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रोहतास जिले के देहारिया गाँव में ग्रामीणों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यह परेशानी समरसेबुल मोटर चलाए जाने के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे सरकारी नलों से पानी आना बंद हो गया है। परिणामस्वरूप, गाँव के गरीब लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, माँग की जा रही है कि सरकारी नलों की मरम्मत कराई जाए और समरसेबुल मोटर चलाने पर रोक लगाई जाए ताकि ग्रामीणों की पानी की दिक्कतें दूर हो सकें।
Rs. news Chenari 🗞️
रोहतास जिले के देहारिया गाँव में ग्रामीणों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यह परेशानी समरसेबुल मोटर चलाए जाने के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे सरकारी नलों से पानी आना बंद हो गया है। परिणामस्वरूप, गाँव के गरीब लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, माँग की जा रही है कि सरकारी नलों की मरम्मत कराई जाए और समरसेबुल मोटर चलाने पर रोक लगाई जाए ताकि ग्रामीणों की पानी की दिक्कतें दूर हो सकें।
- Rs. news Chenari 🗞️चेनारी, रोहतास, बिहारsahi hai1 hr ago
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- भारतीय क्रिकेटर आकाश दीप की शादी को लेकर रोहतास जिले के बड्डी गांव में प्रशासनिक तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। ये तैयारियां मुख्यमंत्री (सीएम) सम्राट चौधरी के आगमन को ध्यान में रखते हुए की जा रही हैं। इसी क्रम में, जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी), अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) समेत कई वरीय अधिकारियों ने बड्डी गांव का दौरा किया। अधिकारियों ने हेलीपैड स्थल और गांव में सुरक्षा व्यवस्थाओं के साथ-साथ अन्य सभी आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया। जानकारी के अनुसार, 21 जून को आकाश दीप के तिलक समारोह का आयोजन होना है, जिसमें कई बड़ी हस्तियों के पहुंचने की संभावना है।1
- कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड अंतर्गत गम्हरिया गांव में शनिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को समर्पित एक भव्य "12 साल बेमिसाल" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और "वंदे मातरम" के राष्ट्रभक्ति उद्घोष के साथ हुआ, जिसका कुशल संचालन रामपुर मंडल के अध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने प्रगति की नई इबारत लिखी है। उन्होंने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की सराहना करते हुए बताया कि इनके माध्यम से गांव की माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति मिली है, जबकि गरीबों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज सुलभ हुआ है। उन्होंने जनधन खाते, मुद्रा लोन और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया, जिनके जरिए आज देश का गरीब और किसान सीधे लाभान्वित हो रहा है, यही इस सरकार के '12 साल बेमिसाल' की पहचान है। मुख्य अतिथि मंगल पांडेय ने अपने संबोधन में सरकार की जमीनी और ऐतिहासिक उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। उन्होंने गांवों में पहले शौचालय की किल्लत का जिक्र करते हुए कहा कि आज हर घर में शौचालय उपलब्ध है, जिससे महिलाओं को सम्मान मिला है। उन्होंने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान से लड़कियों का मान बढ़ने और संसद व विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण से नारी शक्ति को नई ताकत मिलने पर जोर दिया। पांडेय ने "डिजिटल इंडिया" की बदौलत गांव के आम किसानों द्वारा यूपीआई (UPI) से लेनदेन करने और "स्टार्टअप इंडिया" व "स्किल इंडिया" से युवाओं को नए रोजगार के अवसर मिलने को भी रेखांकित किया। उन्होंने कश्मीर से धारा 370 के हटने और भव्य राम मंदिर के निर्माण को इस कार्यकाल के सबसे ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय बताया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने एकजुटता का परिचय देते हुए "विकसित भारत 2047" के सपने को साकार करने की शपथ ली। रामपुर मंडल के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में पधारे स्थानीय नागरिकों और मीडिया कर्मियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष, महामंत्री, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, किसान मोर्चा के सभी पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष, बीएलओ (BLO) सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।1
