मथुरा में दिल्ली कोचिंग हादसे के मृतकों को NSUI व यूथ कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि दिल्ली में कोचिंग सेंटर ओल्ड राजेंद्र नगर शांति निकेतन क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे में छात्रों की मौत के बाद मथुरा में भी गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई NSUI कार्यकर्ताओं ने मथुरा के होली गेट पर एकत्रित होकर कैंडल जलाकर मृत छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की पहले वक्ता ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि आज कई मांओं ने अपने बच्चों को खो दिया है यह समय राजनीति का नहीं बल्कि संवेदनाएं व्यक्त करने का है लेकिन शासन और प्रशासन की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता जर्जर इमारतों में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों और विद्यालयों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि नक्शा पास करने और एनओसी देने में भ्रष्टाचार का खेल चलता है जिससे मासूमों की जान जोखिम में डाली जाती है उन्होंने कहा कि इन मृत छात्रों में से कोई भविष्य का प्रधानमंत्री या आईएएस बन सकता था लेकिन प्रशासनिक लापरवाही ने देश का भविष्य छीन लिया दूसरे वक्ता ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि 20 व 21 साल के युवा छात्र अपने बेहतर भविष्य की उम्मीद में आए थे लेकिन लापरवाही के कारण उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी इस दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवारों की जो स्थिति है उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती तीसरे वक्ता ने कहा कि इस दुखद घड़ी में किसी प्रकार का राजनीतिक बयान देने के बजाय वे पूरी तरह पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं उन्होंने कहा कि इस हादसे से पूरा देश मर्माहत है और सभी कार्यकर्ता यहां मौन रखकर केवल मृत आत्माओं की शांति और उनके परिजनों को संबल प्रदान करने के लिए एकत्र हुए हैं मथुरा में दिल्ली कोचिंग हादसे के मृतकों को NSUI व यूथ कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि दिल्ली में कोचिंग सेंटर ओल्ड राजेंद्र नगर शांति निकेतन क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे में छात्रों की मौत के बाद मथुरा में भी गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई NSUI कार्यकर्ताओं ने मथुरा के होली गेट पर एकत्रित होकर कैंडल जलाकर मृत छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की पहले वक्ता ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि आज कई मांओं ने अपने बच्चों को खो दिया है यह समय राजनीति का नहीं बल्कि संवेदनाएं व्यक्त करने का है लेकिन शासन और प्रशासन की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता जर्जर इमारतों में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों और विद्यालयों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि नक्शा पास करने और एनओसी देने में भ्रष्टाचार का खेल चलता है जिससे मासूमों की जान जोखिम में डाली जाती है उन्होंने कहा कि इन मृत छात्रों में से कोई भविष्य का प्रधानमंत्री या आईएएस बन सकता था लेकिन प्रशासनिक लापरवाही ने देश का भविष्य छीन लिया दूसरे वक्ता ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि 20 व 21 साल के युवा छात्र अपने बेहतर भविष्य की उम्मीद में आए थे लेकिन लापरवाही के कारण उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी इस दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवारों की जो स्थिति है उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती तीसरे वक्ता ने कहा कि इस दुखद घड़ी में किसी प्रकार का राजनीतिक बयान देने के बजाय वे पूरी तरह पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं उन्होंने कहा कि इस हादसे से पूरा देश मर्माहत है और सभी कार्यकर्ता यहां मौन रखकर केवल मृत आत्माओं की शांति और उनके परिजनों को संबल प्रदान करने के लिए एकत्र हुए हैं
