कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र में खोजारामपुर गांव से गुजरने वाले मार्ग पर ओवरलोड बालू लदे डंपरों का आवागमन लगातार जारी है। जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण ये वाहन दिनदहाड़े बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इससे ग्रामीणों, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं लगातार भारी वाहनों के दबाव से सड़कें भी जर्जर होकर जगह-जगह गड्ढों में तब्दील होती जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, जालौन जनपद में यमुना नदी किनारे संचालित बालू घाटों से बड़ी संख्या में बालू लदे ओवरलोड डंपर कानपुर देहात की सीमा में प्रवेश करते हैं। ये वाहन खोजारामपुर स्थित यमुना नदी पुल को पार कर राजपुर थाना क्षेत्र की ओर पहुंचते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन ओवरलोड वाहनों के लगातार संचालन से सड़कें तेजी से खराब हो रही हैं, साथ ही वाहनों से उड़ने वाली धूल और भारी यातायात के कारण आम लोगों की मुश्किलें भी काफी बढ़ गई हैं। गुरुवार शाम करीब चार बजे भी क्षेत्रीय मार्गों से गुजरते हुए बड़ी संख्या में बालू लदे ओवरलोड डंपर देखे गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस लापरवाही के चलते वाहन संचालकों के हौसले बुलंद हैं और ओवरलोडिंग का सिलसिला बेरोकटोक जारी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराकर आम जनता को राहत दिलाई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सड़कें पूरी तरह खराब हो सकती हैं और किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल, क्षेत्र में ओवरलोड डंपरों का संचालन जारी है और लोग कार्रवाई को लेकर प्रशासन एवं संबंधित विभागों की सक्रियता पर अपनी निगाहें टिकाए हुए हैं।
कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र में खोजारामपुर गांव से गुजरने वाले मार्ग पर ओवरलोड बालू लदे डंपरों का आवागमन लगातार जारी है। जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण ये वाहन दिनदहाड़े बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इससे ग्रामीणों, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं लगातार भारी वाहनों के दबाव से सड़कें भी जर्जर होकर जगह-जगह गड्ढों में तब्दील होती जा रही हैं। जानकारी के अनुसार,
जालौन जनपद में यमुना नदी किनारे संचालित बालू घाटों से बड़ी संख्या में बालू लदे ओवरलोड डंपर कानपुर देहात की सीमा में प्रवेश करते हैं। ये वाहन खोजारामपुर स्थित यमुना नदी पुल को पार कर राजपुर थाना क्षेत्र की ओर पहुंचते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन ओवरलोड वाहनों के लगातार संचालन से सड़कें तेजी से खराब हो रही हैं, साथ ही वाहनों से उड़ने वाली धूल और भारी यातायात के कारण आम लोगों की मुश्किलें भी काफी बढ़ गई
हैं। गुरुवार शाम करीब चार बजे भी क्षेत्रीय मार्गों से गुजरते हुए बड़ी संख्या में बालू लदे ओवरलोड डंपर देखे गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस लापरवाही के चलते वाहन संचालकों के हौसले बुलंद हैं और ओवरलोडिंग का सिलसिला बेरोकटोक जारी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष
अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराकर आम जनता को राहत दिलाई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सड़कें पूरी तरह खराब हो सकती हैं और किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल, क्षेत्र में ओवरलोड डंपरों का संचालन जारी है और लोग कार्रवाई को लेकर प्रशासन एवं संबंधित विभागों की सक्रियता पर अपनी निगाहें टिकाए हुए हैं।
- कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र में खोजारामपुर गांव से गुजरने वाले मार्ग पर ओवरलोड बालू लदे डंपरों का आवागमन लगातार जारी है। जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण ये वाहन दिनदहाड़े बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इससे ग्रामीणों, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं लगातार भारी वाहनों के दबाव से सड़कें भी जर्जर होकर जगह-जगह गड्ढों में तब्दील होती जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, जालौन जनपद में यमुना नदी किनारे संचालित बालू घाटों से बड़ी संख्या में बालू लदे ओवरलोड डंपर कानपुर देहात की सीमा में प्रवेश करते हैं। ये वाहन खोजारामपुर स्थित यमुना नदी पुल को पार कर राजपुर थाना क्षेत्र की ओर पहुंचते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन ओवरलोड वाहनों के लगातार संचालन से सड़कें तेजी से खराब हो रही हैं, साथ ही वाहनों से उड़ने वाली धूल और भारी यातायात के कारण आम लोगों की मुश्किलें भी काफी बढ़ गई हैं। गुरुवार शाम करीब चार बजे भी क्षेत्रीय मार्गों से गुजरते हुए बड़ी संख्या में बालू लदे ओवरलोड डंपर देखे गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस लापरवाही के चलते वाहन संचालकों के हौसले बुलंद हैं और ओवरलोडिंग का सिलसिला बेरोकटोक जारी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराकर आम जनता को राहत दिलाई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सड़कें पूरी तरह खराब हो सकती हैं और किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल, क्षेत्र में ओवरलोड डंपरों का संचालन जारी है और लोग कार्रवाई को लेकर प्रशासन एवं संबंधित विभागों की सक्रियता पर अपनी निगाहें टिकाए हुए हैं।4
- मंगलपुर थाना क्षेत्र के कठरा गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ गुरुवार शाम करीब चार बजे 17 वर्षीय निशा, पुत्री नूर मोहम्मद, ने घर में अकेली होने पर अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया गया है कि घटना के समय उसके पिता किसी काम से बाहर गए हुए थे, जबकि माँ खेतों की ओर गई हुई थीं। इस आत्मघाती कदम का खुलासा तब हुआ जब किशोरी का मोबाइल फोन लगातार बज रहा था, लेकिन काफी देर तक कोई फोन रिसीव नहीं हुआ। परिजनों और आसपास के लोगों को आशंका हुई और खिड़की से झाँक कर देखने पर निशा फंदे पर लटकी मिली, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर मंगलपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। उपनिरीक्षक राजेंद्र कुमार और डोरीलाल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक पूछताछ की और शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने बताया है कि आत्महत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जाँच की जा रही है और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों से पूछताछ जारी है। खबर लिखे जाने तक फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर नहीं पहुँची थी।1
- उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में आयोजित एक जनसभा को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने डिजिटल माध्यम से संबोधित किया, हालाँकि वे प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो पाए थे। अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार को किसानों से जुड़े मुद्दों पर घेरा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार भले ही किसानों की बात करती है, लेकिन उसके कई फैसले ऐसे हैं जिनसे बड़े विदेशी हितों को लाभ पहुँचता है। राहुल गांधी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि देश का किसान आज अपनी मेहनत, अपनी फसल और अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसान जानना चाहता है कि उसकी उपज को उचित मूल्य, उसकी आजीविका की सुरक्षा और उसके भविष्य की रक्षा आखिर कौन करेगा। उन्होंने किसानों की समस्याओं, बढ़ती लागत, फसल के उचित दाम और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग की। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि किसानों की आवाज़ सुनना और उनके हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। जनसभा में मौजूद लोगों ने राहुल गांधी के डिजिटल संबोधन को सुना और किसानों से जुड़े इन मुद्दों पर अपने समर्थन का संदेश दिया।1
- सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के मामले में बीते पांच माह से फरार चल रहे वांछित आरोपी अनुज कुमार उर्फ लल्लू को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। यह मामला तब सामने आया था जब गांव निवासी एक व्यक्ति द्वारा बीते 18 दिसंबर 2025 को अनुज कुमार उर्फ लल्लू के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए सिकंदरा पुलिस ने गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजे वांछित आरोपी अनुज कुमार उर्फ लल्लू को बिरहाना पुल के नीचे से दबोच लिया। गिरफ्तारी के उपरांत पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई पूरी करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। सिकंदरा थाना प्रभारी निरीक्षक जनार्दन प्रताप सिंह ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय भेज दिया गया है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर दिनांक 5 जून, 2026, शुक्रवार को औरैया की आवास विकास कॉलोनी स्थित वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई पार्क में एक पर्यावरण गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति औरैया, वन विभाग और जिला गंगा समिति, औरैया के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जहाँ इस वर्ष भी "जीवनधारा पौधारोपण अभियान" के तहत 5100 पौधे लगाने की घोषणा की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता वयोवृद्ध रामेश्वर दयाल गुप्ता ने की, जबकि नगर पालिका परिषद, औरैया के अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि रहे। विशिष्ट अतिथियों में डिप्टी रेंजर डी.एस. गौतम, वन विभाग की परियोजना अधिकारी साक्षी शुक्ला और नगर पालिका परिषद के सफाई निरीक्षक आशीष पांडे शामिल थे। आयोजकों ने सभी मंचासीन अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। अपने संबोधन में, मुख्य अतिथि अनूप कुमार गुप्ता ने पर्यावरण और प्राणियों की परस्पर निर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि पेड़-पौधों के बिना मानव जीवन संभव नहीं है क्योंकि उनसे प्राणवायु मिलती है। समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने प्रकृति से अत्यधिक छेड़छाड़ के कारण हो रहे पर्यावरणीय नुकसान पर चिंता व्यक्त की। संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बढ़ते तापमान, बंजर इलाकों और पेड़-पौधे विहीन जंगलों को इस बात का प्रमाण बताया कि हम अपनी धरती की देखभाल ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। अध्यक्ष रामेश्वर दयाल गुप्ता ने पर्यावरण असंतुलन के बढ़ते खतरे पर जन-जागरूकता अभियान और गंभीरता से चिंतन-मंथन की आवश्यकता जताई। कार्यक्रम के दौरान, मंचासीन अतिथियों द्वारा विभिन्न पार्कों में बोतल पाम, अशोक, पकड़िया, कदम, चितवन और आम जैसे पौधे रोपित कर "जीवनधारा पौधारोपण अभियान" का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर समिति के सक्रिय सदस्य हिमांशु चतुर्वेदी के धरा धाम दिवस पर उनका अभिनंदन किया गया, और समाजसेवा की शपथ लेकर समिति की वार्षिक सदस्यता ग्रहण करने वाले नए सदस्यों आर्य प्रबुद्ध, मनोज कुमार मिश्रा और कु. दीपल (जीएलए यूनिवर्सिटी, मथुरा में वीवीए की छात्रा) का भी माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। समिति के संस्थापक ने बताया कि इस अभियान के तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मंदिरों, मस्जिद, गुरुद्वारा, स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर निःशुल्क 5100 पौधों का पौधारोपण किया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए जनमानस को जागरूक करने और अधिक से अधिक पौधारोपण करने की शपथ भी ली। तिलक इंटर कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. उपेंद्रनाथ मिश्रा और कार्यक्रम संयोजक संजय अग्रवाल सहित कई अन्य लोगों ने भी गोष्ठी को संबोधित किया। समापन पर पर्यावरण प्रहरी कपिल गुप्ता और कार्यक्रम संयोजक संजय अग्रवाल ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। कार्यक्रम का संचालन आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने किया, जिसमें सखी ग्रुप की प्रभारी बबिता, गुड्डन गुप्ता, नविता अग्रवाल, दामिनी गुप्ता, अनुपम पोरवाल, अर्चना बिश्नोई, मंगला शुक्ला, सुनीला गुप्ता, जागृति पोरवाल, छात्रा दीपल पोरवाल व ईशा मिश्रा, विनोद कुमार पोरवाल, आशीष अग्रवाल, सचिन कुमार पोरवाल, हिमांशु चतुर्वेदी, डॉ. आर्य प्रबुद्ध, मुकेश गुप्ता, राम आसरे गुप्ता, मुकेश शर्मा, प्रखर मिश्रा, वन संरक्षक पवन यादव, जयवीर सिंह, आर्य प्रबुध, सतीश चंद्र, अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू), हिमांशु दुबे, रामचंद्र सोनी, हरिओम तिवारी सहित करीब आधा सैकड़ा पर्यावरण प्रहरी मौजूद रहे।3
