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खनन विभाग की बड़ी पहल, उपखनिज वाहनों में माइनिंग टैग लगाने का काम शुरू। The Aman Times 🚨 खनन विभाग की बड़ी पहल, उपखनिज वाहनों में माइनिंग टैग लगाने का काम शुरू। अवैध खनन रोकने के लिए माना जा रहा प्रभावी कदम। डोईवाला _ शासन के निर्देशों के तहत खनन विभाग ने उपखनिज का परिवहन करने वाले सभी वाहनों में माइनिंग टैग लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। यह टैग फास्टैग की तर्ज पर काम करेगा, जिसके जरिए वाहन और खनन से संबंधित जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। जिला खान अधिकारी ऐश्वर्य शाह ने बताया कि उपखनिज परिवहन में लगे सभी वाहनों में माइनिंग टैग होना अनिवार्य है। अक्टूबर के मध्य से बिना माइनिंग टैग के ई-रवन्ना प्रपत्र जारी नहीं किया जाएगा। खनन विभाग के अनुसार तकनीक आधारित इस व्यवस्था से खनन कार्य की निगरानी मजबूत होगी और अवैध खनन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
खनन विभाग की बड़ी पहल, उपखनिज वाहनों में माइनिंग टैग लगाने का काम शुरू। The Aman Times 🚨 खनन विभाग की बड़ी पहल, उपखनिज वाहनों में माइनिंग टैग लगाने का काम शुरू। अवैध खनन रोकने के लिए माना जा रहा प्रभावी कदम। डोईवाला _ शासन के निर्देशों के तहत खनन विभाग ने उपखनिज का परिवहन करने वाले सभी वाहनों में माइनिंग टैग लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। यह टैग फास्टैग की तर्ज पर काम करेगा, जिसके जरिए वाहन और खनन से संबंधित जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। जिला खान अधिकारी ऐश्वर्य शाह ने बताया कि उपखनिज परिवहन में लगे सभी वाहनों में माइनिंग टैग होना अनिवार्य है। अक्टूबर के मध्य से बिना माइनिंग टैग के ई-रवन्ना प्रपत्र जारी नहीं किया जाएगा। खनन विभाग के अनुसार तकनीक आधारित इस व्यवस्था से खनन कार्य की निगरानी मजबूत होगी और अवैध खनन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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- *कालिंदी ट्रेक के ओडिन कॉल पर रेस्क्यू अभियान पूर्ण, 29 ट्रेकर्स का सकुशल रेस्क्यू* Rescue operation at Kalindi Trek's Odin Col concluded; 29 trekkers rescued safely. उत्तरकाशी, 28 सितंबर 2026। जनपद उत्तरकाशी के कालिंदी ट्रेक स्थित ओडिन कॉल क्षेत्र में फंसे ट्रेकर्स के रेस्क्यू हेतु संचालित अभियान को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। ओडिन कॉल क्षेत्र से कुल 29 ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सकुशल रेस्क्यू कर हर्षिल पहुंचाया गया। शासन से समन्वय स्थापित कर सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी के दिशा-निर्देशन में रेस्क्यू अभियान संचालित किया गया। सेनानायक द्वारा SDRF कंट्रोल रूम के माध्यम से अभियान की लगातार निगरानी की गई तथा रेस्क्यू में लगी टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। रेस्क्यू अभियान में SDRF, जिला पुलिस, भारतीय सेना, स्थानीय प्रशासन एवं UCADA की टीमें संयुक्त रूप से शामिल रहीं। सभी ट्रेकर्स को ओडिन कॉल क्षेत्र से सुरक्षित निकाला गया। रेस्क्यू किए गए सभी 29 ट्रेकर्स को आर्मी बेस हर्षिल स्थित चिकित्सालय में लाया गया है, जहां चिकित्सकीय टीम द्वारा उनकी प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की जा रही है।4
- दिनेश कश्यप नाथ जी बहुत ही अच्छा प्रोग्राम हुआ कलाकार राजू भगत जी हंसराज जी और साउंड वाले भैया हमारे अमर भैया जी और ढोलक आर्गन पैड वाले भी मौजूद रहे बहुत बढ़िया प्रोग्राम हुआ आनंद आ गया संगत भी जुटी रही बाबा जी जाहरवीर गोगाजी महाराज जी का बसेरा और भंडारा विशाल किया गया बजरंग सेना राष्ट्रीय मंत्री धर्म रक्षा दल प्रकोष्ठ दिनेश कश्यप नाथ जी प्रभु जी का विशाल भंडारा और प्रोग्राम किया गया जय हो शिवमणि गुरु गोरखनाथ महाराज की जय हो गोगा जाहरवीर जी की4
- Thank you, bright and beautiful boys and girls of the Rajiv Gandhi Memorial Model Residential School Noolpuzha, it was too much fun hanging out with you. Always stay proud of who you are. Your traditions and culture are the foundation of humanity. Let’s build a great future together….and maybe I will also learn to dance as well as all of you in the process!1
