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राज्य सरकार के 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने 12 जून 2026 को पाली जिले के सुमेरपुर कस्बे में जाखामाता रीको क्षेत्र स्थित विनायक कॉर्पोरेशन सरसों तेल निर्माण इकाई पर औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण श्रीमती टी. शुभमंगला के निर्देश और सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों सुरेश चन्द्र शर्मा और दिलीप सिंह यादव के नेतृत्व वाली टीम ने मौके से भारी मात्रा में सरसों तेल सीज किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने 15 किलोग्राम क्षमता के कुल 533 टीन 'नौ दुर्गा' ब्रांड और 300 टीन 'ज्योति' ब्रांड सरसों तेल जब्त किया, जिसकी कुल मात्रा 12,495 किलोग्राम है। इन दोनों ब्रांडों के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। फैक्ट्री संचालक खीमाराम माली द्वारा विभिन्न कंपनियों जैसे गुलाब, अडानी, रानी, श्री जी, बनास और अंकुर के खाली टीनों का उपयोग कर 'ज्योति' और 'नौ दुर्गा' ब्रांड नाम से सरसों तेल की पैकिंग की जा रही थी। सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि पूर्व में भी इस फर्म के खाद्य तेल के नमूने अवमानक पाए गए थे, जिस पर न्यायालय ने जुर्माना लगाया था। राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी 'नौ दुर्गा' ब्रांड के तेल नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे, इसके बावजूद फर्म संचालक लगातार नियमों की अवहेलना कर रहा था। जांच के दौरान, फैक्ट्री परिसर में बने अंडरग्राउंड तेल टैंकों के आसपास कीचड़, रेत और गंदगी मिली, साथ ही फिल्टर हाउस में निर्माण सामग्री पाई गई, जिससे तेल में बाहरी अशुद्धियां मिलने की आशंका जताई गई। विभाग ने तत्काल स्वच्छता सुधारने के निर्देश दिए हैं। मिलावट और गुणवत्ता संबंधी गंभीर संदेह के आधार पर 12,495 किलोग्राम सरसों तेल को मौके पर ही सीज कर दिया गया है। पूर्व में नमूने फेल होने और वर्तमान अनियमितताओं को देखते हुए पुनः कानूनी नमूने लिए गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मारवाल ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ विभाग का अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

8 hrs ago
user_B L BHATI
B L BHATI
Court reporter रानी, पाली, राजस्थान•
8 hrs ago

