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नीमच जिले की नीमच तहसील में मजदूरी के पैसे न दिए जाने के कारण ठेकेदार और मजदूरों के बीच जोरदार लड़ाई हो गई। ठेकेदार द्वारा मजदूर को उसका भुगतान न करने पर विवाद काफी बढ़ गया। इस दौरान हुई मारपीट में एक मजदूर घायल हो गया है।
Sonu amliyar
नीमच जिले की नीमच तहसील में मजदूरी के पैसे न दिए जाने के कारण ठेकेदार और मजदूरों के बीच जोरदार लड़ाई हो गई। ठेकेदार द्वारा मजदूर को उसका भुगतान न करने पर विवाद काफी बढ़ गया। इस दौरान हुई मारपीट में एक मजदूर घायल हो गया है।
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- हटने के बाद दक्षिणी लेबनान के निवासी जब अपने घरों में लौटे, तो उन्हें चारों तरफ व्यापक तबाही देखने को मिली। प्रभावित परिवारों ने अपने क्षतिग्रस्त घरों का मुआयना किया और मलबे में खोजबीन करते हुए संघर्ष से हुए प्रभाव का आकलन किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कस्बे में हुई तबाही का पूरा ब्योरा भी दिया। स्थानीय निवासियों की यह वापसी ऐसे समय में हो रही है जब लेबनान और इज़राइल दक्षिणी लेबनान में अमेरिका की मध्यस्थता वाली योजना के पहले चरण को लागू करने में जुटे हैं।1
- राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में धरियावद विधानसभा क्षेत्र स्थित जन संवाद केंद्र भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का प्रसारण देखा और सुना गया। कार्यक्रम के 136वें एपिसोड में कारगिल विजय दिवस के शहीदों को नमन किया गया। इसके साथ ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, जल संरक्षण और खेल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इस आयोजन में भाजपा जिला उपाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह पारेल, भाजपा जिला मंत्री प्रताप चौधरी, भाजपा मंडल नगर मंडल संयोजक यशवंत शर्मा, ओबीसी मंडल अध्यक्ष हर गोविंद चौधरी, रमेश मेहता, नितिन चौधरी, सौरभ पारीक और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्राप्त सूचना के अनुसार, क्षेत्र के सभी मंडलों में करीब-करीब हर बूथ पर 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना और देखा गया।3
- प्रतापगढ़ के जर्जर घोषित राउमावि कनाड़ के भवन में विद्यालय संचालन की समस्या का जिला शिक्षा अधिकारी कमलेश तेतरवाल के प्रयासों से रविवार को वैकल्पिक समाधान निकाल लिया गया। तेतरवाल पूर्व सीबीईओ महेश जैन, वर्तमान सीबीईओ चौथमल मीणा और आरपी के साथ विद्यालय पहुंचे और प्रशासक पूर्व सरपंच उदयलाल डामोर, ग्रामीणों तथा स्टाफ सदस्यों के साथ बैठक कर सुरक्षित स्थान की उपलब्धता पर चर्चा की। गांव में कोई बड़ा सार्वजनिक या निजी भवन उपलब्ध न होने के कारण सर्वसहमति से तय किया गया कि कक्षा 9 से 12 का संचालन पास के राउमावि लालगढ़ में किया जाएगा, जबकि कक्षा 1 से 8 का संचालन गांव के सामुदायिक भवन में होगा। इसके बाद डीईओ तेतरवाल ने ग्रामीणों और स्टाफ के साथ सामुदायिक भवन का जायजा लिया। भवन में सफाई और घास कटाई की जरूरत महसूस होने पर डीईओ के आग्रह पर स्वयं की पहल से शुरू हुए सामूहिक श्रमदान के जरिए महज 20 मिनट में पूरा परिसर साफ कर दिया गया। पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने अस्थायी शौचालय तथा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। जिला शिक्षा अधिकारी तेतरवाल ने मौके से ही समसा के एईएन और जेईएन को भवन का अवलोकन कर सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया। इस मौके पर कार्यवाहक संस्था प्रधान गीतिका जैन, प्रशासक सरपंच उदयलाल डिंडोर, उप सरपंच किशन डिंडोर सहित कई शिक्षक और ग्रामीण मौजूद रहे। इसके साथ ही डीईओ ने जिले के सभी सीबीईओ, पीईईओ और संस्था प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि बारिश के मौसम में सतर्क रहें, जर्जर घोषित भवनों को जमींदोज करवाएं और विद्यार्थियों को उनमें कतई न बिठाएं।1
- रतलाम जिले के ताल नगर में धर्म प्रेमी नागरिकों के सहयोग से अम्बे माता मंदिर से एक चुनरी यात्रा निकाली गई। यह धार्मिक यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों बस स्टैंड, अस्पताल रोड, नीम चौक, गांधी चौक, श्री चारभुजा चौक, छत्रसाल पुरा और आलोट नाका से होकर गुजरी। इस यात्रा का नेतृत्व पार्षद पंडित पंकज शुक्ला कर रहे थे, जिनके साथ बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी जनता साथ-साथ चल रही थी। इस चुनरी यात्रा में महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया, जिनका नेतृत्व श्रीमती किरण पाठक कर रही थीं। यात्रा के चंबल नदी पहुंचने पर श्रद्धालुओं द्वारा चंबल मैया को चुनरी ओढ़ाई गई। कार्यक्रम के अंत में आयोजन मंडल ने यात्रा में शामिल हुए सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।1