- हरिद्वार में 2027 में अर्धकुंभ है या कुंभ इसको लेकर विवाद बना हुआ है क्योंकि कुंभ 12 साल बाद ही होता है लेकिन शासन, मेला प्रशासन और अखाड़ों ने इसबार छह साल में ही कुंभ मनाने का ऐलान कर रखा है।अब एक अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविन्द्र पुरी महाराज ने तो अर्धकुंभ को कुंभ से भी आगे बढ़कर महाकुंभ बता दिया है।और साथ ही यह भी कहा है कि हरिद्वार का यह महाकुंभ ' न भूतो न भविष्यति' जैसा होगा।और इसका तर्क यह दिया है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कट्टर सनातनी हैं। इसपर अच्छी बहस हो सकती है लेकिन बहस छेड़ना मकसद नहीं है लेकिन यह सवाल तो बनता ही है कि धर्म रक्षक और धर्म शास्त्रों के ज्ञाता आखिर बेमौसमी 'कुंभ' के लिए इतना आह्लादित क्यों हैं, जबकि 2027 में सूर्य मेष में और गुरु बृहस्पति में नहीं होंगे जो कुंभ के लिए जरूरी है। इस युति के बिना न कभी कुंभ हुए हैं और न हो सकते हैं। यहां यह भी बता दें कि गणितीय गणना के अनुसार 12 कुंभ यानी 144 साल बाद होने वाला कुंभ ही महाकुंभ कहलाता है क्योंकि इस अंंतराल में कुंभ का एक वर्ष घट जाता है। (_कुमार दुष्यंत_)1
- नगर निगम हरिद्वार की बोर्ड मीटिंग के दौरान भाजपा पार्षदों ने दी नगर निगम की तालाबंदी की चेतावनी।1
- जनता दरबार मे आई 42 शिकायतते, जिलाधिकारी ने दिये त्वरित निस्तारण के निर्देश जनता दरबार मे दर्ज हुई 42 शिकायते, जिलाधिकारी ने दिये निस्तारण के निर्देश1
- 🚨 कालिंदी ट्रैक पर रेस्क्यू अभियान जारी, SDRF सेनानायक ने दो जानकरी। The Aman Times | उत्तरकाशी 🚨 कालिंदी ट्रैक पर रेस्क्यू अभियान जारी उत्तरकाशी के कालिंदी ट्रैक पर फंसे ट्रेकर्स के रेस्क्यू में SDRF की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने बताया कि खराब मौसम और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालकर हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया जा रहा है। अब तक कई ट्रेकर्स को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। शेष ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं।1
- बजरंग सेना राष्ट्रीय मंत्री धर्म रक्षा दल प्रकोष्ठ दिनेश कश्यप नाथ जी देहरादून उत्तराखंड यह देवभूमि है आस्थाओं के साथ खिलवाड़ नहीं होगा वन नहीं काटेंगे जो भूमिया गलत कर रहे हैं उनके साथ सात कार्रवाई की जाएगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी सरकार से हमारी यही प्रार्थना है हमारी गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करें यही हमारी सभ्यता भी है और संस्कृति भी है और हमारे धर्म की हमारी गौ माता पूजनीय है जैसे ही करके यह कार्य करना है यही हमारा संकल्प है और वनों को भी ना काटा जाए जय हो वनदेवी4
- *चीड़बासा स्लाइडिंग जोन में संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर 1500 यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाया गौरीकुंड* रुद्रप्रयाग, 28 सितम्बर 2026। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चीड़बासा के पास देर रात स्लाइडिंग के चलते फंसे करीब 1500 यात्रियों को SDRF, NDRF और DDRF की संयुक्त टीमों ने सुरक्षित रेस्क्यू कर गौरीकुंड पहुंचाया। दिनांक 27 सितम्बर 2026 की देर रात DCR रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग पुलिस को सूचना मिली कि गौरीकुंड से करीब तीन किलोमीटर आगे चीड़बासा क्षेत्र में स्लाइडिंग के कारण कई यात्री मार्ग के दूसरी ओर फंस गए हैं। सूचना मिलते ही SDRF सोनप्रयाग की टीम सब इंस्पेक्टर आशीष डिमरी के नेतृत्व में तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर टीम को चीड़बासा हैलीपैड के समीप मार्ग पर स्लाइडिंग के कारण मलबा जमा मिला। इसके साथ ही पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे, जिससे यात्रियों की आवाजाही बेहद जोखिमपूर्ण हो गई थी। हालात को देखते हुए SDRF, NDRF और DDRF की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रेस्क्यू टीमों ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्लाइडिंग जोन को सावधानीपूर्वक पार कराया। इस दौरान करीब 1500 यात्रियों को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाकर गौरीकुंड रवाना किया गया। लगातार पत्थर गिरने और स्लाइडिंग के खतरे के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने समन्वय के साथ अभियान को पूरा किया।3