जिला पंचायत कार्यालय में कमरेड लालमणि त्रिपाठी अनशन का हुआ असर, ग्राम बड़ागांव पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच शुरू *जिला पंचायत कार्यालय में कमरेड लालमणि त्रिपाठी अनशन का हुआ असर, ग्राम बड़ागांव पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच शुरू* *रीवा जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण, सड़क, चबूतरा और पेपर ब्लॉक निर्माण में मिलीं गंभीर अनियमितताएं; ग्रामीणों ने की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग* रीवा। जिले के रायपुर कर्चुलियान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ागांव में कथित भ्रष्टाचार के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। पंचायतों में विकास कार्यों में अनियमितताओं और शासकीय राशि के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी द्वारा लगातार उठाई गई तथा जिला पंचायत कार्यालय में किए गए अनशन का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच दल ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत बड़ागांव पहुंचकर विभिन्न निर्माण कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया। जांच दल में मुख्य रूप से रीवा कार्यपालन यंत्री बी.डी.कोरी जनपद पंचायत रायपुर के सहायक यंत्री अनिल तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। टीम ने आवेदन में उल्लेखित बिंदुओं के आधार पर विभिन्न निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य सड़क से अशोक चतुर्वेदी के घर तक बनी सीसी सड़क का अवलोकन किया गया, जहां निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए। इसके साथ ही सड़क के समीप निर्मित चबूतरा भी गुणवत्ता विहीन पाया गया। जांच दल ने ग्राम पंचायत की सहकारी समिति के सामने प्रस्तावित पेवर ब्लॉक निर्माण का भी निरीक्षण किया। आरोप है कि इस कार्य के लिए शासकीय राशि का आहरण कर लिया गया, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य नहीं कराया गया। इसके अलावा भी पंचायत के कई विकास कार्यों में अनियमितताओं और वित्तीय विसंगतियों के संकेत जांच के दौरान सामने आए। जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी ने कहा कि ग्राम पंचायत बड़ागांव में पंचायत कर्मियों द्वारा व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनका कहना था कि यदि शासन द्वारा विकास कार्यों के लिए जारी की गई राशि का दुरुपयोग किया गया है और योजनाओं को धरातल पर नहीं उतारा गया, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होना चाहिए। मौके पर मौजूद लाल बहादुर सिंह ने भी कहा कि पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार की गहन और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों में विकास के नाम पर होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि जनता के हितों की रक्षा हो सके। जांच के दौरान अधिकारियों ने संबंधित निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी संकलित की। अब ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर शासकीय राशि की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इससे पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जनविश्वास दोनों मजबूत होंगे।
जिला पंचायत कार्यालय में कमरेड लालमणि त्रिपाठी अनशन का हुआ असर, ग्राम बड़ागांव पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच शुरू *जिला पंचायत कार्यालय में कमरेड लालमणि त्रिपाठी अनशन का हुआ असर, ग्राम बड़ागांव पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच शुरू* *रीवा जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण, सड़क, चबूतरा और पेपर ब्लॉक निर्माण में मिलीं गंभीर अनियमितताएं; ग्रामीणों ने की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग* रीवा। जिले के रायपुर कर्चुलियान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ागांव में कथित भ्रष्टाचार के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। पंचायतों में विकास कार्यों में अनियमितताओं और शासकीय राशि के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी द्वारा लगातार उठाई गई तथा जिला पंचायत कार्यालय में किए गए अनशन का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच दल ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत बड़ागांव पहुंचकर विभिन्न निर्माण कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया। जांच दल में मुख्य रूप से रीवा कार्यपालन यंत्री बी.डी.