राज्य सरकार के 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने 12 जून 2026 को पाली जिले के सुमेरपुर कस्बे में जाखामाता रीको क्षेत्र स्थित विनायक कॉर्पोरेशन सरसों तेल निर्माण इकाई पर औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण श्रीमती टी. शुभमंगला के निर्देश और सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों सुरेश चन्द्र शर्मा और दिलीप सिंह यादव के नेतृत्व वाली टीम ने मौके से भारी मात्रा में सरसों तेल सीज किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने 15 किलोग्राम क्षमता के कुल 533 टीन 'नौ दुर्गा' ब्रांड और 300 टीन 'ज्योति' ब्रांड सरसों तेल जब्त किया, जिसकी कुल मात्रा 12,495 किलोग्राम है। इन दोनों ब्रांडों के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। फैक्ट्री संचालक खीमाराम माली द्वारा विभिन्न कंपनियों जैसे गुलाब, अडानी, रानी, श्री जी, बनास और अंकुर के खाली टीनों का उपयोग कर 'ज्योति' और 'नौ दुर्गा' ब्रांड नाम से सरसों तेल की पैकिंग की जा रही थी। सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि पूर्व में भी इस फर्म के खाद्य तेल के नमूने अवमानक पाए गए थे, जिस पर न्यायालय ने जुर्माना लगाया था। राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी 'नौ दुर्गा' ब्रांड के तेल नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे, इसके बावजूद फर्म संचालक लगातार नियमों की अवहेलना कर रहा था। जांच के दौरान, फैक्ट्री परिसर में बने अंडरग्राउंड तेल टैंकों के आसपास कीचड़, रेत और गंदगी मिली, साथ ही फिल्टर हाउस में निर्माण सामग्री पाई गई, जिससे तेल में बाहरी अशुद्धियां मिलने की आशंका जताई गई। विभाग ने तत्काल स्वच्छता सुधारने के निर्देश दिए हैं। मिलावट और गुणवत्ता संबंधी गंभीर संदेह के आधार पर 12,495 किलोग्राम सरसों तेल को मौके पर ही सीज कर दिया गया है। पूर्व में नमूने फेल होने और वर्तमान अनियमितताओं को देखते हुए पुनः कानूनी नमूने लिए गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मारवाल ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ विभाग का अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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  • राज्य सरकार के 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने 12 जून 2026 को पाली जिले के सुमेरपुर कस्बे में जाखामाता रीको क्षेत्र स्थित विनायक कॉर्पोरेशन सरसों तेल निर्माण इकाई पर औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण श्रीमती टी. शुभमंगला के निर्देश और सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों सुरेश चन्द्र शर्मा और दिलीप सिंह यादव के नेतृत्व वाली टीम ने मौके से भारी मात्रा में सरसों तेल सीज किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने 15 किलोग्राम क्षमता के कुल 533 टीन 'नौ दुर्गा' ब्रांड और 300 टीन 'ज्योति' ब्रांड सरसों तेल जब्त किया, जिसकी कुल मात्रा 12,495 किलोग्राम है। इन दोनों ब्रांडों के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। फैक्ट्री संचालक खीमाराम माली द्वारा विभिन्न कंपनियों जैसे गुलाब, अडानी, रानी, श्री जी, बनास और अंकुर के खाली टीनों का उपयोग कर 'ज्योति' और 'नौ दुर्गा' ब्रांड नाम से सरसों तेल की पैकिंग की जा रही थी। सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि पूर्व में भी इस फर्म के खाद्य तेल के नमूने अवमानक पाए गए थे, जिस पर न्यायालय ने जुर्माना लगाया था। राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी 'नौ दुर्गा' ब्रांड के तेल नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे, इसके बावजूद फर्म संचालक लगातार नियमों की अवहेलना कर रहा था। जांच के दौरान, फैक्ट्री परिसर में बने अंडरग्राउंड तेल टैंकों के आसपास कीचड़, रेत और गंदगी मिली, साथ ही फिल्टर हाउस में निर्माण सामग्री पाई गई, जिससे तेल में बाहरी अशुद्धियां मिलने की आशंका जताई गई। विभाग ने तत्काल स्वच्छता सुधारने के निर्देश दिए हैं। मिलावट और गुणवत्ता संबंधी गंभीर संदेह के आधार पर 12,495 किलोग्राम सरसों तेल को मौके पर ही सीज कर दिया गया है। पूर्व में नमूने फेल होने और वर्तमान अनियमितताओं को देखते हुए पुनः कानूनी नमूने लिए गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मारवाल ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ विभाग का अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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    राज्य सरकार के 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने 12 जून 2026 को पाली जिले के सुमेरपुर कस्बे में जाखामाता रीको क्षेत्र स्थित विनायक कॉर्पोरेशन सरसों तेल निर्माण इकाई पर औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण श्रीमती टी. शुभमंगला के निर्देश और सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों सुरेश चन्द्र शर्मा और दिलीप सिंह यादव के नेतृत्व वाली टीम ने मौके से भारी मात्रा में सरसों तेल सीज किया।

निरीक्षण के दौरान, टीम ने 15 किलोग्राम क्षमता के कुल 533 टीन 'नौ दुर्गा' ब्रांड और 300 टीन 'ज्योति' ब्रांड सरसों तेल जब्त किया, जिसकी कुल मात्रा 12,495 किलोग्राम है। इन दोनों ब्रांडों के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। फैक्ट्री संचालक खीमाराम माली द्वारा विभिन्न कंपनियों जैसे गुलाब, अडानी, रानी, श्री जी, बनास और अंकुर के खाली टीनों का उपयोग कर 'ज्योति' और 'नौ दुर्गा' ब्रांड नाम से सरसों तेल की पैकिंग की जा रही थी। सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि पूर्व में भी इस फर्म के खाद्य तेल के नमूने अवमानक पाए गए थे, जिस पर न्यायालय ने जुर्माना लगाया था। राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी 'नौ दुर्गा' ब्रांड के तेल नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे, इसके बावजूद फर्म संचालक लगातार नियमों की अवहेलना कर रहा था।