मथुरा में दिल्ली कोचिंग हादसे के मृतकों को NSUI व यूथ कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि दिल्ली में कोचिंग सेंटर ओल्ड राजेंद्र नगर शांति निकेतन क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे में छात्रों की मौत के बाद मथुरा में भी गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई NSUI कार्यकर्ताओं ने मथुरा के होली गेट पर एकत्रित होकर कैंडल जलाकर मृत छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की पहले वक्ता ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि आज कई मांओं ने अपने बच्चों को खो दिया है यह समय राजनीति का नहीं बल्कि संवेदनाएं व्यक्त करने का है लेकिन शासन और प्रशासन की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता जर्जर इमारतों में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों और विद्यालयों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि नक्शा पास करने और एनओसी देने में भ्रष्टाचार का खेल चलता है जिससे मासूमों
की जान जोखिम में डाली जाती है उन्होंने कहा कि इन मृत छात्रों में से कोई भविष्य का प्रधानमंत्री या आईएएस बन सकता था लेकिन प्रशासनिक लापरवाही ने देश का भविष्य छीन लिया दूसरे वक्ता ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि 20 व 21 साल के युवा छात्र अपने बेहतर भविष्य की उम्मीद में आए थे लेकिन लापरवाही के कारण उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी इस दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवारों की जो स्थिति है उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती तीसरे वक्ता ने कहा कि इस दुखद घड़ी में किसी प्रकार का राजनीतिक बयान देने के बजाय वे पूरी तरह पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं उन्होंने कहा कि इस हादसे से पूरा देश मर्माहत है और सभी कार्यकर्ता यहां मौन रखकर केवल मृत आत्माओं की शांति और उनके परिजनों को संबल प्रदान करने के लिए एकत्र हुए हैं मथुरा में
दिल्ली कोचिंग हादसे के मृतकों को NSUI व यूथ कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि दिल्ली में कोचिंग सेंटर ओल्ड राजेंद्र नगर शांति निकेतन क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे में छात्रों की मौत के बाद मथुरा में भी गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई NSUI कार्यकर्ताओं ने मथुरा के होली गेट पर एकत्रित होकर कैंडल जलाकर मृत छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की पहले वक्ता ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि आज कई मांओं ने अपने बच्चों को खो दिया है यह समय राजनीति का नहीं बल्कि संवेदनाएं व्यक्त करने का है लेकिन शासन और प्रशासन की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता जर्जर इमारतों में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों और विद्यालयों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि नक्शा पास करने और एनओसी देने में भ्रष्टाचार का खेल चलता है जिससे मासूमों की जान
जोखिम में डाली जाती है उन्होंने कहा कि इन मृत छात्रों में से कोई भविष्य का प्रधानमंत्री या आईएएस बन सकता था लेकिन प्रशासनिक लापरवाही ने देश का भविष्य छीन लिया दूसरे वक्ता ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि 20 व 21 साल के युवा छात्र अपने बेहतर भविष्य की उम्मीद में आए थे लेकिन लापरवाही के कारण उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी इस दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवारों की जो स्थिति है उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती तीसरे वक्ता ने कहा कि इस दुखद घड़ी में किसी प्रकार का राजनीतिक बयान देने के बजाय वे पूरी तरह पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं उन्होंने कहा कि इस हादसे से पूरा देश मर्माहत है और सभी कार्यकर्ता यहां मौन रखकर केवल मृत आत्माओं की शांति और उनके परिजनों को संबल प्रदान करने के लिए एकत्र हुए हैं