कोरी जनपद पंचायत रायपुर के सहायक यंत्री अनिल तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। टीम ने आवेदन में उल्लेखित बिंदुओं के आधार पर विभिन्न निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य सड़क से अशोक चतुर्वेदी के घर तक बनी सीसी सड़क का अवलोकन किया गया, जहां निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए। इसके साथ ही सड़क के समीप निर्मित चबूतरा भी गुणवत्ता विहीन पाया गया। जांच दल ने ग्राम पंचायत की सहकारी समिति के सामने प्रस्तावित पेवर ब्लॉक निर्माण का भी निरीक्षण किया। आरोप है कि इस कार्य के लिए शासकीय राशि का आहरण कर लिया गया, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य नहीं कराया गया। इसके अलावा भी पंचायत के कई विकास कार्यों में अनियमितताओं और वित्तीय विसंगतियों के संकेत जांच के दौरान सामने आए। जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी ने कहा कि ग्राम पंचायत बड़ागांव में पंचायत कर्मियों द्वारा व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनका कहना था कि यदि शासन द्वारा विकास कार्यों के लिए जारी की गई राशि का दुरुपयोग किया गया है और योजनाओं को धरातल पर नहीं उतारा गया, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होना चाहिए। मौके पर मौजूद लाल बहादुर सिंह ने भी कहा कि पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार की गहन और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों में विकास के नाम पर होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि जनता के हितों की रक्षा हो सके। जांच के दौरान अधिकारियों ने संबंधित निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी संकलित की। अब ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर शासकीय राशि की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इससे पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जनविश्वास दोनों मजबूत होंगे।
- लोकेशन रीवा। ₹50 हजार की रिश्वत लेते PWD चीफ इंजीनियर ट्रैप, लोकायुक्त ने घर से दबोचा। रीवा लोकायुक्त पुलिस ने PWD के प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लक्ष्य को ₹50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सतना की टेस्टिंग लैब को काम जारी रखने और सैंपलिंग का काम दिलाने के एवज में इंजीनियर ने हर महीने ₹1 लाख की रिश्वत मांगी थी। मंगलवार को शिकायतकर्ता जैसे ही ₹50 हजार लेकर इंजीनियर के घर पहुंचा, पहले से जाल बिछाकर बैठी लोकायुक्त टीम ने आरोपी इंजीनियर और उसके सहयोगी धर्मवीर भारती को दबोच लिया। मामला PWD के निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच करने वाली सतना की टेस्टिंग लैब से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लक्ष्य ने लैब का टेस्टिंग काम रोक दिया था। काम दोबारा जारी रखने के एवज में लैब मैनेजर से कथित तौर पर ₹1 लाख प्रतिमाह की मांग की गई। परेशान मैनेजर ने मामले की शिकायत रीवा लोकायुक्त पुलिस से की। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद मंगलवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई। जैसे ही शिकायतकर्ता ने इंजीनियर के घर पर ₹50 हजार की रकम दी, लोकायुक्त टीम ने तत्काल दबिश देकर कैलाश कुमार लक्ष्य और उनके सहयोगी धर्मवीर भारती को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच में यह भी खंगाला जा रहा है कि रिश्वत का यह खेल कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।1
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- खबर/अमरपाटन/ग्राम कोंतर खबर सुर्खियों में आने के बाद मौके पर पहुचा प्रसासन कोंतर गांव पहुंचा और बस्ती के लोगो से चर्चा कर रोड की नपाई की गई जिसमें रास्ते में अतिक्रमण सामने आने के बाद रास्ते में लगाई गई बाड़ी हटवाई खबर/अमरपाटन/ग्राम कोंतर खबर सुर्खियों में आने के बाद मौके पर पहुचा प्रसासन कोंतर गांव पहुंचा और बस्ती के लोगो से चर्चा कर रोड की नपाई की गई जिसमें रास्ते में अतिक्रमण सामने आने के बाद रास्ते में लगाई गई बाड़ी हटवाई गई और आम रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया गया बताते चलें कि बीते दिनों चैनल में खबरें चलीं की आम रास्ते में अतिक्रमण के चलते शव बाहन मृतक के घर तक नहीं पहुंचा शव को मृतक के परिजन चार कन्धे में उठाकर ले गए मृतक का पार्थिव शरीर मामले को कलेक्टर मैहर ने लिया संज्ञान प्रसासन को किया आदेशित दरअसल पूरा मामला जनपद पंचायत अमरपाटन अन्तर्गत आने वाले गांव कोंतर का है मामला बताया गया था अतिक्रमण हटाने के दौरान दूसरा पक्ष भी सामने आया उसने कहा यह जमीन खरीदी गई है इसमें हमारी जमीन में कोई रास्ता नहीं प्रसासन जबरन हमारी जमीन में रास्ता बनवा रहा है बड़ी मसक्कत के बाद रास्ता खुल2
