कुशीनगर: छितौनी तटबंध पर करोड़ों के ठोकर पुनर्स्थापना कार्य पर उठे सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश** **कुशीनगर: छितौनी तटबंध पर करोड़ों के ठोकर पुनर्स्थापना कार्य पर उठे सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश** जिला संवाददाता सागर पाठक की रिपोर्ट कुशीनगर जिले में छितौनी तटबंध पर नारायणी नदी के किनारे चल रहे ठोकर पुनर्स्थापना कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 12 किलोमीटर क्षेत्र में 21 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं और मानकों की अनदेखी के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा है। आरोप है कि जिस स्थान पर ठोकर का निर्माण किया जा रहा है, वहीं से बालू और मिट्टी निकालकर दोबारा उसी में भराई की जा रही है। इससे कार्य की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं और भविष्य में तटबंध के सुरक्षित रहने पर भी संदेह पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद बाढ़ के समय तटबंध बह जाता है और फिर उसी कार्य को दोबारा शुरू कर दिया जाता है। ऐसे में सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर किसी प्रकार का सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं हो पा रही है। इसे विभागीय लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण माना जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार इस मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर यह कार्य भी हर साल की तरह बाढ़ में बह जाने का इंतजार करेगा।
कुशीनगर: छितौनी तटबंध पर करोड़ों के ठोकर पुनर्स्थापना कार्य पर उठे सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश** **कुशीनगर: छितौनी तटबंध पर करोड़ों के ठोकर पुनर्स्थापना कार्य पर उठे सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश** जिला संवाददाता सागर पाठक की रिपोर्ट कुशीनगर जिले में छितौनी तटबंध पर नारायणी नदी के किनारे चल रहे ठोकर पुनर्स्थापना कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 12 किलोमीटर क्षेत्र में 21 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस निर्माण कार्य में
भारी अनियमितताओं और मानकों की अनदेखी के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा है। आरोप है कि जिस स्थान पर ठोकर का निर्माण किया जा रहा है, वहीं से बालू और मिट्टी निकालकर दोबारा उसी में भराई की जा रही है। इससे कार्य की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं और भविष्य में तटबंध के सुरक्षित रहने
पर भी संदेह पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद बाढ़ के समय तटबंध बह जाता है और फिर उसी कार्य को दोबारा शुरू कर दिया जाता है। ऐसे में सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर किसी प्रकार का सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जिससे
कार्य से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं हो पा रही है। इसे विभागीय लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण माना जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार इस मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर यह कार्य भी हर साल की तरह बाढ़ में बह जाने का इंतजार करेगा।
- बंदर व मगरमच्छ की कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि मित्र के साथ धोखा नहीं करना चाहिए। लालच बहुत बुरा है1
- **कुशीनगर: छितौनी तटबंध पर करोड़ों के ठोकर पुनर्स्थापना कार्य पर उठे सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश** जिला संवाददाता सागर पाठक की रिपोर्ट कुशीनगर जिले में छितौनी तटबंध पर नारायणी नदी के किनारे चल रहे ठोकर पुनर्स्थापना कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 12 किलोमीटर क्षेत्र में 21 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं और मानकों की अनदेखी के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा है। आरोप है कि जिस स्थान पर ठोकर का निर्माण किया जा रहा है, वहीं से बालू और मिट्टी निकालकर दोबारा उसी में भराई की जा रही है। इससे कार्य की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं और भविष्य में तटबंध के सुरक्षित रहने पर भी संदेह पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद बाढ़ के समय तटबंध बह जाता है और फिर उसी कार्य को दोबारा शुरू कर दिया जाता है। ऐसे में सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर किसी प्रकार का सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं हो पा रही है। इसे विभागीय लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण माना जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार इस मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर यह कार्य भी हर साल की तरह बाढ़ में बह जाने का इंतजार करेगा।4
- इशहाक अली ने कहा डीएम साहब अभी मैं जिंदा हूं मुझे राजस्व रिकॉर्ड में मृत दिखा दिया गया उत्तर प्रदेश- बस्ती में इशहाक अली नामक बुजुर्ग कफन ओढ़कर और गले में माला डालकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और चैंबर के सामने लेटकर न्याय की गुहार लगाई। आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में उन्हें 2012 में मृत दिखाकर उनकी पैतृक जमीन किसी अन्य के नाम कर दी गई, जबकि वे 2019 में नौकरी से रिटायर होकर पेंशन भी ले रहे हैं। बुजुर्ग का कहना है कि वे पिछले 14 साल से खुद को जिंदा साबित करने के लिए भटक रहे हैं। मामले में ADM ने जांच का आश्वासन दिया है।1
- Post by Times of Uttar Pradesh1
- Post by मुन्ना पड़रौना कुशीनगर1
- कुशीनगर के हाटा क्षेत्र से एक गर्व की खबर सामने आई है…जहां हाटा में स्थित किस्तुराजा स्कूल ने CBSE कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम में शानदार प्रदर्शन किया है।विद्यालय का परिणाम इस वर्ष 100 प्रतिशत रहा,यानि सभी छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं।इतना ही नहीं…26 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया है।इस उपलब्धि में सबसे खास नाम रहा दिव्यांश द्विवेदी का…जिन्होंने 97 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय में टॉप किया है।विद्यालय प्रबंधन ने इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत,शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग को दिया है।इस शानदार उपलब्धि पर सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को हार्दिक बधाई।स्कूल परिसर, छात्रों का जश्न, टॉपर की फोटो और मिठाई बांटते हुए दृश्य दिखाई दिए…4
- पडरौना, कुशीनगर से एक गर्व की खबर सामने आई है, जहां एसबीडी सीनियर सेकेंड्री स्कूल के विद्यार्थियों ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया है। उत्कृष्ट परिणाम के बाद विद्यालय प्रबंधन द्वारा टॉपर छात्र-छात्राओं का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान छात्रों को मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया, वहीं उनके अभिभावकों का भी अभिनंदन कर मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस वर्ष श्रुति सिंह ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। वहीं अक्सा ने 91.4 प्रतिशत और आदित्य राज ने 91.2 प्रतिशत अंक लाकर क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा सिफा परवीन, प्रियांशी गुप्ता, आयुष जायसवाल और सिम्मी कुमारी ने भी बेहतरीन अंक हासिल कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। विद्यालय के प्रबंध निदेशक एन.पी. कुशवाहा ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह परिणाम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित वातावरण का प्रमाण है। वहीं प्रधानाचार्य प्रदीप चौबे ने इसे पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का क्षण बताते हुए छात्रों को आगे भी इसी मेहनत के साथ पढ़ाई जारी रखने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक और स्टाफ ने भी सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- Post by Times of Uttar Pradesh1