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गैवीनाथ धाम का अनशन आखिर क्यों खत्म हुआ? 🤔 कुप्पा भी नहीं हटा, मांगें भी पूरी नहीं! गैवीनाथ धाम को लेकर कई दिनों से चल रहे आंदोलन, धरना, बाजार बंद और बड़े-बड़े ऐलानों के बाद आखिरकार अनशन खत्म कर दिया गया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—जब कुप्पा नहीं हटा और मांगें पूरी होने की बात भी सामने नहीं आई, तो अनशन खत्म करने का फैसला क्यों लिया गया? जब क्षेत्र की जनता, व्यापारी और श्रद्धालु बड़ी संख्या में आंदोलन के साथ खड़े हुए, तब चक्का जाम, उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन दुकान बंद जैसे कई ऐलान भी किए गए थे। फिर अचानक आंदोलन खत्म करने की जरूरत क्यों पड़ी? इन्हीं सवालों को लेकर मैंने इस शॉर्ट वीडियो में अपनी बात रखी है। आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं। हर-हर महादेव 🔱🚩 #गैवीनाथधाम #बिरसिंहपुर #गैवीनाथधामआंदोलन #अनशन #PrakashPathak
Prakash Pathak Satna
गैवीनाथ धाम का अनशन आखिर क्यों खत्म हुआ? 🤔 कुप्पा भी नहीं हटा, मांगें भी पूरी नहीं! गैवीनाथ धाम को लेकर कई दिनों से चल रहे आंदोलन, धरना, बाजार बंद और बड़े-बड़े ऐलानों के बाद आखिरकार अनशन खत्म कर दिया गया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—जब कुप्पा नहीं हटा और मांगें पूरी होने की बात भी सामने नहीं आई, तो अनशन खत्म करने का फैसला क्यों लिया गया? जब क्षेत्र की जनता, व्यापारी और श्रद्धालु बड़ी संख्या में आंदोलन के साथ खड़े हुए, तब चक्का जाम, उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन दुकान बंद जैसे कई ऐलान भी किए गए थे। फिर अचानक आंदोलन खत्म करने की जरूरत क्यों पड़ी? इन्हीं सवालों को लेकर मैंने इस शॉर्ट वीडियो में अपनी बात रखी है। आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं। हर-हर महादेव 🔱🚩 #गैवीनाथधाम #बिरसिंहपुर #गैवीनाथधामआंदोलन #अनशन #PrakashPathak
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- गैवीनाथ धाम का अनशन आखिर क्यों खत्म हुआ? 🤔 कुप्पा भी नहीं हटा, मांगें भी पूरी नहीं! गैवीनाथ धाम को लेकर कई दिनों से चल रहे आंदोलन, धरना, बाजार बंद और बड़े-बड़े ऐलानों के बाद आखिरकार अनशन खत्म कर दिया गया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—जब कुप्पा नहीं हटा और मांगें पूरी होने की बात भी सामने नहीं आई, तो अनशन खत्म करने का फैसला क्यों लिया गया? जब क्षेत्र की जनता, व्यापारी और श्रद्धालु बड़ी संख्या में आंदोलन के साथ खड़े हुए, तब चक्का जाम, उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन दुकान बंद जैसे कई ऐलान भी किए गए थे। फिर अचानक आंदोलन खत्म करने की जरूरत क्यों पड़ी? इन्हीं सवालों को लेकर मैंने इस शॉर्ट वीडियो में अपनी बात रखी है। आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं। हर-हर महादेव 🔱🚩 #गैवीनाथधाम #बिरसिंहपुर #गैवीनाथधामआंदोलन #अनशन #PrakashPathak1
- लोकेशन रीवा। ₹50 हजार की रिश्वत लेते PWD चीफ इंजीनियर ट्रैप, लोकायुक्त ने घर से दबोचा। रीवा लोकायुक्त पुलिस ने PWD के प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लक्ष्य को ₹50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सतना की टेस्टिंग लैब को काम जारी रखने और सैंपलिंग का काम दिलाने के एवज में इंजीनियर ने हर महीने ₹1 लाख की रिश्वत मांगी थी। मंगलवार को शिकायतकर्ता जैसे ही ₹50 हजार लेकर इंजीनियर के घर पहुंचा, पहले से जाल बिछाकर बैठी लोकायुक्त टीम ने आरोपी इंजीनियर और उसके सहयोगी धर्मवीर भारती को दबोच लिया। मामला PWD के निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच करने वाली सतना की टेस्टिंग लैब से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लक्ष्य ने लैब का टेस्टिंग काम रोक दिया था। काम दोबारा जारी रखने के एवज में लैब मैनेजर से कथित तौर पर ₹1 लाख प्रतिमाह की मांग की गई। परेशान मैनेजर ने मामले की शिकायत रीवा लोकायुक्त पुलिस से की। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद मंगलवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई। जैसे ही शिकायतकर्ता ने इंजीनियर के घर पर ₹50 हजार की रकम दी, लोकायुक्त टीम ने तत्काल दबिश देकर कैलाश कुमार लक्ष्य और उनके सहयोगी धर्मवीर भारती को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच में यह भी खंगाला जा रहा है कि रिश्वत का यह खेल कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।1
- सतना। रैगांव में, रेवरा के सरकारी स्कूल में ‘ताले’ की पाठशाला! 2-3 घंटे खुलता है स्कूल, 2 बजे छुट्टी—गरीब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़❓ सरकारी स्कूल या ‘कुछ घंटे की पाठशाला’❓ रेवरा में स्कूल संचालन को लेकर ग्रामीणों ने खोला मोर्चा मीटिंग का हवाला देकर मास्टर साहब चाट रहे है, मासूमों का भविष्य,❓ जिला शिक्षा विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया, क्या होगी कार्यवाही ❓ राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के गांव रैगांव के रेवरा प्राथमिक शाला में देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ सरकारी काम का हवाला ,ऑनलाइन हाजरी या टाइम पास कैसे सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था , सरकार के दावों की पोल खोलता रेवरा प्राथमिक शाला❓1
- कावड़ियों से कथित अवैध वसूली पर बवाल, चक्का जाम पैसा वापस मिलने के बाद शांत हुआ विरोध, ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल सतना। धार्मिक यात्रा पर निकले कावड़ियों से सतना ट्रैफिक पुलिस द्वारा कथित रूप से पैसे की मांग किए जाने का मामला सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया। कथित वसूली से नाराज कावड़ियों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और चक्का जाम कर दिया। इससे कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। कावड़ियों का आरोप है कि उनसे पैसे की मांग की गई थी। इसको लेकर मौके पर आक्रोश की स्थिति बन गई और श्रद्धालुओं ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और यातायात भी प्रभावित होने लगा। बताया जा रहा है कि मामला बढ़ने के बाद संबंधित राशि कावड़ियों को वापस कर दी गई। पैसा वापस मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और कावड़िए अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। कावड़ियों ने कहा कि वे धार्मिक यात्रा पर निकले हैं और श्रद्धालुओं से इस तरह पैसे की मांग किया जाना उचित नहीं है। वहीं, घटना के बाद ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, मामले में पुलिस की ओर से कथित वसूली को लेकर आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इसलिए लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है।1
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- हरियाली अमावस्या पर पुलिस ने बांटे चार कुंतल केले धर्म नगरी में उमड़ी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ हरियाली अमावस्या पर पुलिस ने बांटे चार कुंतल केले #चित्रकूट। हरियाली अमावस्या पर धर्मनगरी में उमड़ी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच चित्रकूट पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ सेवा भाव की मिसाल पेश की। एसपी अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं को करीब चार कुंतल केले प्रसाद के रूप में वितरित किए। श्रद्धालुओं ने पुलिस की इस पहल की सराहना की।1