- संत रामपाल जी महाराज का मुख्य उद्देश्य केवल आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं है, बल्कि एक श्रेष्ठ समाज का निर्माण करना भी है। उनके मार्गदर्शन में लाखों लोग नशा, हिंसा, भ्रष्टाचार और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर एक सभ्य एवं नैतिक जीवन जी रहे हैं। उनके दरबार में किसी भी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति, धर्म, भाषा या आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं की जाती, बल्कि सभी को एक इंसान के रूप में सम्मान दिया जाता है। हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी धर्मों के लोग उनके ज्ञान को सुनते हैं और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं। वर्तमान समय में इस प्रकार के प्रयास समाज के लिए वास्तव में प्रेरणादायक माने जा रहे हैं।1
- राजस्थान के कोटा में प्रसव के बाद कई महिलाओं की मौत से पूरा देश हिल गया है। इस मामले की जांच में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के एक विशेष बैच पर गंभीर सवाल उठे हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, जब्त किए गए इंजेक्शन के वायल गुणवत्ता परीक्षण में विफल पाए गए हैं, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है। इन दर्दनाक मौतों के संबंध में कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं: आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? क्या यह सीधे तौर पर सिस्टम की लापरवाही का नतीजा है? क्या दोषियों पर किसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी? और सबसे महत्वपूर्ण, पीड़ित परिवारों को न्याय कब और कैसे मिलेगा? ये ऐसे प्रश्न हैं जिन पर गहन विचार और तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है। फिलहाल, मौतों और इन इंजेक्शनों के बीच अंतिम संबंध की जांच अभी भी जारी है। मामले की आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।1
- अधिकारियों द्वारा सरकारी पैसे का मिल-बांट किए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस मामले की गहन जांच कर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की गई है।4
- सूर्यपूरा प्रखंड मुख्यालय पर रविवार को दुर्गा पूजा समिति के समर्थन में हजारों स्थानीय ग्रामीणों ने एक महा धरने का आयोजन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग एक ऐसे पारंपरिक स्थल की जमीन के आसपास खरीद-बिक्री कर मकान बनाने की योजना बना रहे हैं, जहां 1966 से दुर्गा पूजा के साथ-साथ एक सांस्कृतिक मेले का आयोजन होता रहा है। दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष ने बताया कि यह स्थल स्थानीय लोगों की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ा है, और जरूरतमंद परिवारों के शादी-विवाह जैसे कार्यों के लिए भी उपयुक्त रहा है। स्थानीय मुखिया प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने जानकारी दी कि यह स्थल राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह के परिवार द्वारा स्वेच्छा से छोड़ा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने राजा के परिवार के ही सदस्यों से मिलकर इस जमीन की गलत तरीके से खरीद-बिक्री की योजना बनाई है। मुखिया ने यह भी बताया कि भूस्वामी, ग्रामीणों और पूजा समिति के बीच बातचीत के बाद अनुमंडल पदाधिकारी ने स्थल को यथावत रखने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते यह आदेश लागू नहीं हो सका, जिसके कारण उन्हें बाध्य होकर प्रखंड कार्यालय पर महा धरना देना पड़ा। इस मामले पर, अंचलाधिकारी सूर्यपुरा गोल्डी कुमारी ने स्पष्ट किया कि विधि सम्मत और उचित निर्देश मिलने पर ही कोई कार्रवाई की जाएगी, जबकि आवश्यक जानकारी स्थानीय लोगों को दे दी गई है। वहीं, धरना स्थल पर पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी ने ग्रामीणों को सभी पहलुओं पर विचार कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया और कहा कि प्रशासन इस मामले में आवश्यक पहल करने को तैयार है। ग्रामीणों ने इस दौरान चेतावनी दी कि परंपरागत स्थल से किसी भी तरह की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।3
- चंदौली जिले के चकिया अंतर्गत हेतिमपुर ग्राम से मारपीट का एक वीडियो वायरल होने की जानकारी सामने आई है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।1