लोकेशन रीवा। ₹50 हजार की रिश्वत लेते PWD चीफ इंजीनियर ट्रैप, लोकायुक्त ने घर से दबोचा। रीवा लोकायुक्त पुलिस ने PWD के प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लक्ष्य को ₹50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सतना की टेस्टिंग लैब को काम जारी रखने और सैंपलिंग का काम दिलाने के एवज में इंजीनियर ने हर महीने ₹1 लाख की रिश्वत मांगी थी। मंगलवार को शिकायतकर्ता जैसे ही ₹50 हजार लेकर इंजीनियर के घर पहुंचा, पहले से जाल बिछाकर बैठी लोकायुक्त टीम ने आरोपी इंजीनियर और उसके सहयोगी धर्मवीर भारती को दबोच लिया। मामला PWD के निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच करने वाली सतना की टेस्टिंग लैब से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लक्ष्य ने लैब का टेस्टिंग काम रोक दिया था। काम दोबारा जारी रखने के एवज में लैब मैनेजर से कथित तौर पर ₹1 लाख प्रतिमाह की मांग की गई। परेशान मैनेजर ने मामले की शिकायत रीवा लोकायुक्त पुलिस से की। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद मंगलवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई। जैसे ही शिकायतकर्ता ने इंजीनियर के घर पर ₹50 हजार की रकम दी, लोकायुक्त टीम ने तत्काल दबिश देकर कैलाश कुमार लक्ष्य और उनके सहयोगी धर्मवीर भारती को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच में यह भी खंगाला जा रहा है कि रिश्वत का यह खेल कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
लोकेशन रीवा। ₹50 हजार की रिश्वत लेते PWD चीफ इंजीनियर ट्रैप, लोकायुक्त ने घर से दबोचा। रीवा लोकायुक्त पुलिस ने PWD के प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लक्ष्य को ₹50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सतना की टेस्टिंग लैब को काम जारी रखने और सैंपलिंग का काम दिलाने के एवज में इंजीनियर ने हर महीने ₹1 लाख की रिश्वत मांगी थी। मंगलवार को शिकायतकर्ता जैसे ही ₹50 हजार लेकर इंजीनियर के घर पहुंचा, पहले से जाल बिछाकर बैठी लोकायुक्त टीम ने आरोपी इंजीनियर और उसके सहयोगी धर्मवीर भारती को दबोच लिया। मामला PWD के निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच करने वाली सतना की टेस्टिंग लैब से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लक्ष्य ने लैब का टेस्टिंग काम रोक दिया था। काम दोबारा जारी रखने के एवज में लैब मैनेजर से कथित तौर पर ₹1 लाख प्रतिमाह की मांग की गई। परेशान मैनेजर ने मामले की शिकायत रीवा लोकायुक्त पुलिस से की। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद मंगलवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई। जैसे ही शिकायतकर्ता ने इंजीनियर के घर पर ₹50 हजार की रकम दी, लोकायुक्त टीम ने तत्काल दबिश देकर कैलाश कुमार लक्ष्य और उनके सहयोगी धर्मवीर भारती को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच में यह भी खंगाला जा रहा है कि रिश्वत का यह खेल कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
- लोकेशन रीवा। ₹50 हजार की रिश्वत लेते PWD चीफ इंजीनियर ट्रैप, लोकायुक्त ने घर से दबोचा। रीवा लोकायुक्त पुलिस ने PWD के प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लक्ष्य को ₹50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सतना की टेस्टिंग लैब को काम जारी रखने और सैंपलिंग का काम दिलाने के एवज में इंजीनियर ने हर महीने ₹1 लाख की रिश्वत मांगी थी। मंगलवार को शिकायतकर्ता जैसे ही ₹50 हजार लेकर इंजीनियर के घर पहुंचा, पहले से जाल बिछाकर बैठी लोकायुक्त टीम ने आरोपी इंजीनियर और उसके सहयोगी धर्मवीर भारती को दबोच लिया। मामला PWD के निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच करने वाली सतना की टेस्टिंग लैब से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लक्ष्य ने लैब का टेस्टिंग काम रोक दिया था। काम दोबारा जारी रखने के एवज में लैब मैनेजर से कथित तौर पर ₹1 लाख प्रतिमाह की मांग की गई। परेशान मैनेजर ने मामले की शिकायत रीवा लोकायुक्त पुलिस से की। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद मंगलवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई। जैसे ही शिकायतकर्ता ने इंजीनियर के घर पर ₹50 हजार की रकम दी, लोकायुक्त टीम ने तत्काल दबिश देकर कैलाश कुमार लक्ष्य और उनके सहयोगी धर्मवीर भारती को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच में यह भी खंगाला जा रहा है कि रिश्वत का यह खेल कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।1