जांच के दौरान, फैक्ट्री परिसर में बने अंडरग्राउंड तेल टैंकों के आसपास कीचड़, रेत और गंदगी मिली, साथ ही फिल्टर हाउस में निर्माण सामग्री पाई गई, जिससे तेल में बाहरी अशुद्धियां मिलने की आशंका जताई गई। विभाग ने तत्काल स्वच्छता सुधारने के निर्देश दिए हैं। मिलावट और गुणवत्ता संबंधी गंभीर संदेह के आधार पर 12,495 किलोग्राम सरसों तेल को मौके पर ही सीज कर दिया गया है। पूर्व में नमूने फेल होने और वर्तमान अनियमितताओं को देखते हुए पुनः कानूनी नमूने लिए गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मारवाल ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ विभाग का अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
    user_B L BHATI
    B L BHATI
    Court reporter रानी, पाली, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर 13 जून को सुमेरपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने पाली शहर की बदहाल व्यवस्थाओं पर सवाल उठा दिए। पत्रकारों ने शहर की गंदगी, सीवरेज व्यवस्था, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और अन्य मूलभूत समस्याओं पर सवाल पूछे, जिससे यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा नाराज़ हो गए। प्रेस वार्ता का माहौल तनावपूर्ण हो गया और चर्चा के दौरान मंत्री खर्रा ने पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला तक बता दिया। इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री पत्रकारों के सवालों पर नाराज़ होते दिख रहे हैं। मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस केंद्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को बताने के लिए बुलाई गई थी, और स्थानीय मुद्दों पर अलग से बात की जा सकती है। वहीं, पत्रकारों का कहना था कि जब प्रभारी मंत्री जिले में ही मौजूद हों, तो शहर की समस्याओं पर सवाल पूछना लाज़मी है। पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या मंत्री सवालों से बच रहे थे या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछ लिए जिनका जवाब देना मुश्किल था। पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला बताने पर भी स्थानीय लोगों में काफ़ी नाराज़गी है। फ़िलहाल, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर 13 जून को सुमेरपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने पाली शहर की बदहाल व्यवस्थाओं पर सवाल उठा दिए। पत्रकारों ने शहर की गंदगी, सीवरेज व्यवस्था, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और अन्य मूलभूत समस्याओं पर सवाल पूछे, जिससे यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा नाराज़ हो गए।

प्रेस वार्ता का माहौल तनावपूर्ण हो गया और चर्चा के दौरान मंत्री खर्रा ने पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला तक बता दिया। इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री पत्रकारों के सवालों पर नाराज़ होते दिख रहे हैं।

मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस केंद्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को बताने के लिए बुलाई गई थी, और स्थानीय मुद्दों पर अलग से बात की जा सकती है। वहीं, पत्रकारों का कहना था कि जब प्रभारी मंत्री जिले में ही मौजूद हों, तो शहर की समस्याओं पर सवाल पूछना लाज़मी है।

पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या मंत्री सवालों से बच रहे थे या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछ लिए जिनका जवाब देना मुश्किल था। पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला बताने पर भी स्थानीय लोगों में काफ़ी नाराज़गी है। फ़िलहाल, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • शनिवार सुबह पाली के रोहट क्षेत्र स्थित नेहड़ा बांध का गेट खोले जाने के बाद किसानों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने इसका समर्थन किया क्योंकि उनके खेतों में पानी भर रहा था, वहीं दूसरे पक्ष ने बांध पहुंचकर इसका कड़ा विरोध जताया। विरोध कर रहे किसानों का आरोप है कि बांडी नदी में फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त और रंगीन पानी छोड़ा गया है। किसानों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों के बावजूद यह दूषित पानी नदी में पहुंच रहा है, जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसी मुद्दे पर किसान नेता वागाराम विश्नोई शनिवार सुबह 10 बजे से अन्न-जल त्यागकर धरने पर बैठ गए हैं, और वे कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। उधर, सिंचाई विभाग ने सफाई दी है कि गेट को तेल और ग्रीसिंग के लिए खोला गया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वह जाम हो गया, और अब उसे बंद करने के प्रयास जारी हैं।
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    शनिवार सुबह पाली के रोहट क्षेत्र स्थित नेहड़ा बांध का गेट खोले जाने के बाद किसानों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने इसका समर्थन किया क्योंकि उनके खेतों में पानी भर रहा था, वहीं दूसरे पक्ष ने बांध पहुंचकर इसका कड़ा विरोध जताया। विरोध कर रहे किसानों का आरोप है कि बांडी नदी में फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त और रंगीन पानी छोड़ा गया है।

