सूर्यपूरा प्रखंड मुख्यालय पर रविवार को दुर्गा पूजा समिति के समर्थन में हजारों स्थानीय ग्रामीणों ने एक महा धरने का आयोजन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग एक ऐसे पारंपरिक स्थल की जमीन के आसपास खरीद-बिक्री कर मकान बनाने की योजना बना रहे हैं, जहां 1966 से दुर्गा पूजा के साथ-साथ एक सांस्कृतिक मेले का आयोजन होता रहा है। दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष ने बताया कि यह स्थल स्थानीय लोगों की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ा है, और जरूरतमंद परिवारों के शादी-विवाह जैसे कार्यों के लिए भी उपयुक्त रहा है। स्थानीय मुखिया प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने जानकारी दी कि यह स्थल राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह के परिवार द्वारा स्वेच्छा से छोड़ा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने राजा के परिवार के ही सदस्यों से मिलकर इस जमीन की गलत तरीके से खरीद-बिक्री की योजना बनाई है। मुखिया ने यह भी बताया कि भूस्वामी, ग्रामीणों और पूजा समिति के बीच बातचीत के बाद अनुमंडल पदाधिकारी ने स्थल को यथावत रखने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते यह आदेश लागू नहीं हो सका, जिसके कारण उन्हें बाध्य होकर प्रखंड कार्यालय पर महा धरना देना पड़ा। इस मामले पर, अंचलाधिकारी सूर्यपुरा गोल्डी कुमारी ने स्पष्ट किया कि विधि सम्मत और उचित निर्देश मिलने पर ही कोई कार्रवाई की जाएगी, जबकि आवश्यक जानकारी स्थानीय लोगों को दे दी गई है। वहीं, धरना स्थल पर पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी ने ग्रामीणों को सभी पहलुओं पर विचार कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया और कहा कि प्रशासन इस मामले में आवश्यक पहल करने को तैयार है। ग्रामीणों ने इस दौरान चेतावनी दी कि परंपरागत स्थल से किसी भी तरह की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सूर्यपूरा प्रखंड मुख्यालय पर रविवार को दुर्गा पूजा समिति के समर्थन में हजारों स्थानीय ग्रामीणों ने एक महा धरने का आयोजन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग एक ऐसे पारंपरिक स्थल की जमीन के आसपास खरीद-बिक्री कर मकान बनाने की योजना बना रहे हैं, जहां 1966 से दुर्गा पूजा के साथ-साथ एक सांस्कृतिक मेले का आयोजन होता रहा है। दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष ने बताया कि यह स्थल स्थानीय लोगों की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ा है, और जरूरतमंद परिवारों के शादी-विवाह जैसे कार्यों के लिए भी उपयुक्त रहा है।
स्थानीय मुखिया प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने जानकारी दी कि यह स्थल राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह के परिवार द्वारा स्वेच्छा से छोड़ा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने राजा के परिवार के ही सदस्यों से मिलकर इस जमीन की गलत तरीके से खरीद-बिक्री की योजना बनाई है। मुखिया ने यह भी बताया कि भूस्वामी, ग्रामीणों और पूजा समिति के बीच बातचीत के बाद अनुमंडल पदाधिकारी ने स्थल को यथावत रखने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते यह आदेश लागू नहीं हो सका, जिसके कारण उन्हें बाध्य होकर
प्रखंड कार्यालय पर महा धरना देना पड़ा। इस मामले पर, अंचलाधिकारी सूर्यपुरा गोल्डी कुमारी ने स्पष्ट किया कि विधि सम्मत और उचित निर्देश मिलने पर ही कोई कार्रवाई की जाएगी, जबकि आवश्यक जानकारी स्थानीय लोगों को दे दी गई है। वहीं, धरना स्थल पर पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी ने ग्रामीणों को सभी पहलुओं पर विचार कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया और कहा कि प्रशासन इस मामले में आवश्यक पहल करने को तैयार है। ग्रामीणों ने इस दौरान चेतावनी दी कि परंपरागत स्थल से किसी भी तरह की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- सूर्यपूरा प्रखंड मुख्यालय पर रविवार को दुर्गा पूजा समिति के समर्थन में हजारों स्थानीय ग्रामीणों ने एक महा धरने का आयोजन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग एक ऐसे पारंपरिक स्थल की जमीन के आसपास खरीद-बिक्री कर मकान बनाने की योजना बना रहे हैं, जहां 1966 से दुर्गा पूजा के साथ-साथ एक सांस्कृतिक मेले का आयोजन होता रहा है। दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष ने बताया कि यह स्थल स्थानीय लोगों की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ा है, और जरूरतमंद परिवारों के शादी-विवाह जैसे कार्यों के लिए भी उपयुक्त रहा है। स्थानीय मुखिया प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने जानकारी दी कि यह स्थल राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह के परिवार द्वारा स्वेच्छा से छोड़ा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने राजा के परिवार के ही सदस्यों से मिलकर इस जमीन की गलत तरीके से खरीद-बिक्री की योजना बनाई है। मुखिया ने यह भी बताया कि भूस्वामी, ग्रामीणों और पूजा समिति के बीच बातचीत के बाद अनुमंडल पदाधिकारी ने स्थल को यथावत रखने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते यह आदेश लागू नहीं हो सका, जिसके कारण उन्हें बाध्य होकर प्रखंड कार्यालय पर महा धरना देना पड़ा। इस मामले पर, अंचलाधिकारी सूर्यपुरा गोल्डी कुमारी ने स्पष्ट किया कि विधि सम्मत और उचित निर्देश मिलने पर ही कोई कार्रवाई की जाएगी, जबकि आवश्यक जानकारी स्थानीय लोगों को दे दी गई है। वहीं, धरना स्थल पर पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी ने ग्रामीणों को सभी पहलुओं पर विचार कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया और कहा कि प्रशासन इस मामले में आवश्यक पहल करने को तैयार है। ग्रामीणों ने इस दौरान चेतावनी दी कि परंपरागत स्थल से किसी भी तरह की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।3