- ✍️सिरोही रिपोर्ट राजेश चौधरी ✍️कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला: शिक्षक नाम के आगे 'Tr' लगाने की मंजूरी◼️ सिरोही के शिक्षकों ने जताया आभार◼️सिरोही-कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री डी. के. शिवकुमार ने शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य के शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अब कर्नाटक के शिक्षकों को अपने नाम के आगे 'Tr' लिखा जा सकेगा। यह पद चिन्ह किसी शैक्षणिक उपाधि के रूप में नहीं, बल्कि शिक्षकों के सम्मान और समाज में उनके योगदान का प्रतीक होगा। जिस प्रकार डॉक्टर अपने नाम से 'Dr', इंजीनियर 'Er' और प्रोफेसर 'Prof' लिखते हैं, ठीक उसी तरह अब कर्नाटक में शिक्षक अपने नाम के साथ 'Tr' का प्रयोग कर सकेंगे। इस फैसले से राज्य के लगभग 4.5 लाख शिक्षकों को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।वरिष्ठ शिक्षक नेता गोपाल सिंह राव पोसालिया ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम शिक्षक समुदाय के आत्मसम्मान को बढ़ाने वाला है। राव ने स्पष्ट किया कि 'Tr' किसी औपचारिक शैक्षिक डिग्री का स्थान नहीं लेगा, बल्कि यह सम्मान सूचक प्रतीक होगा।◼️राजस्थान की चिंता और मांगें◼️राव ने राजस्थान के शिक्षकों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएँ भी व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अध्यापकों की संख्या सबसे अधिक है, पर उनकी स्थितियाँ दयनीय और चिंताजनक हैं। राव के अनुसार राज्य में शिक्षकों के स्थानांतरण नियमित रूप से नहीं होते और सेवाकाल में अक्सर पदोन्नति नहीं मिलती। राजस्थान में अध्यापकों की पदोन्नति का मामला सुप्रीम कोर्ट में एक दशक से लंबित है। सरकार अपना पक्ष मजबूती से रखने में विफल हो रही हैं। राव ने बताया कि उनकी स्वयं की नियुक्ति एक जुलाई 1999 में हुई थी, और 27 वर्षों के सेवा के बाद भी उन्हें एक बार भी पदोन्नति नहीं मिली, जबकि सरकारी नियमों के अनुसार उन्हें नौ, अठारह और सत्ताइस वर्षों पर मिलने वाले लाभ दिए गए हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि भले ही अनेक शिक्षक योग्य हों (एम.बी.एड. जैसे योग्यताएँ भी मौजूद हैं), फिर भी राजस्थान सरकार हजारों शिक्षकों को पदोन्नति न देकर छात्र, शिक्षक, समाज और राष्ट्र को नुक़सान पहुँचा रही है। राव ने यह भी कहा कि शिक्षक जिनकी सेवा लगभग 30 वर्षों की हो गई है। उनको वेतन भत्ते प्रधानाचार्य और उपप्रधानाचार्य के दिए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक कार्य शिक्षक का लिया जा रहा हैं, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। राजस्थान में अधिकांश शिक्षक संगठन कागजी स्वरूप के हैं और कुछ संगठन केवल सत्ता या किसी व्यक्ति विशेष की कृपा पर चलते हैं। इन संगठनों में से कोई भी सरकार के सामने निर्भीक होकर बात करने की स्थिति में नहीं है।शिक्षक नेता गोपाल सिंह राव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से अपील की कि वे राजस्थान के शिक्षकों की समस्याओं का संज्ञान लें और त्वरित राहत प्रदान करें। ✍️सिरोही रिपोर्ट राजेश चौधरी ✍️कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला: शिक्षक नाम के आगे 'Tr' लगाने की मंजूरी◼️ सिरोही के शिक्षकों ने जताया आभार◼️सिरोही-कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री डी. के. शिवकुमार ने शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य के शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अब कर्नाटक के शिक्षकों को अपने नाम के आगे 'Tr' लिखा जा सकेगा। यह पद चिन्ह किसी शैक्षणिक उपाधि के रूप में नहीं, बल्कि शिक्षकों के सम्मान और समाज में उनके योगदान का प्रतीक होगा। जिस प्रकार डॉक्टर अपने नाम से 'Dr', इंजीनियर 'Er' और प्रोफेसर 'Prof' लिखते हैं, ठीक उसी तरह अब कर्नाटक में शिक्षक अपने नाम के साथ 'Tr' का प्रयोग कर सकेंगे। इस फैसले से राज्य के लगभग 4.5 लाख शिक्षकों को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।