- जिला पंचायत कार्यालय में कमरेड लालमणि त्रिपाठी अनशन का हुआ असर, ग्राम बड़ागांव पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच शुरू *जिला पंचायत कार्यालय में कमरेड लालमणि त्रिपाठी अनशन का हुआ असर, ग्राम बड़ागांव पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच शुरू* *रीवा जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण, सड़क, चबूतरा और पेपर ब्लॉक निर्माण में मिलीं गंभीर अनियमितताएं; ग्रामीणों ने की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग* रीवा। जिले के रायपुर कर्चुलियान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ागांव में कथित भ्रष्टाचार के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। पंचायतों में विकास कार्यों में अनियमितताओं और शासकीय राशि के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी द्वारा लगातार उठाई गई तथा जिला पंचायत कार्यालय में किए गए अनशन का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच दल ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत बड़ागांव पहुंचकर विभिन्न निर्माण कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया। जांच दल में मुख्य रूप से रीवा कार्यपालन यंत्री बी.डी.कोरी जनपद पंचायत रायपुर के सहायक यंत्री अनिल तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। टीम ने आवेदन में उल्लेखित बिंदुओं के आधार पर विभिन्न निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य सड़क से अशोक चतुर्वेदी के घर तक बनी सीसी सड़क का अवलोकन किया गया, जहां निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए। इसके साथ ही सड़क के समीप निर्मित चबूतरा भी गुणवत्ता विहीन पाया गया। जांच दल ने ग्राम पंचायत की सहकारी समिति के सामने प्रस्तावित पेवर ब्लॉक निर्माण का भी निरीक्षण किया। आरोप है कि इस कार्य के लिए शासकीय राशि का आहरण कर लिया गया, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य नहीं कराया गया। इसके अलावा भी पंचायत के कई विकास कार्यों में अनियमितताओं और वित्तीय विसंगतियों के संकेत जांच के दौरान सामने आए। जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी ने कहा कि ग्राम पंचायत बड़ागांव में पंचायत कर्मियों द्वारा व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनका कहना था कि यदि शासन द्वारा विकास कार्यों के लिए जारी की गई राशि का दुरुपयोग किया गया है और योजनाओं को धरातल पर नहीं उतारा गया, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होना चाहिए। मौके पर मौजूद लाल बहादुर सिंह ने भी कहा कि पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार की गहन और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों में विकास के नाम पर होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि जनता के हितों की रक्षा हो सके। जांच के दौरान अधिकारियों ने संबंधित निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी संकलित की। अब ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर शासकीय राशि की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इससे पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जनविश्वास दोनों मजबूत होंगे।1
- *कटकी गांव की बदहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन* *4-5 दिन में सड़क नहीं बनी तो धरने की चेतावनी* *समाचार:* *रीवा:* जनपद पंचायत सिरमौर सेमरिया विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत कटकी के मुख्य मार्ग से पुरानी नहर मार्ग तक लगभग 2 किलोमीटर कच्ची सड़क के जर्जर होने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क की बदहाली को लेकर आज भारतीय सर्व सेवा संगठन युवा इकाई अध्यक्ष *शिव कुमार मिश्रा के नेतृत्व* में कटकी गांव के महिला-पुरुषों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से लगभग 250-300 परिवारों का प्रतिदिन आवागमन होता है। बारिश के कारण सड़क में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी हो रही है और बीमार लोगों को समय पर अस्पताल नहीं ले जाया जा पा रहा है। जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इसके पूर्व भी पेयजल एवं सड़क की समस्या को लेकर शिकायत की जा चुकी है, परंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर महोदय से मांग की है कि उक्त समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सड़क की मरम्मत कराई जाए। अन्यथा 4-5 दिनों के बाद जनपद पंचायत सिरमौर के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा।1
- नेशनल हाईवे 39 रीवा सीधी मार्ग रीठी के समीप अनियंत्रित होकर पलटी ऑटो नेशनल हाईवे 39 रीवा सीधी मार्ग रीठी के समीप अनियंत्रित होकर पलटी ऑटो1