- गैवीनाथ धाम आंदोलन LIVE अपडेट 🚩 | धरना प्रदर्शन से जुड़ी बड़ी खबर | बिरसिंहपुर #गैवीनाथधाम #बिरसिंहपुर #गैवीनाथधामआंदोलन #धरनाप्रदर्शन #PrakashPathak1
- रामपुर बघेलान, मध्य प्रदेश* संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर मंगलवार को रामपुर बघेलान में भी "जेल भरो आंदोलन" किया गया। आंदोलन के तहत पहले तहसील प्रांगण में सभा हुई, एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया और उसके बाद रैली निकालकर कार्यकर्ताओं ने रामपुर बघेलान थाने में गिरफ्तारी दी। *रामपुर बघेलान, मध्य प्रदेश* संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर मंगलवार को रामपुर बघेलान में भी "जेल भरो आंदोलन" किया गया। आंदोलन के तहत पहले तहसील प्रांगण में सभा हुई, एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया और उसके बाद रैली निकालकर कार्यकर्ताओं ने रामपुर बघेलान थाने में गिरफ्तारी दी। *किन मुद्दों को लेकर हुआ विरोध* किसानों ने केंद्र सरकार पर मोदी सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील, बिजली विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025 और चार लेबर कोड को वापस लेने की मांग की। मोर्चा का कहना है कि ये कानून किसान और मजदूर विरोधी हैं। *स्थानीय मांगें भी उठाईं* एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में क्षेत्र की कई समस्याएं भी शामिल की गईं: - *लिलजी बांध*: रामपुर तहसील अंतर्गत लिलजी बांध की जमीन की गिर्दावली कराकर धान विक्रय पंजीयन कराया जाए - *जल निकासी*: रामपुर-छिबौरा रोड बाईपास पर बने अंडर ब्रिज पर पानी निकासी की व्यवस्था हो - *अवैध शराब*: गांव-गांव में शराब ठेकेदारों द्वारा बेची जा रही अवैध शराब पर रोक लगे। बेला के नाम से लाइसेंसी दुकान केमार में नेशनल हाईवे और महाराजा स्कूल के पास खोली गई है, उसे बंद किया जाए - *रास्ता बहाली*: राष्ट्रीय राजमार्ग रीवा-सतना मार्ग पर बहेलिया-भाठ के पास सेमरिया-बहेलिया-रिमार मार्ग पर टोल प्लाजा ठेकेदार द्वारा मुरूम-मिट्टी डालकर बंद किया गया रास्ता तुरंत चालू हो और रोड पर रखे ड्रम की बाउंड्री हटे - *रेल दोहरीकरण*: रीवा-सतना रेल दोहरीकरण में प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और नौकरी दी जाए *कार्यक्रम में ये रहे मौजूद* आंदोलन में किसान सभा प्रदेश सचिव शिवराम सिंह, संयुक्त मोर्चा जिला संयोजक के.के. शुक्ला, किसान यूनियन प्रदेश प्रवक्ता दयाशंकर द्विवेदी, किसान नेता संजय पांडे, इंजी. आशुतोष सिंह, ब्लॉक किसान नेता तेजभान सिंह, अध्यक्ष रामराज सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष दलप्रताप सिंह सहित इंद्रगोपाल सिंह, भोला प्रसाद कुशवाहा, राजेंद्र सिंह, नंदलाल सिंह, रूकमणिरमण पांडे, पप्पू पांडे, धर्मेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, वीरेंद्र शुक्ला, ज्ञानेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, मोतीलाल सिंह, कौशल सिंह, जयराम सिंह, सुदामा सेन, विजय सिंह, रोहित पाठक, ज्वाला प्रसाद पाठक, विपिन सिंह, विद्यनाथ शर्मा, राजाभाई पाल, अवधेश तिवारी, गोरेलाल सिंह, सतीश शर्मा, राजीव सिंह बघेल, प्रवीण सिंह, कीर्ति कुमार सिंह, अभय सिंह, जमुना प्रसाद द्विवेदी, मो. शुबराति आदि सैकड़ों किसान उपस्थित रहे। आंदोलन शांतिपूर्ण रहा और गिरफ्तारी देने के बाद सभी कार्यकर्ताओं को बाद में छोड़ दिया गया।1