। आरोपीगणों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
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    लोकायुक्त रीवा की बड़ी कार्यवाही पीडब्लूडी के प्रभारी मुख्य अभियंता रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
लोकायुक्त रीवा की बड़ी कार्यवाही पीडब्लूडी के प्रभारी मुख्य अभियंता रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
*टेस्टिंग लैब को काम दिलाने के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत 50 हजार रुपये लेते सहयोगी सहित पकड़े गए अधिकारी*
*♦️रीवा : समाचार अपडेट*
लोकायुक्त पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त रीवा योगेश्वर शर्मा के नेतृत्व में लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने 11 अगस्त 2026 को एक सफल ट्रैप कार्यवाही को अंजाम दिया है।इस कार्यवाही में लोक निर्माण विभाग संभाग रीवा के प्रभारी मुख्य अभियंता मूल पद कार्यपालन यंत्री कैलाश कुमार लच्छे को उनके प्राइवेट साथी धर्मवीर भारती के साथ 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।मामले का विवरण यह है कि शिकायतकर्ता सोनू सिंह जो कि टेस्टिंग लैब पीवीपी लिमिटेड जिला सतना में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं और जिनकी फर्म कंस्ट्रक्शन कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण करती है से उनकी फर्म को लोक निर्माण विभाग संभाग रीवा में काम दिलाने के एवज में प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे द्वारा प्रतिमाह 1 लाख रुपये रिश्वत की माँग की जा रही थी शिकायतकर्ता द्वारा 4 अगस्त 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में इस बात की शिकायत दर्ज कराई गई जिसका लोकायुक्त पुलिस द्वारा सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान ही आरोपी कैलाश कुमार लच्छे ने अपने सहयोगी धर्मवीर भारती के माध्यम से 50 हजार रुपये ले लिए थे।तत्पश्चात आज 11 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में गठित लोकायुक्त टीम द्वारा अटल पार्क के सामने सिविल लाइन रीवा स्थित आरोपी के शासकीय आवास पर दबिश दी गई। टीम ने आरोपी कैलाश कुमार लच्छे और उनके सहयोगी धर्मवीर भारती को शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्यवाही में निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया सहित लोकायुक्त कार्यालय रीवा की पूरी टीम शामिल रही। आरोपीगणों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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