वरिष्ठ शिक्षक नेता गोपाल सिंह राव पोसालिया ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम शिक्षक समुदाय के आत्मसम्मान को बढ़ाने वाला है। राव ने स्पष्ट किया कि 'Tr' किसी औपचारिक शैक्षिक डिग्री का स्थान नहीं लेगा, बल्कि यह सम्मान सूचक प्रतीक होगा।◼️राजस्थान की चिंता और मांगें◼️राव ने राजस्थान के शिक्षकों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएँ भी व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अध्यापकों की संख्या सबसे अधिक है, पर उनकी स्थितियाँ दयनीय और चिंताजनक हैं। राव के अनुसार राज्य में शिक्षकों के स्थानांतरण नियमित रूप से नहीं होते और सेवाकाल में अक्सर पदोन्नति नहीं मिलती। राजस्थान में अध्यापकों की पदोन्नति का मामला सुप्रीम कोर्ट में एक दशक से लंबित है। सरकार अपना पक्ष मजबूती से रखने में विफल हो रही हैं। राव ने बताया कि उनकी स्वयं की नियुक्ति एक जुलाई 1999 में हुई थी, और 27 वर्षों के सेवा के बाद भी उन्हें एक बार भी पदोन्नति नहीं मिली, जबकि सरकारी नियमों के अनुसार उन्हें नौ, अठारह और सत्ताइस वर्षों पर मिलने वाले लाभ दिए गए हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि भले ही अनेक शिक्षक योग्य हों (एम.बी.एड. जैसे योग्यताएँ भी मौजूद हैं), फिर भी राजस्थान सरकार हजारों शिक्षकों को पदोन्नति न देकर छात्र, शिक्षक, समाज और राष्ट्र को नुक़सान पहुँचा रही है। राव ने यह भी कहा कि शिक्षक जिनकी सेवा लगभग 30 वर्षों की हो गई है। उनको वेतन भत्ते प्रधानाचार्य और उपप्रधानाचार्य के दिए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक कार्य शिक्षक का लिया जा रहा हैं, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। राजस्थान में अधिकांश शिक्षक संगठन कागजी स्वरूप के हैं और कुछ संगठन केवल सत्ता या किसी व्यक्ति विशेष की कृपा पर चलते हैं। इन संगठनों में से कोई भी सरकार के सामने निर्भीक होकर बात करने की स्थिति में नहीं है।शिक्षक नेता गोपाल सिंह राव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से अपील की कि वे राजस्थान के शिक्षकों की समस्याओं का संज्ञान लें और त्वरित राहत प्रदान करें।1
- डीग में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 51 किलो अवैध गांजा बरामद — दो कारों में छिपाकर ले जाया जा रहा था नशे का सामान, तीन आरोपी गिरफ्तार डीग से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 51 किलो अवैध गांजा बरामद किया है। DST और कोतवाली थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर दो कारों को पकड़ा, जिनमें अवैध गांजा ले जाया जा रहा था। पुलिस ने एक कार से करीब 20 किलो और दूसरी कार से करीब 31 किलो गांजा बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी डीग और फरीदाबाद, हरियाणा के बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया है। पूरे मामले की जानकारी डीग पुलिस अधीक्षक कांवले शरण गोपीनाथ ने दी है। कार्रवाई में DST प्रभारी अमर सिंह सहित DST और कोतवाली पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। डीग में पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। लोकेशन जिला डीग रिपोर्टर ज्ञानेंद्र सिंह1
- सीएनजी लाइन में आग लगने से मची अफरातफरी, तीन लोग झुलसे पीएनजी लाइन में आग लगने से मची अफरातफरी, तीन लोग झुलसे मथुरा जनपद के कोसीकलां। राधा बिहार कॉलोनी में रविवार शाम सीएनजी लाइन में आग लगने से अफरातफरी मच गई। तेज धमाके के साथ गैस लाइन से 10 से 12 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। करीब आधे घंटे तक गैस का रिसाव जारी रहने से कॉलोनीवासियों में दहशत फैल गई। हादसे में एक ही परिवार के तीन लोग झुलसकर घायल हो गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। कॉलोनी निवासी मुकुट ने बताया कि रविवार शाम करीब आठ बजे अचानक तेज धमाका हुआ। आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकले तो कॉलोनी के गेट के