- रोहतास पुलिस ने फ्लिपकार्ट के डिलीवरी सिस्टम का दुरुपयोग कर करोड़ों की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को यह बड़ी सफलता तब मिली जब डेहरी नगर थाना क्षेत्र में 13 जून की रात करीब साढ़े आठ बजे फ्लिपकार्ट की टीम ने तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस के हवाले किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये लोग फ्लिपकार्ट के डिलीवरी बॉय बनकर ग्राहकों के सामान की अदला-बदली कर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी डिहरी अतुलेश झा ने बताया कि गिरफ्तार युवकों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि इस पूरे गिरोह का संचालन समस्तीपुर जिले के रहने वाले सत्यकाम उर्फ किशु और अमर राजा कर रहे थे। गिरोह में शामिल लोगों को हर महीने 40 हजार रुपये देने का लालच देकर इस अवैध धंधे में लगाया गया था। रोहतास एसपी रौशन कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अतुलेश झा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी अनुसंधान और छापेमारी के दौरान BR09AS7551 नंबर की कार को ट्रेस कर कार्रवाई की और वाहन में सवार मुख्य सरगना समेत अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने कार और आरोपियों के ठिकानों से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया, जिसमें एक सोनी कैमरा, सात मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, तीन एयरपॉड्स, 15 बॉडी कैमरा, पांच ईयरबड्स, छह स्मार्ट वॉच, तीन गो-प्रो कैमरा, 14 मोबाइल चार्जर केबल, दो हार्ड एयर गन और पैकिंग सील करने वाली मशीन शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में समस्तीपुर जिले के रहने वाले सत्यकाम उर्फ किशु, अमर राजा, चंदन कुमार, प्रदीप कुमार प्रिंस और हर्षल कुमार को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते दौर में सामने आ रहे ठगी के नए-नए तरीकों पर रोहतास पुलिस का एक बड़ा प्रहार है। फिलहाल पुलिस गिरोह के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।4
- सोमवार को चरपोखरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘सात निश्चय-3’ योजना के अंतर्गत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (ईज ऑफ लिविंग) नीति को लागू करने के उद्देश्य से एक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके त्वरित समाधान हेतु संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। सोमवार दोपहर लगभग 3 बजे तक, कुल 13 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद और मापी जैसे राजस्व से जुड़े विभिन्न मुद्दे शामिल थे। सुनवाई के क्रम में दो मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन कर दिया गया, जिससे फरियादियों में संतुष्टि का भाव देखा गया। बाकी बचे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस मौके पर अंचला अधिकारी चंदन चौधरी सहित कई कर्मी मौजूद थे, वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में जनता दरबार पहुंचे थे। प्रशासन की यह पहल लोगों के लिए राहत भरी साबित हो रही है और इसे ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।1
- अरवल जिले के सीता नगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान रुक्मणी जी का विवाह संपन्न हुआ।1
- गरहनी प्रखंड के अंतर्गत सीईओ साहिबा ने जमीनी से जुड़े दस्तावेजों की मांग को लेकर एक बैठक बुलाई। इस बैठक में सभी संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।2
- पटना के बकीपुर क्षेत्र में व्याप्त बदहाली और असहनीय परिस्थितियों के कारण पत्रकारों को अपना मुँह ढकने पर मजबूर होना पड़ा। वहाँ की स्थिति को देखने के बाद पत्रकारों ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी जगह पर एक मिनट भी सहन करना बेहद मुश्किल है। इस अनुभव के बाद, उन्होंने यह मार्मिक सवाल उठाया कि जब उन्हें एक मिनट भी रहना असहनीय लगा, तो पटना बकीपुर के लोग इन बदहाल परिस्थितियों में अपना जीवन कैसे व्यतीत करते हैं।1
- केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद में वर्ष 2026 के लिए भर्ती संबंधी सूचना अभिषेक कुमार eMedia द्वारा जारी की गई है।1
- पश्चिम बंगाल की एक सरकारी बिल्डिंग में आग लगने और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को जलाए जाने के कारणों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। अभिषेक कुमार eMedia ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए यह जानने की मांग की है कि आखिर ये घटनाएं क्यों हुईं।1