- राजस्थान सरकार हरित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने के लिए हर वर्ष जून-जुलाई में वृक्षारोपण अभियान चलाती है। ग्राम पंचायतों, राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विभिन्न सरकारी विभागों को हजारों पौधे लगाने के लक्ष्य दिए जाते हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में उत्साह के साथ पौधारोपण किया जाता है। लेकिन डूंगरपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में इस अभियान की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। अधिकांश स्थानों पर लगाए गए पौधे सुरक्षा और नियमित देखभाल के अभाव में कुछ ही महीनों में मर जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वृक्षारोपण अभियान का अधिकांश हिस्सा केवल लक्ष्य पूर्ति और औपचारिकता तक सीमित होकर रह गया है। पौधे लगाने के बाद उनकी सिंचाई, सुरक्षा और निगरानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से वर्ष 2024 और 2025 में लगाए गए हजारों पौधों में से अधिकांश अब दिखाई ही नहीं देते। कई ग्राम पंचायतों में स्थिति यह है कि लगाए गए पौधों में मुश्किल से कुछ ही पौधे जीवित बचे हैं, जबकि शेष पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार खुले स्थानों पर लगाए गए पौधों को नीलगाय, जंगली सुअर और पशु आसानी से नुकसान पहुंचा देते हैं। अधिकांश पौधों के चारों ओर न तो ट्री-गार्ड लगाए जाते हैं और न ही फेंसिंग की व्यवस्था होती है। भीषण गर्मी के दौरान समय पर सिंचाई नहीं होने से पौधे सूख जाते हैं। परिणाम यह है कि हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जाने के बावजूद धरातल पर हरियाली बढ़ने के बजाय केवल सरकारी रिकॉर्ड ही हरे-भरे नजर आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायतों के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था की जा सकती है। यदि प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी तय कर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और संरक्षण को अभियान का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। पर्यावरण प्रेमियों का भी मानना है कि वृक्षारोपण की वास्तविक सफलता केवल पौधे लगाने में नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखकर पेड़ बनाने में है। जब तक संरक्षण, सिंचाई और निगरानी को प्राथमिकता नहीं मिलेगी, तब तक हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हरित राजस्थान का सपना अधूरा ही रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस वर्ष लगाए जा रहे पौधों की नियमित समीक्षा कर सुरक्षा और संरक्षण की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वृक्षारोपण अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर भी हरियाली का आधार बन सके।4
- मंदसौर जिले के दलोदा तहसील अंतर्गत भाऊगढ़ पंचायत के वार्ड क्रमांक 19 में नाली निर्माण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांव में 10 से 15 साल पहले सीसी रोड का निर्माण तो हो गया था, लेकिन आज तक नाली का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो पाया। इसके बावजूद, जब नाली निर्माण की मांग को लेकर सीएम हेल्पलाइन 181 पर कॉल किया गया, तो शिकायत को नाली बनाने के बजाय सिर्फ साफ-सफाई के नाम पर दर्ज कर लिया गया। अब सीधा सवाल उठाया जा रहा है कि जब धरातल पर नाली बनी ही नहीं है, तो फिर साफ-सफाई कहां पर की जाएगी और 181 से इसका क्या निराकरण होगा। इसके अलावा रास्ता सही कराने को लेकर इसी महीने 7/7/26 को भी एक आवेदन दिया जा चुका है। नाली निर्माण के लिए हेल्पलाइन पर कॉल करने के बाद भी उसे सफाई में दर्ज कर लिए जाने से कार्रवाई की प्रक्रिया पर गहरी नाराजगी जताई जा रही है।4
- रियासी स्थित सलाल पावर स्टेशन को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर तिरंगे की रोशनी से जगमगाया गया। यह विशेष रोशनी 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान अपनी जान कुर्बान करने वाले बहादुर सैनिकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के लिए की गई है।1
- मंदसौर के वेयर हाउस रोड स्थित शास्त्री कॉलोनी में आज काफी समय के बाद पुलिस की कार्रवाई देखने को मिली है। पुलिस चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया है। इस इलाके में हर समय गुंडागर्दी का माहौल बना रहता है, जिसके बीच लंबे समय बाद पुलिस की यह मौजूदगी देखी गई। पुलिस की इस कार्रवाई से आज क्षेत्र के कॉलोनीवासियों में एक अलग ही प्रकार का खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। लंबे समय बाद हुई इस चेकिंग और संदिग्ध के पकड़े जाने पर स्थानीय लोगों ने श्रीमान एसपी साहब का बहुत-बहुत धन्यवाद जताया है।2
- रणवीर सिंह मंदसौर जिले के बोतलगंज के रहने वाले हैं और उन्होंने खुद को स्टार के रूप में पेश किया है।1