पास बने पीएनजी चैंबर से आग की लपटें उठती दिखाई दीं। देखते ही देखते आग आसपास फैलने लगी और गैस चैंबर तक पहुंच गई। लपटें काफी ऊंची होने के कारण लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मुकुट का आरोप है कि सीएनजी लाइन का काम करने वाले ठेकेदार द्वारा चैंबर पर ढक्कन नहीं लगाया गया था, जिसके चलते लाइन ने आग पकड़ ली। घटना के बाद ग्रीन गैस लिमिटेड के कार्यालय में फोन कर सूचना देने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब आधे घंटे तक गैस का रिसाव होता रहा और इस दौरान 10 से 12 फीट ऊंची लपटें निकलती रहीं। लोगों ने एहतियातन रास्ते को बंद कर दिया और घरों से बाहर निकल आए। आपूर्ति बंद होने के बाद स्थिति कुछ नियंत्रित हुई। करीब आधे घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद रास्ते को आवागमन के लिए खोल दिया गया। हादसे में मुकुट के 14 वर्षीय पुत्र मयंक, 18 वर्षीय पुत्र आदित्य और उनकी बहन मीरा आग की चपेट में आकर झुलस गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद कॉलोनीवासियों ने पीएनजी लाइन बिछाने में बरती गई कथित लापरवाही की जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।2
- मथुरा में दिल्ली कोचिंग हादसे के मृतकों को NSUI व यूथ कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि कैंडल मार्च निकालकर जताया शोक दिल्ली में कोचिंग सेंटर ओल्ड राजेंद्र नगर शांति निकेतन क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे में छात्रों की मौत के बाद मथुरा में भी गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई NSUI कार्यकर्ताओं ने मथुरा के होली गेट पर एकत्रित होकर कैंडल जलाकर मृत छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की पहले वक्ता ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि आज कई मांओं ने अपने बच्चों को खो दिया है यह समय राजनीति का नहीं बल्कि संवेदनाएं व्यक्त करने का है लेकिन शासन और प्रशासन की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता जर्जर इमारतों में अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों और विद्यालयों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि नक्शा पास करने और एनओसी देने में भ्रष्टाचार का खेल चलता है जिससे मासूमों की जान जोखिम में डाली जाती है उन्होंने कहा कि इन मृत छात्रों में से कोई भविष्य का प्रधानमंत्री या आईएएस बन सकता था लेकिन प्रशासनिक लापरवाही ने देश का भविष्य छीन लिया दूसरे वक्ता ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि 20 व 21 साल के युवा छात्र अपने बेहतर भविष्य की उम्मीद में आए थे लेकिन लापरवाही के कारण उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी इस दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवारों की जो स्थिति है उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती तीसरे वक्ता ने कहा कि इस दुखद घड़ी में किसी प्रकार का राजनीतिक बयान देने के बजाय वे पूरी तरह पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं उन्होंने कहा कि इस हादसे से पूरा देश मर्माहत है और सभी कार्यकर्ता यहां मौन रखकर केवल मृत आत्माओं की शांति और उनके परिजनों को संबल प्रदान करने के लिए एकत्र हुए हैं4
- हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत का अधिकारियों को फटकार लगाने वाला अंदाज़ सोशल मीडिया पर चर्चा में है।1