- गैवीनाथ धाम का अनशन आखिर क्यों खत्म हुआ? 🤔 कुप्पा भी नहीं हटा, मांगें भी पूरी नहीं! गैवीनाथ धाम को लेकर कई दिनों से चल रहे आंदोलन, धरना, बाजार बंद और बड़े-बड़े ऐलानों के बाद आखिरकार अनशन खत्म कर दिया गया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—जब कुप्पा नहीं हटा और मांगें पूरी होने की बात भी सामने नहीं आई, तो अनशन खत्म करने का फैसला क्यों लिया गया? जब क्षेत्र की जनता, व्यापारी और श्रद्धालु बड़ी संख्या में आंदोलन के साथ खड़े हुए, तब चक्का जाम, उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन दुकान बंद जैसे कई ऐलान भी किए गए थे। फिर अचानक आंदोलन खत्म करने की जरूरत क्यों पड़ी? इन्हीं सवालों को लेकर मैंने इस शॉर्ट वीडियो में अपनी बात रखी है। आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं। हर-हर महादेव 🔱🚩 #गैवीनाथधाम #बिरसिंहपुर #गैवीनाथधामआंदोलन #अनशन #PrakashPathak1
- Post by Chitrakootnewslive1
- 😡सस्ती लोकप्रियता के लिए जनता की भावनाओं से खिलवाड़ उचित नहीं जनार्दन मिश्रा जी का विवादित बयान देखकर ऐसा लगता है कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करना उनके लिए कोई नया तरीका नहीं है। लेकिन जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता। उम्र का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन जनप्रतिनिधि से अपेक्षा होती है कि वे अपने शब्दों और बयानों की जिम्मेदारी समझें। पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को लेकर जनता के सवालों का जवाब तर्क और तथ्यों से दिया जाना चाहिए, न कि जनता का मजाक उड़ाकर। जनता जागरूक है, सवाल पूछ रही है और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेगी। सस्ती लोकप्रियता नहीं, जनता के प्रति जवाबदेही ही एक जनप्रतिनिधि की असली पहचान होनी चाहिए1
- *कटकी गांव की बदहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन* *4-5 दिन में सड़क नहीं बनी तो धरने की चेतावनी* *समाचार:* *रीवा:* जनपद पंचायत सिरमौर सेमरिया विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत कटकी के मुख्य मार्ग से पुरानी नहर मार्ग तक लगभग 2 किलोमीटर कच्ची सड़क के जर्जर होने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क की बदहाली को लेकर आज भारतीय सर्व सेवा संगठन युवा इकाई अध्यक्ष *शिव कुमार मिश्रा के नेतृत्व* में कटकी गांव के महिला-पुरुषों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से लगभग 250-300 परिवारों का प्रतिदिन आवागमन होता है। बारिश के कारण सड़क में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी हो रही है और बीमार लोगों को समय पर अस्पताल नहीं ले जाया जा पा रहा है। जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इसके पूर्व भी पेयजल एवं सड़क की समस्या को लेकर शिकायत की जा चुकी है, परंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर महोदय से मांग की है कि उक्त समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सड़क की मरम्मत कराई जाए। अन्यथा 4-5 दिनों के बाद जनपद पंचायत सिरमौर के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा।1
- रीवा पुलिस द्वारा निकाली गई तिरंगा रैली रीवा पुलिस द्वारा निकाली गई तिरंगा रैली 15 अगस्त से पहले ही निकले रैली जिसमें सभी आला अधिकारी पुलिस के शामिल थे रीवा पुलिस द्वारा निकाली गई तिरंगा रैली 15 अगस्त से पहले ही निकले रैली जिसमें सभी आला अधिकारी पुलिस के शामिल थे 15 अगस्त से पहले ही निकले रैली जिसमे पुलिस अधीक्षक सहित शामिल रहे ऐसे ही अपडेट पाने के लिए बने रहे हमारे यश न्यूज के साथ। 15 अगस्त से पहले ही निकले तिरंगा रैली आम जन को जागरुक के लिए हर घर तिरंगा रीवा ब्यूरो खास रिपोर्ट1