- गुरुवार को औरैया जिले की दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र के भूठा गांव में समाजवादी पार्टी को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री और दिबियापुर के पूर्व विधायक लाखन सिंह राजपूत की मौजूदगी में एक सैकड़ा से अधिक सपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा में शामिल होने वाले नए सदस्यों का सार्वजनिक मंच पर लाखन सिंह राजपूत का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने भाजपा में शामिल हुए सभी लोगों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और उन्हें पार्टी में पूरा सम्मान मिलने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए कार्य कर रही है, जिससे जनता को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। राजपूत ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने, अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण और मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति दिलाने को सरकार की 'ऐतिहासिक उपलब्धियां' बताया। भाजपा की सदस्यता लेने वालों में लाखन सिंह यादव, अभय राम यादव, जवाहरलाल यादव, पन्नालाल यादव, करन सिंह यादव, रामवीर सिंह यादव, जयसिंह यादव, राम प्रकाश यादव, रमेश चंद्र यादव, वीरेंद्र सिंह यादव, रामशरण यादव, नत्थू सिंह यादव, धर्मेंद्र सिंह यादव, हीरेंद्र सिंह यादव, नेत्रपाल सिंह यादव और रामबाबू सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। इस कार्यक्रम को राजेश कुमार अग्निहोत्री, राजेश पोरवाल, सरनाम शाक्य और मनमोहन सिंह सेंगर ने भी संबोधित किया, जिसका संचालन अरविंद राजपूत ने किया। इस दौरान राजवर्धन सिंह, अवनीश ठाकुर, अमित सिंह तोमर, सम्राट श्रीवास्तव, राहुल चौहान सहित कई भाजपा पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के तेजपुर कंचौसी गांव में एक महिला ने अपने देवर पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। महिला ने इस संबंध में मंगलपुर थाने में प्रार्थना पत्र दिए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायती पत्र के अनुसार, सुषमा देवी पत्नी धर्मेन्द्र ने बताया कि उनका देवर अखिलेश पुत्र राजा सिंह, जो अलग घर में रहता है, अक्सर उनके दरवाजे पर आकर विवाद करता है। महिला का आरोप है कि 29 मई 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे अखिलेश उनके घर के बाहर गाली-गलौज करने लगा। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उसने डंडे से मारपीट की, जिससे उनके हाथ में चोट आई। महिला ने अभद्र व्यवहार और जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। इस घटना के बाद, सुषमा देवी ने 30 मई को मंगलपुर थाने में पहली तहरीर दी थी। सुषमा देवी का कहना है कि पहली शिकायत के बावजूद विवाद समाप्त नहीं हुआ। उन्होंने 4 जून 2026 को दिए गए दूसरे प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि शिकायत किए जाने से नाराज होकर उनके देवर और सास उनसे रंजिश रखने लगे हैं। महिला के मुताबिक, 4 जून की सुबह करीब 5:30 बजे उनके साथ दोबारा मारपीट की गई, जिससे उनकी आंख की पलक और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उनके 9 वर्षीय पुत्र के साथ भी मारपीट की गई। महिला ने पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। मंगलपुर पुलिस ने गुरुवार शाम करीब 6 बजे बताया कि उन्हें दोनों पक्षों से संबंधित शिकायतें मिली हैं और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि जांच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र के अंतर्गत केसरी निवादा नहर पुल के पास एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने बाइक सवार अधेड़ को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहाँ उसका इलाज जारी है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है। इस दुर्घटना के बाद पूरे क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।1