- महावन 19 तारीख मनाया जाएगा राधा रानी का जन्म उत्सव रावल में तैयारी शुरू श्री कृष्ण जन्म उत्सव के पश्चात अब राधा रानी के जन्म उत्सव की तैयारियां जोरों से प्रारंभ हो गई कृष्ण जन्म उत्सव के पश्चात जहां पूरा बज कृष्णा में हो गया वहीं अब श्री कृष्ण की आल्हा अध्य शक्ति राधा रानी की जन्म उत्सव की तैयारियां जोरों से प्रारंभ हो गई है 19 तारीख को मनाए जाने वाले राधा रानी के जन्म उत्सव को लेकर उनकी जन्मस्थली मानसरोवर में मंदिर में भव्य रूप दिया जा रहा है वहां जीणोद्धांता का कार्य जोर शोर से चल रहा है जिससे कि दुर्धरा से आने वाले श्रद्धालुओं को आसानी सेवा आराम से दर्शन हो सके इसको लेकर मंदिर के भवन का जीवन उधर कार्य प्रगति पर चल रहा है और राधा रानी के जन्म उत्सव तक इसको पूरा कर लिया जाएगा जिससे कि उनके जन्म उत्सव की बधाई में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई दुविधा या सुविधा न हो जिसको लेकर मंदिर की सेवायत पुजारी राहुल कला द्वारा बताया गया यह मंदिर प्रांगण को भव्य रूप से बड़ा किया जा रहा है मंदिर प्रांगण को जिससे कि प्रांगण में कोई भी किसी प्रकार की कोई समस्या उत्पन्न हो आराम से श्रद्धालु राधा रानी के जन्म उत्सव का आनंद ले सके1
- मथुरा के छाता से बड़ी खबर मथुरा जिले के छाता से बड़ी संख्या में धरना प्रदर्शन में पहुंचे किसान मथुरा जिले के छाता में बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर किसानों और ग्रामीणों का आंदोलन और धरना-प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। मथुरा के छाता से बड़ी खबर मथुरा जिले के छाता से बड़ी संख्या में धरना प्रदर्शन में पहुंचे किसान मथुरा जिले के छाता में बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर किसानों और ग्रामीणों का आंदोलन और धरना-प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। छाता चीनी मिल आंदोलन की मुख्य बातें मुख्य मांग: छाता क्षेत्र में पिछले 17 वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल को पुनः चालू किया जाए। बताते चलें कि पिछले महीने से लगातार किसानों और पूर्व सैनिकों का आगरा मंडल की एक मात्र गन्ना मील को पुनः चालू कराने के लिए किसान और पूर्व सैनिक धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन किसानों का आरोप है वर्तमान सरकार के केबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण गन्ना मंत्री होते हुए भी मील चालू कराने की मंशा नहीं है। कमई गांव से उमड़ा किसानों का हजारों का काफिला, पंचायत में विरोध के बाद ट्रैक्टर-बुग्गियों के साथ सीधे धरना स्थल पहुंचे ग्रामीण,गन्ना मंत्री के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन…… 👉किसानों का स्पष्ट ऐलान—“हमें सिर्फ और सिर्फ अपनी पुरानी गन्ना मिल चालू चाहिए, एथनॉल प्लांट नहीं चाहिए। मथुरा के छाता से जगदीश यदुवंशी की रिपोर्ट1
- कमई गांव के शुगर मिल धरने के समर्थन में सड़कों पर उतरे सैकड़ों किसान, ट्रैक्टर और बुग्गियों के साथ पहुंचे शुगर मिल मथुरा-छाता शुगर मिल धरना: पंचायत में विरोध के बाद किसानों का बड़ा कूच, ट्रैक्टर-बुग्गियों के साथ उमड़ा जनसैलाब कमई पंचायत में हंगामे और विरोध का करारा जवाब छाता शुगर मिल धरने के समर्थन में सड़कों पर उतरे सैकड़ों किसान, ट्रैक्टर और बुग्गियों के साथ कर रहे हैं कूच1
- मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए राज्यमंत्री ठा. रघुराज सिंह । वृंदावन। श्री धाम वृंदावन स्थित ठाकुर श्री राधा नील माधव जी महाराज मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव शनिवार को धूमधाम से संपन्न हो गया। समापन समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री ठा. रघुराज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।इस अवसर पर राज्यमंत्री ठा. रघुराज सिंह ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, सत्य और कर्तव्य का मार्ग दिखाता है।उन्होंने वृंदावन को सनातन संस्कृति की जीवंत धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसे पर्व युवा पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ते हैं। कार्यक्रम में महाराज श्री प्रणव अवस्थी ने भी भक्तों को संबोधित करते हुए अपने भीतर श्रीकृष्ण के दिव्य संदेश को जागृत करने का आह्वान किया।तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में महाभिषेक, श्रीकृष्ण कथा, संकीर्तन, बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, नंदोत्सव और दही हांडी जैसे धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें देश-विदेश से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।4