किसानों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों के बावजूद यह दूषित पानी नदी में पहुंच रहा है, जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसी मुद्दे पर किसान नेता वागाराम विश्नोई शनिवार सुबह 10 बजे से अन्न-जल त्यागकर धरने पर बैठ गए हैं, और वे कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। उधर, सिंचाई विभाग ने सफाई दी है कि गेट को तेल और ग्रीसिंग के लिए खोला गया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वह जाम हो गया, और अब उसे बंद करने के प्रयास जारी हैं।
    user_Hastpal singh
    Hastpal singh
    पाली, पाली, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • पाली रेलवे स्टेशन के पास मिलगेट पुलिस चौकी क्षेत्र में मंदिर परिसर के ठीक निकट एक पेशाब घर के निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों और राजनीतिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। शिव सेना (शिंदे गुट) - पाली ने इस निर्माण को हिंदू आस्था पर एक गहरा आघात बताते हुए इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया है। स्थानीय नागरिकों और शिव सेना (शिंदे गुट) का कहना है कि पवित्र मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण धार्मिक भावनाओं और मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है। उनका तर्क है कि मिलगेट पुलिस चौकी और रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में ऐसे निर्माण से आम जनता में काफी नाराजगी है। इस विरोध के चलते, शिव सेना (शिंदे गुट) और समस्त पाली निवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है, "मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण क्यों? हिंदू आस्था पर गहरी चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन इस पेशाब घर को तत्काल यहाँ से हटाए।" स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया और इस पेशाब घर को यहाँ से स्थानांतरित नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जा सकता है। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी प्रशासन के अगले कदम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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    पाली रेलवे स्टेशन के पास मिलगेट पुलिस चौकी क्षेत्र में मंदिर परिसर के ठीक निकट एक पेशाब घर के निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों और राजनीतिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। शिव सेना (शिंदे गुट) - पाली ने इस निर्माण को हिंदू आस्था पर एक गहरा आघात बताते हुए इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

स्थानीय नागरिकों और शिव सेना (शिंदे गुट) का कहना है कि पवित्र मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण धार्मिक भावनाओं और मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है। उनका तर्क है कि मिलगेट पुलिस चौकी और रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में ऐसे निर्माण से आम जनता में काफी नाराजगी है। इस विरोध के चलते, शिव सेना (शिंदे गुट) और समस्त पाली निवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है, "मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण क्यों? हिंदू आस्था पर गहरी चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन इस पेशाब घर को तत्काल यहाँ से हटाए।"

स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया और इस पेशाब घर को यहाँ से स्थानांतरित नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जा सकता है। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी प्रशासन के अगले कदम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
    user_दीपान्शु चौहान
    दीपान्शु चौहान
    Local News Reporter पाली, पाली, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • सुमेरपुर के तखतगढ़ कस्बे में स्थित खेडावास उद्यान लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है, जिससे यहाँ आने वाले नगरवासियों को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से रात के समय अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के कारण उद्यान में अंधेरा छाया रहता है, जिससे सुबह-शाम टहलने और व्यायाम करने वालों को परेशानी होती है। इसके अलावा, उद्यान में लगे झूले, व्यायाम उपकरण और गमले भी क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। स्थानीय लोगों ने उद्यान में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी, निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा और समाजसेवी रामसिंह कांबावत ने खेडावास उद्यान का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, उद्यान परिसर में भवन के रंग-रोगन, विद्युत व्यवस्था में सुधार, क्षतिग्रस्त झूलों और व्यायाम उपकरणों की मरम्मत, तथा अन्य आवश्यक विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर चर्चा हुई। अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि उद्यान में भवन का रंग-रोगन किया जाएगा, बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा और बीच में स्थित फव्वारे को भी जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगरवासियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व अधिशासी अधिकारी योगेश आचार्य के कार्यकाल में इस उद्यान का विकास कर इसे हराभरा बनाया गया था और झूले तथा व्यायाम उपकरण स्थापित किए गए थे। हाल ही में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत को भी उद्यान की समस्याओं से अवगत कराया गया था, जिसके बाद अब सुधार कार्यों में गति आने की उम्मीद बढ़ गई है।
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    सुमेरपुर के तखतगढ़ कस्बे में स्थित खेडावास उद्यान लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है, जिससे यहाँ आने वाले नगरवासियों को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से रात के समय अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के कारण उद्यान में अंधेरा छाया रहता है, जिससे सुबह-शाम टहलने और व्यायाम करने वालों को परेशानी होती है। इसके अलावा, उद्यान में लगे झूले, व्यायाम उपकरण और गमले भी क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। स्थानीय लोगों ने उद्यान में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की है।

इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी, निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा और समाजसेवी रामसिंह कांबावत ने खेडावास उद्यान का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, उद्यान परिसर में भवन के रंग-रोगन, विद्युत व्यवस्था में सुधार, क्षतिग्रस्त झूलों और व्यायाम उपकरणों की मरम्मत, तथा अन्य आवश्यक विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर चर्चा हुई। अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि उद्यान में भवन का रंग-रोगन किया जाएगा, बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा और बीच में स्थित फव्वारे को भी जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगरवासियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि पूर्व अधिशासी अधिकारी योगेश आचार्य के कार्यकाल में इस उद्यान का विकास कर इसे हराभरा बनाया गया था और झूले तथा व्यायाम उपकरण स्थापित किए गए थे। हाल ही में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत को भी उद्यान की समस्याओं से अवगत कराया गया था, जिसके बाद अब सुधार कार्यों में गति आने की उम्मीद बढ़ गई है।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • ब्यावर में 13 जून को जिला स्पेशल टीम और पुलिस थाना ब्यावर सदर की संयुक्त कार्रवाई में एक नकली पान मसाला निर्माण गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने मेडिया बस्ती स्थित एक मकान में चल रही अवैध फैक्ट्री पर दबिश देकर भारी मात्रा में नकली पान मसाला, पैकिंग सामग्री, मशीनरी और दो वाहन जब्त किए हैं। इस अवैध कारोबार में शामिल चार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उजैनिया और वृत्ताधिकारी राजेश कसाना के सुपरविजन में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि मेडिया क्षेत्र में ब्रांडेड कंपनियों जैसे रजनीगंधा, तनसेन पान मसाला और तुलसी जर्दा के नाम पर नकली उत्पाद बनाकर बाजार में सप्लाई किए जा रहे हैं। सूचना के सत्यापन के लिए जिला स्पेशल टीम ने खरीदार बनकर गुप्त जांच की और सूचना सही पाए जाने पर ब्यावर सदर थाना पुलिस के साथ मिलकर मकान पर छापा मारा। मौके पर मौजूद चार व्यक्तियों ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। मकान की तलाशी के दौरान पुलिस ने 2548 पाउच नकली रजनीगंधा पान मसाला, 2000 पाउच नकली तनसेन पान मसाला, 20,000 पाउच नकली तुलसी 00 जर्दा, 180 किलोग्राम पैकिंग रोल, 1500 खाली पाउच और पान मसाला बनाने व पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली चार मशीनें बरामद कीं। इसके अलावा, सप्लाई और परिवहन में उपयोग किए जा रहे दो वाहन भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ब्रांडेड उत्पादों की हूबहू पैकिंग तैयार कर नकली माल बाजार में खपा रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नंदलाल उर्फ नंदू (24), करण सांखला (25), राजेंद्र सिंह उर्फ राजू माली (50) और कमलेश गहलोत (24) के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है, और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों तथा उनके सप्लाई नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पुलिस इस कार्रवाई को नकली खाद्य एवं तंबाकू उत्पादों के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता मान रही है।
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    ब्यावर में 13 जून को जिला स्पेशल टीम और पुलिस थाना ब्यावर सदर की संयुक्त कार्रवाई में एक नकली पान मसाला निर्माण गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने मेडिया बस्ती स्थित एक मकान में चल रही अवैध फैक्ट्री पर दबिश देकर भारी मात्रा में नकली पान मसाला, पैकिंग सामग्री, मशीनरी और दो वाहन जब्त किए हैं। इस अवैध कारोबार में शामिल चार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उजैनिया और वृत्ताधिकारी राजेश कसाना के सुपरविजन में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि मेडिया क्षेत्र में ब्रांडेड कंपनियों जैसे रजनीगंधा, तनसेन पान मसाला और तुलसी जर्दा के नाम पर नकली उत्पाद बनाकर बाजार में सप्लाई किए जा रहे हैं। सूचना के सत्यापन के लिए जिला स्पेशल टीम ने खरीदार बनकर गुप्त जांच की और सूचना सही पाए जाने पर ब्यावर सदर थाना पुलिस के साथ मिलकर मकान पर छापा मारा। मौके पर मौजूद चार व्यक्तियों ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया।

मकान की तलाशी के दौरान पुलिस ने 2548 पाउच नकली रजनीगंधा पान मसाला, 2000 पाउच नकली तनसेन पान मसाला, 20,000 पाउच नकली तुलसी 00 जर्दा, 180 किलोग्राम पैकिंग रोल, 1500 खाली पाउच और पान मसाला बनाने व पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली चार मशीनें बरामद कीं। इसके अलावा, सप्लाई और परिवहन में उपयोग किए जा रहे दो वाहन भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ब्रांडेड उत्पादों की हूबहू पैकिंग तैयार कर नकली माल बाजार में खपा रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नंदलाल उर्फ नंदू (24), करण सांखला (25), राजेंद्र सिंह उर्फ राजू माली (50) और कमलेश गहलोत (24) के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है, और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों तथा उनके सप्लाई नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

पुलिस इस कार्रवाई को नकली खाद्य एवं तंबाकू उत्पादों के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता मान रही है।
    user_जगदीश माली पत्रका र
    जगदीश माली पत्रका र
    पाली, पाली, राजस्थान•
    9 hrs ago
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